Saturday, September 19, 2026

AASHEESH ( AADHYAATMIK )


                       आशीष 


आओ बप्पा आओ ना ,

मंगल तिलक लगवाओ ना ,

मैंने मोदक बहुत बनाए  ,

रुचि - रुचि भोग लगाओ ना  || 


पूजा , अर्चना की विधि मैं ना जानूँ ,

तुम ही मुझको समझाओ ना  ,

ऐसी अनगढ़ भक्तिन को ,

तुम ही बप्पा अपनाओ ना   || 


तुम ही सारे जग के रखवाले ,

सबको सद्बुद्धि और ज्ञान देने वाले ,

कुछ तो ज्ञान , मेरे प्यारे बप्पा ,

मुझको भी दे जाओ ना   || 


आओ बप्पा आओ ना ,

अपना आशीष हम पे बरसाओ ना  ,

बप्पा प्यार और आशीष बरसाओ ना   || 


Friday, September 18, 2026

SAADII MEIN NAARII ( PREM )


                        साड़ी में नारी  


ये है साड़ी दोस्तों  , रंग - बिरंगी  साड़ी  ,

भारतीय नारी की शान है , ये सुंदर साड़ी  ,

नारी साढ़े पाँच फ़ीट की , और छः गज की साड़ी  ,

नारी का रूप है निखरता , जब लिपटे उस पर साड़ी  || 


बहुत सी पोशाकें भारत में , जो पहने है नारी  ,

मगर सौंदर्य की प्रतिमा लगती  , जब पहने वह साड़ी  ,

साड़ी से मैचिंग अन्य कपड़े , जेवरात ,

श्रृंगार का सामान , सजाते सब ही नारी   || 


सबसे सुंदर , सबसे सुंदर , जग में नारी और साड़ी  ,

मुस्कानें और प्यार झलकता है  , जब हम देखें नारी और  साड़ी ,

जीवन सुंदरता से भर जाता , देख नारी और साड़ी  ,

तो दोस्तों मुस्का लो खूब  , देख नारी और साड़ी  || 


Thursday, September 17, 2026

TEEN SAHELIYAN ( PREM )


                      तीन सहेलियाँ 


तीन सहेलियाँ हैं दोस्तों  , सोच , मुस्कान और चमक ,

तीनों की दोस्ती गहरी है  दोस्तों ,

सब उभरीं दिल - दिमाग में  || 


सोच मीठी थी  , तो होठों पे मुस्कान खिली  ,

आँखों में चमक जगी   || 


सोच कड़वी थी  , तो होठों की मुस्कान मिटी  ,

आँखों की चमक खोई   || 


सोच प्यार की थी , तो होठ गुनगुनाए ,

आँखों ने नृत्य किया  || 


सोच तीखी सी थी  , होठों ने आह भरी  ,

आँखों में नमी छाई   || 


सोच हास्य की थी  , होंठ खिलखिलाए  ,

आँखों में मस्ती छाई   || 


तीनों   सहेलियाँ  हर रंग में  ,

सुंदर लगीं दोस्तों   ,  बहुत सुंदर  लगीं   || 


Wednesday, September 16, 2026

MELAA SHABDON KAA ( JIVAN )


                            मेला शब्दों का 


एक हाथ लंबी कलम से  , उकेरा जाता ,

मीलों तक लंबा समूह , शब्दों का  ,

एक मुट्ठी जितने बड़े , दिल से  ,

निकलता जाता मीलों लंबा समूह , शब्दों  का  ||  


उनमें कुछ शब्द हँसते , मुस्कुराते  ,

और कुछ शब्द गाते  ,  गुनगुनाते  ,

इन्हीं मुस्कुराहटों और , गुनगुनाहटों  के साथ  ,

एक बड़ा मेला लगा उन , शब्दों का   || 


आँखों की चमक जैसे  , चमकते शब्द   ,

आँखों के अश्रुओं जैसे  , बिखरते शब्द  ,

उन आँखों की चमक और  , अश्रुओं से  ,

एक बड़ा मेला लगा उन  , शब्दों  का  ,

आइए दोस्तों  , इस मेले में शब्दों के   || 


Tuesday, September 15, 2026

SAPNEY ( JIVAN )


                          सपने 


सपने हैं सपने , बिल्कुल ही अपने  ,
नींद में ही होठों पर , लाते मुस्कानें  ,
नहीं कोई मेहनत , करवाते सपने  ,
दिन में भी , सोच - सोच लाते मुस्कानें   || 


गुपचुप - गुपचुप , आते हैं सपने  ,
बिना कीमत हम , पाते हैं सपने  ,
बिना किराया दिए , जाते हैं घूमने  ,
नई - नई जगहों को देखने ,
नए - नए लोगों से मिलने   || 


बिना संदेसे आते ,  हमारे सपने  ,
हमारे दोस्तों को , साथ में लाते सपने  ,
हँसी खूब बरसाते हैं सपने  ,
झर - झर - झर , झरवाते  झरने  ,
देखा कितने , मीठे - मीठे हैं सपने  ?
पलकों में बस जाते हैं सपने   || 

Monday, September 14, 2026

ANKHIYAN ( PREM )


                                अँखियाँ 


अँखियों री अँखियों , मेरी प्यारी सखियों  ,

सारी दुनिया तुम ही दिखातीं  ,

सभी रंगों का अहसास दिलातीं  || 


नींद आने पर , रात्रि के पहर में ,

तुम तो बंद हो जातीं   ,

मगर रात भर तुम मुझको  ,

सुंदर स्वप्न दिखाती जातीं  || 


स्वप्न दिखाते - दिखाते तुम  ,

सारी दुनिया की सैर करातीं  ,

जो जगहें हमने ना देखी हों  ,

उनकी भी तुम तो सैर करातीं   || 


प्यारी सखियों , मेरी अँखियों  , 

जीवन के आकाश में तुम , 

इंद्रधनुष भी सजा जातीं  ,

वह इंद्रधनुष , जिससे तुम , 

हमें क्या ,आकाश को भी रंग जातीं    ?? 


Sunday, September 13, 2026

VIDHAAN VIDHI KAA ( AADHYAATMIK )


                       विधान विधि का 


विधि का विधान ही तो  , संसार को चलाता है  ,

हर किसी के लिए , नियम बने होते हैं  ,

कोई भी तो  , इस नियम से परे नहीं होता है   || 


स्वयं परमात्मा भी तो , इसी से बँधे होते हैं  ,

जो कुछ विधान में लिखा होता है , 

वही उन्हें भी अपनाना होता है   || 


गजानन का जन्म ही , विधि विधान से ही हुआ है ,

कान्हा भी इसी कारण , राधा से दूर रहे ,

राम ने भी इसी कारण , सीता को त्याग कर वन भेजा  ,

मानव योनि में रहकर , मानव जीवन बिताया   || 


विष्णु , शिव सभी बँधे ,विधि की डोर में ,

कोई भी अपने मन की , नहीं  कर सका था  ,

तो हम क्या कर सकते हैं दोस्तों   ?? 


Saturday, September 12, 2026

BHAAV ( PREM )


                             भाव 


राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त जी ने ,

बहुत सुंदर भावों को , व्यक्त किया अपनी लेखनी से  ,

" जो भरा नहीं है भावों से , बहती जिसमें रसधार नहीं ,

वह ह्रदय नहीं है पत्थर है  , जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं "|| 


दोस्तों ह्रदय को ह्रदय , बनाए रखना है तो  ,

ह्रदय में भावों का , समावेश होना जरूरी है  || 


ईश्वर के लिए   ------ ,

एक भक्तिभाव जरूरी है  ,

ईश्वर के लिखे विधान के लिए  ,

ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास ,

जो कुछ ईश्वर ने हमें दिया , उसके लिए  ,

समर्पण और धन्यवाद जरूरी है   || 


अपने देश के लिए   -------  ,

प्यार के सम्मान के भाव जरूरी हैं  ,

देश की धरा , प्रकृति ,पहाड़ ,नदियाँ ,समंदर ,

हर  स्थान , हर मानव से प्यार जरूरी है   || 


अपनों के लिए   -------- ,

अपनों के प्यार के लिए  ,

अपनों के दिए सम्मान और भरोसे के लिए  ,

उनके प्रति आदर ,प्यार और विश्वास जरूरी है  || 


ये भाव जब दिल को भर देंगे ,

तो दिल में सभी के लिए ,

प्यार ही उत्पन्न होता है  ,

विश्व में सभी के लिए  ,

प्यार और सम्मान का भाव जरूरी है  ,

समझो दोस्तों  ---  विश्व बंधुत्व जरूरी है   || 



Friday, September 11, 2026

DHEERE - DHEERE ( PREM )

                             धीरे - धीरे 


बदलोगे जो खुद को , तो रंग जमा लोगे  ,
जहां की मुसीबतों से , पीछा छुड़ा लोगे  ,
कोई कुछ भी बोले बंद तुम , कान कर लोगे ,
अपने दिल की बातें दिल में ,ही छुपा लोगे    || 


दुनिया वालों का तो काम है , कुछ भी कहना ,
तब अपने कानों में तुम , थोड़ी सी रुई रखना  ,
फिर मजे से तुम दोस्तों , मुस्कुराते रहना ,
तभी तो तुम मजे से , जीवन बिता लोगे   || 


दोस्तों ये जिंदगी तुम्हारी है  , मत भूलो यह बात  ,
दिन के बाद आती है  , हमेशा रात  ,
चैन की नींद सो जाओगे  , बीतेगी  रात  ,
सुबह को उठो तो खूब  ,  खिलखिला लोगे   || 


बगीचे की घास  पर चलो  , नंगे पैर धीरे - धीरे  ,
मानो चल रहे हो तुम ,नदिया के तीरे ,
समेटो  फूलों की महक अपनी  , साँसों में धीरे - धीरे  ,
फूलों पे जमी ओस की बूँदें , होठों पे तुम समेट लोगे   || 

HAMARAA BAGEECHAA ( JIVAN )


                        हमारा बगीचा  


एक दिन था दोस्तों  , बहुत समय पहले  ,

दुनिया वालों के बगीचे में , देख खिलते फूल ,

मगर ना हमारे पास थी , भूमि कि खिलते फूल   || 


सोच - सोच कर हमने , एक सोच ली चुन  ,

उसे कार्यान्वित करने को , नई सोच ली बुन  ,

उसकी विधि को हमारे , दिल ने ली सुन   || 


लाए हम गमले , मिट्टी  और खाद ,

गमलों को हमने , अपनी छत पर जमाया  ,

मिट्टी और खाद मिला , गमलों को सजाया ,

अब पौधों और बीजों को मिट्टी में जमाया   || 


एक सप्ताह बीतते , अंकुरण शुरु हो गया  ,

कुछ पौधे जो लगाए थे , उनका बढ़ना शुरु हुआ  ,

करीब 15 - 20 दिनों में , उम्मीद के फूल खिले  ,

और कुछ समय बाद  , हमारा बगीचा शुरु हुआ  ,

हमारा सपना पूरा हुआ  , बगीचा खिल गया   || 

 

Thursday, September 10, 2026

DIL MEIN MAHAK ( JIVAN )


                           दिल में महक 


प्यार बाँटते चलो , प्यार बाँटते चलो  ,

मुस्कानें भर लो झोली में , सभी में बाँटते चलो  ,

रिमझिम सी बरखा आई , तो दिल बोला ,

ये रिमझिम भर लो दिल में , अँगना लो भिगोते चलो  || 


कलियाँ जब चटखीं , फूल खिले , तो उनकी महक से ,

सारे जहां को , महकाते चलो दोस्तों   || 


मुस्कानों के बाँटने से , सभी तो मुस्काए  ,

रिमझिम बरखा से तो दोस्तों , समंदर लहराए  ,

लहरें उनकी नाचीं  , समंदर मुस्काए  ,

फूलों की महक से तो , चमन सारे महके  ,

जहां महका और  , दिल में महक समाए  || 


Tuesday, September 8, 2026

ROSHAN - PUNJ ( JIVAN )

         

                      रोशन पुंज 


गगना में चमका , रोशन - पुंज सूर्य  ,

धरा का सारा संसार , रोशन हो उठा ,

जाग गए सभी जीव - जंतु , चेहरा खिल उठा  ,

चहल - पहल मच गयी  , वातावरण खुल उठा   || 


परिंदे चहक उठे  , उनकी चहक से ,

वातावरण गुंजायमान हो उठा  ,

कलियाँ खिल कर , फूल बन गईं  ,

जिनकी महक से , चमन महक उठा   || 


तितलियाँ जब  , उड़ीं फर - फर  ,

बच्चों की किलकारियाों से  , 

चमन मुखरित हो उठा  ,

सभी देखने वालों के दिल  ,

और होठों पर , मुस्कानें जग उठीं   || 


Monday, September 7, 2026

BACHPAN SEY ( PREM )


                         बचपन से 


चल , चल री लेखनी  , शब्दों को तू सजा दे  ,

सुंदर से मीठे शब्द , तू ही यहाँ सजा दे  ,

मुस्कानों को तू , सबके होठों पर सजा दे   || 


तू ही मेरी प्यारी लेखनी  , शब्दों को सजाने वाली  ,

तू ही तो है मेरी , बचपन से ही सहेली  ,

रंग भरे इंद्रधनुषी शब्दों से , मुस्कान लाने वाली   || 


चल , चल री लेखनी  , दिल में खुशियाँ भर दे  ,

तू अपने शब्दों से ही तो , दिल में कलियाँ खिला दे  ,

उन शब्दों से ही तो , खिलखिलाहटें जगने वाली   || 


Sunday, September 6, 2026

SAMAAN ( PREM )

  

                                समां 


होठों पे मुस्कान सजा लो ,

दिल से मलाल निकालो  ,

महफिल में तभी तो रंग खिलेगा  ,

पैरों को थोड़ा थिरका लो ,

कदमों को ना लड़खड़ाओ ,

महफ़िल में तभी तो रंग भरेगा   || 


दिल ही दिल में मत ,

गीत गुनगुनाओ  ,

थोड़ी तो तान सजाओ  ,

संगीत संग शब्दों को  ,

तुम गुनगुनाओ ,

महफिल में हर कोई  , गुनगुनाएगा  || 


ऐसा तभी तो होगा दोस्त  ,

जब सभी मुस्काएँगे  ,

मुस्कुराहटें फैलाएँगे ,

जिंदगी पूरी ही खिल जाएगी दोस्त मेरे  ,

महफिल में तभी  तो  समां बँधेगा  || 

Saturday, September 5, 2026

INDRADHANUSH ( KSHANIKAA )

 

                                इंद्रधनुष 

 

मेरी खिड़की से झाँका  जो आज ,  इंद्रधनुष  ,

उसने तो कर दिया सखि री मेरे  , दिल को खुश   || 

 

चमक उठे मेरे नयना देख कर , इंद्रधनुष  ,

मचल उठा मेरा दिल , लेने को उसका , अक्स   || 

 

छाए हुए थे घने बदरा , गगना में जब आया , ये मेघधनुष  ,

जब हमने लिया सखि री उसका  ,  अक्स   || 

 

इतना सुंदर , सतरंगा जब गगन पे उभरा , वह इंद्रायुध ,

हम भूल गए इस दुनिया को देखकर , वह इंद्रायुध  || 

 

कुछ ही पलों में सखि री , बरखा बरसी , मूसलाधार  ,

और गुम हो गया , हमारा वो प्यारा सा , इंद्रधनुष   ||  

 

Friday, September 4, 2026

CHAANDNII ( CHANDRAMAA )


                             चाँदनी 


चाँदनी ने कहा चाँद से  ,

" तू है चाँद मेरा , मैं हूँ तेरी चाँदनी  ,

मैं तो चमकती हूँ सजना , पा के तेरी रोशनी  || 


तेरी मुस्कान से ही तो , मैं चमक जाती हूँ  ,

साथ ही दूजों को भी तो  , मैं चमका जाती हूँ  || 


रात के आँचल में , छिप गया है सारा जग  ,

मैं ही अपना आँचल देकर , जग को चमका जाती हूँ  || 


रात के अँधियारे की चादर तो , जग की मुस्कान रोक देती है ,

तो चाँदनी जगवालों के होठों पे , मुस्कान देती जाती है  || "


 मैं तो चाँद और चाँदनी , दोनों की ही दोस्त हूँ  ,

और उनकी दोस्ती में , मैं तो मस्त हूँ दोस्तों   || 

Thursday, September 3, 2026

KAANHA ( PREM )

 

                                 कान्हा 

 

कान्हा , ओ कान्हा आओ ना  , 

बंसी मधुर बजाओ ना  ,

सब बंसी की तान को तरसें  ,

उनको तान सुनाओ ना   || 

 

नंद गाँव में तो कान्हा ,

माँ यशोदा बाट जोहतीं ,

सारी की सारी वहाँ गोपियाँ ,

जुड़कर तुम्हारी राहें तकतीं ,

उन समझो दर्शन दे जाओ ना  || 

 

मधुबन में राधा रानी पुकारे ,

कब आओगे कान्हा हमारे  ?

राधा की पुकार तो सुनलो कान्हा  ,

दौड़ के मधुबन में आओ ना  ,

मीठी तान सुनाओ ना  ,

बरसों बीते आ जाओ ना   || 

 

Wednesday, September 2, 2026

CHITRAKAARII ( JALAD AA )


                      चित्रकारी  


बदरा लाए इतना पानी , क्या सागर खाली किया  ?

झम - झम पानी बरसाया , तुमने हर पार्क , हर गली ,

क्या तुम थकते नहीं बदरा , इतना पानी लाते  ?

पानी भरते , उठाते , लाते और बरसाते , थके या नहीं  ?? 


गगना में हवा ने झुलाया , दामिनी ने चमकाया ,

तुमने रिमझिम जल बरसाया  ,

तो धरा पे हरियाली छाई  , मानो धरा मुस्कुराई  ,

जगवासियों ने मुस्कानें फैलाईं   || 


रवि किरणों ने बदरा पे , अपना जाल बिछाया ,

अलग - अलग रंगों से , चित्रकारी को सजाया  ,

रिमझिम के कुछ समय बाद ,

गगना में इंद्रधनुष मुस्कुराया   || 

Tuesday, September 1, 2026

BEETAA KAL ( KSHANIKAA )

 

                           बीता कल 

 

मत करो विश्वास , सुनी - सुनाई बातों का  ,

सुनी - सुनाई बातें भी , क्या सच हो सकती हैं  ?

उनमें तो झूठ ही , बसता होगा दोस्तों   || 

 

विश्वास उसी पर रखो दोस्तों ,

जो अपना जीवन दाता है  ,

उसी के हाथ में तो , अपना जीवन है  ,

वही उसे सुगम , सफल और सुंदर बनाएगा   || 

 

जीवन में कल जो बीत गया , 

वो तो बीत गया दोस्तों  ,

और अब बदला नहीं जा सकता  ,

आगे आने वाले , कल में क्या होगा  ?

विश्वास रखो , जो  होगा सुंदर होगा  || 

 

किसी भी पल , कहीं से भी  ,

प्यार और दोस्ती , जन्म ले सकते हैं  ,

और उन्हीं से ही , जीवन सुंदर होगा  ,

प्यार से ही , मुस्कानें  खिलेंगी   || 

 

Monday, August 31, 2026

KHAAREY - KHAAREY ( RATNAAKAR )

 

                            खारे - खारे 

 

पिया नदिया का पानी , मीठा और शीतल ,

गर्मी से आया पसीना , नमकीन सा  ,

दर्द में निकले आँसू  , नमकीन से  ,

जा मिले सागर से , खारे - खारे सागर से   || 

 

कहाँ से आया नमक , आँसू में    ? 

कहाँ से घुला नमक ,  पसीने में    ?

बड़ा सवाल तो यह है दोस्तों  , 

कहाँ से आया ढेर सारा , नमक  सागर में   ??

 

नदिया का जल मीठा - मीठा ,

बरखा का जल मीठा - मीठा  ,

सागर ने कहाँ से मँगा लिया  ?

इतना सारा नमक  , जो कर गया उसे नमकीन    || 

 

इतना फर्क कहाँ से आया  ?

किसने फर्क किया  ?

क्या सागर या नदिया  ?

छोड़ो , क्या हम करेंगे जानकर   ? ?

 

आज प्यार की मुस्कानें जोड़ो  ,

यही बहुत कीमती हैं  दोस्तों  ,

मेरी मुस्कान और तेरी मुस्कान  , सभी की मुस्कान  || 

 

Sunday, August 30, 2026

DUKH \ SUKH ( JIVAN )

                        

                         दुःख \  सुख 


 दुःख और सुख  , दोनों आते हैं जीवन में ,

दुःख जब आता है , हम उस रचेता को ,

याद करते हैं , और उसी के ,

आ जाते हैं पास में   || 


सुख आने पर तो  ,हम चले जाते हैं उसी से दूर ,

सुख हमें अहंकारी ,बना जाता है दोस्तों ,

सुख हमें आलसी भी , बना जाता है दोस्तों  || 


दुःख बना जाता है हमें , मजबूत और शक्तिवान ,

साथ ही दुःख हमें , सबक सिखा  जाता है दोस्तों   || 


दुःख ही एक शिक्षक है , जो कुछ तो सिखाता है  ,

सुख तो एक बहाव है , जीवन में आता है , जाता है  ,

ना कुछ देता है , ना कुछ सिखाता है दोस्तों    || 


Saturday, August 29, 2026

SEEKHO ( JIVAN )

 

                                सीखो  

 

ताकतवर होकर श्रेष्ठ बनो , अहंकारी नहीं  ,

अपनी ताकत का उपयोग , दूजों की मदद में करो ,

इससे ताकत बढ़ेगी , घटेगी नहीं  ,

क्योंकि तुम्हें दूजों की मुस्कानें ,

और आशीष मिलेंगे   || 

 

अहंकारी बनोगे तो , नफरतें , क्रोध मिलेंगे ,

और तुम्हें बेचैनी , उदासियाँ मिलेंगी  ,

 तुम क्या लेना चाहोगे  ? ? 

 

जीवन का सुकून लेना चाहोगे ,

तो मदद का , स्नेह का ,

प्रेम का हाथ बढ़ाना सीखो ,

जिंदगी सुंदर बना लो  दोस्तों   ||  

 

Friday, August 28, 2026

ADHURAAPAN ( KSHANIKAA )


                                अधूरापन 


कल के सपने , आज भी आना ,

देखो तुम आना , ना भूल जाना  ,

एक नींद में एक सपना , जो पूर्ण ना हो  ,

दूसरी नींद में वह सपना , पूर्ण जरूर हो   || 


जीवन में कहीं भी , अधूरापन ना हो ,

सब कुछ पूर्ण , कर लो दोस्तों  ,

चाहे वह अधूरा , सपना हो दोस्तों  ,

या कोई भी अधूरी  , इच्छा  हो   दोस्तों   || 


बीते कल में जो हुआ  , वह बदलेगा  नहीं  ,

आने वाले कल में जो , होगा वह पता नहीं  ,

तो आज का , समय पहचान कर ,

सब कुछ अपने  , आप पूरा कर लो   || 











Thursday, August 27, 2026

ADHATA --- PARICHAY ( PREM )


                            अधाता -- परिचय  


मैं तो हूँ सीता सखि  , सीता ही हो तुम  ,

यहाँ अधाता में हैं  , मिले हम और तुम  ,

सीता का पर्यायवाची ही हैं  हम   || 


हमारी मार्गदर्शक हैं  , एक बहती बयार सी  ,

मीठे बोल सी , जो ध्यान रखतीं सभी का    || 


  भोर की लालिमा सी , सुंदर , निर्मल , कोमल  ,

मधुर , मंजुल सी  , सखियाँ मिलीं    || 


चंपई फूल खिले हैं यहाँ  ,

कृष्ण की गीता , विष्णु की लक्ष्मी यहाँ   || 


शुद्ध प्यार बरसाने वालियाँ  ,

उस ईश्वर की , मित्रों की चित्र कथाएँ हैं यहाँ   || 


अधाता की मंदाकिनी में , हंस भी आते हैं  || 


यहाँ के प्रकाश में ,अपनी आँखों से  ,

तुम देख लो सखियों  , देख लो सखियों   || 




DIL KII KAHANII ( PREM )


                      दिल की कहानी  


दिल में प्यार बसा लो तुम  , जैसे खुश्बु फूलों में  ,

होठों पे मुस्कान सजा लो तुम  , जैसे मुस्कान फूलों में  ,

यही सब तो सुंदरतम  , समय है जीवन में    || 


दिल शरीर का एक , हिस्सा है दोस्तों  ,

जो शरीर में रक्त - संचार , को नियंत्रित करता है  ,

मगर हमारी भावनाएँ भी , दिल ही नियंत्रित करता है   || 


हमारे प्यार , नफरत , क्रोध , करुणा सभी को  ,

दिल भी संभावना है , वही निर्णय लेता है  ,

ऐसा करते हुए , दिल की धड़कनें , 

तेज या धीमी हो जाती हैं  , दिल तड़प उठता है   || 


दिल की गहराईयों में डूबकर , प्यार को समझ लो ,

दिल कोई मशीन नहीं है  ,

वह तो भावनाओं को , समझने वाला ,

एक मंदिर है , जिसमें प्यार के साथ पूजा होती है   || 






  








Wednesday, August 26, 2026

SANDESAA ( KSHANIKAA )


                            संदेसा 


संदेसा क्या होता है  दोस्तों   ?

अपने दिल की बात , मोबाईल पर लिखकर  ,

भेजना ही , आज की भाषा में संदेसा होता है  ,

अब से बहुत साल पहले , पत्र में दिल की बात  ,

लिखकर भेजना ही , संदेसा कहलाती थी    || 


तब तो संदेसा पहुँचने में , कई दिन लगते थे  ,

संदेसे का जवाब तो , एक सप्ताह से पहले  ,

नहीं मिल पाता था  ,

मगर आज का संदेसा तो  , फौरन ही पहुँच जाता है   || 


मगर क्या आज का , संदेसा दिल की आवाज ,

पहुँचाती है  , नहीं दोस्तों  ?

पत्र में लिखे संदेसे में तो  ,

दिल के भाव भी पहुँचते थे  ,

तो असली संदेसे तो  , वही पुराने थे   दोस्तों   || 










 


Tuesday, August 25, 2026

NINDIYAA ( KSHNIKAA )


                            निंदिया 


रोज तू सुलाती थी ,आज तू आई क्यों नहीं  ?

रोज तू सपने दिखाती थी , आज तू लाई क्यों नहीं  ?

निंदिया तू इतनी , कठोर क्यों हो गई   ?? 


पूरे दिन में काम करते , हम थक जाते हैं  ,

पूरे दिन में  हम  , व्यस्तता में रहते हैं  ,

मगर अब रात में तूने हमें  , सुलाया क्यों नहीं   ?? 


आज तो तू आजा री निंदिया  , रात आ गई  ,

हमारी थकावट भी कह रही है , रात आ गई  ,

तो आजा तू हमारी आँखों में  , अब रात आ गई   || 



  






JIVAN MEIN ( JIVAN )

 

                             जीवन में 

 

तुझे देखा , तुझे चाहा , तुझे ही प्यार किया मैंने  ,

ये प्यार ही तो है दोस्तों , जिसे अपनाया है हमने , 

जो प्यार हमें करते हैं , वो ही तो हैं मेरे अपने   || 

 

जीवन की राहों के मोड़ों पर , मिल जाएँ जो अपने  ,

सच ही तो  हो  जाएँगे ,  मेरे सभी मीठे सपने  ,

सपने सभी हो जाएँगे  रंगीन , डूब कर रंग में   || 

 

तुम जो मिल जाओ दोस्त , अगर इस जीवन में ,

प्यार खिल जाएगा ऐ - दोस्त  ,मेरे इस जीवन में   ,

तो आओ हम अपना लें , यही साथ इस जीवन में    || 

 

Sunday, August 23, 2026

KEEMAT ( KSHANIKAA )


                           कीमत  


मुस्कानों ने पुकारा है , दोस्तों मुस्काओ  ,

आओ दोस्तों  , महफिल में तुम आओ  ,

ये जीवन जो मिला हमको  , मुस्का  कर बिता जाओ  ,

जिंदगी के हर पल में  , दोस्तों खिलखिलाओ   || 


रचेता साथ है सबके , उसका साथ सब पाओ  ,

उसको जब साथ में पाओ  , आशीष उसका पाओ  || 

तब तुम भी उसके  , भरोसे - मंद बन जाओ   || 


कीमत तुम समझो , मुस्कानों की दोस्तों  ,

कीमत तुम समझो  , जीवन की दोस्तों  ,

कीमत तुम समझो  , वक्त की दोस्तों  ,

कीमत तुम समझो , अपनी भी दोस्तों  ,

ना कुछ भी व्यर्थ गँवाओ  दोस्तों  ,

ना कुछ भी व्यर्थ गँवाओ   || 









DOSH ( JIVAN )

 

                                दोष 

 

किसी भी विपत्ति में फँसने पर , हर कोई  ,

पितृ दोष ,गृह दोष , वास्तु दोष , शनि दोष को ,

सारा दोष दे देता है दोस्तों  ,

मगर वह कहीं  भी  , अपना दोष नहीं देखता दोस्तों   || 

 

जरा आँखें बंद करके , अंतर्मन को देखो दोस्तों ,

थोड़ा विचार करो दोस्तों ,तो जान जाओगे ,

दोष तो तुम्हारा ही है दोस्तों    || 

 

उस दोष को समझो दोस्तों , और उस दोष को ,

दूर करने का प्रयास करो दोस्तों  ,कोशिश करोगे ,

तो अपने दोष को , दूर कर लोगे दोस्तों   || 

 

कोशिश करने वालों की , हार  नहीं होती ,

जीत हो ना हो ,मगर विपत्ति दूर करने का ,

कुछ तो हल निकलेगा , और आप ,

उस विपत्ति से बाहर , निकल ही जाओगे  दोस्तों  ||  

 

Friday, August 21, 2026

SAMAY KO SAMAY SE ( JIVAN )

 

                           समय को समय से 

 

समय ने शोर मचाया , कहा , तुम सभी कर्म करो  ,

व्यर्थ ना गँवाओ मुझे , फुर्सत के नाम पर  ,

धीरे - धीरे तुम जीवन ही  , व्यर्थ गँवा दोगे दोस्तों   ?? 

 

यदि नहीं समझे दोस्तों  , तो पूरी  कोशिश करो  ,

अगर समझ जाओगे , तभी तो सोचकर समय खर्च करोगे  ,

समय जाने के बाद कभी , लौट कर नहीं आता दोस्तों  ,

इसलिए समय को , समेट  कर रखो दोस्तों  || 

 

समेटने का अर्थ मुट्ठी में , पकड़ना नहीं है  ,

मुट्ठी से तो वह ,  रेत की तरह फिसल जाएगा  ,

समय को समय से  , खर्च करो दोस्तों   ||  

 

Thursday, August 20, 2026

FURSAT ( JIVAN )

 

                               फुर्सत 


कुछ खास पल तो , जीवन से चुरा लो दोस्तों  ,

क्या पता आगे समय , ना मिले दोस्तों  ,

जिम्मेदारियाँ जरा सी भी , फुर्सत जो नहीं देतीं   || 


कुछ खास रिश्तों को , निभा लो दोस्तों  ,

उन्हें समय देकर कुछ और , मजबूत बना लो दोस्तों  ,

जिम्मेदारियाँ जरा सी भी  , फुर्सत जो नहीं देतीं   || 


अपने देखे सपनों को  ,पूरा करने की कुछ  ,

और कोशिश तो कर लो दोस्तों  ,

अधिक कोशिशें शायद , कुछ को पूरा कर दें दोस्तों   ,

जिम्मेदारियाँ जरा सी भी , फुर्सत जो नहीं देतीं   || 





 





Tuesday, August 18, 2026

AAJ ( JIVAN )

 

                        आज 


मत सोचो , कल क्या हुआ  ? वह बीत गया , 

मत सोचो , कल क्या होगा  ? वह अनजाना है ,

जो आज है , उसे बिता लो  , मुस्काना है  || 


दोस्तों के संग बिता लो  , आज का दिन  ,

गप्पें खूब लड़ा लो  , आज के दिन  ,

समय खूब तुम्हारे पास  , आज के दिन ,

कल क्या पता , तुम या दोस्त  , व्यस्त हो  ?

फिर कैसे ला पाओगे तुम  , आज का दिन  ?? 


दिल की बातें कह डालो  , आज के दिन  ,

खुशी और गम सभी कुछ , बाँट लो  , आज  के दिन ,

फिर कैसे ला पाओगे  तुम ,  आज का दिन   ??  






NAMAN - NAMAN ( DESH )


                           नमन - नमन 


सीमा पर जब संकट आया , वीरों ने दूर भगाया  ,

अपनी भारत माता को - संकट से मुक्त कराया ,

अपना तिरंगा  जग में , ऊँचाई पर लहराया   ,

अपनी भारत माता को  -------  || 


अपने वीरों का शौर्य ,  जग में सबसे ऊँचा है  ,

सारे जग में ही उनकी , वीरता का चर्चा है  ,

वीरों ने अपना तिरंगा , गगना में लहराया  ,

अपनी भारत माता को  --------  || 


वीरों ने ही देश की खातिर , अपने प्राण गँवाए  ,

अपनी नींदे कर बलिदान , चैन से सबको सुलाए  ,

अपना तिरंगा हो ना नीचा , सिर चाहे कट जाए  ,

अपनी भारत माता को -------   || 


हम तो तुमको प्यार हैं करते , वीरों तुम्हें प्रणाम  ,

नमन  , नमन हम करते , वीरों तुम्हें प्रणाम  ,

अपने तिरंगे को मिल के , गगना में लहराया  , 

अपनी भारत माता को --------   || 



Monday, August 17, 2026

CHAAI - PAKAUDEY ( JIVAN )


                                   चाय - पकौड़े 


साँझ हुई सूरज गया  , अपने घर दोस्तों  ,

बदरा छाए , गगना भी , छिप गया दोस्तों ,

मौसम थोड़ा - थोड़ा शीतल , हो चला दोस्तों ,

ऐसे में एक - एक कप चाय ,हो जाए  दोस्तों  || 


पवन संग बदरा धीरे - धीरे , झूल रहे दोस्तों ,

बदरा झूलते - झूलते थोड़ी सी बूँदें , आ रहीं दोस्तों  ,

ऐसे में एक - एक कप चाय , हो जाए दोस्तों   || 


सूरज का अपना समय ,बदरा का अपना समय ,

बरखा भी अपने समय से , रिमझिम  आती दोस्तों  ,

कभी - कभी दामिनी भी  , आती है  दोस्तों ,

चाय के साथ - साथ , पकौड़े ,भी हो जाएँ  दोस्तों  || 




 




 

Sunday, August 16, 2026

KHILIIN ( JIVAN )


                                    खिलीं 


मेरे कर्मों ने पूछा मुझसे  , " क्यों हमें किया तुमने  ?

हमने तो मुस्कानें बाँटीं , दूजों के होठों पर  ,

हमने तो है जोत  जलाई , जरूरत के आँगन में  ,

तुमने ही तो हाथ दिए , हम सबको ये करने में   || 

 

" बुद्धि तुम्हारी , हाथ तुम्हारे , किया है तुमने हमें ,

ईश्वर भी तो हुआ है खुश , हमको यूँ करने में ,

हम  हैं कर्म  तुम्हारे सखि ,जो रहते थे पहले दिल में  ,

वहाँ से निकल , तुमने हमें किया , हम भी हुए सुंदर  || "


कर्मों की बातें सुनकर   , मेरे होठों पर मुस्कान खिली ,

 मेरी मुस्कान देखकर दोस्त , दूजों की मुस्कान खिलीं ,

आज हुआ है दिल खुश सबका , सबकी जो मुस्कान खिलीं   || 


Saturday, August 15, 2026

NEEYAT ( JIVAN )

 

                              नीयत 


जिंदगी में मिलने वाले सभी लोग ,

दोस्त नहीं होते दोस्तों ,

भरोसा ना करो , सभी मिलने  वालों पर , 

दोस्तों पर तो भरोसा ,किया जा सकता है , 

मगर सब पर नहीं  || 


सभी मिलने वाले लोग , दुश्मन भी नहीं होते  , 

तो सभी पर अविश्वास ,नहीं किया जा सकता  ,

उनमें से कुछ पर , अविश्वास करना ठीक है  ,

मगर सब पर नहीं  || 


दोस्तों सब की नीयत पहचानना सीखो ,

कौन विश्वास के काबिल है   ?

और  कौन अविश्वास के काबिल   है ?

यह योग्यता तो आपको स्वयं ही  ,

अपने अंदर जगानी होगी दोस्तों  ,

तभी आप उनकी नीयत पहचान पाओगे  दोस्तों   || 







सभी 










  


NAMAN - NAMAN ( DESH )

  नमन - नमन 


सीमा पर जब संकट आया , वीरों ने दूर भगाया  ,

अपनी भारत माता को - संकट से मुक्त कराया ,

अपना तिरंगा  जग में , ऊँचाई पर लहराया   ,

अपनी भारत माता को  -------  || 


अपने वीरों का शौर्य ,  जग में सबसे ऊँचा है  ,

सारे जग में ही उनकी , वीरता का चर्चा है  ,

वीरों ने अपना तिरंगा , गगना में लहराया  ,

अपनी भारत माता को  --------  || 


वीरों ने ही देश की खातिर , अपने प्राण गँवाए  ,

अपनी नींदे कर बलिदान , चैन से सबको सुलाए  ,

अपना तिरंगा हो ना नीचा , सिर चाहे कट जाए  ,

अपनी भारत माता को -------   || 


हम तो तुमको प्यार हैं करते , वीरों तुम्हें प्रणाम  ,

नमन  , नमन हम करते , वीरों तुम्हें प्रणाम  ,

अपने तिरंगे को मिल के , गगना में लहराया  , 

अपनी भारत माता को --------   || 



Friday, August 14, 2026

DHAN - JIVAN ( JIVAN )


                               धन - जीवन 


आज मानव - जीवन में , धन का ही मोल है ,

धन के पीछे मानव , भाग रहा है दोस्तों  ,

धन ही उसके जीवन का , लक्ष्य बन गया है दोस्तों   || 


धन के लिए ही वह , दूजों को दुःख देता है  ,

धन प्राप्त करके , स्वयं को उच्च समझता है  ,

और वह दूजों को  , नीचा समझता है   || 


धन - धन करता मानव , मार्ग भटक गया है  ,

अपने  कर्म और सोच को , मजबूत बनाकर ,

जीवन को सुंदर और ,स्वस्थ बनालो दोस्तों   || 


धन जरूरी है , जीवन यापन के लिए  ,

मगर धन ही सब ,कुछ नहीं है दोस्तों  ,

एक रास्ता है धन  , जरूरतें पूरी करने के लिए है दोस्तों   || 


Thursday, August 13, 2026

JUDAAV ( KSHNIKAA )



                                          जुड़ाव 


जैसे माँ भी जन्म लेती है , जब बच्चा जन्म लेता है  ,

वैसे समस्या के साथ ही , समाधान भी जन्म लेता है ,

तो ढूँढो समाधान  को दोस्तों  || 


हर समस्या के साथ ही , समाधान जुड़ा होता है  ,

समस्या की गहराई में डूब कर , समाधान पा लो  ,

वह गहराई ही , समाधान दिलाएगी  दोस्तों  || 


समंदर से उड़ती वाष्प से , बादल का जन्म होता है  ,

बादल से बरसी बरखा से , समंदर लहराता है  ,

दोनों का जीवन , एक - दूजे से जुड़ा है दोस्तों   || 


आपस में जुड़े , कई  रिश्ते हैं दोस्तों  ,

जैसे नींद से , सपनों का जुड़ाव है दोस्तों  ,

सपने पूरे होने पर , मुस्कान का ,

प्यार के साथ  भी , मुस्कान का जुड़ाव है दोस्तों   || 


Wednesday, August 12, 2026

PREM KAHAANII ( PREM )

 

                   प्रेम कहानी  


ये अपनी प्रेम कहानी , जैसे नदिया में बहता पानी ,

ये कहानी किसी ने ना जानी , और ना ही हमने बतानी  || 


कोई क्या करेगा , ये सब जान कर  ?

कोई क्या करेगा , हमारी मुस्कान देखकर  ?

हम ही तो खुश होंगे , अपने ही दिल में  ,

चैन ही मिलेगा  , हमको अपने दिल में   || 


ये अपनी प्रेम कहानी , सिर्फ दिल में छुपानी  ,

खिलती कलियाँ भी हमने , सिर्फ दिल में छुपानी  ,

किसी को ना बतानी , ये बातें हैं रूहानी  ,

ये अपनी प्रेम कहानी , ये अपनी प्रेम कहानी   || 

 

Monday, August 10, 2026

KHOLII ( AADHYAATMIK )


                       खोली 


दुनिया रंग - रंगीली  भोले , दुनिया रंग - रंगीली ,

एक तेरी मीठी है बोली , दुनिया की कड़वी बोली ,

एक तू ही भरता है झोली  , दुनिया तो लूटे झोली   || 


पर तू तो है कैलाशी , ना उतरे तू धरती पर  ,

आजा कभी तो आजा नीचे , हम भी सुनें तेरी बोली   || 


दर्शन तुम्हारे होंगे तो  , जीवन सफल ये होगा  ,

सुंदरतम बन जाएगा जो ,सुन लें तेरी बोली   || 


जीवन को सुंदर बना दो , ऐ - कैलाश के वासी ,

आ जाओ तुम घर हमारे , भर दो हमारी खोली   || 


Saturday, August 8, 2026

DAREECHEY MEIN ( PREM )


                           दरीचे में 


दिल के दरीचे में , जो हमने तस्वीर है लगाई  ,

उसी ने हमारी , रातों की नींद है उड़ाई ,

वो तस्वीर तो हमें , बहुत प्यारी है  ,

उसी ने तो नींद से , हमारी दुश्मनी बनाई   || 


उस तस्वीर को हम , सभी को नहीं दिखा सकते ,

उसे तो हम , बेनकाब कर नहीं सकते  ,

उस तस्वीर में हम , प्यार के रंग तो भर सकते ,

मगर उसे हम , दिल से मिटा नहीं सकते   || 


वह तस्वीर तो हमारी जिंदगी है ,

वह तस्वीर तो हमारी बंदगी है  ,

वही तो हमारा सच्चा प्यार है ,

उसी के प्यार में तो हमारा ,

दिल बेकरार है , दिल  बेकरार है   || 


Friday, August 7, 2026

JAGMAGAA UTHEGAA ( JIVAN )


                जगमगा उठेगा 


बोल दोस्त ,मीठे - मीठे  बोल , मन मोहें सबका  ,

प्यार भर ले जीवन में , मुस्कान सबकी जगा  ,

बयार के समान रख , गति धीमी और शीतलता ,

खुद भी बयार के , समान ही बन जाना  || 


तेज गति ले के , आँधी ना बन जाना  ,

जो अपने साथ , विध्वंस लाती है  ,

बयार का हाथ पकड़ , धीरे कदम बढ़ाना  ,

पहुँच के अपनी मंजिल , मुस्कानें फैलाना  || 


मीठे बोल , धीमी बयार , मुस्कानें शीतलता ,

ये सब गुण जगा ले , अपना मन जगा ले ,

प्यार में ये गुण तुझे , पहुँचाएँगे मंजिल तक ,

जीवन जगमगा उठेगा तेरा , जगमगा उठेगा   || 

Thursday, August 6, 2026

DHARAA MUSKAAI ( GEET )

 

                            धरा मुस्काई 


पेड़ों से छनकर , धरा पे धूप जब आई , धरा मुस्काई ,

शीतल सी बयार , कोंपलों से टकराई ,धरा मुस्काई ,

बद्र की रिमझिम बूँदें , धरा से टकराई ,धरा मुस्काई || 


परिंदो की मीठी तान , जग में छाई , धरा मुस्काई  ,

उछलती नदिया की ,छल-छलाहट आई,धरा मुस्काई ,

सागर की लहरों की उछाल , जब आई ,धरा मुस्काई  || 


फूलों की रंगत पर, जब तितलियाँ आईं ,धरा मुस्काई ,

फूलों की महक से ,जब महकी अँगनाई ,धरा मुस्काई ,

साँझ की लालिमा ,जब गगन पे छाई , धरा मुस्काई  || 


रात का अँधियारा छाया ,गगना से चाँदनी उतर आई ,धरा मुस्काई ,

धीरे -धीरे तारों की बारात जगमगाई , धरा मुस्काई ,

सभी कुछ देख जग में ,धरा मुस्काई ,

धरा मुस्काई ,हाँ जी ,धरा मुस्काई  || 




Wednesday, August 5, 2026

RAAT KAA SAMAA ( CHANDRMAA )


                          रात  का समां 


रात का अँधियारा  छाया , धरा और गगना में ,

धरा ने दी आवाज , जो पहुँची गगना तक  ,

चाँद ने सुनी , वह गगना में चमका ,

तारे भी दौड़े - दौड़े आए , चाँद के साथ दोस्तों   || 


धरा मुस्काई उन्हें देखकर  ,

चाँदनी की ओढ़नी , धरा ने ओढ़ी ,

  सारा  जग चमचमा उठा , चाँदनी की चमक से  ,

अँधियारा दूर हुआ , चाँदनी की चमक से दोस्तों  || 


जगवासी रात के अँधियारे में , ये चमक देख मुस्काए ,

उन  सभी की आँखों में , उतर आई एक चमक ,

दिल सभी के गुनगुना उठे , साथ मिलकर  ,

ये ही रात का प्यारा समां है दोस्तों   || 

Tuesday, August 4, 2026

TELIPATHII ( PREM )


                               टेलीपैथी 


दिल ले करीब जो होते हैं  , वही सच्चे दोस्त होते हैं  ,

जो हम को समझते हैं , हम जिनको समझते हैं ,

आपस में हम मुस्कानें बाँटते हैं  || 


रहें पास या दूर , मगर यादों में बसते हैं  ,

कभी भूले नहीं जाते , दिल में समाए रहते हैं  ,

उदासियों में वही दोस्त , तो साथ देते हैं  || 


नहीं जरूरत होती फोन , या मैसेज की दोस्तों  ,

दिल से निकलने वाली , तरंगों से ही काम लेते हैं  ,

उसी को तो दोस्त  , टेलीपैथी कहते हैं  || 

Monday, August 3, 2026

BADARIYAA ( JALAD AA )


                           बदरिया 

संदेसा बदरिया का आया  , सखि आ रही हूँ मैं  ,
दौड़कर आई बाहर मैं  , 
बदरिया मुस्कुरा दी खूब , बोली -- वाह ,
तुझसे मिलने की , मुझे बहुत थी चाह   || 

दोनों हाथ थाम , मेरे आँगन में जा बैठे ,
बतियाते रहे घंटों , वहीं  बैठे - बैठे  , 
ना सुध थी  किसी को , क्या काम है बाकि  ?
बीता पूरा पहर , वहीं बैठे - बैठे  || 

तभी दामिनी चमकती आई , मेरे आँगन में ,
उसकी कड़क सुन , हम हिल गए बैठे - बैठे ,
मुझे भूल कर , बतिया रही हो दोनों  ,
यह सुन कर तो हम , हँस दिए बैठे - बैठे   || 

Sunday, August 2, 2026

MAHSOOS ( PREM )


                               महसूस 


एक सखि थी हमारी , उम्र में हमसे काफी छोटी थी  ,

मगर दिल के बहुत करीब थी ,उम्र रुकावट नहीं थी  || 


जब भी वो दोस्त आती , तो रात को हम दोनों  ,

छत पर तारों की छाँव में बैठते , मुस्कुराते थे  ,

मैंने फूलों के पौधे लगाए थे , हम फूलों की महक लेते थे ,

घंटों बातें करते थे ,और खिलखिलाते थे   || 


हम दोनों में प्यार का , रिश्ता इतना गहरा था ,

कि हम स्वयं को , एक -दूजे के बहुत करीब समझते थे ,

आज भी वो तारों की , छाँव याद आती है , 

आज  भी  वो फूलों की महक , महसूस होती है  ,

आज मेरी वह सखि , इस दुनिया में नहीं है  ,

ईश्वर उसकी आत्मा को शांति दें  || 

 


MADHUR PYAAR ( RATNAAKAR )

 

                              मधुर  प्यार 

 

जब भी दोस्तों ने पुकारा  , हम चले आए  ,

आज तो रत्नाकर ने दी आवाज  , लो हम चले आए   || 

 

लहरें उछल - उछल कर  , मचल - मचल कर ,

हमारे पास में आईं , हाथ थाम कर  ,

वो ले चलीं , रत्नाकर के द्वार  || 

 

हम भी हँस  दिए , उनकी चपलता पर  ,

और चल दिए , रत्नाकर के द्वार  ,

आज खुल गया था  , रत्नाकर का द्वार  ,

हमने कदम रखा अंदर  , देखा उसका घर - द्वार  || 

 

बसी थी पूरी , नई दुनिया अंदर  ,

जो थी अनदेखी , अनजान मगर सुंदर  ,

नन्हीं मछलियाँ , हमारे इर्द - गिर्द घूम कर  ,

दिखा रहीं थीं  , अपना सुंदर व्यवहार   || 

 

लहरों और मछलियों की चपलता देखकर  ,

हम तो भूल गए अपना संसार  ,

डूब  गए  हम उस  अनोखी दुनिया में  ,

पाकर उन सबका प्यार  , मधुर प्यार   || 

 

Saturday, August 1, 2026

SARHADEN ( DESH )

 

                                 सरहदें 

 

लकीरें रचेता ने सिर्फ , हाथों में बनाईं  ,

एक हाथ में किस्मत की  , दूसरे में अपने कर्म की  ,

मानव ने लकीरें घरों में खींचीं  , ये तेरा घर ,  ये मेरा  घर  ,

घरों के बाद ये लकीरें , देशों की सरहदें बना दी गईं  || 

 

देशों में रहने वाले पहले  , दोस्त हुआ करते थे , 

मगर अब सरहदों के पार , रहने वाले दुश्मन हो गए ,

दोस्तों इन लकीरों को , अपने दिलों पर ना बनाना  ,

नहीं तो दिल भी दुश्मनी में ,डूबकर दूर हो जाएँगे   || 

 

सरहदों के पार रहकर भी , मुस्कान तुम देना  ,

दोस्त ना बना पाओ ,कोई बात नहीं  ,

उन्हें दुश्मन ना बनाना ,

फूलों की खुश्बु  , जैसा हवाओं के साथ ही  ,

दूर से तुम मुस्कुरा कर  , मुस्कानें बिखराओ  ,

बदले में तुम भी मुस्कानें पाओगे   || 

 

Thursday, July 30, 2026

PYAAR RACHETAA KAA ( AADHYAATMIK )

 

                             प्यार रचेता का 

 

अपनी सारी परेशानियाँ बता दो , उस रचेता को  ,

जिसने जहां बनाया , और भरोसा रखो उसी पर  ,

वो सब ठीक करेगा ,जीवन उसने दिया ,वही संभालेगा  ,

हरदम   वो सबके साथ है , वह साथ निभा लेगा  || 

 

राह वही चुनेगा , हमारे चलने के लिए  ,

साँसें उसने दी हैं , तो वही उसे चलाएगा  ,

हर कठिनाई को , पार करवाएगा  ,

 सुकून की नींद , वही तो सुलाएगा   || 

 

बस भरोसे के साथ , उसी के बताए ,

मार्ग पर चलते चलो दोस्तों  ,

 वही कर्म करते चलो ,

जो उसने निर्धारित किए हैं दोस्तों   || 

 

तभी तो जीवन जी पाओगे दोस्तों  ,

उस रचेता के प्रिय बन पाओगे दोस्तों  ,

उनका प्यार पा जाओगे दोस्तों   ||  

Wednesday, July 29, 2026

SAHELII ( PREM )

 

                             सहेली 

 

कई बार हम सोचते हैं , सेवा - निवृत्ति के बाद ,

हम अकेले हैं , बच्चों के समझदार होने के बाद  ,

मगर दोस्तों ये पूरा सच नहीं है  ,

आप सब हैं  ना , हमसे बातें करने के लिए   || 

 

अरे - रे मेरी लेखनी तो है , मेरी सच्ची सहेली  ,

मेरी सच्ची दोस्त , रात - दिन साथ निभाती सहेली ,

मेरी भावनाओं को ,शब्दों में बदलती सहेली  ,

वही लेखनी जो , कागज की भी है सहेली  || 

 

दोस्तों एक ऐसा सच्चा , दोस्त हो या सहेली  ,

तुम भी अपना लो , ऐसा दोस्त या सहेली ,

जिंदगी सरल और  , सुगम हो जाएगी  ,

हाथ पकड़ेगा जब ऐसी सहेली  ( लेखनी  ) ,

दोस्तों अब तो ना , तुम अकेले हो  ,

और ना मैं ही हूँ अकेली   || 

 

Tuesday, July 28, 2026

KAROD PATII ( KSHANIKAA )

 

                           करोड़पति 

 

यदि आप करोड़पति हैं दोस्तों , तो जानते ही हैं  ,

एक करोड़ में एक के बाद , सात जीरो आते हैं  ,

ये तो संख्या की बात है दोस्तों  || 

 

अगर आप जीवन में , अलग तरह से करोड़पति हैं ,

तो एक के बाद जीरो के स्थान पर ,

कुछ अलग ही आता है  , ( 10000000  )   || 

 

एक नंबर पर है  ----------  स्वास्थ्य  ,

पहले जीरो की जगह  ---- धन है  ,

दूसरे जीरो की जगह  ---- घर है  ,

तीसरे जीरो की जगह  ---- परिवार है ,

चौथे जीरो की जगह  ----- जीवन है  ,

पाँचवे जीरो की जगह  ---- कार है  ,

छठे जीरो की जगह  -----  नींद है  ,

सातवें जीरो की जगह  ----  सपने  हैं   || 

 

जीरो से पहले की संख्या -- स्वास्थ्य को ,

ठीक रखना जरूरी है , यदि स्वास्थ्य  ठीक है   ,

तो जीरो के स्थान पर , आने वाला सभी  ,

कुछ ठीक हो जाएगा , अन्यथा सभी कुछ ,

खत्म  यानि जीरो   ( 0 )  हो जाएगा दोस्तों   || 

 

Monday, July 27, 2026

VISHESH ( JIVAN )

 

                                    अवशेष 

 

जिंदगी ने जो समय दिया हमें  ,

लंबा समय तो बीत गया  ,

अब बचा शेष समय , हमें सुंदर बनाना है  ,

इसका अर्थ है उसको , विशेष बनाना है  , 

जिससे बचा समय सुगम ,

 सुंदर  और  मनमोहक बन जाए  || 

 

बीता समय सुंदरता से बीता ,  

फूलों की महक से भरा रहा , आगे भी महकेगा  ,

होठों पर मुस्कान जगी रहेगी  ,

यही हमारी दौलत है  दोस्तों ,

इसी दौलत से हम  , अपनी जिंदगी सजाएँगे  ,

और शेष जीवन विशेष बनाएँगे   || 

 

यही सब जरूरी है दोस्तों  ,

जीवन के समय को विशेष बनाना  ,

वरना तो शेष समय , अवशेष ही बनेगा   ||  

 

Sunday, July 26, 2026

THAHAAKE ( KSHANIKAA )

 

                            ठहाके  

 

वो दिन कुछ कितने सुंदर थे  ? जब हम बच्चे थे दोस्तों  ,

ना मोबाईल , ना टी .वी .  , ना कम्प्यूटर थे दोस्तों  ,

 दोस्तों के साथ मिलकर  , खेलते थे हम दोस्तों  ,

फोन करके नहीं बुलाते थे  , आवाज दे कर बुलाते दोस्तों   || 

 

रात को छत पर साथ - साथ सोते थे  , गगना की छाँव में  ,

चाँद - तारों को देखते हुए , बातें करते हुए सोते थे दोस्तों  ,

मुस्कानों के बीच में , खिलखिलाहटें भी सजती थीं दोस्तों ,

बिना फोटो लिए ही ये यादें , जीवन भर मुस्कानें देंगी दोस्तों  || 

 

क्या गुल्ली - डंडे या कंचों की , फोटो ली गई दोस्तों  ,

मगर नाम लेते ही , चलचित्र के समान फ्लैश बैक आ जाता है  , 

लुका - छिपी और आईस - पाईस  खेलते हुए , डैन आने पर ,

सबके छिपने पर , हम तो घर जाकर बैठते  थे दोस्तों  ,

इंतजार के बाद सभी दोस्त , हमें ढूँढते हुए आते  ,

और ठहाके गूँज उठते दोस्तों   || 

 

Saturday, July 25, 2026

CHAIN KII NIIND ( KSHANIKAA )

 

                              चैन की नींद 

 

जीवन में जो मोड़ आते हैं  , कुछ को वक्त लाता है  ,

कुछ किस्मत में होते हैं  , कुछ को हालात लाता  है  ,

सभी मोड़ सबक सिखाते हैं  , वक्त बीत जाता है   ,

यादें रह जाती हैं  , वक्त लौट नहीं पाता   है  || 

 

कर्म करते हुए , हम सोचते हैं दोस्तों  ,

ये कर्म हमने किया , करने के बाद हम सोचते हैं  ,

ये कर्म अच्छा है या बुरा  , और उलझन में पड़ते हैं  ,

पर क्या हम जानते हैं  , रचेता ही हमसे कर्म कराता है   || 

 

और जब हमें समझ आता है ,

कि रचेता ने हमसे कर्म कराया है  ,

तो उलझन सुलझ जाती है  ,

रचेता ही चैन दिलाता है  , चैन की नींद सुलाता है   || 

 

Friday, July 24, 2026

SHAAYAD ( KSHANIKAA )

 

                           शायद 

 

भीड़ में लोग तो मिलते हैं  , मगर क्या अपने हैं वो  ?

सभी आपसी बातों में लगे रहते हैं , शोर का हिस्सा हैं  ,

वो सब बातें  , क्या तुम समझ पाते हो   ?? 

 

क्या तुम्हें उनकी बातों में  , अपनापन महसूस होता है   ?

नहीं ना  ! तो फिर वो तुम्हारे अपने नहीं हैं   ,

आपसी बातों में वक्त बिताकर  , सब वापिस जाते हैं  || 

 

अरे , दोस्तों देखो , दो लोग रुके हैं  , शायद वो अपने हैं  ,

उनकी  मुस्कान ,  उनका व्यवहार तो सुंदर है  ,

शायद वही तुम्हारे अपने हैं  ,

और उन्हें तुम्हारी फिक्र है  || 

 

आओ - आओ , दोस्ती करते हैं उनसे  ,

मुस्कानें बाँटते हैं उनसे , आओ नए दोस्त हैं तुम्हारे  ,

मुस्कुराओ , खिलखिलाओ हमारे साथ   || 

 

Thursday, July 23, 2026

PRAJAATIYAAN ( KSHANIKAA )

 

                                 प्रजातियाँ 

 

दुनिया में मानव हैं  , जीव - जंतु हैं  , 

प्रकृति है  ---- 

पेड़ - पौधे , पहाड़ , नदियाँ , झरने , समंदर हैं ,

ये  सब तो सभी जानते हैं  दोस्तों   || 

 

जरा तांत्रिकों  से पूछो दोस्तों और कौन हैं  ?

परी हैं ,भूत हैं  , पिशाच हैं  , राक्षस हैं  , चुड़ैल हैं  ,

ये सब आपने देखे हैं क्या  ?

अगर देखे हों , तो हमें भी दिखाना या बताना ,

हमने कहानियाँ पढ़ी हैं दोस्तों   || 

 

ये अलग तरह की प्रजातियाँ ,

हम तो देख नहीं सकते , 

अगर देख लें , तो पहचान नहीं सकते  ,

इन्हें तो तांत्रिक ही , देख और पहचान सकते हैं   || 

 

हमें इन प्रजातियों के बारे में  ,

कुछ भी ज्ञान नहीं है दोस्तों  ,

तो अब लिखना बंद करती हूँ  ,

ठीक है ना दोस्तों  , विदा दोस्तों   || 

 

 

Wednesday, July 22, 2026

BHAAGYA - KARM ( KSHANIKAA )

 

                              भाग्य  - कर्म  

 

जो हमने भाग्य से पाया दोस्तों  , वह जीवन नहीं  ,

एक उपहार है , उस रचेता का  ,

जीवन तो वह है दोस्तों  , जो हमने अपने कर्मों से पाया है  ,

अपने कर्मों से बनाया है  , कर्म ही जीवन को बनाते हैं   || 

 

कर्म वही करो दोस्तों जो  , तुम्हारे और  ,

तुम्हारे अपनों के लिए , लाभकारी हों  ,

जो सबके दिल और दिमाग को शांति  दें  ,

जो सबके होठों पर , मुस्कानें सजा दें   || 

 

आओ   दोस्तों    थामो हाथ , अपने दोस्तों का  ,

और कर्म करने की  , लिस्ट बनाकर ,

आगे बढ़ो , कर्म करो  ,

और जीवन को सुंदर बना लो दोस्तों  ||  

 

 

Tuesday, July 21, 2026

MANJIL ( KSHANIKAA )

 

                                 मंजिल 

 

जीवन की राह पर कदम बढ़ाने  ,

पर मोड़ जो आते हैं  ,

पहला मोड़ हम पूरा कर लेते हैं  ,

होठों पर मुस्कान लिए  ,

आगे का मोड़ हम , खुद लेते हैं या नहीं  ?

कई बार वह मोड़  , वक्त ही ले आता है  || 

 

ये मोड़ हमें बहुत , कुछ सिखा जाते हैं  ,

कभी - कभी हालात ही  , मोड़ पार करना सिखाते हैं  ,

कई बार मंजिल भी , मोड़ में बदलाव लाती है  ,

अगर मंजिल बदल जाए  , तो मोड़ भी बदलेंगे  ,

इसलिए पहले मंजिल को निर्धारित करो  ,

तभी मोड़ भी उसी  अनुसार होंगे   ,

और सरलता से , तुम्हें मोड़ पार कराएँगे  || 

 

Monday, July 20, 2026

BAANTO ( KSHANIKAA )

 

                               बाँटो 

 

दोष तो सभी में होते दोस्तों  , ध्यान ना देना कभी  ,

ध्यान दोगे तो उसका नहीं  , अपना ही चैन गँवाओगे  ,

वो तो चैन से सोएगा तुम , नींद  अपनी  गँवाओगे  ,

भूल जाओगे दूजों को दोस्तों  , तो नींद में खो जाओगे   || 

 

शांत  करो अपने  मन को  , दिल की नैया को संभालो  ,

शांति को तुम दोस्तों  , अपने दिल में बसा लो  ,

दिल की शांति को , मुस्कान के रूप में  ,

होठों पर  सजा लो दोस्तों   || 

 

अगर तुम चाहो तो दोस्तों  ,

बाँटो मुस्कानें दोस्तों में  ,

ये मुस्कानें ही तो , उनके होठों पे सजेंगी  ,

उसी से तो तुम दोस्तों  , जीवन अपना महकाओगे   ||  

 

Sunday, July 19, 2026

PARCHHAAIN ( JIVAN )

                                     परछाईं  

  

हमारी परछाईं , हरदम  हमारे साथ चलती है  ,

कोई और नहीं हमारे साथ , ना दोस्त , ना घरवाले  ,

मगर परछाईं हमारा , पीछा नहीं छोड़ती है   || 

 

एक दिन हमने परछाईं से , पूछ ही लिया दोस्तों  ,

तुम क्यों हमारे साथ चलती जाती हो  , क्या तुम दोस्त हो  ?

नहीं  !  परछाईं ने कहा   ,

क्या तुम मेरी रिश्तेदार हो  ? मैंने कहा  ,

नहीं  !  परछाईं ने कहा  ,

तो क्यों मेरा पीछा करती हो  ?  मैंने कहा  || 

 

मैं तो तुमसे  ही जुड़ी हूँ , 

बताओ और कौन है   ?

जो तुमसे जुड़ा है  ? तुम्हारे साथ रहता है  ? 

दोस्तों  उसने  सच कहा  ,  कोई नहीं है अपना  ,

परछाईं ही तो अपनी है   || 

 

 

Saturday, July 18, 2026

NAATAK ( KSHANIKAA )

 

                                  नाटक   

 

मन जब शांत होता है  , तो सब कुछ सुंदर लगता है  ,

मन की खुशी  में एक बूँद भी , रिमझिम बरखा लगती है  ,

मन के अशांत होने पर , रिमझिम बरखा भी नहीं सुहाती   || 

 

तुलना किसी से ना करो , हर कोई अलग ही होता है  ,

एक ही पेड़ के फूलों और ,

फलों की महक और स्वाद अलग होता है ,

हाथ की अँगुलियाँ भी अलग होती हैं   || 

 

किसी की नफरत से बंद द्वार को , तुम खोल नहीं सकते ,

उसने अंदर से कुंडी बंद की है , तो तुम भी ,

दूसरी तरफ से कुंडी , बंद कर दो  दोस्तों   || 

 

अकेले रहना पड़े , तो रह लो दोस्तों  ,

मगर ऐसे लोगों का , साथ मत लो  ,

जो अपना होने का  , नाटक करते हों दोस्तों   ||  

 

 

 

Friday, July 17, 2026

BHAAVNAAEN ( KSHANIKAA )

 

                              भावनाएँ 

 

समय बहुत ही कीमती है दोस्तों  , व्यर्थ ना गँवाना , 

 मगर  क्या आप  जानते हैं  ? उससे भी कीमती है कुछ ,

क्या है वह दोस्तों  ? सोचो तो जरा तुम  || 

 

वह हैं दोस्तों हमारी भावनाएँ  ,

समय गुजरता जाता है  , उसे रोक नहीं सकते  ,

मगर क्या हम अपनी , भावनाओं को रोक सकते हैं  ?

नहीं दोस्तों  हम  , कुछ नहीं कर सकते हैं   || 

 

जिस से हमारे  भावों ने जोड़ दिया  , उसे हम भूल नहीं सकते ,

जिससे हमारे भावों ने दूर किया  , उसे हम जोड़ नहीं सकते  ,

 दोस्तों भाव सबसे कीमती हैं  , समय से भी कीमती   || 

 

Thursday, July 16, 2026

PRASHN - PATRA ( KSHANIKAA )

 

                         प्रश्न - पत्र 

 

प्रश्न - पत्र भी है दोस्तों  , हम सब की जिंदगी  ,

जो भी प्रश्न उसमें दिए हैं ,उनका उत्तर लिखना ही है  ,

जो प्रश्न हम हल नहीं कर पाते , उनको भी छोड़ना नहीं है  || 

 

प्रश्न कठिन हों या आसान , दें हमको टेंशन या मुस्कान ,

करने तो वो सब हमको ही हल , नहीं मिलेगी कोई छूट ,

सही तरह से हल करेंगे , तभी तो नंबर मिलेंगे हमको  || 

 

तो तैयारी अच्छे से कर लो दोस्तों  , प्रश्न हल कर लो दोस्तों  ,

तभी तो जीत पाओगे ये जंग , ले पाओगे सुंदर नंबर  ,

चलो तो दोस्तों कोशिश करके  , जीवन की जंग जीतते हैं  || 

 

प्रश्न समझ जाओगे तो ,  हल भी कर पाओगे ,

हल जो हो जाएगा , उत्तर भी लिख पाओगे  ,

उत्तर सही होगा तो , जंग भी जीत जाओगे   || 

 

Wednesday, July 15, 2026

UJAALAA HAI ( AADHYAATMIK )

 

                         उजाला है 

 

रचनाकार ने  कुछ ना  कुछ  , सब के लिए संभाला है  ,

किसी के लिए अँधेरा है थोड़ा , कुछ के लिए उजाला है  ,

रात और दिन उसने सभी के  , जीवन में लिख डाला है  || 

 

सभी के जीवन को उस उजाले में , रंग डाला है  ,

इसी से तो मानव सोचता है , जीवन फूलों की माला है  ,

रचनाकार ने तो सभी के , जीवन को संभाला है   || 

 

दूजा कोई भी इस तरह , जग को नहीं संभालेगा  ,

दूजा कोई भी इस तरह पूरे , जग को नहीं उजालेगा  ,

दूजा कोई भी इस तरह पूरे , मन में नहीं बसा लेगा   || 

 

Tuesday, July 14, 2026

MAHAKAA LO ( PREM )

 

                             महका लो 

 

जिसने जिंदगी को समझा , वही जीवन पा गया  ,

जिसने नहीं समझा  , वह जीवन से दूर हो गया   || 

 

रंगों भरा ये जहां है  ,इसे प्यार  से अपना  लो दोस्तों  ,

फूलों के चमन को , अपनी मेहनत से महका लो दोस्तों  ,

जिसने इस जहां को महका लिया , वही  जीवन पा गया  || 

 

 ये जहां बहुत सुंदर है  , इसे अधिक सुंदर बना लो दोस्तों  ,

प्यार और प्रेम के फूल  ,जीवन में खिला लो दोस्तों  ,

पूरा जीवन ही महक जाएगा  , तुम भी जीवन पाओगे दोस्तों   || 

 

कदमों को दौड़ाओगे , तो आगे पहुँचोगे दोस्तों  ,

दौड़ते कदमों को रोकना नहीं  , आगे ही पहुँचोगे दोस्तों  ,

प्यार की इन्हीं राहों पर दौड़कर , जीवन पा लो दोस्तों   ||  

Monday, July 13, 2026

BHAAI CHARAA ( KSHANIKAA )

 

                            भाईचारा 

 

ईश्वर ने जीव - जंतु बनाए , मानव बनाए  ,

एक धरती बनाई , उसी में समंदर , पहाड़ बनाए ,

मानव ने धरती पर लकीरें खींचीं  ,

धरती के टुकड़े किए , और मालिक बन बैठा  || 

 

मगर संतुष्टि नहीं मिली  , दूसरे के हिस्से  ,

को भी छीन लेना चाहा , प्रहार किए दूजों पर  ,

इसी सब प्रक्रिया का नाम युद्ध है  ,

मानव ने दूजों को मारा  , यही तो   युद्ध है दोस्तों  || 

 

 मगर सभी मानव समान नहीं थे  दोस्तों  ,

दूसरे कुछ मानव प्रेम से रहना चाहते थे  ,

वो मिलजुल कर , दोस्त बनकर ही रहना चाहते थे  ,

इससे शांति हुई और मानव प्रेम - पूर्वक ,

रहने की कोशिश करने लगे  ,

धरती पर भाईचारा बढ़ने लगा  ,

इसी भाईचारे से , दुनिया वाले प्यार फैलाने लगे    || 

 

Sunday, July 12, 2026

DIL AUR DIMAAG ( KSHANIKAA )

 

                       दिल और दिमाग 

 

ईश्वर ने दीं  हमको , दो सुंदर नेमतें , दिल और दिमाग ,

दिल से हमने सबको प्यार दिया , मुस्कानें दीं  ,

प्यार से सजा कर  , सुंदर रिश्ते , सुंदर जहां बनाया  || 

 

दिमाग से कदम आगे बढ़ाए , तर्क शक्ति को बढ़ाया  ,

हर क्षेत्र हमारा अपना था , उसी को सुंदर बनाया  ,

प्रकृति और सुविधाओं से , जीवन आसान बनाया   || 

 

जब दोनों ही मिल गए  , तो जीवन और प्रकृति सुंदर बने ,

तो दोस्तों दिल और , दिमाग  को जगाओ  ,

दुनिया को सुंदर और , सुविधाओं से पूर्ण कर लो  || 

 

UNAKO ( KSHANIKAA )

 

                             उनको 

 

हम चाहते हैं जिनको , प्यार करते हैं जिनको  ,

दोस्ती बढ़ाना चाहते हैं उनसे  ,

सुखी देखना चाहते हैं जिनको  ,

वजह मुस्कान की देना चाहते हैं  उनको   || 

 

हमारी अँजुरी में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे दिल में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे होठों पर जो मुस्कानें हैं  ,

वो सब उन्हीं के लिए हैं  ,

और हम बाँटना चाहते हैं उनको   || 

 

जीवन की राह में मोड़ जो आते हैं  ,

वो मोड़ सुगम और सरल हो जाएँ  ,

वही मोड़ मिल जाएँ उनको  ,

उनमें तुम सभी में शामिल हैं दोस्तों  || 

 

Friday, July 10, 2026

UMRA - ANUBHAV ( KSHANIKAA )

 

                            उम्र - अनुभव 

 

उम्र है दोस्तों एक नंबर ही तो ,

क्यों गिनो बढ़ती उम्र का नंबर दोस्तों  ,

इस नंबर में छिपा है , जीवन भर का अनुभव  ,

बाँटो इस अनुभव को , आपस में दोस्तों    || 

 

जीवन भर , समेटे तुमने , धीरे - धीरे हाथों में  ,

आज उन्हीं हाथों से बाँट दो , धीरे - धीरे दोस्तों में ,

सभी दोस्त लाभ उठाएँ , उसी अनुभव से दोस्तों   || 

 

उम्र और अनुभव आपस में , जुड़े हैं दोस्तों ,

दोनों ही साथ - साथ , बढ़ते हैं दोस्तों  ,

उम्र तो बढ़ने पर , बाँटी नहीं जा सकती  ,

मगर अनुभव तो , बाँटे जा सकते हैं दोस्तों  ,

तो अनुभवों को दिल  , खोलकर बाँटो दोस्तों   || 

 

Thursday, July 9, 2026

MAHAKIN HAVAAEN ( KSHANIKAA )

 

                              महकीं  हवाएँ 

 

हवा जो चली , चमन से गुजर कर  ,

खुश्बुएँ ले उड़ी , चमन के फूलों से  ,

आस - पास के रहने वालों को , परिंदों को महकाती  || 

 

हम भी उसी हवा से  , महक गए दोस्तों  ,

अगर हवा ना चलती  , तो खुश्बुएँ कैसे उड़तीं  ?

तो दोस्तों बहने दो  , हवाओं को मत रोको उनका रास्ता  || 

 

नए - नए पेड़ लगाओ , जंगलों को मत काटो  ,

तभी तो हवाएँ , चलेंगी सभी ओर  ,

और खुश्बुएँ भी  , उड़ेंगी सभी ओर  ,

महकाएँगी सारा जहां  , ये धरा , ये फलक  ,

सबसे ज्यादा महकाएँगी , हमारा दिल  , हमारा जीवन   ||  

 

Wednesday, July 8, 2026

PURAANE DIN ( KSHANIKAA )

 

                          पुराने दिन 

 

कभी कुछ दिन इतने सुंदर  थे  , प्यारे से दिन  ,

जब कॉलेज में पढ़ते थे , पढ़ाई के दिन  ,

दोस्तों के साथ रहते थे  , शरारतों के दिन  ,

कितना सुंदर समय था  ?  कॉलेज के दिन   || 

 

आज याद करने पर , बहुत याद आते  , 

वो दिन  , पल छिन , दोस्तों के संग खिलखिलाहटें  ,

वो मुस्कुराते हुए दिन  , गुनगुनाते हुए दिन  ,

दौड़ते - भागते हुए बीते हुए दिन   || 

 

राहें भी दौड़ के सामने हुईं छोटी  ,

मुस्कानों ने बढ़ कर जगाए कहकहे  ,

कहकहों से दोस्तों की , महफिल  खिलखिलाई , 

 और सभी के दिलों की धड़कन जगाई    || 

 

दोस्तों आपको भी अपने  , पुराने दिन याद हैं क्या  ?

कभी उन दिनों की याद में  , मुस्काए हो क्या  ?

चलो फिर से एक बार  , याद करो तो जरा   || 

 

Tuesday, July 7, 2026

MAHAKENGII ( KSHANIKAA )

 

                            महकेंगी 

 

मेरे उगाए छोटे - छोटे पौधों पर  , खिले जब सुंदर फूल  ,

फूलों के रंग खिले , मेरी साँसें महकीं ,

तितलियाँ फर - फर उड़ीं , फूल खुश हुए  , 

अपनी साँसें महकने से , मेरे होंठ मुस्काए  || 

 

तितलियों और फूलों  का  ये रिश्ता  ,

आगे ही आगे बढ़ता रहा  ,

फूलों की महक और बढ़ी , और बढ़ी  ,

मेरी साँसें भी महकती , और महकती रहीं   || 

 

तुम भी फूलों के पौधे लगाओ दोस्तों  ,

उन पौधों पर जब , फूल खिलेंगे , महकेंगे  ,

तब तुम्हारी साँसें भी महकेंगी , और होंठ मुस्काएँगे  || 

 

Monday, July 6, 2026

LASSII ( KSHANIKAA )

 

                                  लस्सी 

 

सत्य को सत्य ही रहने दो दोस्तों  ,

झूठ की सीढ़ी ना चढ़ाओ उसको  ,

माना आज मिलावट का जमाना है  ,

मगर तुम सच - झूठ की ,लस्सी ना बनाओ दोस्तों  ||  

 

आशा और भरोसे की  , लस्सी जो बनाओगे दोस्तों  ,

ऐसी स्वाद लस्सी को , सबको जो पिलाओगे  ,

तो प्यार और मुस्कानें , जग में फैलाओगे   || 

 

अच्छे बोल ना बोल सको दोस्तों  ,

तो बुरे शब्द भी ना बोलो दोस्तों   ,

मौन रहकर मुस्कान की , लस्सी पिला दो दोस्तों   || 

 

जिंदगी की राहें तो , बार - बार मुड़ती हैं  ,

हर मोड़ एक नया , अनुभव दे जाता है  ,

उन अनुभवों को  , महसूस तो करो  ,

मगर उनकी लस्सी , ना बनाओ दोस्तों   || 

 

Sunday, July 5, 2026

MAUN ( PREM )

 

                         मौन 

 

शब्द ऐसे बोलो दोस्तों  , जो मौन से भी सुंदर हो  ,

होठों पर सुंदर सी  , मीठी सी मुस्कान  ,

उन्हीं से लो दोस्तों  , बोलों  का काम   || 

 

मौन है दिल की भाषा  , जिसे  दिल  समझता है  ,

जवाब  भी देता है  , दूजे के दिल को समझाता है  ,

और दोनों के दिल खुश हो जाते हैं   || 

 

 मौन है आँखों की भाषा  ,

यही आँखों में चमक लाता है  ,

आँखों ही आँखों में  , सब कुछ कह जाता है  ,

जीवन को सुंदर और  , संगीतमय बन जाता है   || 

 

मौन को प्यार से , अपना लो दोस्तों ,

मौन को प्यार में , डुबा लो दोस्तों  ,

तो मौन संसार की , सबसे सुंदर  ,

भाषा बन जाएगा  , और जग में प्यार बरसाएगा   ||  

 

 

Saturday, July 4, 2026

JHILMILATAA ( CHANDRAMAA )

 

                           झिलमिलाता 

 

जिंदगी भर नहीं भूलेगी , वो तारों से भरी रात  ,

किसी अनजाने से , अचानक ही , मुलाकात की रात   || 

 

हाय वो धरा का तारों से  , झिलमिलाता  आँचल  ,

धरा के रूप को देखा , तो चाँद भी हुआ पागल  ,

उसने भेजी अपनी चंदनिया  , बनी सौगात की रात  || 

 

चंदनिया ने लपेटा धरा को , जब अपनी बाँहों में  ,

धरा भी तो सिमट गई , सुंदर सी पनाहों में  ,

यही तो बन गई दोनों के , मिलन की रात   || 

 

देख कर जग ये , रूप  धरती का  ,

मुस्कानें सज गईं , सभी के चेहरे पर  ,

खिलखिला उठी जोरों से , अनोखी सी ये रात    || 

 

Friday, July 3, 2026

CHAMCHAMAYAA ( GEET )

 

                          चमचमाया 

 

नफरतों के काँटे , क्यों उगाए तुमने  ?

हमने तो प्रीत का , कमल खिलाया है  ,

गगना में रवि , भोर में उदित हुआ , 

रात में चंद्रमा  , चमचमाया है    || 

 

दुश्मनी कभी , किसी से ना करना  ,

दोस्ती ने मुस्कान , को जगाया है  ,

जिंदगी की राहों में , हर कदम पर  ,

दोस्तों  ने ही  , फूलों को बिछाया है   || 

 

नदियों का पानी , शीतल और मीठा है  ,

सागर ने ही , उसे खारा   बनाया है  ,

 तुम नदी के पानी , की तरह रहो दोस्तों  ,

सागर ने तुम्हें , मिलने बुलाया है   || 

 

गगना में बदरा छाए , तो बरखा बरसी , 

बरखा ने रिमझिम  , का गीत गाया है  ,

गगना ने उस  , रिमझिम में भी  ,

इंद्रधनुष अपने  , अँगना में सजाया है   || 

 

Thursday, July 2, 2026

ANTAR SEY ( JALAD AA )

 

                          अंतर से 

 

छाए जो बदरा गगना में ,मोर की आवाज गूँजी धरा पे ,

नाचे जो मोर धरा पे  , मानव ह्रदय मुस्काया  , 

खिलखिला उठा  मेरा ह्रदय  , ये आवाज अंतर से आई  || 

 

चमकी दामिनी उसने , बदरा को भी चमकाया  ,

उसकी कड़कड़ाहट ने , धरा का दिल दहलाया  ,

मगर दामिनी ने पूरा  , जग ही चमकाया   || 

 

बदरा से जो बूँदें बरसीं  , रिमझिम की फुहार में  ,

उसी रिमझिम  में तन और ,मन हमारा भीग गया  ,

और साथ ही रिमझिम में , तन - मन झूल गया   || 

  

Wednesday, July 1, 2026

PREM - PATRA ( PREM )

 

                            प्रेम - पत्र 

 

सारी धरा बन जाए कागज  , सागर बने स्याही  ,

कलम बनाऊँ पेड़ से , तभी लिख पाऊँ प्रेम - पत्र  || 

 

गगन के तारे , दिल के भाव उतारें , उस पत्र में  ,

परिंदों के स्वर , गीत का रूप लें , उस पत्र में  ,

जुगनुओं की चमक सज जाए , उस पत्र में  ,

तभी तो पूरा होगा , मेरा प्रेम - पत्र   || 

 

जीवन प्रकृति से जुड़ा है दोस्तों  ,

उसी ने तो ये जीवन दिया है दोस्तों  ,

प्रकृति के बचने से ही , जीवन बचेगा दोस्तों  ,

दोनों बचेंगे तभी पूरा होगा , मेरा प्रेम - पत्र   || 

 

मीठे से शब्द हों  , भावों से भरे हों  ,

होठों पे मुस्कान हो , आँखों में चमक हो  ,

तभी तो प्रकृति भी मुस्कुराएगी  ,

उसी से तो पूरा होगा  , मेरा प्रेम  -  पत्र   || 

 

Tuesday, June 30, 2026

DWAAR SAAGAR KAA ( RATNAAKAR )

 

                         द्वार सागर का 

 

सागर मैं आई हूँ  , तू हाथ बढ़ा अपना  ,

थाम कर  मेरा हाथ , खोल दे द्वार अपना  ,

मैं कैसे पहचानूँ  ? खुद ही तेरे द्वार को , 

कहीं भी किवड़िया नहीं है  , ना कोई कुंडी ही है   || 

 

ना कोई घंटी ही है सागर    ,

हर  ओर  लहरें उछल रही हैं  ,

उन्हीं का शोरगुल   बहुत है   || 

 

लहरों को बोल सागर  , रस्ता मुझे दिखाएँ  ,

अंदर मुझे हाथ थाम कर ले जाएँ  ,

तेरे ही कहने पर , वो ले जाएँगी मुझे  ,

वरना तो वो चंचला , भिगोती हैं सिर्फ मुझे  ,

खेल खिलाती हैं मुझे , प्यार दिखाती हैं मुझे   || 

 

Monday, June 29, 2026

RANGON KII KAHAANII ( SAAMAJIK )

 

                        रंगों की कहानी   

 

                   हर रंग कुछ कहता है दोस्तों  ,

नीला रंग  --- है आसमान का , इतना विशाल ,

                  जिसे कोई नाप ना सके , इतना सुंदर ,

                  जो आँखों को चमका दे  ,

                  दिल में सुंदरता और विशालता को भर दे   || 

 

पीला रंग  ---  सोने जैसा , चम - चम चमकता  ,

                    कीमती और स्वर्ण युग की याद दिलाता  ,

                   ये रंग कमजोरी का  भी  प्रतीक  है  || 

 

हरा रंग  --- हरियाली का प्रतीक , 

                  धरा की उपज हरे रंग की  , जंगल हरे - भरे ,

                  जो प्रकृति का खजाना हैं , मानव के जीवन की ,

                  आवश्यकताओं की पूर्ति करते   || 

 

लाल रंग  ---  मनुष्य के शरीर की  नलिकाओं में  ,

                    बहते लहू का रंग , जो मानव के   ,

                    शरीर में दौड़ते  -  दौड़ते ही ,हर कोशिका में ,

                    ऊर्जा का संचार करता है , हवा , पानी पहुँचाता है ,

                   और शरीर से  कचरा , गंदगी बाहर निकलता  है  || 

 

काला रंग  ---  सभी रंगों को अपने में समा लेता है  ,

                     निराशावाद का , बुराई का प्रतीक है ,

                     कोशिश करो , इससे दूर रहने    की ,

                     सफलता मिले ना मिले , मगर फिर भी जरूरी है  || 

 

सफेद रंग  --- सभी रंगों को मिलाने पर , 

                     शुद्ध ,सफेद रंग जन्म लेता है  ,

                    अच्छाई , आशाओं को जन्म देता है ,     

                    अपनाओ और आगे बढ़ चलो   दोस्तों   || 

 

                    इन्हीं रंगों ने आपस में मिलकर , 

                     कई रंग बनाए हैं , उन रंगों की ,

                      अलग - अलग कहानियाँ हैं दोस्तों ,

                      दुनिया में रंगों की कहानियाँ बहुत हैं  ,

                    यह दुनिया उन कहानियों से ही चमचमाती है ||  

Sunday, June 28, 2026

ANUVAAD ( KSHANIKAA )

 

                         अनुवाद 

 

भाषाओं का करते   तुम  ,    

अर्थ उसका समझाते हो तुम  ,

हिंदी में कर सकते हो तुम  ,

सभी भाषाओं का अनुवाद तुम   || 

 

मगर बताओ दोस्तों क्या तुम   ?

कर सकते हो अनुवाद अहसासों का तुम  ?

अगर यह अनुवाद कर दोगे तो  ,

मान जाएँगे तुम्हारे ज्ञान कोश को हम  ||  

 

 बताओ  तो  क्या कर पाओगे तुम  ?

यह अनुवाद तो बहुत जरुरी हैं दोस्तों  ,

दिल और दिमाग की सोच और प्रीत का  ,

अनुवाद करने की बहुत जरूरत है   || 

 

Saturday, June 27, 2026

AHASAAS ( PREM )

 

                               अहसास 

 

सनसनाती हवा उड़ी  , सभी को साँसों का उपहार देती  ,

बदरा को उड़ाती साथ - साथ  , बरखा को धरा तक पहुँचाती  ,

दामिनी की चमक और , कड़कड़ाहट को गुँजाती  ,

आओ हवा को प्यार करो दोस्तों   || 

 

हवा जो बहती कभी धीरे  , कभी तेज  ,

धीरे बहे तो बयार है  , तेज बहे तो आँधी  है  ,

बयार देती साँसें , आँधी जग को नुकसान पहुँचाती , 

आओ बयार को प्यार करो  दोस्तों   || 

 

कोई रंग नहीं है हवा का  , ना रूप है   ,

सिर्फ अहसास ही अहसास है  ,

 ये  अहसास ही होठों पर  , ला देता मुस्कान है  ,

आओ इस अहसास को  , प्यार करो दोस्तों   || 

 

जग में अहसास ही तो  , दिल में प्रेम जगाता है ,

बाकि कोई भाव ऐसा नहीं , जो दिल में प्रेम जगा सके   || 

 

 

Friday, June 26, 2026

GUNGUNAYAA ( GEET )

 

                            गुनगुनाया 

 

संगीत तुमने शुरु किया  , शब्दों को हमने पिरोया ,

सुर तुमने लगाए दोस्तों  , ताल को हमने लगाया  ,

गीत जब बन गया दोस्तों  , तब हमने उसे गाया  || 

 

प्यार में डूबे शब्दों को , हमने दिल से लगाया  ,

गीत को हमने तो , लय में हमने डुबाया  ,

रंगों में डुबाकर  ही  , गीत को रंगीन बनाया   || 

 

शब्द तो निकले थे दिल से  ,

ताल को भी दिल ने ही बनाया  ,

इन्हीं गीतों को हमने दोस्तों   ,

अपने दिल से ही गुनगुनाया  ,

इन गीतों की मिठास देख कर  ,

जग ने भी उन्हें गुनगुनाया    || 

 

Thursday, June 25, 2026

SAHAN - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                       सहन - शक्ति 

 

कागज और कलम ,दोनों ही दोस्त हैं  ,

कलम कागज पर , हमेशा कुछ लिखती रहती है ,

कागज को दर्द तो  , होता होगा दोस्तों  ,

मगर कागज कलम का , साथ नहीं छोड़ता   || 

 

कागज कलम को , प्यार तो करता है  ,

कलम भी तो कागज को , प्यार करती है  ,

तभी तो दोनों का  , साथ निभ रहा है  ,

राहों में आगे - आगे  बढ़ रहा है  || 

 

कागज में बहुत , सहन - शक्ति  है दोस्तों  ,

हर दर्द को  ,  सहन कर लेता है  ,

काश मानव में थोड़ी  , सहन - शक्ति तो होती  ,

जिससे दोस्त बने रहते  , रिश्ते बने रहते  ||  

Wednesday, June 24, 2026

JAMAANAA ( PREM )

 

                      जमाना 

 

था एक जमाना चिट्ठी का   ,

कागज के पुर्जे पर लिखते थे  , 

सुंदर - सुंदर   मन के  भाव  ,

भेजे जाते थे अपनों के पास  ,

प्यार भरे दिल की  बातें  ,

पहुँच जातीं अपनों के पास   || 

 

आज चिट्ठियाँ नहीं कोई ,

 मोबाइल हैं , मैसेज हैं , 

ना ही कागज का काम है  ,

 ना कलम का काम है  ,

कागज , कलम और चिट्ठी में  ,

 भावों का ही वास था  || 

 

एक के भाव पहुँचते , थे दूजे के पास  ,

मुस्कान जगती थीं होठों पर  ,

प्यार चमकता था आँखों में  ,

वो ही  चिट्ठियाँ देती थीं जीवन  ,

आपस के रिश्तों में मिठास   || 

 

Tuesday, June 23, 2026

CHAKKAR ( KSHANIKAA )

 

                              चक्कर 

 

जीवन की राहों में , चक्कर भी आते हैं दोस्तों  ,

उन चक्करों में , जीवन भी घूम जाता है दोस्तों  ,

उन  चक्करों पर , ध्यान ना दो दोस्तों ,

खुद को  चक्करों में , फंसने ना दो दोस्तों   || 

 

अगर फंसे चक्कर में , तो समझो मंझधार में फंसे ,

फिर ना निकल पाओगे दोस्तों  ,

इसलिए पहले ही समझ जाओ , और बच जाओ   || 

 

सीधी बहती नदिया के , साथ बहो दोस्तों  ,

बहाव तो तेज होगा , मगर मंझधार नहीं मिलेगा ,

तो चलो शुरु हो जाओ , और चक्करों से बचो   || 

 

नदिया की धार सीधी , सरल , शीतल मिलेगी  ,

प्यार   और मिठास देगी , तो मुस्कुराओ ,

और नदिया के साथ बहो दोस्तों   || 

 

Monday, June 22, 2026

HEY SHAARDEY MAA ( AADHYAATMIK )

 

                 हे शारदे माँ 

 

हे शारदे माँ , हे शारदे माँ  , 

जीवन सभी का , तू तार दे  माँ ,

ज्ञान का सब को , भंडार दे माँ  ,

राहों में सभी के  , दीप जला दे  ,

मंजिलों की राहें , सभी को दिखा दे  ,

हे शारदे माँ  , हे शारदे माँ   || 

 

लेखनी में  शब्दों  का , संसार दे माँ  ,

सद्बुद्धि का सब को , वरदान दे  माँ  ,

होठों पे सभी के , मुस्कान दे माँ  ,

 हे शारदे माँ  , हे शारदे माँ   || 

 

तू तो है माता , ज्ञान का सागर  ,

हम खड़े हैं माँ  , तेरे द्वार  आ  कर  ,

प्यार बरसा दे  , करुणा बरसा दे  , जीवन तू तार दे  ,

हे  शारदे माँ  , हे शारदे माँ   || 

 

Sunday, June 21, 2026

EK SAATH ( PREM )

 

                       एक साथ  

 

तेरी मुस्कान , मेरी मुस्कान , दौड़ पड़ीं  ,

जिंदगी की राह में , एक दूजे का हाथ थाम  ,

फिर खिलखिलाईं दोनों ,एक साथ  ,

तो आँखों में चमक आई , एक साथ   || 

 

मुस्कानों ने दी हिम्मत , मुझे और तुम्हें , 

चलने की , दौड़ने की , जिंदगी की राह में  ,

ये हिम्मत ही तो , जिंदगी की राहों में ,

खुशी - खुशी पार कराएगी दोस्तों   || 

 

जिंदगी की राहें , जब पार हो जाएँगी  ,

तभी तो जीवन , सफल हो जाएगा  ,

प्यार के फूल  ,जब खिलेंगे दोस्तों  ,

तब सब कुछ ही  , महक जाएगा  दोस्तों   ||  

Saturday, June 20, 2026

YOG DIVAS ( DESH )

 

              योग दिवस 

 

महर्षि पतञ्जलि ने सिखाया , भारतियों  को योगाभ्यास  ,

 उन्हीं  के  पदचिन्हों पर  , किया  गया योगाभ्यास  ,

महर्षि की योग विद्या , का अनुसरण  ,

करके अनेक गुरुओं ने , किया योगाभ्यास   || 

 

पूरे भारत ने इसे , अपनाया दोस्तों ,

भारत की योग विद्या  , को अपनाया ,

दुनिया के देशों ने और ,

आज है दोस्तों  , अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस  ,

सभी  को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की  ,

बहुत - बहुत बधाई  || 

 

तो योग को अपनाओ दोस्तों ,

अपना स्वास्थ्य सुंदर बनाओ दोस्तों  ,

मस्त और मुस्कान भरा , जीवन बिताओ दोस्तों   || 

 

DERAA - GHERAA ( KSHANIKAA )

 

                           डेरा - घेरा 

 

हर जिंदगी में समस्याओं का डेरा है  ,

जिसने हर जिंदगी को घेरा है दोस्तों  ,

समस्या के आने पर तनाव ना लो तुम  ,

उस समस्या का समाधान ढूँढो तुम   || 

 

कोशिश करने पर , भगवान भी मिल जाते हैं ,

यह कहावत जग में , सभी जानते हैं  ,

कोशिश करने पर ही , समाधान भी ,

मिल सकता है , तो कोशिशें जारी रखो दोस्तों  || 

 

तुम्हारी कोशिशें ही  , समस्याओं के जाल को  ,

तोड़ पाएँगी , और उन्हें सुलझा लेंगी  ,

तो  कोशिश करने में , जुट जाओ दोस्तों  ,

और समाधान को खोज लो दोस्तों   || 

 

Thursday, June 18, 2026

RAAHEN ALAG - ALAG ( PREM )

 

                        राहें  अलग - अलग 

 

सीधी , सच्ची राहें पकड़ीं हमने , सभी खुश हुए ,

दूजों ने तो झूठ और , टेढ़ी  राहें पकड़ीं थीं दोस्तों  ,

उन्हीं राहों के जरिए तो , उनका फायदा था दोस्तों   || 

 

इस दुनिया के रंग हैं निराले ,ढंग हैं निराले , 

अपनी राहों को ही सब  , अच्छी समझते हैं सभी , 

इसीलिए दूजों को गलत ही , साबित करना चाहते हैं सभी  || 

 

दोस्तों तुम अपने दोस्तों , पर  भरोसा करना ,

उनकी  राहों को , उनकी सोच को , सच्चा समझना  ,

उनकी सोच का , अनुसरण करना  ,

उनकी अपनाई राहों पर , तुम चलना  || 

 

दोस्तों का प्रेम ही , राहें सुगम बनाता है  ,

तुमको सरलता से , उन राहों पर चलाता है  ,

तो प्यार लिए दिल में  , उन पर चलो दोस्तों  ,

हम भी ऐसा ही , करेंगे दोस्तों   || 

 

Wednesday, June 17, 2026

SAMAY CHURAAO ( KSHANIKAA )

 

                                   समय  चुराओ  

 

पहले सोचा था , बाद में समय मिलेगा  ,

तब सारे अरमां पूरे करेंगे हम  ,

कुछ समय बाद भी , यही सोच रही हमारी ,

आज भी दोस्तों यही सोच है   || 

 

समय तो पहले भी कम था , आज भी कम है  ,

तो कब समय मिलेगा  ? जो अरमां पूरे होंगे  ,

जीवन ऐसे ही सूखा - सूखा बीत रहा है  || 

 

पता नहीं आगे क्या होगा दोस्तों  ?

समय निकलेगा या नहीं  ? अरमां पूरे करने के लिए  ,

तो दोस्तों अपने अरमां , लगातार पूरे करिए दोस्तों   || 

 

थोड़ा समय भी व्यर्थ ना जाने दो  ,

कोई विशेष समय नहीं आएगा  , 

जिंदगी से समय तो तुम्हें ही  ,

चुराना पड़ेगा  अपने  अरमां पूरे करने के लिए   || 

 

जिंदगी बीतने से पहले अपने , अरमां पूरे करो दोस्तों ,

ये काम जरूरी है , अपनी इच्छा अधूरी छोड़ना गलत है  ,

दिल -ओ - दिमाग दोनों को कष्ट होगा दोस्तों   ,

कष्ट सहन ना करो , और अरमां पूरे करो   ||   

 

 

Tuesday, June 16, 2026

JINDGII ( GEET )

 

                          जिंदगी 

 

जिंदगी है एक चाय की प्याली ,

कभी ठंडी , कभी गरम ,

कभी मीठी , कभी फीकी  ,

उठाओ प्याली और भरो एक सिप  ,

स्वाद आ जाएगा दोस्तों  || 

 

जिंदगी फूलों का चमन है दोस्तों  ,

रंगों और महक से भरा हुआ ,

रंगों से जीवन और महक से  ,

साँसें महका लो दोस्तों   || 

 

जिंदगी तारों भरा आसमां है दोस्तों  ,

चंदा , तारे सभी झिलमिलाते हैं दोस्तों  ,

उनकी चमक और झिलमिलाहट से  ,

अपनी चूनर को सजा लो दोस्तों   || 

 

जिंदगी भोर का उदित होता रवि है ,

रवि - किरणें जीवन को जगमगाती हैं  ,

जीवन उन्हीं किरणों से ऊर्जा पाता है  ,

सारा जग उन्हीं किरणों से चलता है   || 

  

Monday, June 15, 2026

NAA CHHALKAANAA ( PREM )

 

                     ना  छलकाना 

 

जो आया इस दुनिया में  ,एक दिन चला जाएगा  ,

जो भेजा गया इस दुनिया में , वापस बुलाया जाएगा  ,

मैं जो आई इस दुनिया में  , वापस चली जाऊँगी  ,

राह मुझे नहीं पता  दोस्तों  , पर चली जाऊँगी   || 

 

उस समय दोस्तों , आँसू ना गिराना  ,

उस समय दोस्तों  , दो प्यार भरे मेरे बोल  याद करना  ,

वो बोल तुम्हारे होठों पर , मुस्कान लाएँगे  ,

वो बोल तुम्हारे दिल में  , प्यार जगाएँगे   || 

 

प्यार और दिल का , रिश्ता सुंदर है  ,

प्यार दिल में  , बसता है और  ,

दिल प्यार में , डूब जाता है दोस्तों  ,

इसलिए हमेशा मुस्कुराते रहना  ,

जिंदगी कीमती है , उसकी कीमत समझना  ,

दोस्तों को हमेशा प्यार करना  ,

आँसू ना छलकाना  , आँसू ना छलकाना   ||  

 

Sunday, June 14, 2026

SWEEKAAR ( AADHYAATMIK )

 

                           स्वीकार 

 

हर काम का रचेता ने , वक्त तय किया दोस्तों  ,

चिंता मत करो , उसी वक्त काम पूरा होगा दोस्तों  ,

मुस्कुरा कर उस वक्त का , स्वागत करो दोस्तों   || 

 

उस रचेता ने तुम्हारे लिए , कुछ अच्छा ही चुना होगा  ,

तुम्हारी तो चाहतें , कुछ भी हो सकती हैं  ,

कुछ अच्छी कुछ , साधारण हो सकती हैं  , 

जो तुम्हारे लिए अच्छी ना हों   ||  

 

मगर रचेता का चुना हुआ , तो तुम्हारे जीवन ,

के लिए बहुत सुंदर , और अच्छा होगा  ,

उसे अपने दिल से , स्वीकार करो दोस्तों   || 

 

Saturday, June 13, 2026

KOSHISH ( KSHANIKAA )

 

                            कोशिश  

 

हर समय बीत जाता है , अच्छा भी बीत जाता है  ,

बुरा भी बीत जाता है  , सोच लो दोस्तों  ,

जब कल बीत गया  , तो आज भी बीत जाएगा  ,

तो आने वाले का , इंतजार करो दोस्तों   || 

 

क़दमों को ना रोकना दोस्तों  ,

कदम ही तो आज को  , कल में बदलेंगे  ,

 कदम के साथ ही  , अपनी सोच को भी  ,

जोड़कर मंजिल की , ओर बढ़ जाओ दोस्तों   || 

 

कदम , सोच से मिल कर , सही दिशा में  ,

बढ़ेंगे तो , मंजिल जल्दी और जरूर मिलेगी  ,

तो कोशिश करके , मंजिल को पा लो दोस्तों   || 

 

Friday, June 12, 2026

JAZBAA ( KSHANIKAA )

 

                        जज़्बा 

 

प्यार के ढाई अक्षरों को , दिल में बसा लो यारों  ,

दुनिया में सबसे सुंदर , जज़्बा है प्यार का यारों  ,

एक का प्यार दूसरे को , प्यार में डुबाता यारों  ,

सभी के होठों पर यह , मुस्कान है लाता यारों   || 

 

अपनी लेखनी में ये जज़्बा , तो छुपा लो यारों  ,

धीरे - धीरे इस जज़्बे को , जग में फैला दो यारों  ,

तभी तो ये जज़्बा , जग में फैल जाएगा यारों   || 

 

कर्म अपने - अपने होते यारों  ,

जज़्बे भी अपने - अपने होते यारों  ,

कर्म और जज़्बों को मेल कराओ यारों  ,

जीवन को सुंदरतम बनाओ यारों   ||  

Thursday, June 11, 2026

CHHOTII ( KSHANIKAA )

 

                             छोटी 

 

जादू की झप्पी ,जो दोगे किसी को ,

प्यार को तुम बढ़ाओगे दोस्तों  ,

उनके आँसुओं को सुखा  दोगे दोस्तों  ,

उनकी मुस्कानों को बढ़ा दोगे दोस्तों , 

तो आगे बढ़कर , जादू की झप्पी दे दो दोस्तों  || 

 

घनघोर अंधकार में एक छोटा सा  ,

दीया तो जला दो दोस्तों , 

सुंदर सी किरण , रोशन हो जाएगी  , 

अंधकार रोशनी  से चमक उठेगा  ,

तो आगे आओ , किसी के ,

घर का अंधकार मिटा दो दोस्तों   || 

 

 छोटी - छोटी मीठी यादों को याद करो  ,

दूसरों को भी उनकी याद दिलाओ दोस्तों  ,

दूसरों में मुस्कानें बाँटो दोस्तों  ,

और खुद   भी मुस्कुरा लो दोस्तों  || 

 

इन्हीं कामों को करके जीवन में ,

उजाले , सुंदरता ,प्यार और मुस्कानें , 

बाँटो और खुद भी अपनाओ दोस्तों   || 

 

Wednesday, June 10, 2026

MAHAABHARAT GHAR - GHAR KII ( SAAMAAJIK )

 

                        महाभारत घर - घर  की 

 

महाभारत की कहानी पढ़ी जाती है  ,

इस कहानी पर नाटक और सीरियल बनते हैं  ,

मगर दोस्तों आज घर - घर की  ,

महाभारत को कोई नहीं समझता है   || 

 

ताकतवर घर का , सब कुछ छीन लेता है  ,

दूसरे को वह कुछ नहीं देना चाहता है  ,

जिम्मेदारी ताकतवर नहीं उठाता है  ,

दूसरे को थमा देता है   || 

 

जो जिम्मेदारी उठाता है,बेवकूफ,कमजोर कहलाता है  ,

और ताकतवर मौज उड़ाता है  , 

आज भी हर घर में  , महाभारत ही चलती है  ,

नाम अलग हैं , मगर कहानी वही है  || 

 

एक जिम्मेदारी उठाने वाले को ,

सारी की सारी जिम्मेदारियाँ  दे दी जाती हैं , 

वही भीष्म है , वही विदुर है , वही पांडव हैं  ,

सामने दुर्योधन , दुशासन , शकुनि विराजमान हैं  || 

 

कर्ण जैसा तो बहुत ही  बुरे  ,हालातों से पीड़ित है ,

माँ का त्यागा हुआ  जरूरत पड़ने पर , 

वही माँ उसे ,नया पाठ पढ़ाती है   ,

घरों में भी यही हाल है  ,

जरूरत पड़ने पर दो मीठे बोलों से ,

उसे ठग लिया जाता है दोस्तों   || 

 

BADALAA PRAKRITI KAA ( KSHANIKAA )

 

                        बदला प्रकृति का  

 

ईश्वर ने जब दुनिया बनाने की शुरुआत की  ,

तो एक बड़ी गूँज हुई  , जो ईश्वर के ,

पूरे कार्य को आगे बढ़ा गई  ,

जो मैटीरियल था , उसे फैला दिया  ,

इसे नाम मिला बिग बैंग  ( बड़ी गूँज  )  || 

 

बिग बैंग से उत्पन्न छोटे - बड़े टुकड़े  ,

चारों तरफ को सभी जा बिखरे  ,

बीच के टुकड़े के चारों और घूमें , 

गोल घूमते हुए सभी गोल हो गए   || 

 

धीरे - धीरे ये पिंडठंडे हुए  ,

बीच का गर्म पिंड  सभी को ऊर्जा देता रहा ,

 उन्हीं में से एक पिंड पर जीवन जन्मा ,

सभी जीव - जंतु , वनस्पतियाँ और मानव   || 

 

आज मानव विज्ञान के सहारे  ,

बहुत आगे बढ़ चला , मगर उसने ,

प्रकृति को तबाह कर दिया  ,

और उसी का बदला , प्रकृति मानव से  ,

लेती जा  रही है  ,

मानव को डुबाती जा रही है  ||  

Monday, June 8, 2026

MAISEJ ( KSHANIKAA )

 

                            मैसेज 

 

मोबाईल  फोन आने के बाद  ,

प्रायः सभी लोग अपने दोस्तों को ,

मैसेज भेजते रहते हैं  ,

मस्त - मस्त मैसेज मुस्कान दे जाते हैं   || 

 

कॉल करके बात करने से  , मैसेज सस्ते होते हैं  ,

पर अगर अर्थ गलत , कोई निकाल ले  , 

तो नींद उड़ा देते हैं , तनाव बढ़ाते हैं  ,

मगर ये मैसेज ही , मुस्कानें दे जाते हैं  || 

 

दोस्तों का प्यार , मिलता रहता है मैसेज से  , 

मैसेज लंबी दूरियों को , खत्म करके ,

दोस्तों को पास बुलाते हैं  , उनसे मुलाकात कराते हैं   ||  

Sunday, June 7, 2026

SANVAARO ( KSHANIKAA )

 

                            संवारो 

 

कुछ चाहतें  , कुछ इच्छाएँ , जिन्हें शौक कहते हैं  ,

हम शौक की लहरों के साथ , बह चले दोस्तों  ,

उस बहाव में जुड़ीं , मुस्कानें दोस्तों  ,

साथ ही जुड़ा तुम्हारा , साथ और प्यार दोस्तों  || 

 

शौक की लहरें , तो तेजी से बहती हैं  ,

उनके बहाव के साथ ही , अपनी भी गति बढ़ाओ दोस्तों ,

तभी तो साथ - साथ बह पाओगे  ,

और मुस्कुराहटों के साथ , जीवन बिताओगे दोस्तों  || 

 

तुम अपने शौक , किसके साथ जोड़ोगे दोस्तों  ?

इतनी सुंदर ये दुनिया है , प्रकृति है  ,

तो प्रकृति के साथ ही , जोड़ लो दोस्तों  ,

प्यार और प्यार कर लो , प्रकृति को दोस्तों  ,

संवारो और सुंदर बना लो , प्रकृति को दोस्तों    ||