Thursday, May 21, 2026

SALAAMII ( DESH )

 

                         सलामी 

 

सरहदों पर तैनात हर सिपाही  , देश की रक्षा करता  ,

उसका सारा साहस ही तो  , देश की रक्षा करता  ,

ये साहस ही तो उसको  , मिला है अपनी माँ से  ,

अपनी माँ से , अपनी जननी से  , अपनी भारत माँ से   || 

 

सभी सिपाही हैं अपने , देश की जान  ,

वो ही हैं देश की जान  , अपने देश की शान  ,

ऐसे वीरों को  है ,  हमारा सलाम  , हमारा सलाम  ,

उनकी जननी को भी है  , हमारा सलाम  ,हमारा सलाम  || 

 

उन्हीं वीरों के कारण ही तो  , जग में है देश का ऊँचा नाम  ,

जग में सभी करते हैं , भारत को सलाम  ,भारत को सलाम  ,

जीवन अपना सभी बना लो  , उन वीरों जैसा सुंदर  ,

वीरों जैसा बनो बहादुर  , तभी तो सभी ,

तुमको भी करेंगे , सलाम  , सलाम  ,   सलाम  || 

 

Wednesday, May 20, 2026

CHHAANNII DIL KII ( KSHANIKAA )

 

                             छाननी  दिल की  

 

दिल में एक छाननी लगा लो यारों  ,

जिससे बाहर की सभी बातें  , छन - छन कर  ,

अंदर जाएँ , गलत शब्द , बुरी बातें ,

छाननी में ऊपर ही रह जाएँ , अंदर ना जाएँ  ,

अंदर जाएँ  , अच्छी और मीठी बातें   || 

 

तभी दिल स्वस्थ और सुंदर रहेगा  ,

शांति और प्यार से लबालब रहेगा  ,

दिल की बातें , दिल ही पूरी तरह जानेगा  ,

दूसरा कोई दिल के बारे में , पूरी तरह नहीं जानेगा   || 

 

कोई ऐसा विषय तो बनाओ यारों  ,

जिसमें दिल के बारे में जानना , सिखाया जाए ,

चलो हम भी कोशिश करते हैं  , 

तुम भी खूब कोशिश करो यारों   ||  

Tuesday, May 19, 2026

HAKEEKAT ( KSHANIKAA )

 

                              हकीकत 

 

जिंदगी की क्या हकीकत है यारों  ?

कौन जाने इस राज को यारों  ?

वैसे जानना तो हर कोई चाहता है  ,

मगर उसे जानने की राह , उसे  नहीं है पता   || 

 

कोई जो राह पा जाता है  ,

और हकीकत कुछ - कुछ जान जाता है  ,

तो उसे जानकर परेशान हो जाता है  ,

जिंदगी की हकीकत नहीं जान पाता  ,

वह भी परेशान ही जिंदगी बिताता है   || 

 

जिंदगी की हकीकत तो , कुछ सुख और दुःख है  ,

उसको झेलकर जिंदगी सुकून से बिताना है  ,

दोस्तों मेरे शब्द कुछ उलझन भरे हैं  ,

सुलझा सको तो मुझे भी बताना दोस्तों    || 

 

Monday, May 18, 2026

EK BAAR SAKHEY ( GEET )

 

                             एक बार सखे  

 

बचपन की मीठी यादें , दे जातीं मुस्कान सखे   ,

प्यारे - प्यारे वो खेल हमें , दे जाते मुस्कान सखे  ,

रंग भरे वो खेल - खिलौने  , भर जाते दिल में रंग सखे  || 

 

जीवन में वही तो याद बसी ,बचपन के सुंदर खेलों की  ,

जीवन में वही तो प्यार बसा  , उन शरारती दिनों का  ,

क्या करें कि लौट आए बचपन  ? 

कुछ दिन को ही इक बार सखे    || 

 

तुम साथ हमारे पुकार लो  , 

उन यादों को  , उन खेलों को ,

शायद वो  दिन लौट  आएँ  ,

जीवन में फिर एक बार सखे   || 

 

Sunday, May 17, 2026

NIYAM ( KSHANIKAA )

 

                                      नियम 

 

हर बगीचे में  लिखा होता है , फूल तोड़ना मना है  ,

चित्रों की प्रदर्शनी में लिखा होता है  , चित्र छूना मना है  ,

स्कूल में लिखा होता है  , नियम तोड़ना मना है  ,

तो दोस्तों , दोस्ती , रिश्ते के लिए  , क्यों नहीं  ?

लिखा होता  , साथ छोड़ना मना है    ?? 

 

साथ क्यों छोड़ दिया जाता है   ?

उसके लिए कोई नियम क्यों नहीं है   ?

क्यों एक इंसान दूसरे का साथ   ?

आसानी से छोड़ देता है  ,  क्यों    ??  

 

क्यों राहें बदल जातीं हैं  , दो व्यक्तियों की  ,

क्यों मोड़ अलग कर जाते , दो व्यक्तियों को   ?

क्यों बोल चुप हो जाते  , दो व्यक्तियों के बीच   ?

बताओ दोस्तों ये , मौन कहाँ से आ  बैठा   ?

 दो व्यक्तियों के बीच  , दो व्यक्तियों के बीच   || 

 

Saturday, May 16, 2026

NIIND AUR SAPANEY ( KSHANIKAA )

 

                         नींद और सपने 

 

रात का समां  , चमके चंद्रमा गगना में  ,

आई है निंदिया , ले के सपने आँखों में  ,

ना जाने कहाँ - कहाँ की ,सैर कराते ये सपने  ? 

ना  जाने किस - किस से , मिला देते ये सपने  ?? 

 

जिस किसी से हम , ना मिल पाते जागते हुए  ,

उन्हीं को सपने हमारे , सामने ले आते सोते हुए , 

हम को दुनिया की सैर , करा देते सोते हुए   || 

 

सपनों भरी मीठी नींद , होठों पर मुस्कान ले आती  ,

इन्हीं सपनों की याद , दिन में भी मुस्कान लाती  ,

ये सपने ही तो जरूरी हैं , हमारे जीवन में दोस्तों  ,

अपने सपने , अपनी  नींद  , ही तो जरूरी हैं दोस्तों  || 

 

Friday, May 15, 2026

MAUN ( KSHANIKAA )

 

                               मौन 

 

मौन ना जाने वाचाल की भाषा  , 

वाचाल ना जाने मौन की  ,

वाचाल की बातें , वाचाल का शोर  , 

दुनिया में चहुँ ओर है  || 

 

मौन को जो कोई भी  समझा है ,

वही  इस दुनिया को समझा  ,

वाचाल के शब्दों को  , 

हर कोई समझ जाता है    || 

 

मौन को समझो  , मौन को जानो  ,

दुनिया को भी पहचानो  ,

मौन जब मुखरित होता है  ,

हर कोई उसे समझ जाता है   || 

 

मौन की भाषा सबसे  सुंदर  ,

और सबसे शक्तिशाली है   ,

मौन की सुंदर भाषा को  ,

पूरी तरह  समझ जाओ दोस्तों   ||  

Thursday, May 14, 2026

SILSILAA ? ( JIVAN )

 

                       सिलसिला 

 

पुकारा है हमने तुम्हें दोस्तों  ,

जवाब जल्दी देना हमें दोस्तों  ,

कभी जब सभी आस - पास थे दोस्तों  ,

मिलते रहते थे जल्दी - जल्दी दोस्तों   || 

 

जीवन हरदम दोस्तों के बीच मुस्कुराता है  ,

जीवन हरदम दोस्तों के बीच गुनगुनाता है  ,

अब दूरियाँ बढ़ गईं हैं दोस्तों  ,

मुस्कानों का सिलसिला भी कम हुआ दोस्तों   || 

 

चलो आगे कदम बढ़ाते हैं दोस्तों  ,

संदेशों के जरिए मेलजोल बढ़ाते हैं  ,

मुस्कानों का सिलसिला भी आगे बढ़ाते हैं  ,

और दिल खोल कर गुनगुनाते हैं दोस्तों   || 

 

Wednesday, May 13, 2026

SHRIDDHAA ( AADHYAATMIK )

               

                             शृद्धा 

 

 जीवन के साथ ही  , मृत्यु का जुड़ाव है  ,

जैसे दिन के साथ ही , रात का जुड़ाव है दोस्तों  ,

धूप के साथ छाँव भी  , जुड़ी रहती है  ,

आने के साथ ही , जाना भी जुड़ा है दोस्तों   || 

 

ईश्वर ने जिसे भी , धरा पर भेजा है  ,

किसी ना किसी उद्देश्य के  , साथ भेजा है  ,

और उद्देश्य के पूरा होने पर उसे  ,

अपने पास ही वापिस बुलाया है दोस्तों   || 

 

अपने जीवन में उसी उद्देश्य को  ,

पूरा करके , कर्त्तव्य निभा लो दोस्तों  ,

और ईश्वर के प्रति अपनी शृद्धा को  ,

अर्पण करते जाओ दोस्तों   || 

 

Tuesday, May 12, 2026

DUNIYA SOCH MEIN ( AADHYAATMIK )

 

                         दुनिया सोच में 

 

एक ये दुनिया है दोस्तों , जिसमें हम हैं  ,

एक वो दुनिया है दोस्तों ,जिसमें परमात्मा है  ,

हमारी सोच में ,हमारे ख्यालों में  परमात्मा है ,

वही दुनिया तो ,इस दुनिया से अलग है   || 

 

 वो सोच ,वो दुनिया तो , बिल्कुल अलग है  ,

वो दुनिया तो प्यार में डूबी है  ,

परमात्मा के आशीष  डूबी है  ,

उस परमात्मा के साथ ही  ,

उस सोच , उस दुनिया को नमन है   || 

 

मैं तो उस दुनिया की सोच में डूबी हूँ  ,

आओ दोस्तों तुम भी ,उसी दुनिया में खो जाओ  ,

प्यार दो , सम्मान दो ,नमन करो ,उस दुनिया को  ,

तभी तो तुम्हें भी प्यार , और आशीष मिलेगा   ||  

Monday, May 11, 2026

GUNGUNAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                    गुनगुनाएगा 

 

साजों पर सुर जब सजे तो  ,

धड़कनों में ताल बज उठी  ,

जिससे दिल मचल गए दोस्तों  , 

एक लंबी सी साँस लेकर  ,

कलम कागज पर दौड़ चली    || 

 

प्यार के शब्द लिखे गए  ,

जो दिल को तेजी से धड़का गए  ,

होठों पर मुस्कान ले आए  ,

तो आँखें भी चमक उठीं  , 

और कलम , कागज बन गए हैं दोस्त   || 

 

कागज को उठा लो दोस्तों  ,

कलम को  हाथ में पकड़ो और  ,

दौड़ा दो कलम को उस कागज पर  ,

जब शब्द कागज पर उकेरे जाएँगे  ,

तब जीवन मुस्कुराएगा दोस्तों  ,

प्यार दिल में गुनगुनाएगा दोस्तों   ||  

Sunday, May 10, 2026

AUM NAMH SHIVAAY ( AADHYAATMIK )

 

          ॐ नमः शिवाय 

 

       ॐ नमः शिवाय  ,

       ॐ नमः शिवाय  ,

    खुशियाँ तुम्हें बुलाएँ   || 

 

ॐ नमः शिवाय  , ॐ नमः शिवाय  ,

सबका जीवन मुस्काए   || 

 

        ॐ नमः शिवाय  , 

        ॐ नमः शिवाय  ,

हर कोई सफलता पाए   ||  

 

ॐ नमः शिवाय , ॐ नमः शिवाय  ,

 हर राह पार हो जाए   || 

 

       ॐ नमः शिवाय  , 

        ॐ नमः शिवाय ,

दोस्तों को दे मिलाय   || 

 

Saturday, May 9, 2026

MAAN ( PREM )

 

                            माँ 

 

माँ के नाम अनेक  ,  

माँ , माता , माई , आई , बा , मदर , मम्मी ,

पालन करने वाली माँ , यशोदा माँ , 

माँ हैं तो हम हैं  ||  

 

धरती माँ है , धरा माँ , 

देश की माँ है , भारत माता  ,

नदियाँ भी जीवन देतीं ,वो भी माँ हैं  , गंगा माँ  || 

 

 देवी माँ -- माँ सरस्वती - ज्ञान की देवी ,

                माँ  दुर्गा  -- शक्ति की देवी  ,

                माँ  लक्ष्मी -- धन की देवी  || 

 

प्रणाम माँ प्रणाम , 

एक दिन मातृ दिवस कैसे   ?

हर दिन ही मातृ दिवस है दोस्तों   ||  

 

Friday, May 8, 2026

MOGRAA ( JIVAN )

 

                                मोगरा 

 

मोगरा फूला है सखि री , चमन में  ,

खुश्बुएँ फैली हैं सखि री , सहन में  ,

आ जाओ सखि तुम , मेरे आँगन में  ,

गुनगुनाएँगे वो गीत जो  ,महकते हैं जीवन में   || 

 

गीतों के वो शब्द आज भी , बसे हैं जहन में  ,

उन्हीं की याद भी आती है , रोज सपन में  ,

उन्हीं के अक्षर तो बसे हैं , मेरी कलम में   || 

 

मोगरा तो हर बार फूलता है , चमन में ,

उसी  खुश्बु तो बस गई है  ,मेरे तन - मन में  ,

उसी की खुश्बु से महका लें , हम अपनी साँसों को ,

तभी तो महकेंगी खुश्बु  , हमारे दामन में   || 

 

साँसें महकेंगी , तो चैन आएगा  ,

कदमों  का निशां , गीली रेत पर रह जाएगा  ,

जिंदगी का समय भी , मुस्का के गुजर जाएगा   ||  

 

Thursday, May 7, 2026

AATMAA ( AADHYAATMIK )

 

                             आत्मा    

 

रचनाकार ने जब ये संसार बनाया  ,

सबसे सुंदर एक पुतला ( मानव  ) बनाया ,

अपने कुछ अंश को आत्मा का रूप दिया ,

और मानव के अंदर आत्मा को बसाया   || 

 

मानव और उसकी आत्मा में  ,

सोचने , समझने की शक्ति थी ,

कुछ बनाने और मिटाने की शक्ति थी ,

मानव ने इस दुनिया में कुछ बनाया ,

साथ ही रचनाकार की , कुछ रचनाओं को मिटाया  || 

 

मानव के अंदर आत्मा तो दोस्तों ,

उसी रचनाकार ( परमात्मा ) का अंश है  ,

उस परमात्मा को पाने के लिए ,

अपने अंदर परमात्मा के ,अंश को जगाओ दोस्तों  ||  

 

आत्मा ही अपनी बुद्धि और प्रेम भरी शक्ति से , 

उस परमात्मा को पा सकती है  ,

इस रास्ते  पर चलकर ही उस ,

परमात्मा को पाने की , कोशिश कर लो दोस्तों   ||  

 

Wednesday, May 6, 2026

KINAARE ( KSHANIKAA )

 

                             किनारे 

 

जीवन है एक नदिया  , सुख - दुःख दो किनारे  ,

पास - पास वो रहते , पर ना मिलते हैं दोनों  ,

साथ - साथ चलते रहते  , पर ना मिलते हैं दोस्तों  || 

 

कोई कितनी भी कोशिश कर ले ,

पर दोनों किनारों को मिला नहीं सकता  ,

चलो हम सब मिल कर कोशिश करते हैं  ,

नदिया के दोनों किनारों को मिलाने की   ||  

 

सुख - दुःख दोनों , एक साथ नहीं मिल सकते  ,

बारी - बारी से तो आते , मगर साथ में नहीं  ,

एक का सुख दूसरे के लिए , दुःख हो सकता है  ,

पर एक का ही , सुख और दुःख  एक साथ नहीं  || 

 

Tuesday, May 5, 2026

PRAKAASH - PUNJ ( CHANDRAMAA )

 

                          प्रकाश - पुंज 

 

साँझ ने जब रात ,  हाथ मिलाया , अँधियारा छाया  ,

उजियारे की कोई किरन , नहीं थी राहों में  ,

दो - चार कदम चले ही थे हम ,कि प्रकाश -पुंज  चमक उठा  ,

गगना पे चंद्रमा  चमक उठा , धरा तक चाँदनी पहुँच गई  ,

धरा तो पूरी की पूरी  , चंदनिया से भीग गई   || 

 

हम भी चंदनिया में नहा गए , आँखें भी चमक उठीं  ,

दिल भी मुस्कुराया दोस्तों , धड़कनें भी बढ़ गईं  ,

आस - पास कलियाँ खिल गईं  , बगिया भी महक गई  ,

संसार ही मानो महक से भर गया  ,

चमन भी तितलियों से भर गया  ,

गगना का चाँद भी , मुस्कुरा उठा दोस्तों   || 

 

Monday, May 4, 2026

POORNATAA ( PREM )

 

                                   पूर्णता 

 

जिंदगी है मेरे हमदम  , एक सुहाना सा सफर  ,

मुस्कानें होठों पर आईं हैं  , जब  तुम हो हमसफर  ,

खूबसूरत हो गया हर पल  , तुमसे मिल कर   || 

 

इस जिंदगी का सारा समय , चल रहा धीरे - धीरे  ,

सपने जो देखे थे सोते हुए  , पूरे हो रहे धीरे - धीरे  ,

नींद के सपनों को पूरे करेंगे , हम दोनों मिल कर   || 

 

प्यार ही इस , जिंदगी की नींव है दोस्त  , 

प्यार के पहियों से ही  , जिंदगी की गाड़ी चलती है  ,

जिंदगी की राह पूरी होते - होते  , मंजिल मिलते - मिलते  ,

जीवन ही पूर्णता को प्राप्त हो जाता है   ||  

 

Sunday, May 3, 2026

BHEEGA - BHEEGA ( JALAD AA )

 

                          भीगा - भीगा 

 

कारे - कारे बादरा  ,आ रे - आ रे  बादरा  ,

आजा उतर कर , मेरे आँगना  , मेरे आँगना  ,

तू जो पानी लाएगा , मेरा अँगना भर जाएगा  ,

मुझ को भी साथ ही , भिगो जा बादरा    ||

 

तेरी चम - चम दामिनी  , कड़क - कड़क कर आएगी  ,

मेरे घर  , मेरी आँखों को , चमक खूब दे जाएगी  ,

सब कुछ मेरे साथ - साथ , चमका जा तू बादरा   || 

 

मैं इंतजार करती हूँ  , आओ जल्दी आओ  ,

आते - आते इस मौसम को , तुम बदलते जाओ  ,

भीगा सा मौसम कर दो  , दिल भी भीगा तुम कर दो  ,

मुस्कानें दे जाओ , मेरे प्यारे से बादरा    ||  

 

 

Saturday, May 2, 2026

BHOR ( KSHANIKAA )

 

                              भोर 

 

भोर की लाली गगन पे छाई  ,

सूरज ने अपनी खिड़की खोली  ,

सारा जहां चमक उठा , सूरज की किरणों से  ,

पंछी भी सारे गुनगुना उठे   || 

 

पेड़ - पौधों ने ली अंगड़ाई  ,

जीव - जंतु सभी अपने काम में लग गए  ,

मानव ने भी अपनी दिनचर्या शुरु की  ,

मानो चल पड़ा जीवन  , कदम -दर -कदम  || 

 

जीवन देने वाला सूरज , कड़क हो उठा  ,

बढ़ गई गर्मी धरा पर  ,

मेहनत करने वालों का पसीना बहा  ,

और मेहनत से  , काम पूरे हुए सभी के   || 

 

Friday, May 1, 2026

VO DUNIYAA ( RATNAAKAR )

 

                           वो  दुनिया 

 

समंदर की गहराइयों में  , जो दुनिया है बसी  ,

उसमें सभी कोई हैं  , अलग - अलग वनस्पति  ,

अलग - अलग जीव हैं  , सुंदरता है उनमें फंसी   || 

 

जीवन है उन सबका , अलग राह पर चलता  ,

समंदर से बाहर की , दुनिया से अलग पलता ,

वो सुंदर सी दुनिया में  , हम घूम आते हैं   || 

 

तरह - तरह की मछलियाँ , उनके अनोखे खेल  ,

अलग तरह की वनस्पति , उनका ना कोई मेल  ,

हर कोई नहीं जानता  , गहराई की वो दुनिया   ||