Monday, June 8, 2026

MAISEJ ( KSHANIKAA )

 

                            मैसेज 

 

मोबाईल  फोन आने के बाद  ,

प्रायः सभी लोग अपने दोस्तों को ,

मैसेज भेजते रहते हैं  ,

मस्त - मस्त मैसेज मुस्कान दे जाते हैं   || 

 

कॉल करके बात करने से  , मैसेज सस्ते होते हैं  ,

पर अगर अर्थ गलत , कोई निकाल ले  , 

तो नींद उड़ा देते हैं , तनाव बढ़ाते हैं  ,

मगर ये मैसेज ही , मुस्कानें दे जाते हैं  || 

 

दोस्तों का प्यार , मिलता रहता है मैसेज से  , 

मैसेज लंबी दूरियों को , खत्म करके ,

दोस्तों को पास बुलाते हैं  , उनसे मुलाकात कराते हैं   ||  

Sunday, June 7, 2026

SANVAARO ( KSHANIKAA )

 

                            संवारो 

 

कुछ चाहतें  , कुछ इच्छाएँ , जिन्हें शौक कहते हैं  ,

हम शौक की लहरों के साथ , बह चले दोस्तों  ,

उस बहाव में जुड़ीं , मुस्कानें दोस्तों  ,

साथ ही जुड़ा तुम्हारा , साथ और प्यार दोस्तों  || 

 

शौक की लहरें , तो तेजी से बहती हैं  ,

उनके बहाव के साथ ही , अपनी भी गति बढ़ाओ दोस्तों ,

तभी तो साथ - साथ बह पाओगे  ,

और मुस्कुराहटों के साथ , जीवन बिताओगे दोस्तों  || 

 

तुम अपने शौक , किसके साथ जोड़ोगे दोस्तों  ?

इतनी सुंदर ये दुनिया है , प्रकृति है  ,

तो प्रकृति के साथ ही , जोड़ लो दोस्तों  ,

प्यार और प्यार कर लो , प्रकृति को दोस्तों  ,

संवारो और सुंदर बना लो , प्रकृति को दोस्तों    || 

 

Saturday, June 6, 2026

MEETHE GAANE ( GEET )

 

                              मीठे गाने  

 

कान्हा की बंसी की  , धुन जो पहुँची बरसाने   ,

राधा के कदम दौड़ चले  , यमुना के तट आने   || 

 

गोपियाँ भी सारी की सारी , पहुँची उनके पास  ,

ग्वाले भी आए सारे , शुरु हो गया रास  ,

बंसी और घुँघरु  , बाजे और संग नाचे   || 

 

ऐसा सुंदर रास हुआ  , सारे जग ने देखा   ,

सभी देख - देख कर मुस्काए  ,  रास के  ताने - बाने  ,

राधा संग अब नाचे कन्हाई  , जब शुरु  हो  गए गाने   || 

 

यमुना तट भी नाच उठा , सुनकर सारी आवाजें ,

यमुना जल की लहरें भी उछलीं  , सुनकर सारी आवाजें  ,

सारी दुनिया के जन , झूम उठे सुनकर ये मीठे गाने   || 

 

PYAAR HUAA ( PREM )

 

                           प्यार हुआ  

 

चमन में फूल जब महके , चमन से प्यार हुआ दोस्तों  ,

गगन में चंदा - तारे जब चमके ,गगन से प्यार हुआ दोस्तों  , 

बदरा से बरखा जब बरसी , बदरा से प्यार हुआ दोस्तों  || 

 

पर्वत शिखर से नदिया जब उतरी  , नदिया मैदान में आई ,

लंबा रास्ता पार कर  , नदिया समंदर में समाई , 

नदिया का जल था मीठा , मगर नदिया  ,

समंदर का जल ना मीठा कर पाई   || 

 

भोर में जब सूरज उदित हुआ , धरा चमक उठी  ,

धरा पर जीवन उगा  , जीव - जंतु जन्में ,

पेड़ - पौधे जन्में , उन पेड़ - पौधों से  ,

मानव ने सभी सुविधाएँ पाईं दोस्तों   || 

 

इन सब  हमें प्यार हुआ दोस्तों   ,

आप सब भी उनसे प्यार करो दोस्तों    ||  

 

Friday, June 5, 2026

ANOKHII CHAADAR ( CHANDRAMAA )

 

                          अनोखी चादर 

 

धरा का बना बिछौना  , कितना सुंदर है  ? 

लेटकर उस पर पाया हमने , प्यार धरती माँ का  ,

माँ की गोद में आई चैन की , नींद सुंदर सपने  ,

सपनों में घूमें हम  , सारी दुनिया   || 

 

ओढ़ लिया आसमान हमने  , चादर बना के  ,

शीतल चादर ओढ़ी जब हमने  , आई नींद चैन की  ,

सपनों की दुनिया में पहुँचे  , और दुनिया घूमे   || 

 

बीच रात में नींद खुली तो  , चादर में देखे हमने  ,

चाँद , तारे झिलमिल - झिलमिल करते  ,

दिल हमारा नाच उठा , दोस्तों खुशियों से  ,

होठों पे उतरीं मुस्कानें , चमक गईं आँखें   || 

 

काश जीवन का हर पल , ऐसे ही कटे दोस्तों  ,

दुआ है यह हमारी दोस्तों  ,

ईश इसे पूरा कर देना  , पूरा कर देना   ||  

 

Thursday, June 4, 2026

DAUDAAYAA HAMANE ( GEET )

 

                        दौड़ाया हमने  

 

जीवन की लंबी राहों में , 

क्या खोया  और  क्या पाया  हमने  ?

कुछ प्यार मिला , तो कुछ नफरतें  ,

सब को ही अपनाया  हमने   || 

 

देने वालों ने वही दिया ,

जो कुछ उनकी झोली में था  ,

हमारे दिल में प्यार बसा , होठों पर मुस्कानें थीं  ,

तो वही सब को बाँटा हमने   || 

 

मिले प्यार को हमने दिल में बसाया  ,

नफरत को भुला दिया हमने  ,

प्यार तो बढ़ता गया हमारा  ,

मुस्कानें होठों पे सजा लीं  हमने  || 

 

इस जीवन की धूप - छाँव में  ,

सभी तो चलते जाते हैं  , 

इस जीवन की  टेढ़ी - मेढ़ी राहों में  ,

स्वयं को दौड़ाया हमने   || 

 

Tuesday, June 2, 2026

JARAA - JARAA ( JALAD AA )

 

                          जरा - जरा 

 

मुस्कुराहटें मौसम की , बढ़ गईं हैं आज दोस्तों  ,

कुछ मनचले से बदरा , उड़ आए हैं आज दोस्तों  ,

कुछ बूँदें रिमझिम की  , भिगा गईं हैं आज दोस्तों  ,

दामिनी की चमक भी तो  , बढ़ गई है आज दोस्तों   || 

 

दामिनी की चमक से आँखों की ,चमक भी तो बढ़ गई है  दोस्तों  ,

चमन में फूलों की कतार ,भी तो महक गई है दोस्तों  ,

तितलियों की उड़ान भी तो  , रंगीन बन गई है दोस्तों  ,

उसी के साथ बच्चों की दौड़ , भी तो बढ़ गई है दोस्तों   || 

 

तो आओ दोस्तों हम अपनी , मुस्कानें बढ़ा लें जरा - जरा ,

अपनी आँखों की चमक को भी , हम बढ़ा लें जरा - जरा  ,

अपने बचपन को अपने पास  ,फिर से बुला लें जरा - जरा  ,

बरखा के पानी में कागज की कश्ती , तैरा  लें जरा - जरा   || 

 

Monday, June 1, 2026

EK SEY ANEK ( KSHANIKAA )

 

                              एक से अनेक 

 

प्यार कहो , इश्क कहो ,मोहब्बत कहो या कहो love  ,

एक ही तो बात कह रहे हो दोस्त  ,

दिल का ही तो मामला है दोस्त   || 

 

दिल का मामला तो उलझनों से भरा है  ,

और सरहदों में बंधक नहीं होता  ,

पंछी की तरह कहीं भी उड़ जाता है  दोस्त   || 

 

कहीं भी अपना घर बनाता है  ,

कहीं भी अपने दोस्त बनाता है  ,

ये भी तो दिल की  ,

धड़कनों को बढ़ाता है दोस्त   || 

 

NAACH LAHARON KAA ( RATNAAKAR )

 

                        नाच लहरों का  

 

सागर तू कहाँ खो गया है  ? मैं ढूँढ रही हूँ दोस्त तुझे  ,

तू प्यार मुझे करता है सागर  , मैं प्यार बहुत करती हूँ तुझे  || 

 

हम दोनों का देखकर प्यार  , लहरें भी नाच उठती हैं  ,

उनका नाच देखकर तो , वहाँ खड़े सभी लोग मुस्काते हैं   || 

 

सागर तू भी तो मुस्काता है , ये सब देखकर  ,

जब चंचला लहरें  , नाचती हैं  , छम - छमा - छम  || 

 

सागर तेरा तो घर , सुंदर है कितना   ?

कितने सारे जीव - जंतु  , निवास करें  ?

सभी तो प्यारे - प्यारे हैं  , जो अंदर बसते हैं   ||  

Saturday, May 30, 2026

SOCH LEY BANDEY ( AADHYAATMIK )

 

                       सोच ले बंदे 

 

सोच ले बंदे  , किसने तुझे जीवन दिया  ?

सोच ले बंदे  , किसने तुझे ये जग दिया  ?

सब सुविधाओं से भरपूर ये   ,

अनुपम उपहार दिए   || 

 

सोच ले बंदे ,    किसने तुझे मानव शरीर दिया  ?

जीने के संसाधन दिए  , जो जीवन के लिए जरुरी  हैं  ,

पर तूने क्या  किया मानव   ?

उसके रचे जग को बर्बाद किया   || 

 

उसके बनाए सारे संसाधनों को खत्म किया  ,

सुंदर संसार की सारी सुंदरता को  ,

मानव तूने ही तो बर्बाद किया  ,

फिर भी उसने तुझे आशीष दिया    ||  

Friday, May 29, 2026

AASAAN ( KSHANIKAA )

 

                               आसान 

 

जिंदगी के हर मोड़ ,अलग - अलग होते हैं  ,

उन मोड़ को ध्यान से , पार करो दोस्तों  ,

जब पार हो जाएँगे सभी मोड़  ,

तो जिंदगी की राह , सीधी और आसान होगी दोस्तों   || 

 

हर मोड़ एक नई सीख देता है  ,

हर मोड़ एक नया सबक देता है  ,

जितने मोड़ तुम , पार करोगे जिंदगी में  ,

उतने ही सबक , सीखने को मिलेंगे दोस्तों   || 

 

इतने सबक सीखने के बाद तो  ,

जिंदगी गुणों से , भर जाएगी दोस्तों   ,

आगे बढ़ने के लिए ,    राहें खुल जाएँगी  ,

और जिंदगी सारी  ,  आसान हो जाएगी दोस्तों   || 

 

Thursday, May 28, 2026

SHAUK ( KSHANIAKAA )

   

                           शौक 

 

उम्र तो एक संख्या है यारों  ,

बढ़ती संख्या को  , कोई रुकावट ना समझो यारों  ,

हर उम्र में हम  , अपने शौक पूरे कर सकते यारों   || 

 

गृहस्थी की गाड़ी को चलाने में   ,

हम कोल्हू के बैल के समान ,

जुते रहकर अपनी संतान  , अपने परिवार को ,

चलाते रहते हैं  , मंजिल तक पहुँचाते यारों   || 

 

सेवा निवृत्ति के बाद हमें कुछ समय  ,

खाली भी मिलता है  , उसी समय को ,

हम उस शौक को , पूरा करने में लगा सकते यारों  ,

और होठों की मुस्कान बढ़ा सकते यारों    || 

 

तो जीवन में इस पड़ाव को खुशी - खुशी  ,

स्वीकार कर  यारों  ,

और नई राह को अपना लो यारों  ,

मुस्कुरा कर शौक पूरे कर यारों  ,

दोस्तों की महफिलें  सजा लो यारों    || 

 

Wednesday, May 27, 2026

VISHWAAS ( AADHYAATMIK )

 

                                  विश्वास 

 

कर्म सभी हम चुनते हैं  , और हम ही कर्म करते  हैं  ,

कर्म तो हमारे हाथ में ही हैं  दोस्तों   ,

मगर क्या उन कर्मों का   ?

फल प्राप्त करना  , हमारे हाथ में है दोस्तों    || 

 

किसी भी कर्म का फल देना  ,

तो उस ईश्वर  के हाथ  में है  ,

वही  जो चाहेगा ,  वह फल देगा  हमें  ,

या जो हमारे लिए अच्छा होगा  ,

दोस्तों वह हमें देगा ईश्वर   || 

 

रखो विश्वास उस ईश्वर पर दोस्तों   , 

वह जो देगा , वह हमारे लिए अच्छा ही होगा  ,

अच्छा होगा  , अच्छा होगा दोस्तों    || 

 

Tuesday, May 26, 2026

DUNIYAA ( KSHANIKAA )

 

                             दुनिया 

 

सुंदरता फूलों  की , महकी जब चमन में  ,

जीवन भी तो महक उठा  , दुनिया के आँगन में  ,

पंछियों ने गुनगुनाहट भरी  , उड़ -उड़ कर गगन में  ,

मानव भी गुनगुनाया ,खुशियाँ भर के मन में   || 

 

दिन बीतने लगे धीरे - धीरे ,हरेक जीवन में  ,

खुशियों की ताल बज उठी  , अपने जहन में  ,

चाँद , तारे चमक उठे हैं  , ऊपर नीले गगन में  ,

उनकी चमक से चमक उठा है , मन सभी के तन में   || 

 

दुनिया बहुत सुंदर है दोस्तों  ,

इसे सहेज कर  रखो  दोस्तों  , 

प्यार इस में भर लो दोस्तों   ,

प्यार इसे खूब  कर लो  दोस्तों    ||  

 

Monday, May 25, 2026

KHUD KO ( SAAMAAJIK )

 

                               खुद को 

 

किसी दूजे के लिए , मुस्कान  बिखराने से  पहले  ,

खुद के लिए मुस्कुरा लो दोस्तों  ,

दूसरों को खुश करने से पहले ,

खुद को खुश कर लो दोस्तों   || 

 

हम खुद खुश रहेंगे , खुद के लिए मुस्कुराएँगे  ,

 तभी तो दूसरे भी खुश रहेंगे , और मुस्कुराएँगे  || 

 

अपने दिल को सुकून से भर लो दोस्तों  ,

तभी तो दूसरों के दिल को समझ पाएँगे ,

और उनके दिलों को , सुकून दिला पाऍंगे   || 

 

तो पहले खुद को , शक्तिशाली बना लो  ,

तभी तो दूसरों की , मदद कर पाओगे दोस्तों  ,

इस बात को खुद समझ लो पहले  ,

तभी तो दूसरों को समझ  पाओगे दोस्तों    || 

Sunday, May 24, 2026

RAADHEY - RAADHEY JII ( PREM )

 

                            राधे - राधे जी 

 

मधुबन से तोड़ा , जो फूल कान्हा ने  ,

राधा को देते हुए कहा  , 

राधे ये फूल तुम्हारे लिए  ,

धन्यवाद कान्हा , बहुत -बहुत धन्यवाद  || 

 

कान्हा मुस्कुराए , नीचे बैठकर ,

हाथ का फूल आगे बढ़ाया  ,

और बोले , राधे - राधे जी  || 

 

राधा ने मुस्कुरा कर , दोनों हाथ जोड़े ,

राधा की इस हरकत पर  ,

कान्हा मुस्कुरा दिए  , दोनों ही  ,

खुशी में डूब कर मुस्कुरा दिए  ,

प्रेम में पगी मुस्कुराहट में    || 

 

 

Saturday, May 23, 2026

VIRAASAT ( KSHANIKAA )

 

                             विरासत 

 

किसी भी प्राणी का घर कहाँ होता है दोस्तों  ?

कुछ जीव - जंतु जंगल में रहते हैं  ,

तो कुछ पालतु जीव होते हैं  ,

वो मानव के साथ रहते हैं  ,

मगर बुद्धिमान प्राणी मानव ने अपने लिए ,

कुछ अलग ही दुनिया बसा ली   || 

 

प्रकृति को खूब हानि पहुँचाई  ,

और अपने लिए सुविधाएँ इकट्ठी कीं  ,

धीरे -धीरे जंगल कम हुए , शहर बने  ,

हरियाली कम होती चली गई   ,

जंगली जीव - जंतु कम हो गए  ,

कुछ तो समाप्त ही हो गए   || 

 

हरियाली के कम होने से , मौसम बदल गए ,

पानी की कमी होती चली गई  ,

धरा का तापमान बढ़ा  , ग्लेशियर पिघले  ,

बाढ़ और सूखा आए  , धरा - स्खलन हुए दोस्तों  || 

 

अब बताओ दोस्तों  , क्या मानव बुद्धिमान है   ?

 अपनी सुंदर धरा का , विनाश करने में लगा है  ,

मानव अपने आगे वाली पीढ़ी के लिए  ,

विरासत में क्या छोड़कर जाएगा  ? 

आगे वाली पीढ़ियाँ क्या उसे  ?

सम्मान के साथ याद करेंगी  ?  

नहीं , कभी नहीं  दोस्तों   ||   

 

Friday, May 22, 2026

KADAM - KADAM ( KSHANIKAA )

 

                               कदम  - कदम 

 

कदमों की गति धीमी - धीमी ,ही अच्छी है दोस्तों  ,

अपनी ऊर्जा को , संजोए रखना दोस्तों  ,

जीवन की पूरी राह , तभी  पार होगी दोस्तों    || 

 

लंबी सी राह जीवन की , कदम - कदम चलना है  ,

हर कदम पे कठिनाइयाँ हैं आतीं  ,

मगर चलना तो जरूरी है , तभी राह पूरी होगी  ,

चलो - चलो चलने में , साथ तो जरूरी है दोस्तों   || 

 

रात हो  या या दिन , कदम बढ़ाओ दोस्तों   ,

 सुख हो या दुःख , साथ   निभाओ   दोस्तों  ,

प्यार मिले या नहीं  , चलते ही जाओ दोस्तों   || 

 

कदमों  में   ताकत ,  तो लाओ दोस्तों  ,

साथ ही होठों पे  , मुस्कान  लाओ दोस्तों  ,

इंद्रधनुष के रंगों में , रंग जाओ दोस्तों   || 

 

Thursday, May 21, 2026

SALAAMII ( DESH )

 

                         सलामी 

 

सरहदों पर तैनात हर सिपाही  , देश की रक्षा करता  ,

उसका सारा साहस ही तो  , देश की रक्षा करता  ,

ये साहस ही तो उसको  , मिला है अपनी माँ से  ,

अपनी माँ से , अपनी जननी से  , अपनी भारत माँ से   || 

 

सभी सिपाही हैं अपने , देश की जान  ,

वो ही हैं देश की जान  , अपने देश की शान  ,

ऐसे वीरों को  है ,  हमारा सलाम  , हमारा सलाम  ,

उनकी जननी को भी है  , हमारा सलाम  ,हमारा सलाम  || 

 

उन्हीं वीरों के कारण ही तो  , जग में है देश का ऊँचा नाम  ,

जग में सभी करते हैं , भारत को सलाम  ,भारत को सलाम  ,

जीवन अपना सभी बना लो  , उन वीरों जैसा सुंदर  ,

वीरों जैसा बनो बहादुर  , तभी तो सभी ,

तुमको भी करेंगे , सलाम  , सलाम  ,   सलाम  || 

 

Wednesday, May 20, 2026

CHHAANNII DIL KII ( KSHANIKAA )

 

                             छाननी  दिल की  

 

दिल में एक छाननी लगा लो यारों  ,

जिससे बाहर की सभी बातें  , छन - छन कर  ,

अंदर जाएँ , गलत शब्द , बुरी बातें ,

छाननी में ऊपर ही रह जाएँ , अंदर ना जाएँ  ,

अंदर जाएँ  , अच्छी और मीठी बातें   || 

 

तभी दिल स्वस्थ और सुंदर रहेगा  ,

शांति और प्यार से लबालब रहेगा  ,

दिल की बातें , दिल ही पूरी तरह जानेगा  ,

दूसरा कोई दिल के बारे में , पूरी तरह नहीं जानेगा   || 

 

कोई ऐसा विषय तो बनाओ यारों  ,

जिसमें दिल के बारे में जानना , सिखाया जाए ,

चलो हम भी कोशिश करते हैं  , 

तुम भी खूब कोशिश करो यारों   ||  

Tuesday, May 19, 2026

HAKEEKAT ( KSHANIKAA )

 

                              हकीकत 

 

जिंदगी की क्या हकीकत है यारों  ?

कौन जाने इस राज को यारों  ?

वैसे जानना तो हर कोई चाहता है  ,

मगर उसे जानने की राह , उसे  नहीं है पता   || 

 

कोई जो राह पा जाता है  ,

और हकीकत कुछ - कुछ जान जाता है  ,

तो उसे जानकर परेशान हो जाता है  ,

जिंदगी की हकीकत नहीं जान पाता  ,

वह भी परेशान ही जिंदगी बिताता है   || 

 

जिंदगी की हकीकत तो , कुछ सुख और दुःख है  ,

उसको झेलकर जिंदगी सुकून से बिताना है  ,

दोस्तों मेरे शब्द कुछ उलझन भरे हैं  ,

सुलझा सको तो मुझे भी बताना दोस्तों    || 

 

Monday, May 18, 2026

EK BAAR SAKHEY ( GEET )

 

                             एक बार सखे  

 

बचपन की मीठी यादें , दे जातीं मुस्कान सखे   ,

प्यारे - प्यारे वो खेल हमें , दे जाते मुस्कान सखे  ,

रंग भरे वो खेल - खिलौने  , भर जाते दिल में रंग सखे  || 

 

जीवन में वही तो याद बसी ,बचपन के सुंदर खेलों की  ,

जीवन में वही तो प्यार बसा  , उन शरारती दिनों का  ,

क्या करें कि लौट आए बचपन  ? 

कुछ दिन को ही इक बार सखे    || 

 

तुम साथ हमारे पुकार लो  , 

उन यादों को  , उन खेलों को ,

शायद वो  दिन लौट  आएँ  ,

जीवन में फिर एक बार सखे   || 

 

Sunday, May 17, 2026

NIYAM ( KSHANIKAA )

 

                                      नियम 

 

हर बगीचे में  लिखा होता है , फूल तोड़ना मना है  ,

चित्रों की प्रदर्शनी में लिखा होता है  , चित्र छूना मना है  ,

स्कूल में लिखा होता है  , नियम तोड़ना मना है  ,

तो दोस्तों , दोस्ती , रिश्ते के लिए  , क्यों नहीं  ?

लिखा होता  , साथ छोड़ना मना है    ?? 

 

साथ क्यों छोड़ दिया जाता है   ?

उसके लिए कोई नियम क्यों नहीं है   ?

क्यों एक इंसान दूसरे का साथ   ?

आसानी से छोड़ देता है  ,  क्यों    ??  

 

क्यों राहें बदल जातीं हैं  , दो व्यक्तियों की  ,

क्यों मोड़ अलग कर जाते , दो व्यक्तियों को   ?

क्यों बोल चुप हो जाते  , दो व्यक्तियों के बीच   ?

बताओ दोस्तों ये , मौन कहाँ से आ  बैठा   ?

 दो व्यक्तियों के बीच  , दो व्यक्तियों के बीच   || 

 

Saturday, May 16, 2026

NIIND AUR SAPANEY ( KSHANIKAA )

 

                         नींद और सपने 

 

रात का समां  , चमके चंद्रमा गगना में  ,

आई है निंदिया , ले के सपने आँखों में  ,

ना जाने कहाँ - कहाँ की ,सैर कराते ये सपने  ? 

ना  जाने किस - किस से , मिला देते ये सपने  ?? 

 

जिस किसी से हम , ना मिल पाते जागते हुए  ,

उन्हीं को सपने हमारे , सामने ले आते सोते हुए , 

हम को दुनिया की सैर , करा देते सोते हुए   || 

 

सपनों भरी मीठी नींद , होठों पर मुस्कान ले आती  ,

इन्हीं सपनों की याद , दिन में भी मुस्कान लाती  ,

ये सपने ही तो जरूरी हैं , हमारे जीवन में दोस्तों  ,

अपने सपने , अपनी  नींद  , ही तो जरूरी हैं दोस्तों  || 

 

Friday, May 15, 2026

MAUN ( KSHANIKAA )

 

                               मौन 

 

मौन ना जाने वाचाल की भाषा  , 

वाचाल ना जाने मौन की  ,

वाचाल की बातें , वाचाल का शोर  , 

दुनिया में चहुँ ओर है  || 

 

मौन को जो कोई भी  समझा है ,

वही  इस दुनिया को समझा  ,

वाचाल के शब्दों को  , 

हर कोई समझ जाता है    || 

 

मौन को समझो  , मौन को जानो  ,

दुनिया को भी पहचानो  ,

मौन जब मुखरित होता है  ,

हर कोई उसे समझ जाता है   || 

 

मौन की भाषा सबसे  सुंदर  ,

और सबसे शक्तिशाली है   ,

मौन की सुंदर भाषा को  ,

पूरी तरह  समझ जाओ दोस्तों   ||  

Thursday, May 14, 2026

SILSILAA ? ( JIVAN )

 

                       सिलसिला 

 

पुकारा है हमने तुम्हें दोस्तों  ,

जवाब जल्दी देना हमें दोस्तों  ,

कभी जब सभी आस - पास थे दोस्तों  ,

मिलते रहते थे जल्दी - जल्दी दोस्तों   || 

 

जीवन हरदम दोस्तों के बीच मुस्कुराता है  ,

जीवन हरदम दोस्तों के बीच गुनगुनाता है  ,

अब दूरियाँ बढ़ गईं हैं दोस्तों  ,

मुस्कानों का सिलसिला भी कम हुआ दोस्तों   || 

 

चलो आगे कदम बढ़ाते हैं दोस्तों  ,

संदेशों के जरिए मेलजोल बढ़ाते हैं  ,

मुस्कानों का सिलसिला भी आगे बढ़ाते हैं  ,

और दिल खोल कर गुनगुनाते हैं दोस्तों   || 

 

Wednesday, May 13, 2026

SHRIDDHAA ( AADHYAATMIK )

               

                             शृद्धा 

 

 जीवन के साथ ही  , मृत्यु का जुड़ाव है  ,

जैसे दिन के साथ ही , रात का जुड़ाव है दोस्तों  ,

धूप के साथ छाँव भी  , जुड़ी रहती है  ,

आने के साथ ही , जाना भी जुड़ा है दोस्तों   || 

 

ईश्वर ने जिसे भी , धरा पर भेजा है  ,

किसी ना किसी उद्देश्य के  , साथ भेजा है  ,

और उद्देश्य के पूरा होने पर उसे  ,

अपने पास ही वापिस बुलाया है दोस्तों   || 

 

अपने जीवन में उसी उद्देश्य को  ,

पूरा करके , कर्त्तव्य निभा लो दोस्तों  ,

और ईश्वर के प्रति अपनी शृद्धा को  ,

अर्पण करते जाओ दोस्तों   || 

 

Tuesday, May 12, 2026

DUNIYA SOCH MEIN ( AADHYAATMIK )

 

                         दुनिया सोच में 

 

एक ये दुनिया है दोस्तों , जिसमें हम हैं  ,

एक वो दुनिया है दोस्तों ,जिसमें परमात्मा है  ,

हमारी सोच में ,हमारे ख्यालों में  परमात्मा है ,

वही दुनिया तो ,इस दुनिया से अलग है   || 

 

 वो सोच ,वो दुनिया तो , बिल्कुल अलग है  ,

वो दुनिया तो प्यार में डूबी है  ,

परमात्मा के आशीष  डूबी है  ,

उस परमात्मा के साथ ही  ,

उस सोच , उस दुनिया को नमन है   || 

 

मैं तो उस दुनिया की सोच में डूबी हूँ  ,

आओ दोस्तों तुम भी ,उसी दुनिया में खो जाओ  ,

प्यार दो , सम्मान दो ,नमन करो ,उस दुनिया को  ,

तभी तो तुम्हें भी प्यार , और आशीष मिलेगा   ||  

Monday, May 11, 2026

GUNGUNAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                    गुनगुनाएगा 

 

साजों पर सुर जब सजे तो  ,

धड़कनों में ताल बज उठी  ,

जिससे दिल मचल गए दोस्तों  , 

एक लंबी सी साँस लेकर  ,

कलम कागज पर दौड़ चली    || 

 

प्यार के शब्द लिखे गए  ,

जो दिल को तेजी से धड़का गए  ,

होठों पर मुस्कान ले आए  ,

तो आँखें भी चमक उठीं  , 

और कलम , कागज बन गए हैं दोस्त   || 

 

कागज को उठा लो दोस्तों  ,

कलम को  हाथ में पकड़ो और  ,

दौड़ा दो कलम को उस कागज पर  ,

जब शब्द कागज पर उकेरे जाएँगे  ,

तब जीवन मुस्कुराएगा दोस्तों  ,

प्यार दिल में गुनगुनाएगा दोस्तों   ||  

Sunday, May 10, 2026

AUM NAMH SHIVAAY ( AADHYAATMIK )

 

          ॐ नमः शिवाय 

 

       ॐ नमः शिवाय  ,

       ॐ नमः शिवाय  ,

    खुशियाँ तुम्हें बुलाएँ   || 

 

ॐ नमः शिवाय  , ॐ नमः शिवाय  ,

सबका जीवन मुस्काए   || 

 

        ॐ नमः शिवाय  , 

        ॐ नमः शिवाय  ,

हर कोई सफलता पाए   ||  

 

ॐ नमः शिवाय , ॐ नमः शिवाय  ,

 हर राह पार हो जाए   || 

 

       ॐ नमः शिवाय  , 

        ॐ नमः शिवाय ,

दोस्तों को दे मिलाय   || 

 

Saturday, May 9, 2026

MAAN ( PREM )

 

                            माँ 

 

माँ के नाम अनेक  ,  

माँ , माता , माई , आई , बा , मदर , मम्मी ,

पालन करने वाली माँ , यशोदा माँ , 

माँ हैं तो हम हैं  ||  

 

धरती माँ है , धरा माँ , 

देश की माँ है , भारत माता  ,

नदियाँ भी जीवन देतीं ,वो भी माँ हैं  , गंगा माँ  || 

 

 देवी माँ -- माँ सरस्वती - ज्ञान की देवी ,

                माँ  दुर्गा  -- शक्ति की देवी  ,

                माँ  लक्ष्मी -- धन की देवी  || 

 

प्रणाम माँ प्रणाम , 

एक दिन मातृ दिवस कैसे   ?

हर दिन ही मातृ दिवस है दोस्तों   ||  

 

Friday, May 8, 2026

MOGRAA ( JIVAN )

 

                                मोगरा 

 

मोगरा फूला है सखि री , चमन में  ,

खुश्बुएँ फैली हैं सखि री , सहन में  ,

आ जाओ सखि तुम , मेरे आँगन में  ,

गुनगुनाएँगे वो गीत जो  ,महकते हैं जीवन में   || 

 

गीतों के वो शब्द आज भी , बसे हैं जहन में  ,

उन्हीं की याद भी आती है , रोज सपन में  ,

उन्हीं के अक्षर तो बसे हैं , मेरी कलम में   || 

 

मोगरा तो हर बार फूलता है , चमन में ,

उसी  खुश्बु तो बस गई है  ,मेरे तन - मन में  ,

उसी की खुश्बु से महका लें , हम अपनी साँसों को ,

तभी तो महकेंगी खुश्बु  , हमारे दामन में   || 

 

साँसें महकेंगी , तो चैन आएगा  ,

कदमों  का निशां , गीली रेत पर रह जाएगा  ,

जिंदगी का समय भी , मुस्का के गुजर जाएगा   ||  

 

Thursday, May 7, 2026

AATMAA ( AADHYAATMIK )

 

                             आत्मा    

 

रचनाकार ने जब ये संसार बनाया  ,

सबसे सुंदर एक पुतला ( मानव  ) बनाया ,

अपने कुछ अंश को आत्मा का रूप दिया ,

और मानव के अंदर आत्मा को बसाया   || 

 

मानव और उसकी आत्मा में  ,

सोचने , समझने की शक्ति थी ,

कुछ बनाने और मिटाने की शक्ति थी ,

मानव ने इस दुनिया में कुछ बनाया ,

साथ ही रचनाकार की , कुछ रचनाओं को मिटाया  || 

 

मानव के अंदर आत्मा तो दोस्तों ,

उसी रचनाकार ( परमात्मा ) का अंश है  ,

उस परमात्मा को पाने के लिए ,

अपने अंदर परमात्मा के ,अंश को जगाओ दोस्तों  ||  

 

आत्मा ही अपनी बुद्धि और प्रेम भरी शक्ति से , 

उस परमात्मा को पा सकती है  ,

इस रास्ते  पर चलकर ही उस ,

परमात्मा को पाने की , कोशिश कर लो दोस्तों   ||  

 

Wednesday, May 6, 2026

KINAARE ( KSHANIKAA )

 

                             किनारे 

 

जीवन है एक नदिया  , सुख - दुःख दो किनारे  ,

पास - पास वो रहते , पर ना मिलते हैं दोनों  ,

साथ - साथ चलते रहते  , पर ना मिलते हैं दोस्तों  || 

 

कोई कितनी भी कोशिश कर ले ,

पर दोनों किनारों को मिला नहीं सकता  ,

चलो हम सब मिल कर कोशिश करते हैं  ,

नदिया के दोनों किनारों को मिलाने की   ||  

 

सुख - दुःख दोनों , एक साथ नहीं मिल सकते  ,

बारी - बारी से तो आते , मगर साथ में नहीं  ,

एक का सुख दूसरे के लिए , दुःख हो सकता है  ,

पर एक का ही , सुख और दुःख  एक साथ नहीं  || 

 

Tuesday, May 5, 2026

PRAKAASH - PUNJ ( CHANDRAMAA )

 

                          प्रकाश - पुंज 

 

साँझ ने जब रात ,  हाथ मिलाया , अँधियारा छाया  ,

उजियारे की कोई किरन , नहीं थी राहों में  ,

दो - चार कदम चले ही थे हम ,कि प्रकाश -पुंज  चमक उठा  ,

गगना पे चंद्रमा  चमक उठा , धरा तक चाँदनी पहुँच गई  ,

धरा तो पूरी की पूरी  , चंदनिया से भीग गई   || 

 

हम भी चंदनिया में नहा गए , आँखें भी चमक उठीं  ,

दिल भी मुस्कुराया दोस्तों , धड़कनें भी बढ़ गईं  ,

आस - पास कलियाँ खिल गईं  , बगिया भी महक गई  ,

संसार ही मानो महक से भर गया  ,

चमन भी तितलियों से भर गया  ,

गगना का चाँद भी , मुस्कुरा उठा दोस्तों   || 

 

Monday, May 4, 2026

POORNATAA ( PREM )

 

                                   पूर्णता 

 

जिंदगी है मेरे हमदम  , एक सुहाना सा सफर  ,

मुस्कानें होठों पर आईं हैं  , जब  तुम हो हमसफर  ,

खूबसूरत हो गया हर पल  , तुमसे मिल कर   || 

 

इस जिंदगी का सारा समय , चल रहा धीरे - धीरे  ,

सपने जो देखे थे सोते हुए  , पूरे हो रहे धीरे - धीरे  ,

नींद के सपनों को पूरे करेंगे , हम दोनों मिल कर   || 

 

प्यार ही इस , जिंदगी की नींव है दोस्त  , 

प्यार के पहियों से ही  , जिंदगी की गाड़ी चलती है  ,

जिंदगी की राह पूरी होते - होते  , मंजिल मिलते - मिलते  ,

जीवन ही पूर्णता को प्राप्त हो जाता है   ||  

 

Sunday, May 3, 2026

BHEEGA - BHEEGA ( JALAD AA )

 

                          भीगा - भीगा 

 

कारे - कारे बादरा  ,आ रे - आ रे  बादरा  ,

आजा उतर कर , मेरे आँगना  , मेरे आँगना  ,

तू जो पानी लाएगा , मेरा अँगना भर जाएगा  ,

मुझ को भी साथ ही , भिगो जा बादरा    ||

 

तेरी चम - चम दामिनी  , कड़क - कड़क कर आएगी  ,

मेरे घर  , मेरी आँखों को , चमक खूब दे जाएगी  ,

सब कुछ मेरे साथ - साथ , चमका जा तू बादरा   || 

 

मैं इंतजार करती हूँ  , आओ जल्दी आओ  ,

आते - आते इस मौसम को , तुम बदलते जाओ  ,

भीगा सा मौसम कर दो  , दिल भी भीगा तुम कर दो  ,

मुस्कानें दे जाओ , मेरे प्यारे से बादरा    ||  

 

 

Saturday, May 2, 2026

BHOR ( KSHANIKAA )

 

                              भोर 

 

भोर की लाली गगन पे छाई  ,

सूरज ने अपनी खिड़की खोली  ,

सारा जहां चमक उठा , सूरज की किरणों से  ,

पंछी भी सारे गुनगुना उठे   || 

 

पेड़ - पौधों ने ली अंगड़ाई  ,

जीव - जंतु सभी अपने काम में लग गए  ,

मानव ने भी अपनी दिनचर्या शुरु की  ,

मानो चल पड़ा जीवन  , कदम -दर -कदम  || 

 

जीवन देने वाला सूरज , कड़क हो उठा  ,

बढ़ गई गर्मी धरा पर  ,

मेहनत करने वालों का पसीना बहा  ,

और मेहनत से  , काम पूरे हुए सभी के   || 

 

Friday, May 1, 2026

VO DUNIYAA ( RATNAAKAR )

 

                           वो  दुनिया 

 

समंदर की गहराइयों में  , जो दुनिया है बसी  ,

उसमें सभी कोई हैं  , अलग - अलग वनस्पति  ,

अलग - अलग जीव हैं  , सुंदरता है उनमें फंसी   || 

 

जीवन है उन सबका , अलग राह पर चलता  ,

समंदर से बाहर की , दुनिया से अलग पलता ,

वो सुंदर सी दुनिया में  , हम घूम आते हैं   || 

 

तरह - तरह की मछलियाँ , उनके अनोखे खेल  ,

अलग तरह की वनस्पति , उनका ना कोई मेल  ,

हर कोई नहीं जानता  , गहराई की वो दुनिया   || 

 

Thursday, April 30, 2026

MAJDOOR DIWAS ( KSHANIKAA )

 

                             मजदूर दिवस 

 

ऐसा  क्यों होता है कि , कोई अमीर है और कोई गरीब ,

कोई मालिक और कोई मजदूर  ,

मेहनत मजदूर की और फल मालिक को   || 

 

मेहनत मजदूर की हर मौसम में ,

कड़ी धूप में की गई मेहनत ,

तेज बारिश में की गई मेहनत  ,

कड़ाके की सर्दी में की गई मेहनत   || 

 

दोस्तों मजदूर की मेहनत का फल  ,

मजदूर को ही मिलना चाहिए  ,

ऊँची - ऊँची इमारतें बनाने वाला मजदूर  ,

खुद झोंपड़ी में रहता है दोस्तों   || 

 

पूरा भारत देश  १  मई को ,मजदूर दिवस मनाता है  ,

एक दिन ये दिवस , मना कर क्या होगा  ?

मान दो , सम्मान दो , परिश्रम को ,

मजदूर की मेहनत का फल दो   || 

 

Wednesday, April 29, 2026

KHUDD HII ( KSHANIKAA )

 

                         खुद ही 

 

हमने तो समझी , सभी के दिल की बात  ,

हमारी बात ही ना , समझा कोई  ,

हमने  फूल बिछाए , सभी की राहों में  ,

अपनी राह में एक फूल , भी आया ना कोई  || 

 

मीठे बोल हमने , सभी को बोले दोस्तों  ,

हम तो दो , मीठे बोलों को तरसे  ,

गीत हमने भरे , सभी की जिंदगी में  ,

मगर एक प्यार भरे , बोल को हम तरसे   || 

 

क्या खता थी हमारी  ? क्या गलती थी  ?

क्यों ऐसा हमारे साथ हुआ  ?

चलो हम खुद ही , गीत लिख लेंगे  ,

हम खुद ही , गुनगुना लेंगे दोस्तों  ,

और मस्त जीवन बिता लेंगे दोस्तों    || 

 

Tuesday, April 28, 2026

SWAAD AAM KAA ( KSHANIKAA )

 

                               स्वाद  आम का 

 

मौसम आया गर्मी का , आमों के स्वाद का , 

इस मौसम में आम का , स्वाद का मजा लेने का , 

तरह - तरह के आम हैं आते , अलग - अलग प्रांत के  || 

 

कहीं के दशहरी आम आते , सफेदा आम भी आते  ,

लंगड़ा और हाफूज आम , हैं स्वाद लाते  ,

केसर आम का नाम , केसर जैसा लगता है  || 

 

लखनऊ , बनारस , मध्य प्रदेश ,रत्नागिरी  ,

बहुत जगह  के  आम  हैं आते  ,

अलग - अलग आमों से , अलग - अलग ,

शरबत ,शेक ,  आईसक्रीम हैं स्वाद लाते  ,

तो दोस्तों गर्मी के मौसम में  ,

लो स्वाद आमों का  , लो स्वाद आमों का  || 

 

SHABD ( KSHANIKAA )

 

                                          शब्द 

 

कीमत शब्दों की जान लो दोस्तों  , तभी बोलो  ,

सुंदर शब्द कीमती होते  , पहले उनको तोलो  ,

मुस्कानों में डुबा लो तभी  , उनका ताला खोलो   || 

 

गलत शब्दों को ताले में बंद कर दो ,कभी ना ताला खोलो ,

उनका ताला खोला तो सभी , कुछ  डूब जाएगा  ,

पहले उनको करो सही तभी तो ,ताला खोलो   || 

 

गलतियाँ ठीक जो कर लोगे  , जीवन सुंदर कर लोगे  ,

जीवन की दुनिया को बंधु  ,प्यार के रंग से रंग लो  ,

शब्दों की दुनिया में बंधु , रंग प्यार के भर लो   || 

 

Sunday, April 26, 2026

JAHAAN SAARAA ( GEET )

 

                            जहां सारा 

 

धूप निकली सुबह - सुबह , चमक गया जहां   सारा ,

सूरज ने कहा -- कर लो काम ,चलेगा तभी तो जहां सारा  || 

 

पंछियों ने गीत गाए ,  गूँजा जहां सारा  ,

मानव सारे ही मुस्काए  , मुस्काया जहां सारा   || 

 

पवन चली धीरे - धीरे , साँस सब कोई ले पाए  ,

तभी तो जी पाएगा , अपना ये जहां सारा   || 

 

चमन में फूल खिल उठे , तितलियाँ भी उड़ आईं ,

उन्हीं से तो अपना , महका जहां सारा   ||  

SAMAY CHAKRA ( KSHANIKAA )

 

                           समय चक्र 

 

सफर जो शुरु हुआ हमारा  , 

जन्म लेते ही राहें चल पड़ीं दोस्तों  ,

कदम जो चलना सीख कर दौड़ पड़े ,

दोस्तों का मेला - सा लग गया दोस्तों  || 

 

कदम विद्यालय में पहुँचे तो  ,

आशीष मिला गुरुओं का दोस्तों  ,

कक्षा में मिले हम को सहपाठी ,

और खेल के मैदान में तुम दोस्तों   || 

 

समय बीतता गया , कॉलेज का जमाना आया ,

और हमने आगे कदम बढ़ाया ,

दोस्तों की संख्या बढ़ती गई ,

और प्यार भी उनका बढ़ता गया  दोस्तों   || 

 

फिर गृहस्थी बसी , व्यस्तता बढ़ी  , 

जिम्मेदारियाँ भी बढ़ीं दोस्तों  ,

सब कुछ निभाते - निभाते ,

अब सेवा - निवृत्त हुए दोस्तों  ,

अब तो आती है  , उन्हीं प्यारे दिनों की याद दोस्तों   || 

 

Friday, April 24, 2026

VISHWAAS ( KSHANIKAA )

 

                             विश्वास 

 

मानव जब यह सोचता , सब कुछ मानव करता है  ,

तब तो दोस्तों संघर्ष से , सब कुछ चलता है  ,

मानव के हर कदम से , बनने से अधिक बिगड़ता है  ,

और इसी रास्ते में , मानव तनाव में डूबता है   || 

 

पर जब मानव ने सोचा  , ईश्वर सब कुछ करता है  ,

तब हुआ दूर तनाव  , और भरोसा बढ़ता गया है  ,

ईश्वर पर इस भरोसे ने  , मानव का विश्वास बढ़ाया है  ,

और रात भर मानव फिर , चैन की नींद में सोता है   || 

 

तो मानव  भरोसा कर , उस रचनाकार पर  ,

उसी ने ये ब्रह्मांड बनाया , उसी ने पृथ्वी पर जीवन जगाया ,

तू तो एक कठपुतली है  , जिसकी डोर रचनाकार के हाथ में है  ,

विश्वास कर उसी पर , मानव विश्वास कर उसी पर   || 

 

Thursday, April 23, 2026

SUNDARTAA ( KSHANIKAA )

 

                              सुंदरता 

 

हर कोई चाहता है , सुंदरता अपने जीवन में ,

एक सुंदर सा घर , सुंदर सा जीवन साथी ,

मगर काम में सुंदरता ना चाहे , हर पल   || 

 

सुंदर सा वेतन चाहे , हर माह  ,

सुंदर सा इंक्रीमेंट चाहे , हर साल  ,

सुंदर सा बोनस चाहे , हर साल  , 

मगर काम में सुंदरता ना चाहे , हर पल  || 

 

खाना चाहे स्वाद भरा , सजा सुंदरता से ,

मनपसंद की चीजें , सारी सुंदर सी  ,

शॉपिंग ब्राँडेड चीजों की , सुंदर  सी ,

मगर सोच ना बनी  सुंदर  ,

सोच को सुंदर बना लो दोस्तों   || 

 

MATLABII ( SAAMAAJIK )

 

                             मतलबी 

 

शब्दों की शृंखला में ,

 एक शब्द है दोस्तों , मतलब  ,

मतलब की सीढ़ी पर ,

चढ़ने वाला कहलाता है , मतलबी  || 

 

जब कोई  अपना लाभ देखता है ,

साथ ही करता है दूसरे की हानि ,

यह होता है मतलब  ,

और ऐसा करने वाला कहलाता है , मतलबी  || 

 

ऐसे व्यक्ति को पास मत रखो दोस्तों ,

दूर कर  ऐसे व्यक्ति को ,

तो सुखी रहोगे दोस्तों , सुकून से रहोगे दोस्तों   || 

 

अपना सुख और सुकून चुन लो दोस्तों  ,

मुस्कानों की दुनिया में , प्यार की दुनिया में  ,

अपने दोस्तों के साथ , खुश रहो दोस्तों   ||  

 

 

 

 

Tuesday, April 21, 2026

BHAAVANAA ( GEET )

 

                                भावना 

 

प्यार की कदर , कोई ना जाने ,

अपने भी बन जाएँ अनजाने  ,

प्यार तो मन की भावना है  , सुंदर सी कामना है  ,

जिसको तो इस दुनिया में , कोई नहीं पहचाने  || 

 

आओ हम प्यार की , दुनिया बसाएँ ,

जीवन को सुंदर बनाएँ  , 

 जग में प्यार फैलाएँ  , दिलों में प्यार जगाएँ  ,

फिर तो हर कोई इस दुनिया में , लगेगा इसे अपनाने   || 

 

रंग प्यार के बस जाएँगे दिल में  ,मुस्काएँगे होंठ  ,

मुस्कानें जब जागेंगी , सबके दिलों में ,

तभी तो प्यार का संसार ,

हर कोई पहचाने , हर कोई पहचाने  || 



 

Monday, April 20, 2026

YAADEN PURAANII ( KSHANIKAA )

 

                                      यादें पुरानी 

 

पुराने दिन तो बीत गए  दोस्तों , यादें पीछे छोड़कर ,

माता - पिता के साथ हुआ , जीवन अपना शुरु दोस्तों ,

कुछ बड़ा होने पर , दोस्त बने अपने भी ,

घर वालों का और , दोस्तों का भरपूर प्यार मिला   || 

 

जीवन आगे बढ़ने लगा , स्कूल में अध्यापक और दोस्त मिले ,

प्यार भरी राहों पर हमारे , कदम बढ़ चले  ,

जीवन में हर राह , सुंदर बनती चली गई   || 

 

उम्र भी बढ़ती गई  , जीवन का रूप बदलता गया ,

प्यार से आँचल भरता गया  , ईश्वर का आशीष मिलता रहा  || 

 

दोस्तों जीवन की यादों ने ही , हमारे होठों पर मुस्कान सजाई  ,

ये यादें ही तो हमारी पूँजी है , यही हमारा धन है  ,

इसी से तो हमने पाई मंजिल है  ,

यादों का खजाना हमारे पास है   || 

 

KHAJAANAA ( GEET )

 

                            खजाना 

 

अपने आँचल में भर लो दोस्तों  , खजाना मुस्कानों का  ,

कुछ -  कुछ को  बाँट दो दोस्तों , खजाना मुस्कानों का  || 

 

दोगे  जब  तुम  मुस्कानें , सभी के होठों को ,

चमक आँखों की बढ़ेगी , खिलेंगी और मुस्कानें  ,

जीत जाओगे तुम देकर , खजाना मुस्कानों का   || 

 

पलेगी खनक तुम्हारी आवाज में , जीवन भी नजर आएगा  ,

उसी खनक से तो दोस्तों  ,खिलेंगी सबकी मुस्कानें  ,

उसी खनक से तो फैलेगा , खजाना मुस्कानों का   || 

 

हाथ अपना बढ़ाओगे तुम , मदद का किसी ओर  ,

तो पाओगे तुम मुस्कानें , बदले में उसी ओर ,

तो बढ़ जाएगा दोस्तों  , खजाना मुस्कानों का  ,

तुम्हारी मुस्कानों का  , तुम्हारी मुस्कानों का   || 

 

Saturday, April 18, 2026

HAVAA AUR PAANII ( KSHANIKAA )

 

                         हवा और पानी 

 

हवा - पानी हैं दोनों  , रंगहीन  ,

उनमें रंग ना मिलाओ , गंदगी का ,

स्वच्छता ही उनकी जिंदगी है ,

स्वच्छता ही हमारी जिंदगी है  दोस्तों  || 

 

दोनों ही बहुत कीमती हैं , हवा और पानी ,

  जीवन हमें देते हैं , हवा और पानी  ,

अगर स्वच्छता ना रखी , तो खत्म हो जाएँगे , 

हवा  और पानी दोस्तों  , हवा और पानी  || 

 

तो समेट लो दोस्तों  , हवा और पानी , 

सहेज लो दोस्तों  , हवा और पानी  ,

जीवन खुद ही संवर जाएगा ,

सुखी बन जाएगा दोस्तों   || 

 

Friday, April 17, 2026

SAINIKK ( DESH )

 

                           सैनिक 

 

संदेस हमारे प्यार का ,हर सैनिक तक पहुँचा दो  ,

हमारे दिल का सलाम , हर सैनिक तक पहुँचा दो  ,

हमारा सारा सम्मान , हर सैनिक तक पहुँचा दो   ,

हमारे जुड़े हाथों का प्रणाम  , हर सैनिक तक पहुँचा दो   || 

 

देश भर के लोगों का  , आशीष मिले हर सैनिक को  ,

देश की मिट्टी का  , सम्मान मिले  हर सैनिक को  ,

भारत माता का  सारा , प्यार मिले हर सैनिक को  || 

 

उन्हीं के दम से तो , देशवासी चैन से सोते हैं  ,

उन्हीं के दम से तो ,  रंगों के त्योहार   रंगीले  होते हैं  ,

उन्हीं के दम से तो  , मुस्कानें देश में बसती हैं  ,

उन्हीं के दम से तो  , देशवासियों की हस्ती है  ,

उन्हीं के दम से तो  , तिरंगा गगन में छाता है  ,

तिरंगा गगन में , लहर - लहर लहराता है  ||  

 

Thursday, April 16, 2026

SAARAA JAG ( KSHANIKAA )

 

                      सारा जग 

 

कलियाँ चटखीं जब चमन में , 

महक फैली पूरे सहन में ,

आँखें चमकीं , दिल महक गया , 

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही महक गया  || 

 

होठों पे मुस्कान जगी , दिल की धड़कन बढ़ी  ,

जब देखीं तितलियाँ , उड़ती हुई  ,

उन तितलियों से चमन , खिल उठा रंगों से  ,

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही खिल गया   || 

 

तितलियाँ पकड़ने के लिए , बच्चे दौड़े  ,

उनकी किलकारियों से चमन , गूँज उठा  ,

बच्चों की दौड़ और , किलकारियों की गूँज से  ,

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही गूँज उठा   || 

 

Wednesday, April 15, 2026

NAII SUBAH ( KSHANIKAA )

 

                               नई सुबह 

 

 सूरज ने दी आवाज  , जागो - जागो सुबह हुई  ,

सारे पेड़ - पौधे , और जीव - जंतु जाग उठे  ,

पवन भी खुश होकर  , उड़ चली दोस्तों   || 

 

पंछियों ने गुनगुनाना शुरू किया  ,

 जग में मानो प्यार जाग उठा  ,

फूलों ने भी महक फैलाई  , 

तितलियों की भी फर - फर उड़ाई दोस्तों   || 

 

दिन बढ़ चला शाम की ओर ,

मानो किसी ने खींची डोर  ,

संध्या आई और रात तक पहुँची  ,

दुनिया सारी की सारी , नींद में डूबी दोस्तों   || 

 

Tuesday, April 14, 2026

BADAL DO ( KSHANIKAA )

 

                                बदल दो 

 

एक दुनिया सपनों की  , एक है यथार्थ की  ,

 एक राह फूलों की  , एक है काँटों की  ,

किसको चुनना चाहिए  , हमें दोस्तों  ??

 

चुन  लो  सपनों  की दुनिया , 

कोशिशों और मेहनत से ,बदल दो उसे  यथार्थ में  ,

और जोर से खिलखिलाइए  दोस्तों   ||  

 

अब राह चुनो काँटों की  , करो मेहनत , करो कोशिश ,

बदल दो काँटों को ,फूलों में दोस्तों  ,

और लगा दो दौड़ , फूलों की राह में दोस्तों   || 

 

दोस्तों अपनी यथार्थ की दुनिया को , बदल कर रख दो  , 

मुस्कानों और हँसी में डूबी दुनिया में  ,

दोस्तों अपनी काँटों भरी राहों को बदल दो  ,

सुगम और सुंदर महकों भरी राहों में  ,

तभी जीवन खिलखिलाएगा  , और महकेगा दोस्तों   || 

 

Monday, April 13, 2026

VENUS ( KSHANIKAA )

 

                           वीनस 

 

रवि चल दिया अपने घर को  , पूरा दिन बिता के  ,

रवि  के जाते ही  , एक नन्हा चमकता तारा दिखा ,

मगर ये तारा नहीं है , हमारे सौर - मंडल का  ,

सबसे सुंदर ग्रह है  , वीनस अर्थात  शुक्र   || 

 

वीनस नाम है , सुंदरता की देवी का  ,

इसीलिए शुक्र को , नाम दिया गया है वीनस  ,

क्यों कि यह  सुंदरता का , एक  अनुपम उदाहरण है   || 

 

दोस्तों इस सुंदरता का , तुम भी  आनंद लो  ,

और दर्शन करो  , वीनस के ,

और इस जग की , प्यारी सुंदरता को निहारो  ,

और मुस्कान को खिला लो , होठों पर   || 

 

Sunday, April 12, 2026

PYAAR KHOOB ( AADHYAATMIK )

 

                              प्यार खूब  

 

ईश्वर तेरी बनाई , इस सुंदर दुनिया में ,

क्यों मानव आपस में लड़ता है  ?

एक - दूजे को मारता रहता है  ,

क्यों दर्द दूजों को देता है   ?? 

 

क्या प्यार नहीं , उसके दिल में ?

क्या धड़कन नहीं , उसके दिल में  ?

क्यों प्यार को नहीं , पहचाने वो  ?

क्यों धड़कन को नहीं  , पहचाने वो   ?? 

 

क्या चमन में खिलते , फूलों को देखकर  ,

मुस्कान नहीं आती होठों पर  ?

 क्यों  महक फूलों की   ,उसकी साँसों को ,

महकाती नहीं अंतर्मन को   ??

 

क्यों ईश्वर तुमने मानव के दिल को , 

ये सुंदर गुण नहीं दिए  ?

क्यों दिमाग ही मानव के , विकसित खूब किए तुमने  ?

विकसित तुम दिल को कर दो ,

धड़कनों में तुम प्यार भर दो  ,

प्यार खूब , खूब  , खूब भर दो   ||  

Saturday, April 11, 2026

MILII SIIKH ( KSHANIKAA )

 

                          मिली हुई सीख 

 

समय अपनी चाल से चलता रहता है  , 

चाहे वह गम में डूबा हो , या मुस्कान में  ,

तो दोस्तों भूल जाओ उस गम को  ,

मगर उसने जो सिखाया , वह मत भूलना ,

वह सीख जो गम ने सिखाई ,

वही आपको आगे का रास्ता दिखाएगी  || 

 

यदि गलती कोई हुई है आपसे   ,

 तो अपनी जिंदगी की किताब से  ,

उस  गलती वाले पन्ने को फाड़ दो दोस्तों  ,

और पूरी किताब को संभाल लो  ,

बस उस  गलती को  ,

फिर मत दोहराना दोस्तों  , जिंदगी संवर जाएगी  || 

 

हर सीख जो किसी भी , राह में मिलती है  ,

वह हमें नई राह दिखाती है , राहों को आसान बनाती है ,

वही सीख हमारी मुस्कानों को बढ़ाएगी , समझ गए ना   ||  

Friday, April 10, 2026

WAKT KII BAAT ( KSHANIKAA )

 

                         वक्त की बात  

 

छोड़ो  कल की बातें  , कल की बात पुरानी ,

आने वाले कल की  , सारी बातें  सपनी  ,

आज की ही बातें दोस्तों  , हैं सिर्फ अपनी   || 

 

बीते कल को दोस्तों  , बदला नहीं जा सकता  ,

आने वाले कल के बारे में , सोचा नहीं जा सकता  ,

आज को ही दोस्तों  , एन्जॉय किया जा सकता   || 

 

आज का दिन भी दोस्तों  , कल को कल हो जाएगा  ,

आने वाला कल भी कल को  , आज हो जाएगा  ,

ये तो वक्त है दोस्तों  , प्रतिपल  , प्रतिक्षण ,

बदलता जाता है , बीतता ही जाता है   ,

तो अफसोस ना करना दोस्तों  ,

अच्छा हो या बुरा  , सारा वक्त बीत ही जाता है   || 

 

NIINV ( KSHANIKAA )

 

                                 नींव 

 

सपने तो जीवन की , नींव  हैं दोस्तों  ,

जैसे हर इमारत नींव पर  , खड़ी होती है  ,

वैसे  ही जीवन  सपनों पर  , ही खड़ा होता है  || 

 

मानव अपने सपने पूरे , करने की कोशिश करता है  ,

उसकी कोशिशों से  , कई सपने पूरे होते हैं  ,

मगर कुछ सपने कोशिशों के , बावजूद भी पूरे नहीं होते  || 

 

जो सपने पूरे हो जाते हैं  , वही जीवन को खड़ा करते हैं  ,

जो सपने अधूरे रह जाते हैं  , वो सपने कहीं खो जाते हैं  || 

 

पूरे हुए सपने ही जीवन का , स्तंभ बन जाते हैं  ,

तो दोस्तों अपनी पूरी , कोशिशों को लगा दो  ,

और अपने सपनों को  , पूरा करने में लगा दो  ,

यही अपने जीवन का लक्ष्य बना लो   || 

 

Wednesday, April 8, 2026

GOONJ ( KSHANIKAA )

 

                          गूँज 

 

सारी दुनिया में , आवाजों का शोरगुल है  ,

कानों में उन आवाजों की ,  गूँज हमेशा है  ,

इस शोर को कौन  , कम कर सकता है  ?

कौन उसकी गूँज को  , खत्म कर सकता है   ??

 

दुनिया को खिलखिलाहटों में , डुबा लो यारों  , 

साथ में तुम भी खूब  , खिलखिला लो यारों  ,

जिंदगी में खिलखिलाहटें होंगी  , 

तभी तो जिंदगी सुंदरतम , स्थान  पाएगी यारों   || 

 

दुनिया की राहें इतनी , सुंदर हो जाएँगी  ,

कि हर कोई सुगमता से  , उन पर दौड़ जाएगा  ,

और जीवन को हँसी में , डुबा लेगा यारों   || 

 

Tuesday, April 7, 2026

INDRADHANUSH JAGMAGAAYAA ( KSHANIKAA )

 

                          इंद्रधनुष  जगमगाया  

 

रवि किरणों में छिपे हैं  , सात रंग  ,

पर आँखें देख पाते हैं  , एक ही रंग  ,

वो है रंग सफेद  , जिसमें छिपे सातों रंग   || 

 

 ये सब क्या जादू है , रवि किरणों  का  ?

कौन इसे सुलझाएगा  ? क्या रवि   ?

रवि तो वर्णन नहीं  कर पाएगा   || 

 

मानव ने ही इस जादू को सुलझाया  ,

प्रिज़्म  बनाकर  ,

जिसने रवि किरणों के रंग अलग बिखराए  ,

हर रंग को अलग - अलग दिखलाया   || 

 

रवि ने तो गगन की ऊँचाई में  ,

वर्षा ऋतु में  , बरखा के बाद  ,

रंग अलग छनकाए , और इंद्रधनुष जगमगाया   || 

 

Monday, April 6, 2026

ABHILAASHAAEN ( KSHANIKAA )

 

                            अभिलाषाएँ 

 

अभिलाषा का अर्थ है गहरी इच्छा  ,

जो हम दिल की गहराइयों से चाहते हैं  ,

यही हमारी अभिलाषा है ,यह तो हमारे दिल की भी है , 

अब हम फूलों की अभिलाषा ,जानने की कोशिश करते हैं  || 

 

फूल जब खिलते हैं चमन में , 

तो मानव उनके सौंदर्य ,और महक में डूब जाता है ,

फूल तोड़कर उनका उपयोग ,विभिन्न रूपों में करता है  || 

 

फूलों की अपनी अभिलाषा और चाहतें हैं ,

ईश्वर के चरणों में चढ़ाया जाऊँ ,

मंदिरों और ईश्वर की सज्जा में ,प्रयोग किया जाऊँ ,

मानव तू मेरी अभिलाषा ,पूरी कर दो दोस्त  || 

 

नारी के अनोखे और सुंदर बालों में ,

गजरे और सुंदरता के ,रूप में सजाया जाऊँ  ,

क्या मानव तुम मेरी अभिलाषा पूरी करोगे  ??

 

सभी के चमन और घरों को ,सजाऊँ  और महकाऊँ ,

क्या मानव तुम मेरी अभिलाषा , पूरी करने में मदद करोगे  ?? 

 

 एक सबसे बड़ी अभिलाषा  हमारी है मानव  ,

हम वीरों की राहों को सुंदर बनाएँ और महकाएँ  ,

वो वीर जो देश पर जान कुर्बान करने चल देते हैं  ,

और देश , देशवासियों को सुरक्षित रखते हैं  ,

वही हमारे आदर्श हैं , प्रेरणा हैं  ,

तो मानव करो हमारी अभिलाषा पूरी   || 

 

Sunday, April 5, 2026

PYAAR KII RAAHEN ( KSHANIKAA )

 

                                प्यार की राहें  

 

इश्क ने हम को , निकम्मा कर दिया  ,

 वरना हम भी थे दोस्तों  , कुछ काम के  ,

जिंदगी प्यार की राहों पे  , फिसलती जा रही  ,

इसी से तो राहें सुंदर  , और आसान हो गईं  || 

 

मुस्कुराहटें उभरती रहीं  , लगातार होठों पर  ,

दिल में जन्म लेते  , भावों के कारण आईं  ,

उन्हीं मुस्कानों के कारण  , तो आस - पास का  ,

वातावरण भी मिठास से  , भर गया दोस्तों   || 

 

प्यार की राहों ने हमारा  , सारा समय ले लिया  ,

अन्य किसी काम के लिए  , समय खो गया  ,

मुस्कुराहटों को तो  , हँसी में बदल दिया  ,

साथ ही दिल को भी  , खिला दिया दोस्तों    || 

 

Saturday, April 4, 2026

PYAAR KE RAASTE ( CHANDRAMAA )

 

                      प्यार के रास्ते  

 

छन - छन के आई चंदनिया  , मेरी खिड़की के रास्ते ,

अपनी चाँदी जैसी चमक से  , मुझे रंगने के वास्ते  ,

और मुझको अपना दोस्त  , बनाने के वास्ते   || 

 

मेरी मुस्कान अपनी के जैसी  , खिलाने के वास्ते  ,

चंदा से मेरी मुलाकात  , कराने के वास्ते  ,

अपनी मुस्कान का जादू  , जगाने के वास्ते   || 

 

मैंने भी दिया जवाब उसकी खुशी को  , बढ़ाने के वास्ते  ,

अब खुल ही गए थे हम दोनों के  , मिलने के रास्ते  ,

ये हैं  प्यार के रास्ते  , ये हैं  प्यार के रास्ते   ||  

 

Friday, April 3, 2026

PYAAR KE BEEJ ( KSHANIKAA )

 

                      प्यार के बीज 

 

प्यार के बीज उगा दो ईश  , मानव के दिल में  ,

इसका तो खर्चा नहीं होगा  पूरा  ,  किसी भी बिल में  ,

आज जो इस जग में हो रहा  है , ढूँढों सभी के दिल में   || 

 

मानव - मानव का बना है दुश्मन  , दुनिया के इस मेले में  ,

मानव तू कर अपना सुधार  , मत पड़ किसी झमेले में  ,

धरती पर प्यार उगा  ले , मत डूब बमों के रेले  में   || 

 

क्या मिलेगा मानव  , तुझको इसका फल  ?

इस जलजले में खत्म , हो जाएगा सारा जल  ,

नहीं बच पाएगी , मानव शुद्ध पवन  ,

फिर क्या बच पाएगा  , मानव तेरा जीवन   ?? 

 

Thursday, April 2, 2026

MASTT - BADARAA ( JALAD AA )

 

                               मस्त - बदरा 

 

मस्त - मस्त ओ कारे बदरा  , गरज - गरज कर आया तू  ,

अपनी मटकी भर लाया तू  , क्या सागर खाली कर आया तू   ??

 

तपन से धरा हो गई प्यासी  , उसकी प्यास बुझा जा तू   ,

सागर भी कुछ - कुछ है प्यासा  , उसकी भी प्यास बुझा जा तू   || 

 

तेरी मूसलधार बरखा से  , ताल - तलैया भरते जाते  ,

नदिया भी दौड़ी उछल - उछल कर  , सागर की लहरें भी उछलीं  ,

प्यास तो सागर की भी बुझ गई  , सागर की मुस्कान बढ़ी   || 

 

 पवन ने बदरा खूब उड़ाए  , दामिनी भी कड़कड़ चमकाई  ,

सब के संग हम भी मुस्काए  , बच्चे बरखा में खूब नहाए  ,

सुन के हमारी बातों को  , बदरा कैसा मुस्काय तू    ?? 

 

Wednesday, April 1, 2026

BHAVSAAGAR ( AADHYAATMIK )

 

                               भवसागर 

 

किस के नैनों में इतनी शक्ति है  ?

जो ईश्वर को भरपूर देख सके  ,

भावों से जो कोशिश कर लेगा  ,

वह ही ईश्वर के दर्शन  पाएगा   || 

 

भावों को नींद से जगा ले प्यारे  ,

उन्हीं से तू भवसागर पार कर जाएगा  ,

नहीं तो इसी भवसागर को   ,

बीच में ही तू डूब जाएगा   || 

 

भवसागर तो गहरा है प्यारे  ,

हर कोई डूब जाता इसमें  ,

जो भाव शृद्धा के लाएगा  ,

वही तो तैर कर जाएगा   || 

 

ईश जगाओ मानव के भाव  ,

तभी तो लौ लगा पाएगा  ,

ईश्वर के चरणों में मानव तू   ,

तभी तो आशीष ईश का पाएगा   || 

 

Tuesday, March 31, 2026

LAHAREN SAAGAR KII ( RATNAAKAR )

 

                       लहरें सागर की 

 

जीवन की राहों पर  , जब दौड़ चले हम  ,

तभी तो जाना कितना सुंदर  , है ये सारा जग   ?

 

रंग भरी इस दुनिया में  , फूलों से चमन महके  ,

  उसी महक में डूब गया , ये प्यारा सा  जग  || 

 

सागर की लहरें , उछलीं - कूदीं  तट पर  ,

सागर ने दी आवाज  , मगर ना लौटीं वो वापस  || 

 

लहरों का ये देख के खेला  , सब रुके तट पर  ,

सब के होठों की  मुस्कान  , सज गई उनके मुख पर   || 

 

लहरें मुस्काईं सबकी  , देख - देख मुस्कानें  ,

लहरों ने फिर छलांग लगाई  , खूब उछल  - उछल कर   || 

 

Monday, March 30, 2026

MUSKAANON KO ( KSHANIKAA )

 

                            मुस्कानों  को 

 

दुनिया के इस रंगमंच पर  , अनेकों किरदार हैं  ,

कुछ की आँखों में  आँसू , कुछ में चमकार है  ,

कुछ के होठों पर आहें  , कुछ पर फैली मुस्कान है   || 

 

सब का अपना - अपना भाग्य , जो लिखा रचेता ने  ,

 सब की अपनी - अपनी मेहनत , जो लिखी स्वयं  ने  ,

दोनों जो जीवन में मिल जाएँ  , तो फैलेगी मुस्कान  || 

 

अगर कोई कमी रही  ,  तो फैलेंगी आहें  ,

मेहनत में कमी ना छोड़ो  , तभी तो आएगी मुस्कान  ,

तो खिलाओ मुस्कानों को  , अपना लो मुस्कानों को  || 

 

सब को अपना - अपना  , किरदार   निभाने दो  ,

तभी तो रंगमंच सजेगा  , सज कर पूर्ण होगा  ,

सारे जग का दिल बहलाएगा  , आनंदित करेगा   ||  

 

Sunday, March 29, 2026

KYAA HOGAA ? ( KSHANIKAA )

 

                        क्या होगा  ?  

 

ईश्वर ने धरा बनाई  ,

उस पर जल और थल बनाए  ,

फिर जीव - जंतुओं को जन्म दिया  ,

जलचर और थलचर को बनाया   || 

 

सागर , जंगल , पहाड़ ,  मैदान सभी में ,

जीवों का मेला लग गया बंधु  ,

तब ईश्वर की सबसे बुद्धिमान रचना  ,

मानव की रचना हुई बंधु  || 

 

ईश्वर ने सभी जीवित वनस्पति , 

और जीवों को समान उपहार दिए  ,

मगर मानव ने धरा पर सरहदें बनाईं  ,

सभी ने अपने लिए  , सब कुछ हथियाना चाहा   || 

 

हथियाने की आपा - धापी में  ,

मानव ने ईश्वर की बनाई दुनिया को  ,

नष्ट करना शुरु कर दिया  ,

जंगल काटे , पर्वत खोदे  , जल को दूषित किया   || 

 

आज मानव युद्ध की , उस कगार पर खड़ा है  ,

कि दूसरों को नहीं , स्वयं को ही मार रहा है  ,

जब मानव जीवन ही नहीं रहेगा  ,

तो क्या होगा  ? क्या धरा मिट जाएगी  ?? 

 

Saturday, March 28, 2026

YAADON KII DUNIYAA ( KSHANIKAA )

 

                       यादों की दुनिया 

 

ये है सपनों की दुनिया दोस्तों  ,

सुंदर सी दुनिया , प्यारी सी दुनिया  ,

बचपन में सुनी दादी  -  नानी की  ,

कहानियों से भरपूर दुनिया     ||  

 

दिल में आज तक बसी ये दुनिया  ,

बंद आँखों  से दिखाई देती ये दुनिया  ,

दिल - ओ - दिमाग के , कोनों में बसी दुनिया ,

मुस्कुराहटों और खिलखिलाहटों  ,

से गूँजती ये प्यारी दुनिया   || 

 

आओ मेरे बचपन के दोस्तों  ,

उसी पुरानी दुनिया के आँगन में  ,

उन्हीं पुराने खेलों को फिर से खेलो  ,

यादों में बसे वही खेल  ,

पुकार - पुकार कर बुला रहे हैं दोस्तों   || 

 

Friday, March 27, 2026

ITTAFAAK ( KSHANIKAA )

 

                               इत्तफाक 

 

जिंदगी में रंगों के साथ  , इत्तफाक भी होते हैं  ,

रंगों से खुश्बुएँ भरती हैं दोस्तों  ,

इत्तफाक अचानक खुशी भरते हैं  ,

दोनों ही हमें खुशियों का खजाना देते हैं    || 

 

कुछ इत्तफाक से , और कुछ मेहनत से  ,

जब सपना हकीकत बनता है  ,

तो हम मुस्कानों की चाशनी में , डूब जाते हैं  ,

और जिंदगी का स्वाद बढ़ा देते हैं    || 

 

तो आओ दोस्तों  ,

जिंदगी को सुंदर बना लो  ,

प्यार से सपने पूरे कर लो  ,

राह फूलों से भरी हों या नहीं   ,

होठों पे मुस्कानें सजा लो  दोस्तों   ||  

Thursday, March 26, 2026

SUNDAR MUSKAAN ( KSHANIKAA )

 

                            सुंदर मुस्कान 

 

जिंदगी एक कहानी है  , प्यार में डूबी कहानी है  ,

थोड़ी तुम कहो दोस्तों  , थोड़ी हमारी सुनो दोस्तों  ,

मिल के बनेगी  , अनोखी   कहानी   दोस्तों   || 

 

जिंदगी के अनेक रंगों में  ,

मुस्कान सबसे सुंदर सा रंग है  ,

जो ईश्वर ने मानव को  ,

सबसे सुंदर उपहार दिया है  ,

उसी में जिंदगी को डुबा लो दोस्तों   || 

 

जिंदगी महक उठेगी  , मुस्कानों के चमन में  ,

हर मानव के होठों पर  ,खिली मुस्कान में  ,

तो दोस्तों अपनी - अपनी जिंदगी को  ,

डुबा लो  अपनी सुंदर मुस्कान में   || 

 

Wednesday, March 25, 2026

PRANAAM ( DESH )

 

                              प्रणाम 

 

जय - जय हे  , जय - जय मातृ भूमि  ,

तुम को  शत - शत प्रणाम  , शत - शत प्रणाम   || 

 

तुमने ही हमको पाला  पोसा , इतना बड़ा किया  ,

ये सारा जग , ये प्यारा जहां , तुमने हमको दिया  ,

शत - शत तुम्हें प्रणाम , शत - शत तुम्हें प्रणाम   || 

 

ये संसार दिखाया हमको  , आशीष हम पे बरसाया  ,

वही पाकर तो हमने  , सुखमय जीवन बिताया  ,

शत - शत तुम्हें नमन , शत - शत तुम्हें नमन  || 

 

भारत माता हो तुम अपनी , भारत भूमि हो तुम  ,

भारत वासी होने का , तुमने ही गौरव हमें दिया  ,

शत - शत तुम्हें प्रणाम  , शत - शत तुम्हें प्रणाम    ||  

 

Tuesday, March 24, 2026

KEEMAT PYAAR KII ( PREM )

 

                        कीमत प्यार की 

 

कीमत क्या होती है  , प्यार की दोस्तों  ?

प्यार जो दिल में  , पलता है दोस्तों  ,

दिमाग से तो प्यार , दूर  ही रहता है  ,

दिल ही है जो  , प्यार में धड़कता है   || 

 

प्यार एक भाव है  , जो दिमाग में नहीं उमड़ता  ,

ये भाव किसी के प्रति  ,  समर्पण है  ,

जो दिल का किसी को , अर्पण है  ,

दिल ही तो है जो  , प्यार में धड़कता है  || 

 

दिल में बसा लो  , प्यार को  दोस्तों  ,

कर दो दिल किसी को  ,  अर्पण दोस्तों  ,

पूरा करना अपना  , समर्पण दोस्तों  ,

दिल को धड़कनें दो  , प्यार में दोस्तों  ,

चुका  दो कीमत तुम  ,  प्यार  की  दोस्तों   ||  

 

Monday, March 23, 2026

RAKSHAK ( DESH )

 

                                  रक्षक 

 

हर समय में , हर परिस्थिति में , देश की रक्षा करने ,

कोई ना कोई तो , आगे को बढ़ता है  ,

वही है देश का रक्षक , जो रक्षा सबकी करता है  || 

 

हर रक्षक ना होता सीमा पर ,

हर रक्षक ना दुश्मन से लड़ता ,

अंदर रहकर जो देश को ,ईमानदारी से चलाए  ,

जो देशवासियों को , चैन की नींद दें ,

सारे देशवासियों का जीवन ,सुखमय बना दें   || 

 

देशवासियों के लिए , रोजमर्रा की सहूलियतें ,

अधिकार , जीवनोपयोगी सभी वस्तुएँ  ,

सभी आराम दिलाने में सहायता ,

सभी को बराबरी का और सम्मान पूर्ण जीवन  ,

दिलाने में सहायता करने वाले भी  ,

देश के रक्षक हैं  , देश के रक्षक हैं   || 

 

Sunday, March 22, 2026

MILL PAAEN ( KSHANIKAA )

 

                         मिल पाएँ 

 

जब तुम देते हो आवाज दोस्तों  ,

कदम दौड़ पड़ते हैं , तुम्हारी ओर दोस्तों  ,

ये प्यार है हमारे , दिलों का दोस्तों  ,

तभी तो मिलने को , तड़प उठते हैं दोस्तों  || 

 

मगर राहों में ,रुकावटें आती हैं दोस्तों ,

उन रुकावटों को दूर करके , 

ना तुम  पहुँच पाते हो दोस्तों  ,

ना ही हम पहुँच पाते हैं दोस्तों   || 

 

ईश्वर से यही प्रार्थना है दोस्तों  ,

सभी रुकावटें दूर हों हमारी राहों से ,

और हम आपस में मिल पाएँ दोस्तों  ,

हम आपस में मिल पाएँ दोस्तों   || 

 

Saturday, March 21, 2026

JODD KAR ( KSHANIKAA )

 

                        जोड़ कर 

 

अक्षरों ने जो दी आवाज  , हम भी आ गए  ,

अक्षरों को जोड़ - जोड़ कर , हमने शब्द बनाए  ,

उनका भी ज्ञान बढ़ा  दोस्तों , हमारा भी बढ़ा  दोस्तों  || 

 

शब्दों ने हमको घेरा  , और बोले हमसे  ,

हमको भी जोड़ो , और कुछ  करो  ,

हम भी मुस्काए  , शब्दों से गीत बनाए  दोस्तों   ||  

 

उन गीतों को लय और  , ताल  में बाँधा  ,

उन गीतों को गुनगुनाया  , जीवन मुस्कुराया  ,

तो मुस्कुराते चलो  ,  गुनगुनाते चलो दोस्तों   ||  

 

  

Friday, March 20, 2026

KURUKSHETRA ( AADHYAATMIK )

 

                      कुरुक्षेत्र 

 

हर जीवन एक कुरुक्षेत्र है दोस्तों ,

आमने - सामने खड़े सभी अपने हैं  ,

कोई दुश्मन नहीं है रणभूमि में ,

सभी एक ही रचनाकार की रचना  हैं   || 

 

मगर क्यों सब एक - दूसरे के सामने हैं  ?

क्यों एक - दूसरे के साथ नहीं हैं  ?

जिंदगी में नफरतें क्यों फैली हैं  ?

दिलों से प्यार कहाँ खो गया है   ?? 

 

किसने ये सब  राज  जानने की कोशिश की है  ?

किसने नफरतों को मिटाने की कोशिश की है   ?

किसने प्यार को बाँटने की कोशिश की  ?

कोशिश करके इस राज को जानने में लग जाओ दोस्तों  || 

 

क्या रचनाकार ने ऐसी दुनिया बनाई थी  ?

क्या कुरुक्षेत्र की रणभूमि , रचनाकार ने बनाई थी  ?

यदि उसने बनाई , तो क्यों बनाई  ?

यदि उसने नहीं बनाई , तो फिर किसने बनाई   ?? 

 

Thursday, March 19, 2026

VICHARON SEY HII ( KSHANIKAA )

 

                    विचारों से ही 

 

सुंदर से सुंदरतम तक , फूलों से चमन तक  ,

कदमों को बढ़ाते  जाओ दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष तक , धरा से गगन तक  ,

रुको ना बढ़ते जाओ दोस्तों   || 

 

अधिक से अधिकतम तक , फूलों से महक तक ,

महक से महकते जाओ दोस्तों  ,

तितलियों की फर - फर तक  , बच्चों की दौड़ तक  ,

तुम भी दौड़ लगाते जाओ दोस्तों   || 

 

पहाड़ों की कंदराओं तक , नदिया के उद्गम से सागर तक  ,

तुम भी बहते जाओ दोस्तों ,

पंछियों के घोंसलों तक , पंछियों की ऊँची  उड़ान तक , 

कोशिश करके उड़ते जाओ दोस्तों  ,

पंखों से ना सही , विचारों से ही  दोस्तों   || 

 

Wednesday, March 18, 2026

PYAAR BHAR LO ( KSHANIKAA )

 

                         प्यार भर लो 

 

जिंदगी हरा देती है  मृत्यु को  ,

जिंदगी हमेशा जन्म से जुड़ी रहती है  ,

जन्म और मृत्यु का नाता , आपस में जुड़ा है  ||

 

अच्छे स्वास्थ्य और बीमारी भी , आपस में जुड़े हुए हैं  ,

अच्छा स्वास्थ्य हो तो , बीमारी दूर ही रहती है  ,

और बीमार रहने वाले का  , स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता   || 

 

आँखों में आँसू आएँगे  , 

तो होठों पर मुस्कान नहीं आएगी  ,

और मुस्कान तो तभी आएगी , जब आँखों में ,

उदासी नहीं खुशी की चमक होगी  || 

 

दिल  प्यार की धड़कन होगी  ,

तभी नफरतों के लिए जगह नहीं होगी  ,

तो प्यार की धड़कन को दिल में  ,

भर लो दोस्तों  , प्यार - प्यार - प्यार -प्यार भर लो   || 

 

Tuesday, March 17, 2026

MANJIL PAA JAAO ( KSHANIKAA )

 

                    मंजिल पा जाओ 

 

समय की धारा में , सभी को बह जाना है  ,

अपनी - अपनी मंजिल को  , सभी ने तो पाना है  ,

इस दुनिया की हर राह को , सभी ने पार करना है ,

हँस कर सभी ने तो , ये जीवन बिताना है   || 

 

अपनी राहों को देख लो , समझ लो दोस्तों  ,

तभी तो तुमने अपना , पहला कदम बढ़ाना है  ,

जिंदगी में आए रिश्तों को ,बना तो लोगे तुम ,

मगर ये सोचकर आगे  बढ़ना , किसको तुम्हें निभाना है  ?? 

 

जो तुम्हें प्यार दे , तुम्हारे प्यार के बदले ,

जो तुम्हारे दो कदम के सामने ,बढ़ाए दो कदम ,

थाम लो तुम हाथ प्यार से , उसी का दोस्तों  ,

क्योंकि उसी के साथ मिल कर , ये रिश्ता निभाना है  || 

 

तभी तो समय की धारा के , पार तुम जा पाओगे  ,

जीवन अपना और दूसरे  का भी , सफल बना पाओगे  ,

चलो तो हाथ पकड़ो , मुस्कुराओ और दोस्तों  ,

मंजिल अपनी पा जाओ , मंजिल अपनी पा जाओ   || 

 

Monday, March 16, 2026

DIL CHAAHTAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                             दिल चाहता है 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

ऊपर नीले गगना में उड़ जाऊँ मैं  ,

ऐ पंछी दो पंख उधार दे दे मुझे  ,

गगना में जाकर बदरा  संग  झूल  जाऊँ मैं  ,

चंदा को भी पास से देख आऊँ मैं  ,

पंछी तेरा बहुत  एहसान होगा मुझ पर   || 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

सागर की लहरों  लेट कर तैरती रहूँ  ,

चंचल लहरों संग मैं खेलती रहूँ ,

लहरों का प्यार पाऊँ और अपना प्यार दूँ  ,

सागर बुला मुझे और तैरना सिखा मुझे   || 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

चमन में फूलों के बीच ,

फूलों की तरह खिल जाऊँ मैं  ,

रंगीन तितलियों को अपने पास बुलाऊँ मैं  ,

अपनी महक को फैलाकर , चमन को महकाऊँ मैं  ,

ऐ फूलों महकना सिखा दो मुझे  ,

तितलियों से बात करना भी सिखा दो मुझे   || 

 

Sunday, March 15, 2026

KHETAA JAA ( KSHANIKAA )

 

                          खेता जा 

 

दिल की बातों को सुन ले यारा  ,

उन्हीं का तो है तुझको सहारा  ,

दिल बोलता हमेशा सच ही यारा  ,

झूठ का कभी भी ना लेता सहारा   || 

 

सच और प्यार से , भरी ये बातें करता , 

जिंदगी में मुस्कानों के , साथ आगे बढ़ता  ,

तो दिल की ही सुन ले , दिल की सुन ले   || 

 

कौन जाने आगे की , राहें  कैसी होंगी  ?

फूलों से भरी होंगी  , या काँटों भरी मिलेंगी  ? 

तू अपने दिल - ओ - दिमाग को , तैयार अभी कर ले   || 

 

रुकना ना कहीं भी , किसी भी हालात में  ,

जीवन की नैया को कभी भी , डुबोना ना भंवर में  ,

नैया को किनारे के , कम पानी में भी ना फँसाना  ,

गहरे पानी में ही तू , इसे खेता जा यारा   || 

 

दिल भी  खुश होगा  , दिमाग भी शांत होगा  ,

तभी तो होठों पर , मुस्कान तू लाएगा  ,

और अपनी नैया , पार लगाएगा  यारा   || 

 

DILLII SE SAAGAR ( KSHANIKAA )

 

                        दिल्ली  से सागर 

 

दिल्ली है ये दिल्ली , दिल्ली है दिल वालों की ,

हम जैसे मतवालों की , बस गए हम दिल्ली में  ,

सपने पलते गए दिल्ली में  , पूरे हुए हमारे सपने  || 

 

तभी एक आवाज है आई , सागर ने आवाज लगाई  ,

आ जाओ , आ भी जाओ , और हम दौड़ चले  ,

सागर के प्यार में खो गए , डूब गए  ,

सपने बदले , पलते गए , और पूरे हुए   || 

 

तभी दिल्ली ने पुकारा , एक बार तो आजा ,

आए हम और प्यार में  , फंस गए  दिल्ली में ,

सागर ने कहा ,जोर से पुकारा ,ऐ - दोस्त  ,

वापस लौट कर आ  , वहाँ मत रुकना , 

और  हम लौट आए  , हम लौट आए   || 

 

MUKTAK - 7

 

                             मुक्तक - 7 

 

दुनिया में सरहदें हैं  , देशों को बाँटने वाली  ,

मानव को अलग - अलग ,टुकड़ों में करने वाली ,

क्या कर रहा है मानव  ? क्यों तू यूँ बँट रहा है   ?

प्यार को बढ़ा कर  . सरहदों को खत्म कर दे  || 

MUKTAK - 6

 

                          मुक्तक - 6 

 

हवा तो उड़ती जाए , धूप चमकती जाए  ,

धूप  से सारा जग चमके  , जीवन बढ़ता जाए  ,

तभी तो सूरज अपना , जीवन दाता कहलाए   ||  

MUKTAK - 5

 

                                 मुक्तक - 5 

 

सतरंगा इंद्रधनुष ,चमका जब गगन में ,

मेरा दिल झूम उठा  , खड़े - खड़े अंगना में  ,

सारा जग नाच उठा  , प्यार भरे , मनुहार भरे राग में   ||  

MUKTAK - 4

 

                            मुक्तक - 4 

 

बड़े - बड़े शहरों की राहें , भरी हुई हैं भीड़ से ,

गाड़ियों की रफ्तार से , हॉर्न के बढ़ते शोर से ,

जीवन क्या ऐसा बनाया  ? दुनिया के रचनाकार ने  || 

 

 

MUKTAK - 3

 

                                  मुक्तक - 3 

 

नहीं एक महिला दिवस , साल में एक बार ,

हर दिन होता है दोस्तों  ,हर दिन और हर वार ,

महिला ही है इस , जीवन का आधार ,

दाता ने ही बनाया , उसको शक्ति का अवतार   ||  

MUKTAK - 2

 

                           मुक्तक - 2 

 

पंछी तू दे दे पंख मुझे ,

मैं कीमत तुझे चुका पाऊँ , इतनी मेरी औकात कहाँ  ?

ऋणी मैं सदा रहूँगी पंछी  , तेरे ही मैं गुण गाऊँगी ,

नमन तुझे है , नमन तुझे   ||  

MUKTAK - 1

 

                           मुक्तक - 1 

 

जीवन में जो धन है हमारा  , सबसे पहला दोस्ती  ,

साँसें हैं , धड़कन है , होठों पर आई मुस्कान है  ,

प्यार है  ,विश्वास है , समेट लो , कमा लो   ||  

Wednesday, March 4, 2026

HEY RACHNAAKAAR ( AADHYAATMIK )

 

                     हे रचनाकार 

 

दुनिया के दुःख , दर्दों को दूर कर देना  ,

सभी के आँचल में  , सुख भर देना  ,

सुन रचना करने वाले  , संसार चलाने वाले   || 

 

मानव गलतियों का पुतला है  ,

सिर्फ अपना सुख ही चाहता है  ,

तुम उसकी बुद्धि को , कर दो विकसित  ,

सुन रचना करने वाले  , संसार चलाने वाले   || 

 

मानव खुद ना समझेगा , 

उसको समझाना पड़ेगा , हे रचनाकार  ,

जब मानव समझ जाएगा  ,

तभी तो वह इंसान कहलाएगा  ,

और दुनिया को सुंदर बना लेगा   || 

 

Tuesday, March 3, 2026

FAAG ( PREM )

 

                           फाग 

 

राधा करे है , इंतजार कान्हा का ,

होरी का दिन है , कान्हा कहाँ गया री सखि  ?

कोई ना जाने , कान्हा कहाँ है   ?

कोई तो साथ दे , उसे ढूँढने में   || 

 

पल - पल बीता जा रहा  ,

सारे ग्वाले रंग उड़ा रहे  ,

गोपियाँ भी ढूँढ रहीं कान्हा को  ,

राधा पुकार -  पुकार ,बुला रही कान्हा को   || 

 

कहाँ छिपे हो कन्हाई  ?

आ जाओ , आ भी जाओ बरसाने में  ,

होरी का ये दिन कन्हाई  ,

सूखा , बेरंग ना बीत जाए   ||  

 

तभी कान्हा और ,ग्वालों की टोली  ,

दौड़ती हुई आई , अब तो  ,

राधा और गोपियों की टोली भी  ,

उनके सामने थी  , खूब  रंग बरसा  ,

और फाग खेला गया , फाग खेला गया  || 

 

Monday, March 2, 2026

JAHAAN PEY ( CHANDRAMAA )

 

                                     जहाँ पे 

 

जहाँ पे चाँद रहता है  ,वहाँ जाने के लिए ,

सीढ़ी तो लगा लो यारों  ,

आसमान में छेद करने के लिए  ,

ताकत से एक पत्थर तो उछालो यारों   || 

 

जब जाओगे चाँद पर तुम  ,

चंदनिया अपने झोले में भर लो यारों  ,

ला कर उसे अपने साथ में  , 

धरा को उस से चमका लो यारों   || 

 

चाँद है इस धरा का दोस्त  , चमकता आसमान में यारों ,

मुस्कानें उसकी हैं नशीली ,तुम भी थोड़ा नशा कर लो यारों  ||  

 

धरा भी दोस्त है चंदा की , प्यार करती है उसी से यारों  ,

दोनों की दोस्ती को तो , तुम और बढ़ा लो यारों   || 

 

धरा पे हम सभी रहते हैं  , मगर चंदा भी दोस्त है  ,

चंदा की दोस्ती को तुम  , ऊँचाई पे चढ़ा लो यारों   ||  

 

Sunday, March 1, 2026

MADDHAM ( JALAD AA )

 

                         मद्धम  

 

पवन तू मद्धम - मद्धम चल  ,

मेरा हाथ थाम के पवना , मुझको भी ले चल  ,

पवन तू मद्धम - मद्धम  चल   || 

 

गगना के फैले अँगना में , उड़ान बदरा की होगी  ,

तभी तो धरती की तपन मिटेगी  ,

इसीलिए तो , पवन तू मद्धम - मद्धम चल   || 

 

बदरा तो जल की खान , देती बरखा का दान  ,

तभी तो धरा की प्यास बुझेगी  ,

इसीलिए तो , पवन तू मद्धम - मद्धम चल   || 

 

 बदरा की सखि है दामिनी  , छेड़ेगी जब वो रागिनी  ,

तभी तो धरा की तलैया भरेगी  ,

इसीलिए तो  , पवन तू मद्धम - मद्धम चल  ,

मेरा हाथ थाम के पवना  , मुझको भी ले चल   || 

 

Saturday, February 28, 2026

LAHAREN ( RATNAAKAR )

 

                                रत्नाकर 

 

सागर ने दी आवाज  , लो सागर मैं आ गई  ,

लहरें अपनी चंचलता लेकर , सागर तट पार कर गईं ,

सागर उन्हें रोकता रहा , मगर कौन रोक पाया है   ?

उन चंचला लहरों को , जो दौड़ती , खेलती रहीं  || 

 

लहरों ने हाथ थामा , एक - दूजे की ओर दौड़ पड़ीं  ,

सागर की आवाज और उसकी , पाबंदी भी उन्हें रोक ना पाई ,

उन चंचला लहरों को , कौन बाँध पाया हैं  ?

वो तो आजाद हैं  , वो तो आजाद हैं   || 

 

शक्तिशाली सागर अपनी ही , लहरों से मानो हार गया  ,

सागर तो तट बंध को , तोड़ नहीं सकता  ,

मगर लहरें तो उछलती - कूदती , दौड़ती जाती हैं  ,

तट बंध को पार  कर जाती हैं  , और खिलखिलाती हैं   || 

 

Friday, February 27, 2026

FAAYADAA ( KSHANIKAA )

 

                             फायदा 

 

एक राह जो पकड़ी हमने , सच और ईमान की ,

मगर बेईमान दुनिया में , उसका क्या फायदा   ??

 

उस राह में चले हम अकेले , आगे - पीछे कोई नहीं ,

अगर कोई दूसरा भी होता , तो क्या फायदा  ?? 

 

जिंदगी तो मिली जो हमको  ,छोटी सी है ,

अगर लंबी भी मिलती , तो उसका क्या फायदा  ?? 

 

कभी ना चाहे हमने , जिंदगी में सारे सुख  ,

दुःख भी साथ ना हो , तो सुख का क्या फायदा  ?? 

 

अपनी उसी राह पर , हम चलते जाएँगे  ,

चाहे कोई भी हो कायदा  ,

चाहे कुछ फायदा हो , या ना हो फायदा   || 

 

Thursday, February 26, 2026

SAAT KII MAHIMAA ( KSHANIKAA )

 

                    सात की महिमा 

 

सात रंग आकाश में , जब मिल जाएँ  ,

तब इंद्रधनुष बन जाता है  ,

सात दिन हाथ पकड़ , जब चलते जाएँ  ,

तब एक सप्ताह बन जाता है   || 

 

संगीत के सात स्वर  , कानों में रस घोलें  ,

सरगम ये कहलाती है ,

सात कदम साथ चलते हुए , जीवन में सुख लाएँ  ,

ये सप्तपदी कहलाती है   || 

 

सात समंदर पार करने की  , तमन्ना सभी की ,

दुनिया के दूसरे छोर पर  , जाने की तमन्ना सभी की ,

सुंदर होगा सब कुछ  , जो इस जन्म में पूरी हो जाए   || 

 

साथ - साथ मिलकर जब , जन्मों जन्म बिताएँ ,

वो जन्म तो सातों जन्म  बन  जाए , 

यही तो जीवन है  जानम , जो सात जन्म का बन जाए   || 

 

 सातवें आसमान पर ही , परमात्मा रहता   ,

ये बात तो सभी हैं जानते और मानते  ,

सभी उस सातवें आसमान में जाकर  ,

उस परमात्मा से मिलना चाहते हैं   ||  

 

Wednesday, February 25, 2026

LADII MOTIYON KII ( KSHANIKAA )

 

                        लड़ी मोतियों की 

 

मोतियों  की लड़ी झूलती , है गगन में  ,

एक मोती सूरज है , जग में  उजियारा  देता ,

एक मोती चंदा है  , जो शीतल चाँदनी देता  ,

मोतियों की एक लड़ी हूँ मैं  , दामिनी गगन में   || 

 

अनेक  मोतियों की  लड़ी में  ,

एक मोती पृथ्वी है  , जीवंत  और प्यारी  ,

मानव इस पर अनमोल कृति  , उस रचनाकार की  ,

मुस्कान मिली है अनमोल उपहार  , उस रचनाकार से   || 

 

वीनस एक , बहुत खूबसूरत मोती  , इस लड़ी में ,

जो संध्या काल में ही  , चमकता गगन में  ,

ऐसा खूबसूरत मोती तो  , सबकी मुस्कान जगाता  ,

ऐसा खूबसूरत मोती तो  , सबके दिल में बस जाता   || 

 

रात के अंधियारे में देखो बंधु  ,

गगन में सब ओर , मोतियों का संसार चमकता है  ,

हर जगह मोती ही मोती ,झिलमिलाते हैं  ,

हर मानव उन्हें देख कर , मुस्कानें बिखराता है  ,

तो चलो दोस्तों हम भी  ,मुस्कानें बिखरा कर  ,

मोती की लड़ियों की , संख्या बढ़ा देते हैं    || 

 

 

Tuesday, February 24, 2026

SHOONYA ( KSHANIKAA )

 

                                  शून्य 

 

शून्य हूँ मैं शून्य बंधु  , गोल - गोल  शून्य  ,

सभी कहते हैं बंधु   , मोल नहीं कुछ शून्य का  ,

मगर ना मानूँ मैं  , कैसे मानूँ यह बात   ?

मैं तो हूँ अनमोल बंधु , मैं तो हूँ अनमोल    || 

 

किसी भी अंक के  , पहले लगा तो नहीं है मेरा मोल ,

मगर किसी भी अंक के , आगे लगा तो मैं अनमोल  ,

उस अंक का मोल भी बढ़ जाता  ,

जो अंक पाए मेरा साथ बंधु  || 

 

लगाते  जाओ अंक के आगे  शून्य - शून्य  ,

मोल बढ़ता - बढ़ता जाएगा  उस अंक का  ,

जितने शून्य लगाओगे  , उतना ही बढ़ेगा मोल  ,

चलो बंधु बढ़ा लो , अपने अंक का मोल  ,

मुझे लगाते चलो , जोड़ते चलो  ,

बन जाओ अनमोल ,  बंधु  बन जाओ अनमोल   || 

 

Monday, February 23, 2026

ICHCHHAA - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                        इच्छा - शक्ति 

 

घड़ी के पैर नहीं होते  , फिर भी चलती जाती हैं  ,

ना खुद रुकती है , ना किसी को रुकने देती है  ,

जीवन भी उसी की रफ्तार से ,चलता रहता है   || 

 

जीवन के चलने के साथ ही  ,

भाव बढ़ते हैं  , आशाएँ बढ़ती हैं  ,

मगर बताओ दोस्तों  , क्या भरोसा बढ़ता है   ?

यही भरोसा तो , जीवन का आधार है  ,

इसी से जीवन  , अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता है  || 

 

वैसे घड़ी तो बैटरी से चलती है  ,

मगर जीवन साँसों से , और सपनों से चलता है  ,

साँसें चलेंगी , तो जीवन चलेगा  ,

सपने पलेंगे , तो जीवन पलेगा ,

तो चलाइए जीवन को , मनचाही राह पर  ,

कीजिए अपने सपने पूरे  , अपनी इच्छा - शक्ति से  ,

तभी तो जीवन सुंदर होगा  दोस्तों   || 

 

Sunday, February 22, 2026

GUNN FOOLON KE ( KSHANIKAA )

 

                        गुण फूलों के 

 

जिंदगी फूलों की लड़ी है यारों  , 

इसको मुस्कानों से सजा लो यारों ,

फूलों के संग काँटे भी तो होते हैं  ,

उनसे खुद को तो बचा लो यारों   || 

 

फूलों के रंग सुंदर से होते हैं  ,

यही जीवन को रंगीन बना सकते हैं  ,

फूलों से  रंग माँग कर  ,

जीवन को उन रंगों से , खूब सजा लो यारों   || 

 

फूलों की महक बहुत दिलकश होती है  ,

सारे जग को ये तो महका देती है  ,

उसी महक को अपनी साँसों में भर कर  ,

अपने जीवन को उसी से महका लो यारों   ||  

Saturday, February 21, 2026

MAHAK BAGIYAA KII ( KSHANIKAA )

 

                         महक बगिया की 

 

ये धरा एक बगिया है दोस्तों  ,फूल खिले हैं बहुत से ,

कुछ महक फैलाते  हैं दोस्तों  ,कुछ रंग बिखराते हैं  ,

तितलियाँ फर - फर उड़ती हैं  , बच्चे खूब दौड़ते हैं  ,

पकड़ने को तितलियों के  , पीछे - पीछे दौड़ते हैं   || 

 

अनेक जीव - जंतु बसते हैं यहाँ  , धरती के आँचल  में ,

मानव इस बगिया का  , मालिक बनना चाहता है  ,

इस चाहत को पाने को  , वह बगिया उजाड़ता  जाता है ,

रचनाकार है बगिया का मालिक  ,सब कुछ सुंदर बनाता है   || 

 

तुम भी ये बगिया महका लो दोस्तों  , बना लो उसको सुंदर ,

बगिया में बिखरेंगे रंग , वो तुम को भी रंग जाएँगे दोस्तों  ,

बगिया जो महकेगी दोस्तों  , तुम भी तो महकते जाओगे  ,

रचनाकार भी देख के बगिया  ,आँचल तुम्हारा  भर देगा ,  

तो अपना आँचल भर लो  ,  बगिया को महका लो  ,

रचनाकार के प्यार को  समेट लो दोस्तों   ||   

 

Friday, February 20, 2026

IISH - ICHCHHAA ( AADHYAATMIK )

 

                         ईश - इच्छा 

 

जिसका भरोसा टूटा इस जहां में  ,

वह खुद ही टूट गया  ,

जिसे धोखा मिला इस जहां में ,

वह धोखे में डूब गया , लूटा गया उसको  ,

दुनिया रंग - बिरंगी है दोस्तों   || 

 

हर कीमत , हर पग  पर , चुकाते आए हैं दोस्तों  ,

आगे क्या होता है  ? यह तो ईश्वर ही जाने  ,

उसी का भरोसा है  हमको  ,हम जानते हैं  ,

ईश्वर हमारा भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे   || 

 

हम कुछ भी माँगें , या ना माँगें ,

हम जानते हैं , ईश्वर हमें वह सब जरूर देंगे  ,

जो हमारे भाग्य में लिखा है  ,

और जो कुछ हमारे लिए अच्छा है   || 

 

हे ईश्वर हमें ही नहीं , पूरे विश्व को ,

कुछ ऐसा ही देना  , जो उनके लिए अच्छा है  ,

हम पर भी उन्हीं के साथ रखना  ,

अपनी कृपा बनाए रखना ईश    || 

  

Thursday, February 19, 2026

SAJAA LO DOSTON ( KSHANIKAA )

 

                         सजा लो  दोस्तों 

 

अँधियारा घिरा है अगर  , 

निकल कर उजियारों में आओ दोस्तों ,

अज्ञानता अगर राहें रोकती हैं , 

मुड़कर ज्ञान पथ पर आओ दोस्तों  ,

ये जहां रंगों से इंद्रधनुष सजा लो दोस्तों   || 

 

प्यार से दुनिया सुंदर बनी  हुई है  ,

आप भी प्यार को अपना लो दोस्तों  ,

रिश्तों से जीवन सुंदर लगने लगता है  ,

रिश्तों से जीवन सजा लो दोस्तों  ,

दोस्ती  का दूसरा नाम ही जीवन है  ,

इसी जीवन को अपना लो दोस्तों   || 

 

मुस्कान चेहरे पर सबसे सुंदर मेकअप है ,

होठों पर इसे सजा लो दोस्तों  ,

मुस्कान बाँटोगे तो बदले में मुस्कान मिलेगी ,

बाँटो इसे खूब दोस्तों  ,

सूरज की कुछ रश्मियों को समेट कर ,

आँखों की चमक को बढ़ा लो दोस्तों  || 

 

बीते कल को भूल कर ,

आगे आने वाले कल में कदम रख लो दोस्तों  ,

बीत गया सो बीत गया , 

आगे की चिंता भी मत करो दोस्तों  ,

भूत ,भविष्य दोनों अपने हाथ में नहीं  ,

सिर्फ आज है , उसमें तो मुस्कुरा लो दोस्तों   || 

 

Wednesday, February 18, 2026

KRODH ( KSHANIKAA )

 

                              क्रोध 

 

बहुत से भावों में ,  एक भाव है क्रोध  ,

 उसे दूर ही रहने दो यारों  , पास ना लाओ  ,

दिल - दिमाग में प्यार को बसा लो  ,

 ना बसाओ क्रोध  ,अगर क्रोध को बसाओगे तो  , 

मंजिल के रास्ते में आएगा क्रोध  यारों    || 

 

कभी - कभी सभी को , किसी बात पर आता है क्रोध ,

उस समय मौन व्रत रख लो दोस्तों  , 

मत बताओ अपने राज , कोई निर्णय ना लो  ,

उस समय दोस्तों  , हो सके तो संगीत सुनो , 

प्यार के गीत गुनगुनाओ यारों    || 

 

संगीत एक सुंदर और प्यारा रास्ता है  ,

जो क्रोध को खत्म कर सकता है दोस्तों  ,

क्रोध खत्म हुआ तो ,दिल शांत होगा  ,

और दिल में उगेंगे  , प्यार  के नगमें  ,

होठों पर उभरेंगी  , मनमोहक मुस्कान दोस्तों    || 

 

Tuesday, February 17, 2026

PYAAR KAA SAAGAR ( KSHANIKAA )

 

                          प्यार का सागर 

 

हौसलों को पकड़ कर रखो दोस्तों  ,

यही तो जीवन भर साथ निभाएँगे  ,

भाग्य के सहारे , बैठे ना रहना दोस्तों  , 

तुम हाथ मलते ही रह जाओगे   || 

 

मेहनत ही तुम्हारा हथियार है दोस्तों  ,

उसी को अपनी ताकत बना लो दोस्तों  ,

तभी तुम अपना जीवन संवार  पाओगे   ,

और अपने जीवन में मुस्कानें भर पाओगे    || 

 

मुस्कानें तुम्हारे जीवन में , उजाला कर देंगी  ,

तुम्हारे दिल  की चाहतों  को बढ़ा देंगी  ,

तभी तो तुम प्यार को समझ पाओगे  ,

और प्यार के सागर में डूब जाओगे   || 

 

Monday, February 16, 2026

JIVAN APNAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                                 जीवन अपना है 

 

सारी मुस्कानें बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को ,

प्यार भी सारा बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को  ,

ये बँटवारा जरूरी है दोस्तों  , अपना हिस्सा भी रख लो  ,

नहीं तो अपना खजाना  , खाली रह जाएगा दोस्तों   || 

 

सब कुछ बाँटोगे तो कोई भी  , नहीं आएगा देने  ,

नैया जो डूबेगी तुम्हारी  , कोई नहीं आएगा खेने  ,

कैसे तुम पाओगे अपने  , जीवन की मंजिल   ?? 

 

जीवन अपना सुखी बना लो  , प्यार के बोलों से  ,

जीवन अपना रंगीन बना लो  ,मुस्कानों के फूलों से  ,

 जीवन  का  आकाश सजा लो  , इंद्रधनुष के रंगों से  ,

ये जीवन अपना है दोस्तों  , ये जीवन अपना है दोस्तों    || 

 

Sunday, February 15, 2026

BESHUMAAR ( KSHANIKAA )

 

                                    बेशुमार 

 

मैं हूँ धरा तुम्हारी  , तुम हो मेरा आसमां  ,

बहुत खूबसूरत है दोस्तों  , हमारा ये जहां  ,

प्यार ही पलता  है दोस्तों  , बेशुमार यहां  ||  

 

मुस्कानें खिलती हैं , हर ओर दोस्तों  ,

जिंदगी मिलती है  , हर ओर दोस्तों  ,

सभी कुछ पा लो दोस्तों  , बेशुमार यहां   ||

 

रंग बिखरे हैं इस , धरा पर दोस्तों  ,

फूल निखरे हैं चमन में , खूब दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष सजा  लो , साथ में आसमां   || 

 

तुम जो मुस्काओगे दोस्तों  ,

समां  भी  तो खिलखिलाएगा दोस्तों  ,

उन्हीं से झिलमिलाएगा  , सारा ये जहां   || 

 

 

 

Saturday, February 14, 2026

HALAAHAL ( AADHYAATMIK )

 

                             हलाहल 

 

शिव ने जब पिया हलाहल , धरा को बचाया उससे ,

अपने कंठ में ही रोक लिया ,धरा को बचाया उससे , 

धरावासियों  ने उनको पुकारा , नीलकंठ के नाम से   || 

 

बचा लिया शिवशंकर ने , धरा को एक विनाश से ,

मगर जब भगीरथ गए , और प्रार्थना की गंगा से  ,

जब गंगा राजी हुईं तब ,शिव ने ही अपनी जटाओं में  ,

समाया गंगा की लहरों को , और बचाया गंगा  बहाव से  || 

 

ऐसे ही शिवशंकर को ,हमारा प्रणाम है ,

उन्हीं को हम शीश नवाते हैं , नमन करते हैं  ,

जय -जय , जय - जय , हे शिवशंकर  ,

दो आशीष  हमें , दो आशीष हमें   ||