Monday, May 11, 2026

GUNGUNAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                    गुनगुनाएगा 

 

साजों पर सुर जब सजे तो  ,

धड़कनों में ताल बज उठी  ,

जिससे दिल मचल गए दोस्तों  , 

एक लंबी सी साँस लेकर  ,

कलम कागज पर दौड़ चली    || 

 

प्यार के शब्द लिखे गए  ,

जो दिल को तेजी से धड़का गए  ,

होठों पर मुस्कान ले आए  ,

तो आँखें भी चमक उठीं  , 

और कलम , कागज बन गए हैं दोस्त   || 

 

कागज को उठा लो दोस्तों  ,

कलम को  हाथ में पकड़ो और  ,

दौड़ा दो कलम को उस कागज पर  ,

जब शब्द कागज पर उकेरे जाएँगे  ,

तब जीवन मुस्कुराएगा दोस्तों  ,

प्यार दिल में गुनगुनाएगा दोस्तों   ||  

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