विश्वास
कर्म सभी हम चुनते हैं , और हम ही कर्म करते हैं ,
कर्म तो हमारे हाथ में ही हैं दोस्तों ,
मगर क्या उन कर्मों का ?
फल प्राप्त करना , हमारे हाथ में है दोस्तों ||
किसी भी कर्म का फल देना ,
तो उस ईश्वर के हाथ में है ,
वही जो चाहेगा , वह फल देगा हमें ,
या जो हमारे लिए अच्छा होगा ,
दोस्तों वह हमें देगा ईश्वर ||
रखो विश्वास उस ईश्वर पर दोस्तों ,
वह जो देगा , वह हमारे लिए अच्छा ही होगा ,
अच्छा होगा , अच्छा होगा दोस्तों ||
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