Saturday, August 8, 2026

DAREECHEY MEIN ( PREM )


                           दरीचे में 


दिल के दरीचे में , जो हमने तस्वीर है लगाई  ,

उसी ने हमारी , रातों की नींद है उड़ाई ,

वो तस्वीर तो हमें , बहुत प्यारी है  ,

उसी ने तो नींद से , हमारी दुश्मनी बनाई   || 


उस तस्वीर को हम , सभी को नहीं दिखा सकते ,

उसे तो हम , बेनकाब कर नहीं सकते  ,

उस तस्वीर में हम , प्यार के रंग तो भर सकते ,

मगर उसे हम , दिल से मिटा नहीं सकते   || 


वह तस्वीर तो हमारी जिंदगी है ,

वह तस्वीर तो हमारी बंदगी है  ,

वही तो हमारा सच्चा प्यार है ,

उसी के प्यार में तो हमारा ,

दिल बेकरार है , दिल  बेकरार है   || 


Friday, August 7, 2026

JAGMAGAA UTHEGAA ( JIVAN )


                जगमगा उठेगा 


बोल दोस्त ,मीठे - मीठे  बोल , मन मोहें सबका  ,

प्यार भर ले जीवन में , मुस्कान सबकी जगा  ,

बयार के समान रख , गति धीमी और शीतलता ,

खुद भी बयार के , समान ही बन जाना  || 


तेज गति ले के , आँधी ना बन जाना  ,

जो अपने साथ , विध्वंस लाती है  ,

बयार का हाथ पकड़ , धीरे कदम बढ़ाना  ,

पहुँच के अपनी मंजिल , मुस्कानें फैलाना  || 


मीठे बोल , धीमी बयार , मुस्कानें शीतलता ,

ये सब गुण जगा ले , अपना मन जगा ले ,

प्यार में ये गुण तुझे , पहुँचाएँगे मंजिल तक ,

जीवन जगमगा उठेगा तेरा , जगमगा उठेगा   || 

Thursday, August 6, 2026

DHARAA MUSKAAI ( GEET )

 

                            धरा मुस्काई 


पेड़ों से छनकर , धरा पे धूप जब आई , धरा मुस्काई ,

शीतल सी बयार , कोंपलों से टकराई ,धरा मुस्काई ,

बद्र की रिमझिम बूँदें , धरा से टकराई ,धरा मुस्काई || 


परिंदो की मीठी तान , जग में छाई , धरा मुस्काई  ,

उछलती नदिया की ,छल-छलाहट आई,धरा मुस्काई ,

सागर की लहरों की उछाल , जब आई ,धरा मुस्काई  || 


फूलों की रंगत पर, जब तितलियाँ आईं ,धरा मुस्काई ,

फूलों की महक से ,जब महकी अँगनाई ,धरा मुस्काई ,

साँझ की लालिमा ,जब गगन पे छाई , धरा मुस्काई  || 


रात का अँधियारा छाया ,गगना से चाँदनी उतर आई ,धरा मुस्काई ,

धीरे -धीरे तारों की बारात जगमगाई , धरा मुस्काई ,

सभी कुछ देख जग में ,धरा मुस्काई ,

धरा मुस्काई ,हाँ जी ,धरा मुस्काई  || 




Wednesday, August 5, 2026

RAAT KAA SAMAA ( CHANDRMAA )


                          रात  का समां 


रात का अँधियारा  छाया , धरा और गगना में ,

धरा ने दी आवाज , जो पहुँची गगना तक  ,

चाँद ने सुनी , वह गगना में चमका ,

तारे भी दौड़े - दौड़े आए , चाँद के साथ दोस्तों   || 


धरा मुस्काई उन्हें देखकर  ,

चाँदनी की ओढ़नी , धरा ने ओढ़ी ,

  सारा  जग चमचमा उठा , चाँदनी की चमक से  ,

अँधियारा दूर हुआ , चाँदनी की चमक से दोस्तों  || 


जगवासी रात के अँधियारे में , ये चमक देख मुस्काए ,

उन  सभी की आँखों में , उतर आई एक चमक ,

दिल सभी के गुनगुना उठे , साथ मिलकर  ,

ये ही रात का प्यारा समां है दोस्तों   || 

Tuesday, August 4, 2026

TELIPATHII ( PREM )


                               टेलीपैथी 


दिल ले करीब जो होते हैं  , वही सच्चे दोस्त होते हैं  ,

जो हम को समझते हैं , हम जिनको समझते हैं ,

आपस में हम मुस्कानें बाँटते हैं  || 


रहें पास या दूर , मगर यादों में बसते हैं  ,

कभी भूले नहीं जाते , दिल में समाए रहते हैं  ,

उदासियों में वही दोस्त , तो साथ देते हैं  || 


नहीं जरूरत होती फोन , या मैसेज की दोस्तों  ,

दिल से निकलने वाली , तरंगों से ही काम लेते हैं  ,

उसी को तो दोस्त  , टेलीपैथी कहते हैं  || 

Monday, August 3, 2026

BADARIYAA ( JALAD AA )


                           बदरिया 

संदेसा बदरिया का आया  , सखि आ रही हूँ मैं  ,
दौड़कर आई बाहर मैं  , 
बदरिया मुस्कुरा दी खूब , बोली -- वाह ,
तुझसे मिलने की , मुझे बहुत थी चाह   || 

दोनों हाथ थाम , मेरे आँगन में जा बैठे ,
बतियाते रहे घंटों , वहीं  बैठे - बैठे  , 
ना सुध थी  किसी को , क्या काम है बाकि  ?
बीता पूरा पहर , वहीं बैठे - बैठे  || 

तभी दामिनी चमकती आई , मेरे आँगन में ,
उसकी कड़क सुन , हम हिल गए बैठे - बैठे ,
मुझे भूल कर , बतिया रही हो दोनों  ,
यह सुन कर तो हम , हँस दिए बैठे - बैठे   || 

Sunday, August 2, 2026

MAHSOOS ( PREM )


                               महसूस 


एक सखि थी हमारी , उम्र में हमसे काफी छोटी थी  ,

मगर दिल के बहुत करीब थी ,उम्र रुकावट नहीं थी  || 


जब भी वो दोस्त आती , तो रात को हम दोनों  ,

छत पर तारों की छाँव में बैठते , मुस्कुराते थे  ,

मैंने फूलों के पौधे लगाए थे , हम फूलों की महक लेते थे ,

घंटों बातें करते थे ,और खिलखिलाते थे   || 


हम दोनों में प्यार का , रिश्ता इतना गहरा था ,

कि हम स्वयं को , एक -दूजे के बहुत करीब समझते थे ,

आज भी वो तारों की , छाँव याद आती है , 

आज  भी  वो फूलों की महक , महसूस होती है  ,

आज मेरी वह सखि , इस दुनिया में नहीं है  ,

ईश्वर उसकी आत्मा को शांति दें  || 

 


MADHUR PYAAR ( RATNAAKAR )

 

                              मधुर  प्यार 

 

जब भी दोस्तों ने पुकारा  , हम चले आए  ,

आज तो रत्नाकर ने दी आवाज  , लो हम चले आए   || 

 

लहरें उछल - उछल कर  , मचल - मचल कर ,

हमारे पास में आईं , हाथ थाम कर  ,

वो ले चलीं , रत्नाकर के द्वार  || 

 

हम भी हँस  दिए , उनकी चपलता पर  ,

और चल दिए , रत्नाकर के द्वार  ,

आज खुल गया था  , रत्नाकर का द्वार  ,

हमने कदम रखा अंदर  , देखा उसका घर - द्वार  || 

 

बसी थी पूरी , नई दुनिया अंदर  ,

जो थी अनदेखी , अनजान मगर सुंदर  ,

नन्हीं मछलियाँ , हमारे इर्द - गिर्द घूम कर  ,

दिखा रहीं थीं  , अपना सुंदर व्यवहार   || 

 

लहरों और मछलियों की चपलता देखकर  ,

हम तो भूल गए अपना संसार  ,

डूब  गए  हम उस  अनोखी दुनिया में  ,

पाकर उन सबका प्यार  , मधुर प्यार   || 

 

Saturday, August 1, 2026

SARHADEN ( DESH )

 

                                 सरहदें 

 

लकीरें रचेता ने सिर्फ , हाथों में बनाईं  ,

एक हाथ में किस्मत की  , दूसरे में अपने कर्म की  ,

मानव ने लकीरें घरों में खींचीं  , ये तेरा घर ,  ये मेरा  घर  ,

घरों के बाद ये लकीरें , देशों की सरहदें बना दी गईं  || 

 

देशों में रहने वाले पहले  , दोस्त हुआ करते थे , 

मगर अब सरहदों के पार , रहने वाले दुश्मन हो गए ,

दोस्तों इन लकीरों को , अपने दिलों पर ना बनाना  ,

नहीं तो दिल भी दुश्मनी में ,डूबकर दूर हो जाएँगे   || 

 

सरहदों के पार रहकर भी , मुस्कान तुम देना  ,

दोस्त ना बना पाओ ,कोई बात नहीं  ,

उन्हें दुश्मन ना बनाना ,

फूलों की खुश्बु  , जैसा हवाओं के साथ ही  ,

दूर से तुम मुस्कुरा कर  , मुस्कानें बिखराओ  ,

बदले में तुम भी मुस्कानें पाओगे   || 

 

Thursday, July 30, 2026

PYAAR RACHETAA KAA ( AADHYAATMIK )

 

                             प्यार रचेता का 

 

अपनी सारी परेशानियाँ बता दो , उस रचेता को  ,

जिसने जहां बनाया , और भरोसा रखो उसी पर  ,

वो सब ठीक करेगा ,जीवन उसने दिया ,वही संभालेगा  ,

हरदम   वो सबके साथ है , वह साथ निभा लेगा  || 

 

राह वही चुनेगा , हमारे चलने के लिए  ,

साँसें उसने दी हैं , तो वही उसे चलाएगा  ,

हर कठिनाई को , पार करवाएगा  ,

 सुकून की नींद , वही तो सुलाएगा   || 

 

बस भरोसे के साथ , उसी के बताए ,

मार्ग पर चलते चलो दोस्तों  ,

 वही कर्म करते चलो ,

जो उसने निर्धारित किए हैं दोस्तों   || 

 

तभी तो जीवन जी पाओगे दोस्तों  ,

उस रचेता के प्रिय बन पाओगे दोस्तों  ,

उनका प्यार पा जाओगे दोस्तों   ||  

Wednesday, July 29, 2026

SAHELII ( PREM )

 

                             सहेली 

 

कई बार हम सोचते हैं , सेवा - निवृत्ति के बाद ,

हम अकेले हैं , बच्चों के समझदार होने के बाद  ,

मगर दोस्तों ये पूरा सच नहीं है  ,

आप सब हैं  ना , हमसे बातें करने के लिए   || 

 

अरे - रे मेरी लेखनी तो है , मेरी सच्ची सहेली  ,

मेरी सच्ची दोस्त , रात - दिन साथ निभाती सहेली ,

मेरी भावनाओं को ,शब्दों में बदलती सहेली  ,

वही लेखनी जो , कागज की भी है सहेली  || 

 

दोस्तों एक ऐसा सच्चा , दोस्त हो या सहेली  ,

तुम भी अपना लो , ऐसा दोस्त या सहेली ,

जिंदगी सरल और  , सुगम हो जाएगी  ,

हाथ पकड़ेगा जब ऐसी सहेली  ( लेखनी  ) ,

दोस्तों अब तो ना , तुम अकेले हो  ,

और ना मैं ही हूँ अकेली   || 

 

Tuesday, July 28, 2026

KAROD PATII ( KSHANIKAA )

 

                           करोड़पति 

 

यदि आप करोड़पति हैं दोस्तों , तो जानते ही हैं  ,

एक करोड़ में एक के बाद , सात जीरो आते हैं  ,

ये तो संख्या की बात है दोस्तों  || 

 

अगर आप जीवन में , अलग तरह से करोड़पति हैं ,

तो एक के बाद जीरो के स्थान पर ,

कुछ अलग ही आता है  , ( 10000000  )   || 

 

एक नंबर पर है  ----------  स्वास्थ्य  ,

पहले जीरो की जगह  ---- धन है  ,

दूसरे जीरो की जगह  ---- घर है  ,

तीसरे जीरो की जगह  ---- परिवार है ,

चौथे जीरो की जगह  ----- जीवन है  ,

पाँचवे जीरो की जगह  ---- कार है  ,

छठे जीरो की जगह  -----  नींद है  ,

सातवें जीरो की जगह  ----  सपने  हैं   || 

 

जीरो से पहले की संख्या -- स्वास्थ्य को ,

ठीक रखना जरूरी है , यदि स्वास्थ्य  ठीक है   ,

तो जीरो के स्थान पर , आने वाला सभी  ,

कुछ ठीक हो जाएगा , अन्यथा सभी कुछ ,

खत्म  यानि जीरो   ( 0 )  हो जाएगा दोस्तों   || 

 

Monday, July 27, 2026

VISHESH ( JIVAN )

 

                                    अवशेष 

 

जिंदगी ने जो समय दिया हमें  ,

लंबा समय तो बीत गया  ,

अब बचा शेष समय , हमें सुंदर बनाना है  ,

इसका अर्थ है उसको , विशेष बनाना है  , 

जिससे बचा समय सुगम ,

 सुंदर  और  मनमोहक बन जाए  || 

 

बीता समय सुंदरता से बीता ,  

फूलों की महक से भरा रहा , आगे भी महकेगा  ,

होठों पर मुस्कान जगी रहेगी  ,

यही हमारी दौलत है  दोस्तों ,

इसी दौलत से हम  , अपनी जिंदगी सजाएँगे  ,

और शेष जीवन विशेष बनाएँगे   || 

 

यही सब जरूरी है दोस्तों  ,

जीवन के समय को विशेष बनाना  ,

वरना तो शेष समय , अवशेष ही बनेगा   ||  

 

Sunday, July 26, 2026

THAHAAKE ( KSHANIKAA )

 

                            ठहाके  

 

वो दिन कुछ कितने सुंदर थे  ? जब हम बच्चे थे दोस्तों  ,

ना मोबाईल , ना टी .वी .  , ना कम्प्यूटर थे दोस्तों  ,

 दोस्तों के साथ मिलकर  , खेलते थे हम दोस्तों  ,

फोन करके नहीं बुलाते थे  , आवाज दे कर बुलाते दोस्तों   || 

 

रात को छत पर साथ - साथ सोते थे  , गगना की छाँव में  ,

चाँद - तारों को देखते हुए , बातें करते हुए सोते थे दोस्तों  ,

मुस्कानों के बीच में , खिलखिलाहटें भी सजती थीं दोस्तों ,

बिना फोटो लिए ही ये यादें , जीवन भर मुस्कानें देंगी दोस्तों  || 

 

क्या गुल्ली - डंडे या कंचों की , फोटो ली गई दोस्तों  ,

मगर नाम लेते ही , चलचित्र के समान फ्लैश बैक आ जाता है  , 

लुका - छिपी और आईस - पाईस  खेलते हुए , डैन आने पर ,

सबके छिपने पर , हम तो घर जाकर बैठते  थे दोस्तों  ,

इंतजार के बाद सभी दोस्त , हमें ढूँढते हुए आते  ,

और ठहाके गूँज उठते दोस्तों   || 

 

Saturday, July 25, 2026

CHAIN KII NIIND ( KSHANIKAA )

 

                              चैन की नींद 

 

जीवन में जो मोड़ आते हैं  , कुछ को वक्त लाता है  ,

कुछ किस्मत में होते हैं  , कुछ को हालात लाता  है  ,

सभी मोड़ सबक सिखाते हैं  , वक्त बीत जाता है   ,

यादें रह जाती हैं  , वक्त लौट नहीं पाता   है  || 

 

कर्म करते हुए , हम सोचते हैं दोस्तों  ,

ये कर्म हमने किया , करने के बाद हम सोचते हैं  ,

ये कर्म अच्छा है या बुरा  , और उलझन में पड़ते हैं  ,

पर क्या हम जानते हैं  , रचेता ही हमसे कर्म कराता है   || 

 

और जब हमें समझ आता है ,

कि रचेता ने हमसे कर्म कराया है  ,

तो उलझन सुलझ जाती है  ,

रचेता ही चैन दिलाता है  , चैन की नींद सुलाता है   || 

 

Friday, July 24, 2026

SHAAYAD ( KSHANIKAA )

 

                           शायद 

 

भीड़ में लोग तो मिलते हैं  , मगर क्या अपने हैं वो  ?

सभी आपसी बातों में लगे रहते हैं , शोर का हिस्सा हैं  ,

वो सब बातें  , क्या तुम समझ पाते हो   ?? 

 

क्या तुम्हें उनकी बातों में  , अपनापन महसूस होता है   ?

नहीं ना  ! तो फिर वो तुम्हारे अपने नहीं हैं   ,

आपसी बातों में वक्त बिताकर  , सब वापिस जाते हैं  || 

 

अरे , दोस्तों देखो , दो लोग रुके हैं  , शायद वो अपने हैं  ,

उनकी  मुस्कान ,  उनका व्यवहार तो सुंदर है  ,

शायद वही तुम्हारे अपने हैं  ,

और उन्हें तुम्हारी फिक्र है  || 

 

आओ - आओ , दोस्ती करते हैं उनसे  ,

मुस्कानें बाँटते हैं उनसे , आओ नए दोस्त हैं तुम्हारे  ,

मुस्कुराओ , खिलखिलाओ हमारे साथ   || 

 

Thursday, July 23, 2026

PRAJAATIYAAN ( KSHANIKAA )

 

                                 प्रजातियाँ 

 

दुनिया में मानव हैं  , जीव - जंतु हैं  , 

प्रकृति है  ---- 

पेड़ - पौधे , पहाड़ , नदियाँ , झरने , समंदर हैं ,

ये  सब तो सभी जानते हैं  दोस्तों   || 

 

जरा तांत्रिकों  से पूछो दोस्तों और कौन हैं  ?

परी हैं ,भूत हैं  , पिशाच हैं  , राक्षस हैं  , चुड़ैल हैं  ,

ये सब आपने देखे हैं क्या  ?

अगर देखे हों , तो हमें भी दिखाना या बताना ,

हमने कहानियाँ पढ़ी हैं दोस्तों   || 

 

ये अलग तरह की प्रजातियाँ ,

हम तो देख नहीं सकते , 

अगर देख लें , तो पहचान नहीं सकते  ,

इन्हें तो तांत्रिक ही , देख और पहचान सकते हैं   || 

 

हमें इन प्रजातियों के बारे में  ,

कुछ भी ज्ञान नहीं है दोस्तों  ,

तो अब लिखना बंद करती हूँ  ,

ठीक है ना दोस्तों  , विदा दोस्तों   || 

 

 

Wednesday, July 22, 2026

BHAAGYA - KARM ( KSHANIKAA )

 

                              भाग्य  - कर्म  

 

जो हमने भाग्य से पाया दोस्तों  , वह जीवन नहीं  ,

एक उपहार है , उस रचेता का  ,

जीवन तो वह है दोस्तों  , जो हमने अपने कर्मों से पाया है  ,

अपने कर्मों से बनाया है  , कर्म ही जीवन को बनाते हैं   || 

 

कर्म वही करो दोस्तों जो  , तुम्हारे और  ,

तुम्हारे अपनों के लिए , लाभकारी हों  ,

जो सबके दिल और दिमाग को शांति  दें  ,

जो सबके होठों पर , मुस्कानें सजा दें   || 

 

आओ   दोस्तों    थामो हाथ , अपने दोस्तों का  ,

और कर्म करने की  , लिस्ट बनाकर ,

आगे बढ़ो , कर्म करो  ,

और जीवन को सुंदर बना लो दोस्तों  ||  

 

 

Tuesday, July 21, 2026

MANJIL ( KSHANIKAA )

 

                                 मंजिल 

 

जीवन की राह पर कदम बढ़ाने  ,

पर मोड़ जो आते हैं  ,

पहला मोड़ हम पूरा कर लेते हैं  ,

होठों पर मुस्कान लिए  ,

आगे का मोड़ हम , खुद लेते हैं या नहीं  ?

कई बार वह मोड़  , वक्त ही ले आता है  || 

 

ये मोड़ हमें बहुत , कुछ सिखा जाते हैं  ,

कभी - कभी हालात ही  , मोड़ पार करना सिखाते हैं  ,

कई बार मंजिल भी , मोड़ में बदलाव लाती है  ,

अगर मंजिल बदल जाए  , तो मोड़ भी बदलेंगे  ,

इसलिए पहले मंजिल को निर्धारित करो  ,

तभी मोड़ भी उसी  अनुसार होंगे   ,

और सरलता से , तुम्हें मोड़ पार कराएँगे  || 

 

Monday, July 20, 2026

BAANTO ( KSHANIKAA )

 

                               बाँटो 

 

दोष तो सभी में होते दोस्तों  , ध्यान ना देना कभी  ,

ध्यान दोगे तो उसका नहीं  , अपना ही चैन गँवाओगे  ,

वो तो चैन से सोएगा तुम , नींद  अपनी  गँवाओगे  ,

भूल जाओगे दूजों को दोस्तों  , तो नींद में खो जाओगे   || 

 

शांत  करो अपने  मन को  , दिल की नैया को संभालो  ,

शांति को तुम दोस्तों  , अपने दिल में बसा लो  ,

दिल की शांति को , मुस्कान के रूप में  ,

होठों पर  सजा लो दोस्तों   || 

 

अगर तुम चाहो तो दोस्तों  ,

बाँटो मुस्कानें दोस्तों में  ,

ये मुस्कानें ही तो , उनके होठों पे सजेंगी  ,

उसी से तो तुम दोस्तों  , जीवन अपना महकाओगे   ||  

 

Sunday, July 19, 2026

PARCHHAAIN ( JIVAN )

                                     परछाईं  

  

हमारी परछाईं , हरदम  हमारे साथ चलती है  ,

कोई और नहीं हमारे साथ , ना दोस्त , ना घरवाले  ,

मगर परछाईं हमारा , पीछा नहीं छोड़ती है   || 

 

एक दिन हमने परछाईं से , पूछ ही लिया दोस्तों  ,

तुम क्यों हमारे साथ चलती जाती हो  , क्या तुम दोस्त हो  ?

नहीं  !  परछाईं ने कहा   ,

क्या तुम मेरी रिश्तेदार हो  ? मैंने कहा  ,

नहीं  !  परछाईं ने कहा  ,

तो क्यों मेरा पीछा करती हो  ?  मैंने कहा  || 

 

मैं तो तुमसे  ही जुड़ी हूँ , 

बताओ और कौन है   ?

जो तुमसे जुड़ा है  ? तुम्हारे साथ रहता है  ? 

दोस्तों  उसने  सच कहा  ,  कोई नहीं है अपना  ,

परछाईं ही तो अपनी है   || 

 

 

Saturday, July 18, 2026

NAATAK ( KSHANIKAA )

 

                                  नाटक   

 

मन जब शांत होता है  , तो सब कुछ सुंदर लगता है  ,

मन की खुशी  में एक बूँद भी , रिमझिम बरखा लगती है  ,

मन के अशांत होने पर , रिमझिम बरखा भी नहीं सुहाती   || 

 

तुलना किसी से ना करो , हर कोई अलग ही होता है  ,

एक ही पेड़ के फूलों और ,

फलों की महक और स्वाद अलग होता है ,

हाथ की अँगुलियाँ भी अलग होती हैं   || 

 

किसी की नफरत से बंद द्वार को , तुम खोल नहीं सकते ,

उसने अंदर से कुंडी बंद की है , तो तुम भी ,

दूसरी तरफ से कुंडी , बंद कर दो  दोस्तों   || 

 

अकेले रहना पड़े , तो रह लो दोस्तों  ,

मगर ऐसे लोगों का , साथ मत लो  ,

जो अपना होने का  , नाटक करते हों दोस्तों   ||  

 

 

 

Friday, July 17, 2026

BHAAVNAAEN ( KSHANIKAA )

 

                              भावनाएँ 

 

समय बहुत ही कीमती है दोस्तों  , व्यर्थ ना गँवाना , 

 मगर  क्या आप  जानते हैं  ? उससे भी कीमती है कुछ ,

क्या है वह दोस्तों  ? सोचो तो जरा तुम  || 

 

वह हैं दोस्तों हमारी भावनाएँ  ,

समय गुजरता जाता है  , उसे रोक नहीं सकते  ,

मगर क्या हम अपनी , भावनाओं को रोक सकते हैं  ?

नहीं दोस्तों  हम  , कुछ नहीं कर सकते हैं   || 

 

जिस से हमारे  भावों ने जोड़ दिया  , उसे हम भूल नहीं सकते ,

जिससे हमारे भावों ने दूर किया  , उसे हम जोड़ नहीं सकते  ,

 दोस्तों भाव सबसे कीमती हैं  , समय से भी कीमती   || 

 

Thursday, July 16, 2026

PRASHN - PATRA ( KSHANIKAA )

 

                         प्रश्न - पत्र 

 

प्रश्न - पत्र भी है दोस्तों  , हम सब की जिंदगी  ,

जो भी प्रश्न उसमें दिए हैं ,उनका उत्तर लिखना ही है  ,

जो प्रश्न हम हल नहीं कर पाते , उनको भी छोड़ना नहीं है  || 

 

प्रश्न कठिन हों या आसान , दें हमको टेंशन या मुस्कान ,

करने तो वो सब हमको ही हल , नहीं मिलेगी कोई छूट ,

सही तरह से हल करेंगे , तभी तो नंबर मिलेंगे हमको  || 

 

तो तैयारी अच्छे से कर लो दोस्तों  , प्रश्न हल कर लो दोस्तों  ,

तभी तो जीत पाओगे ये जंग , ले पाओगे सुंदर नंबर  ,

चलो तो दोस्तों कोशिश करके  , जीवन की जंग जीतते हैं  || 

 

प्रश्न समझ जाओगे तो ,  हल भी कर पाओगे ,

हल जो हो जाएगा , उत्तर भी लिख पाओगे  ,

उत्तर सही होगा तो , जंग भी जीत जाओगे   || 

 

Wednesday, July 15, 2026

UJAALAA HAI ( AADHYAATMIK )

 

                         उजाला है 

 

रचनाकार ने  कुछ ना  कुछ  , सब के लिए संभाला है  ,

किसी के लिए अँधेरा है थोड़ा , कुछ के लिए उजाला है  ,

रात और दिन उसने सभी के  , जीवन में लिख डाला है  || 

 

सभी के जीवन को उस उजाले में , रंग डाला है  ,

इसी से तो मानव सोचता है , जीवन फूलों की माला है  ,

रचनाकार ने तो सभी के , जीवन को संभाला है   || 

 

दूजा कोई भी इस तरह , जग को नहीं संभालेगा  ,

दूजा कोई भी इस तरह पूरे , जग को नहीं उजालेगा  ,

दूजा कोई भी इस तरह पूरे , मन में नहीं बसा लेगा   || 

 

Tuesday, July 14, 2026

MAHAKAA LO ( PREM )

 

                             महका लो 

 

जिसने जिंदगी को समझा , वही जीवन पा गया  ,

जिसने नहीं समझा  , वह जीवन से दूर हो गया   || 

 

रंगों भरा ये जहां है  ,इसे प्यार  से अपना  लो दोस्तों  ,

फूलों के चमन को , अपनी मेहनत से महका लो दोस्तों  ,

जिसने इस जहां को महका लिया , वही  जीवन पा गया  || 

 

 ये जहां बहुत सुंदर है  , इसे अधिक सुंदर बना लो दोस्तों  ,

प्यार और प्रेम के फूल  ,जीवन में खिला लो दोस्तों  ,

पूरा जीवन ही महक जाएगा  , तुम भी जीवन पाओगे दोस्तों   || 

 

कदमों को दौड़ाओगे , तो आगे पहुँचोगे दोस्तों  ,

दौड़ते कदमों को रोकना नहीं  , आगे ही पहुँचोगे दोस्तों  ,

प्यार की इन्हीं राहों पर दौड़कर , जीवन पा लो दोस्तों   ||  

Monday, July 13, 2026

BHAAI CHARAA ( KSHANIKAA )

 

                            भाईचारा 

 

ईश्वर ने जीव - जंतु बनाए , मानव बनाए  ,

एक धरती बनाई , उसी में समंदर , पहाड़ बनाए ,

मानव ने धरती पर लकीरें खींचीं  ,

धरती के टुकड़े किए , और मालिक बन बैठा  || 

 

मगर संतुष्टि नहीं मिली  , दूसरे के हिस्से  ,

को भी छीन लेना चाहा , प्रहार किए दूजों पर  ,

इसी सब प्रक्रिया का नाम युद्ध है  ,

मानव ने दूजों को मारा  , यही तो   युद्ध है दोस्तों  || 

 

 मगर सभी मानव समान नहीं थे  दोस्तों  ,

दूसरे कुछ मानव प्रेम से रहना चाहते थे  ,

वो मिलजुल कर , दोस्त बनकर ही रहना चाहते थे  ,

इससे शांति हुई और मानव प्रेम - पूर्वक ,

रहने की कोशिश करने लगे  ,

धरती पर भाईचारा बढ़ने लगा  ,

इसी भाईचारे से , दुनिया वाले प्यार फैलाने लगे    || 

 

Sunday, July 12, 2026

DIL AUR DIMAAG ( KSHANIKAA )

 

                       दिल और दिमाग 

 

ईश्वर ने दीं  हमको , दो सुंदर नेमतें , दिल और दिमाग ,

दिल से हमने सबको प्यार दिया , मुस्कानें दीं  ,

प्यार से सजा कर  , सुंदर रिश्ते , सुंदर जहां बनाया  || 

 

दिमाग से कदम आगे बढ़ाए , तर्क शक्ति को बढ़ाया  ,

हर क्षेत्र हमारा अपना था , उसी को सुंदर बनाया  ,

प्रकृति और सुविधाओं से , जीवन आसान बनाया   || 

 

जब दोनों ही मिल गए  , तो जीवन और प्रकृति सुंदर बने ,

तो दोस्तों दिल और , दिमाग  को जगाओ  ,

दुनिया को सुंदर और , सुविधाओं से पूर्ण कर लो  || 

 

UNAKO ( KSHANIKAA )

 

                             उनको 

 

हम चाहते हैं जिनको , प्यार करते हैं जिनको  ,

दोस्ती बढ़ाना चाहते हैं उनसे  ,

सुखी देखना चाहते हैं जिनको  ,

वजह मुस्कान की देना चाहते हैं  उनको   || 

 

हमारी अँजुरी में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे दिल में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे होठों पर जो मुस्कानें हैं  ,

वो सब उन्हीं के लिए हैं  ,

और हम बाँटना चाहते हैं उनको   || 

 

जीवन की राह में मोड़ जो आते हैं  ,

वो मोड़ सुगम और सरल हो जाएँ  ,

वही मोड़ मिल जाएँ उनको  ,

उनमें तुम सभी में शामिल हैं दोस्तों  || 

 

Friday, July 10, 2026

UMRA - ANUBHAV ( KSHANIKAA )

 

                            उम्र - अनुभव 

 

उम्र है दोस्तों एक नंबर ही तो ,

क्यों गिनो बढ़ती उम्र का नंबर दोस्तों  ,

इस नंबर में छिपा है , जीवन भर का अनुभव  ,

बाँटो इस अनुभव को , आपस में दोस्तों    || 

 

जीवन भर , समेटे तुमने , धीरे - धीरे हाथों में  ,

आज उन्हीं हाथों से बाँट दो , धीरे - धीरे दोस्तों में ,

सभी दोस्त लाभ उठाएँ , उसी अनुभव से दोस्तों   || 

 

उम्र और अनुभव आपस में , जुड़े हैं दोस्तों ,

दोनों ही साथ - साथ , बढ़ते हैं दोस्तों  ,

उम्र तो बढ़ने पर , बाँटी नहीं जा सकती  ,

मगर अनुभव तो , बाँटे जा सकते हैं दोस्तों  ,

तो अनुभवों को दिल  , खोलकर बाँटो दोस्तों   || 

 

Thursday, July 9, 2026

MAHAKIN HAVAAEN ( KSHANIKAA )

 

                              महकीं  हवाएँ 

 

हवा जो चली , चमन से गुजर कर  ,

खुश्बुएँ ले उड़ी , चमन के फूलों से  ,

आस - पास के रहने वालों को , परिंदों को महकाती  || 

 

हम भी उसी हवा से  , महक गए दोस्तों  ,

अगर हवा ना चलती  , तो खुश्बुएँ कैसे उड़तीं  ?

तो दोस्तों बहने दो  , हवाओं को मत रोको उनका रास्ता  || 

 

नए - नए पेड़ लगाओ , जंगलों को मत काटो  ,

तभी तो हवाएँ , चलेंगी सभी ओर  ,

और खुश्बुएँ भी  , उड़ेंगी सभी ओर  ,

महकाएँगी सारा जहां  , ये धरा , ये फलक  ,

सबसे ज्यादा महकाएँगी , हमारा दिल  , हमारा जीवन   ||  

 

Wednesday, July 8, 2026

PURAANE DIN ( KSHANIKAA )

 

                          पुराने दिन 

 

कभी कुछ दिन इतने सुंदर  थे  , प्यारे से दिन  ,

जब कॉलेज में पढ़ते थे , पढ़ाई के दिन  ,

दोस्तों के साथ रहते थे  , शरारतों के दिन  ,

कितना सुंदर समय था  ?  कॉलेज के दिन   || 

 

आज याद करने पर , बहुत याद आते  , 

वो दिन  , पल छिन , दोस्तों के संग खिलखिलाहटें  ,

वो मुस्कुराते हुए दिन  , गुनगुनाते हुए दिन  ,

दौड़ते - भागते हुए बीते हुए दिन   || 

 

राहें भी दौड़ के सामने हुईं छोटी  ,

मुस्कानों ने बढ़ कर जगाए कहकहे  ,

कहकहों से दोस्तों की , महफिल  खिलखिलाई , 

 और सभी के दिलों की धड़कन जगाई    || 

 

दोस्तों आपको भी अपने  , पुराने दिन याद हैं क्या  ?

कभी उन दिनों की याद में  , मुस्काए हो क्या  ?

चलो फिर से एक बार  , याद करो तो जरा   || 

 

Tuesday, July 7, 2026

MAHAKENGII ( KSHANIKAA )

 

                            महकेंगी 

 

मेरे उगाए छोटे - छोटे पौधों पर  , खिले जब सुंदर फूल  ,

फूलों के रंग खिले , मेरी साँसें महकीं ,

तितलियाँ फर - फर उड़ीं , फूल खुश हुए  , 

अपनी साँसें महकने से , मेरे होंठ मुस्काए  || 

 

तितलियों और फूलों  का  ये रिश्ता  ,

आगे ही आगे बढ़ता रहा  ,

फूलों की महक और बढ़ी , और बढ़ी  ,

मेरी साँसें भी महकती , और महकती रहीं   || 

 

तुम भी फूलों के पौधे लगाओ दोस्तों  ,

उन पौधों पर जब , फूल खिलेंगे , महकेंगे  ,

तब तुम्हारी साँसें भी महकेंगी , और होंठ मुस्काएँगे  || 

 

Monday, July 6, 2026

LASSII ( KSHANIKAA )

 

                                  लस्सी 

 

सत्य को सत्य ही रहने दो दोस्तों  ,

झूठ की सीढ़ी ना चढ़ाओ उसको  ,

माना आज मिलावट का जमाना है  ,

मगर तुम सच - झूठ की ,लस्सी ना बनाओ दोस्तों  ||  

 

आशा और भरोसे की  , लस्सी जो बनाओगे दोस्तों  ,

ऐसी स्वाद लस्सी को , सबको जो पिलाओगे  ,

तो प्यार और मुस्कानें , जग में फैलाओगे   || 

 

अच्छे बोल ना बोल सको दोस्तों  ,

तो बुरे शब्द भी ना बोलो दोस्तों   ,

मौन रहकर मुस्कान की , लस्सी पिला दो दोस्तों   || 

 

जिंदगी की राहें तो , बार - बार मुड़ती हैं  ,

हर मोड़ एक नया , अनुभव दे जाता है  ,

उन अनुभवों को  , महसूस तो करो  ,

मगर उनकी लस्सी , ना बनाओ दोस्तों   || 

 

Sunday, July 5, 2026

MAUN ( PREM )

 

                         मौन 

 

शब्द ऐसे बोलो दोस्तों  , जो मौन से भी सुंदर हो  ,

होठों पर सुंदर सी  , मीठी सी मुस्कान  ,

उन्हीं से लो दोस्तों  , बोलों  का काम   || 

 

मौन है दिल की भाषा  , जिसे  दिल  समझता है  ,

जवाब  भी देता है  , दूजे के दिल को समझाता है  ,

और दोनों के दिल खुश हो जाते हैं   || 

 

 मौन है आँखों की भाषा  ,

यही आँखों में चमक लाता है  ,

आँखों ही आँखों में  , सब कुछ कह जाता है  ,

जीवन को सुंदर और  , संगीतमय बन जाता है   || 

 

मौन को प्यार से , अपना लो दोस्तों ,

मौन को प्यार में , डुबा लो दोस्तों  ,

तो मौन संसार की , सबसे सुंदर  ,

भाषा बन जाएगा  , और जग में प्यार बरसाएगा   ||  

 

 

Saturday, July 4, 2026

JHILMILATAA ( CHANDRAMAA )

 

                           झिलमिलाता 

 

जिंदगी भर नहीं भूलेगी , वो तारों से भरी रात  ,

किसी अनजाने से , अचानक ही , मुलाकात की रात   || 

 

हाय वो धरा का तारों से  , झिलमिलाता  आँचल  ,

धरा के रूप को देखा , तो चाँद भी हुआ पागल  ,

उसने भेजी अपनी चंदनिया  , बनी सौगात की रात  || 

 

चंदनिया ने लपेटा धरा को , जब अपनी बाँहों में  ,

धरा भी तो सिमट गई , सुंदर सी पनाहों में  ,

यही तो बन गई दोनों के , मिलन की रात   || 

 

देख कर जग ये , रूप  धरती का  ,

मुस्कानें सज गईं , सभी के चेहरे पर  ,

खिलखिला उठी जोरों से , अनोखी सी ये रात    || 

 

Friday, July 3, 2026

CHAMCHAMAYAA ( GEET )

 

                          चमचमाया 

 

नफरतों के काँटे , क्यों उगाए तुमने  ?

हमने तो प्रीत का , कमल खिलाया है  ,

गगना में रवि , भोर में उदित हुआ , 

रात में चंद्रमा  , चमचमाया है    || 

 

दुश्मनी कभी , किसी से ना करना  ,

दोस्ती ने मुस्कान , को जगाया है  ,

जिंदगी की राहों में , हर कदम पर  ,

दोस्तों  ने ही  , फूलों को बिछाया है   || 

 

नदियों का पानी , शीतल और मीठा है  ,

सागर ने ही , उसे खारा   बनाया है  ,

 तुम नदी के पानी , की तरह रहो दोस्तों  ,

सागर ने तुम्हें , मिलने बुलाया है   || 

 

गगना में बदरा छाए , तो बरखा बरसी , 

बरखा ने रिमझिम  , का गीत गाया है  ,

गगना ने उस  , रिमझिम में भी  ,

इंद्रधनुष अपने  , अँगना में सजाया है   || 

 

Thursday, July 2, 2026

ANTAR SEY ( JALAD AA )

 

                          अंतर से 

 

छाए जो बदरा गगना में ,मोर की आवाज गूँजी धरा पे ,

नाचे जो मोर धरा पे  , मानव ह्रदय मुस्काया  , 

खिलखिला उठा  मेरा ह्रदय  , ये आवाज अंतर से आई  || 

 

चमकी दामिनी उसने , बदरा को भी चमकाया  ,

उसकी कड़कड़ाहट ने , धरा का दिल दहलाया  ,

मगर दामिनी ने पूरा  , जग ही चमकाया   || 

 

बदरा से जो बूँदें बरसीं  , रिमझिम की फुहार में  ,

उसी रिमझिम  में तन और ,मन हमारा भीग गया  ,

और साथ ही रिमझिम में , तन - मन झूल गया   || 

  

Wednesday, July 1, 2026

PREM - PATRA ( PREM )

 

                            प्रेम - पत्र 

 

सारी धरा बन जाए कागज  , सागर बने स्याही  ,

कलम बनाऊँ पेड़ से , तभी लिख पाऊँ प्रेम - पत्र  || 

 

गगन के तारे , दिल के भाव उतारें , उस पत्र में  ,

परिंदों के स्वर , गीत का रूप लें , उस पत्र में  ,

जुगनुओं की चमक सज जाए , उस पत्र में  ,

तभी तो पूरा होगा , मेरा प्रेम - पत्र   || 

 

जीवन प्रकृति से जुड़ा है दोस्तों  ,

उसी ने तो ये जीवन दिया है दोस्तों  ,

प्रकृति के बचने से ही , जीवन बचेगा दोस्तों  ,

दोनों बचेंगे तभी पूरा होगा , मेरा प्रेम - पत्र   || 

 

मीठे से शब्द हों  , भावों से भरे हों  ,

होठों पे मुस्कान हो , आँखों में चमक हो  ,

तभी तो प्रकृति भी मुस्कुराएगी  ,

उसी से तो पूरा होगा  , मेरा प्रेम  -  पत्र   || 

 

Tuesday, June 30, 2026

DWAAR SAAGAR KAA ( RATNAAKAR )

 

                         द्वार सागर का 

 

सागर मैं आई हूँ  , तू हाथ बढ़ा अपना  ,

थाम कर  मेरा हाथ , खोल दे द्वार अपना  ,

मैं कैसे पहचानूँ  ? खुद ही तेरे द्वार को , 

कहीं भी किवड़िया नहीं है  , ना कोई कुंडी ही है   || 

 

ना कोई घंटी ही है सागर    ,

हर  ओर  लहरें उछल रही हैं  ,

उन्हीं का शोरगुल   बहुत है   || 

 

लहरों को बोल सागर  , रस्ता मुझे दिखाएँ  ,

अंदर मुझे हाथ थाम कर ले जाएँ  ,

तेरे ही कहने पर , वो ले जाएँगी मुझे  ,

वरना तो वो चंचला , भिगोती हैं सिर्फ मुझे  ,

खेल खिलाती हैं मुझे , प्यार दिखाती हैं मुझे   || 

 

Monday, June 29, 2026

RANGON KII KAHAANII ( SAAMAJIK )

 

                        रंगों की कहानी   

 

                   हर रंग कुछ कहता है दोस्तों  ,

नीला रंग  --- है आसमान का , इतना विशाल ,

                  जिसे कोई नाप ना सके , इतना सुंदर ,

                  जो आँखों को चमका दे  ,

                  दिल में सुंदरता और विशालता को भर दे   || 

 

पीला रंग  ---  सोने जैसा , चम - चम चमकता  ,

                    कीमती और स्वर्ण युग की याद दिलाता  ,

                   ये रंग कमजोरी का  भी  प्रतीक  है  || 

 

हरा रंग  --- हरियाली का प्रतीक , 

                  धरा की उपज हरे रंग की  , जंगल हरे - भरे ,

                  जो प्रकृति का खजाना हैं , मानव के जीवन की ,

                  आवश्यकताओं की पूर्ति करते   || 

 

लाल रंग  ---  मनुष्य के शरीर की  नलिकाओं में  ,

                    बहते लहू का रंग , जो मानव के   ,

                    शरीर में दौड़ते  -  दौड़ते ही ,हर कोशिका में ,

                    ऊर्जा का संचार करता है , हवा , पानी पहुँचाता है ,

                   और शरीर से  कचरा , गंदगी बाहर निकलता  है  || 

 

काला रंग  ---  सभी रंगों को अपने में समा लेता है  ,

                     निराशावाद का , बुराई का प्रतीक है ,

                     कोशिश करो , इससे दूर रहने    की ,

                     सफलता मिले ना मिले , मगर फिर भी जरूरी है  || 

 

सफेद रंग  --- सभी रंगों को मिलाने पर , 

                     शुद्ध ,सफेद रंग जन्म लेता है  ,

                    अच्छाई , आशाओं को जन्म देता है ,     

                    अपनाओ और आगे बढ़ चलो   दोस्तों   || 

 

                    इन्हीं रंगों ने आपस में मिलकर , 

                     कई रंग बनाए हैं , उन रंगों की ,

                      अलग - अलग कहानियाँ हैं दोस्तों ,

                      दुनिया में रंगों की कहानियाँ बहुत हैं  ,

                    यह दुनिया उन कहानियों से ही चमचमाती है ||  

Sunday, June 28, 2026

ANUVAAD ( KSHANIKAA )

 

                         अनुवाद 

 

भाषाओं का करते   तुम  ,    

अर्थ उसका समझाते हो तुम  ,

हिंदी में कर सकते हो तुम  ,

सभी भाषाओं का अनुवाद तुम   || 

 

मगर बताओ दोस्तों क्या तुम   ?

कर सकते हो अनुवाद अहसासों का तुम  ?

अगर यह अनुवाद कर दोगे तो  ,

मान जाएँगे तुम्हारे ज्ञान कोश को हम  ||  

 

 बताओ  तो  क्या कर पाओगे तुम  ?

यह अनुवाद तो बहुत जरुरी हैं दोस्तों  ,

दिल और दिमाग की सोच और प्रीत का  ,

अनुवाद करने की बहुत जरूरत है   || 

 

Saturday, June 27, 2026

AHASAAS ( PREM )

 

                               अहसास 

 

सनसनाती हवा उड़ी  , सभी को साँसों का उपहार देती  ,

बदरा को उड़ाती साथ - साथ  , बरखा को धरा तक पहुँचाती  ,

दामिनी की चमक और , कड़कड़ाहट को गुँजाती  ,

आओ हवा को प्यार करो दोस्तों   || 

 

हवा जो बहती कभी धीरे  , कभी तेज  ,

धीरे बहे तो बयार है  , तेज बहे तो आँधी  है  ,

बयार देती साँसें , आँधी जग को नुकसान पहुँचाती , 

आओ बयार को प्यार करो  दोस्तों   || 

 

कोई रंग नहीं है हवा का  , ना रूप है   ,

सिर्फ अहसास ही अहसास है  ,

 ये  अहसास ही होठों पर  , ला देता मुस्कान है  ,

आओ इस अहसास को  , प्यार करो दोस्तों   || 

 

जग में अहसास ही तो  , दिल में प्रेम जगाता है ,

बाकि कोई भाव ऐसा नहीं , जो दिल में प्रेम जगा सके   || 

 

 

Friday, June 26, 2026

GUNGUNAYAA ( GEET )

 

                            गुनगुनाया 

 

संगीत तुमने शुरु किया  , शब्दों को हमने पिरोया ,

सुर तुमने लगाए दोस्तों  , ताल को हमने लगाया  ,

गीत जब बन गया दोस्तों  , तब हमने उसे गाया  || 

 

प्यार में डूबे शब्दों को , हमने दिल से लगाया  ,

गीत को हमने तो , लय में हमने डुबाया  ,

रंगों में डुबाकर  ही  , गीत को रंगीन बनाया   || 

 

शब्द तो निकले थे दिल से  ,

ताल को भी दिल ने ही बनाया  ,

इन्हीं गीतों को हमने दोस्तों   ,

अपने दिल से ही गुनगुनाया  ,

इन गीतों की मिठास देख कर  ,

जग ने भी उन्हें गुनगुनाया    || 

 

Thursday, June 25, 2026

SAHAN - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                       सहन - शक्ति 

 

कागज और कलम ,दोनों ही दोस्त हैं  ,

कलम कागज पर , हमेशा कुछ लिखती रहती है ,

कागज को दर्द तो  , होता होगा दोस्तों  ,

मगर कागज कलम का , साथ नहीं छोड़ता   || 

 

कागज कलम को , प्यार तो करता है  ,

कलम भी तो कागज को , प्यार करती है  ,

तभी तो दोनों का  , साथ निभ रहा है  ,

राहों में आगे - आगे  बढ़ रहा है  || 

 

कागज में बहुत , सहन - शक्ति  है दोस्तों  ,

हर दर्द को  ,  सहन कर लेता है  ,

काश मानव में थोड़ी  , सहन - शक्ति तो होती  ,

जिससे दोस्त बने रहते  , रिश्ते बने रहते  ||  

Wednesday, June 24, 2026

JAMAANAA ( PREM )

 

                      जमाना 

 

था एक जमाना चिट्ठी का   ,

कागज के पुर्जे पर लिखते थे  , 

सुंदर - सुंदर   मन के  भाव  ,

भेजे जाते थे अपनों के पास  ,

प्यार भरे दिल की  बातें  ,

पहुँच जातीं अपनों के पास   || 

 

आज चिट्ठियाँ नहीं कोई ,

 मोबाइल हैं , मैसेज हैं , 

ना ही कागज का काम है  ,

 ना कलम का काम है  ,

कागज , कलम और चिट्ठी में  ,

 भावों का ही वास था  || 

 

एक के भाव पहुँचते , थे दूजे के पास  ,

मुस्कान जगती थीं होठों पर  ,

प्यार चमकता था आँखों में  ,

वो ही  चिट्ठियाँ देती थीं जीवन  ,

आपस के रिश्तों में मिठास   || 

 

Tuesday, June 23, 2026

CHAKKAR ( KSHANIKAA )

 

                              चक्कर 

 

जीवन की राहों में , चक्कर भी आते हैं दोस्तों  ,

उन चक्करों में , जीवन भी घूम जाता है दोस्तों  ,

उन  चक्करों पर , ध्यान ना दो दोस्तों ,

खुद को  चक्करों में , फंसने ना दो दोस्तों   || 

 

अगर फंसे चक्कर में , तो समझो मंझधार में फंसे ,

फिर ना निकल पाओगे दोस्तों  ,

इसलिए पहले ही समझ जाओ , और बच जाओ   || 

 

सीधी बहती नदिया के , साथ बहो दोस्तों  ,

बहाव तो तेज होगा , मगर मंझधार नहीं मिलेगा ,

तो चलो शुरु हो जाओ , और चक्करों से बचो   || 

 

नदिया की धार सीधी , सरल , शीतल मिलेगी  ,

प्यार   और मिठास देगी , तो मुस्कुराओ ,

और नदिया के साथ बहो दोस्तों   || 

 

Monday, June 22, 2026

HEY SHAARDEY MAA ( AADHYAATMIK )

 

                 हे शारदे माँ 

 

हे शारदे माँ , हे शारदे माँ  , 

जीवन सभी का , तू तार दे  माँ ,

ज्ञान का सब को , भंडार दे माँ  ,

राहों में सभी के  , दीप जला दे  ,

मंजिलों की राहें , सभी को दिखा दे  ,

हे शारदे माँ  , हे शारदे माँ   || 

 

लेखनी में  शब्दों  का , संसार दे माँ  ,

सद्बुद्धि का सब को , वरदान दे  माँ  ,

होठों पे सभी के , मुस्कान दे माँ  ,

 हे शारदे माँ  , हे शारदे माँ   || 

 

तू तो है माता , ज्ञान का सागर  ,

हम खड़े हैं माँ  , तेरे द्वार  आ  कर  ,

प्यार बरसा दे  , करुणा बरसा दे  , जीवन तू तार दे  ,

हे  शारदे माँ  , हे शारदे माँ   || 

 

Sunday, June 21, 2026

EK SAATH ( PREM )

 

                       एक साथ  

 

तेरी मुस्कान , मेरी मुस्कान , दौड़ पड़ीं  ,

जिंदगी की राह में , एक दूजे का हाथ थाम  ,

फिर खिलखिलाईं दोनों ,एक साथ  ,

तो आँखों में चमक आई , एक साथ   || 

 

मुस्कानों ने दी हिम्मत , मुझे और तुम्हें , 

चलने की , दौड़ने की , जिंदगी की राह में  ,

ये हिम्मत ही तो , जिंदगी की राहों में ,

खुशी - खुशी पार कराएगी दोस्तों   || 

 

जिंदगी की राहें , जब पार हो जाएँगी  ,

तभी तो जीवन , सफल हो जाएगा  ,

प्यार के फूल  ,जब खिलेंगे दोस्तों  ,

तब सब कुछ ही  , महक जाएगा  दोस्तों   ||  

Saturday, June 20, 2026

YOG DIVAS ( DESH )

 

              योग दिवस 

 

महर्षि पतञ्जलि ने सिखाया , भारतियों  को योगाभ्यास  ,

 उन्हीं  के  पदचिन्हों पर  , किया  गया योगाभ्यास  ,

महर्षि की योग विद्या , का अनुसरण  ,

करके अनेक गुरुओं ने , किया योगाभ्यास   || 

 

पूरे भारत ने इसे , अपनाया दोस्तों ,

भारत की योग विद्या  , को अपनाया ,

दुनिया के देशों ने और ,

आज है दोस्तों  , अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस  ,

सभी  को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की  ,

बहुत - बहुत बधाई  || 

 

तो योग को अपनाओ दोस्तों ,

अपना स्वास्थ्य सुंदर बनाओ दोस्तों  ,

मस्त और मुस्कान भरा , जीवन बिताओ दोस्तों   || 

 

DERAA - GHERAA ( KSHANIKAA )

 

                           डेरा - घेरा 

 

हर जिंदगी में समस्याओं का डेरा है  ,

जिसने हर जिंदगी को घेरा है दोस्तों  ,

समस्या के आने पर तनाव ना लो तुम  ,

उस समस्या का समाधान ढूँढो तुम   || 

 

कोशिश करने पर , भगवान भी मिल जाते हैं ,

यह कहावत जग में , सभी जानते हैं  ,

कोशिश करने पर ही , समाधान भी ,

मिल सकता है , तो कोशिशें जारी रखो दोस्तों  || 

 

तुम्हारी कोशिशें ही  , समस्याओं के जाल को  ,

तोड़ पाएँगी , और उन्हें सुलझा लेंगी  ,

तो  कोशिश करने में , जुट जाओ दोस्तों  ,

और समाधान को खोज लो दोस्तों   || 

 

Thursday, June 18, 2026

RAAHEN ALAG - ALAG ( PREM )

 

                        राहें  अलग - अलग 

 

सीधी , सच्ची राहें पकड़ीं हमने , सभी खुश हुए ,

दूजों ने तो झूठ और , टेढ़ी  राहें पकड़ीं थीं दोस्तों  ,

उन्हीं राहों के जरिए तो , उनका फायदा था दोस्तों   || 

 

इस दुनिया के रंग हैं निराले ,ढंग हैं निराले , 

अपनी राहों को ही सब  , अच्छी समझते हैं सभी , 

इसीलिए दूजों को गलत ही , साबित करना चाहते हैं सभी  || 

 

दोस्तों तुम अपने दोस्तों , पर  भरोसा करना ,

उनकी  राहों को , उनकी सोच को , सच्चा समझना  ,

उनकी सोच का , अनुसरण करना  ,

उनकी अपनाई राहों पर , तुम चलना  || 

 

दोस्तों का प्रेम ही , राहें सुगम बनाता है  ,

तुमको सरलता से , उन राहों पर चलाता है  ,

तो प्यार लिए दिल में  , उन पर चलो दोस्तों  ,

हम भी ऐसा ही , करेंगे दोस्तों   || 

 

Wednesday, June 17, 2026

SAMAY CHURAAO ( KSHANIKAA )

 

                                   समय  चुराओ  

 

पहले सोचा था , बाद में समय मिलेगा  ,

तब सारे अरमां पूरे करेंगे हम  ,

कुछ समय बाद भी , यही सोच रही हमारी ,

आज भी दोस्तों यही सोच है   || 

 

समय तो पहले भी कम था , आज भी कम है  ,

तो कब समय मिलेगा  ? जो अरमां पूरे होंगे  ,

जीवन ऐसे ही सूखा - सूखा बीत रहा है  || 

 

पता नहीं आगे क्या होगा दोस्तों  ?

समय निकलेगा या नहीं  ? अरमां पूरे करने के लिए  ,

तो दोस्तों अपने अरमां , लगातार पूरे करिए दोस्तों   || 

 

थोड़ा समय भी व्यर्थ ना जाने दो  ,

कोई विशेष समय नहीं आएगा  , 

जिंदगी से समय तो तुम्हें ही  ,

चुराना पड़ेगा  अपने  अरमां पूरे करने के लिए   || 

 

जिंदगी बीतने से पहले अपने , अरमां पूरे करो दोस्तों ,

ये काम जरूरी है , अपनी इच्छा अधूरी छोड़ना गलत है  ,

दिल -ओ - दिमाग दोनों को कष्ट होगा दोस्तों   ,

कष्ट सहन ना करो , और अरमां पूरे करो   ||   

 

 

Tuesday, June 16, 2026

JINDGII ( GEET )

 

                          जिंदगी 

 

जिंदगी है एक चाय की प्याली ,

कभी ठंडी , कभी गरम ,

कभी मीठी , कभी फीकी  ,

उठाओ प्याली और भरो एक सिप  ,

स्वाद आ जाएगा दोस्तों  || 

 

जिंदगी फूलों का चमन है दोस्तों  ,

रंगों और महक से भरा हुआ ,

रंगों से जीवन और महक से  ,

साँसें महका लो दोस्तों   || 

 

जिंदगी तारों भरा आसमां है दोस्तों  ,

चंदा , तारे सभी झिलमिलाते हैं दोस्तों  ,

उनकी चमक और झिलमिलाहट से  ,

अपनी चूनर को सजा लो दोस्तों   || 

 

जिंदगी भोर का उदित होता रवि है ,

रवि - किरणें जीवन को जगमगाती हैं  ,

जीवन उन्हीं किरणों से ऊर्जा पाता है  ,

सारा जग उन्हीं किरणों से चलता है   || 

  

Monday, June 15, 2026

NAA CHHALKAANAA ( PREM )

 

                     ना  छलकाना 

 

जो आया इस दुनिया में  ,एक दिन चला जाएगा  ,

जो भेजा गया इस दुनिया में , वापस बुलाया जाएगा  ,

मैं जो आई इस दुनिया में  , वापस चली जाऊँगी  ,

राह मुझे नहीं पता  दोस्तों  , पर चली जाऊँगी   || 

 

उस समय दोस्तों , आँसू ना गिराना  ,

उस समय दोस्तों  , दो प्यार भरे मेरे बोल  याद करना  ,

वो बोल तुम्हारे होठों पर , मुस्कान लाएँगे  ,

वो बोल तुम्हारे दिल में  , प्यार जगाएँगे   || 

 

प्यार और दिल का , रिश्ता सुंदर है  ,

प्यार दिल में  , बसता है और  ,

दिल प्यार में , डूब जाता है दोस्तों  ,

इसलिए हमेशा मुस्कुराते रहना  ,

जिंदगी कीमती है , उसकी कीमत समझना  ,

दोस्तों को हमेशा प्यार करना  ,

आँसू ना छलकाना  , आँसू ना छलकाना   ||  

 

Sunday, June 14, 2026

SWEEKAAR ( AADHYAATMIK )

 

                           स्वीकार 

 

हर काम का रचेता ने , वक्त तय किया दोस्तों  ,

चिंता मत करो , उसी वक्त काम पूरा होगा दोस्तों  ,

मुस्कुरा कर उस वक्त का , स्वागत करो दोस्तों   || 

 

उस रचेता ने तुम्हारे लिए , कुछ अच्छा ही चुना होगा  ,

तुम्हारी तो चाहतें , कुछ भी हो सकती हैं  ,

कुछ अच्छी कुछ , साधारण हो सकती हैं  , 

जो तुम्हारे लिए अच्छी ना हों   ||  

 

मगर रचेता का चुना हुआ , तो तुम्हारे जीवन ,

के लिए बहुत सुंदर , और अच्छा होगा  ,

उसे अपने दिल से , स्वीकार करो दोस्तों   || 

 

Saturday, June 13, 2026

KOSHISH ( KSHANIKAA )

 

                            कोशिश  

 

हर समय बीत जाता है , अच्छा भी बीत जाता है  ,

बुरा भी बीत जाता है  , सोच लो दोस्तों  ,

जब कल बीत गया  , तो आज भी बीत जाएगा  ,

तो आने वाले का , इंतजार करो दोस्तों   || 

 

क़दमों को ना रोकना दोस्तों  ,

कदम ही तो आज को  , कल में बदलेंगे  ,

 कदम के साथ ही  , अपनी सोच को भी  ,

जोड़कर मंजिल की , ओर बढ़ जाओ दोस्तों   || 

 

कदम , सोच से मिल कर , सही दिशा में  ,

बढ़ेंगे तो , मंजिल जल्दी और जरूर मिलेगी  ,

तो कोशिश करके , मंजिल को पा लो दोस्तों   || 

 

Friday, June 12, 2026

JAZBAA ( KSHANIKAA )

 

                        जज़्बा 

 

प्यार के ढाई अक्षरों को , दिल में बसा लो यारों  ,

दुनिया में सबसे सुंदर , जज़्बा है प्यार का यारों  ,

एक का प्यार दूसरे को , प्यार में डुबाता यारों  ,

सभी के होठों पर यह , मुस्कान है लाता यारों   || 

 

अपनी लेखनी में ये जज़्बा , तो छुपा लो यारों  ,

धीरे - धीरे इस जज़्बे को , जग में फैला दो यारों  ,

तभी तो ये जज़्बा , जग में फैल जाएगा यारों   || 

 

कर्म अपने - अपने होते यारों  ,

जज़्बे भी अपने - अपने होते यारों  ,

कर्म और जज़्बों को मेल कराओ यारों  ,

जीवन को सुंदरतम बनाओ यारों   ||  

Thursday, June 11, 2026

CHHOTII ( KSHANIKAA )

 

                             छोटी 

 

जादू की झप्पी ,जो दोगे किसी को ,

प्यार को तुम बढ़ाओगे दोस्तों  ,

उनके आँसुओं को सुखा  दोगे दोस्तों  ,

उनकी मुस्कानों को बढ़ा दोगे दोस्तों , 

तो आगे बढ़कर , जादू की झप्पी दे दो दोस्तों  || 

 

घनघोर अंधकार में एक छोटा सा  ,

दीया तो जला दो दोस्तों , 

सुंदर सी किरण , रोशन हो जाएगी  , 

अंधकार रोशनी  से चमक उठेगा  ,

तो आगे आओ , किसी के ,

घर का अंधकार मिटा दो दोस्तों   || 

 

 छोटी - छोटी मीठी यादों को याद करो  ,

दूसरों को भी उनकी याद दिलाओ दोस्तों  ,

दूसरों में मुस्कानें बाँटो दोस्तों  ,

और खुद   भी मुस्कुरा लो दोस्तों  || 

 

इन्हीं कामों को करके जीवन में ,

उजाले , सुंदरता ,प्यार और मुस्कानें , 

बाँटो और खुद भी अपनाओ दोस्तों   || 

 

Wednesday, June 10, 2026

MAHAABHARAT GHAR - GHAR KII ( SAAMAAJIK )

 

                        महाभारत घर - घर  की 

 

महाभारत की कहानी पढ़ी जाती है  ,

इस कहानी पर नाटक और सीरियल बनते हैं  ,

मगर दोस्तों आज घर - घर की  ,

महाभारत को कोई नहीं समझता है   || 

 

ताकतवर घर का , सब कुछ छीन लेता है  ,

दूसरे को वह कुछ नहीं देना चाहता है  ,

जिम्मेदारी ताकतवर नहीं उठाता है  ,

दूसरे को थमा देता है   || 

 

जो जिम्मेदारी उठाता है,बेवकूफ,कमजोर कहलाता है  ,

और ताकतवर मौज उड़ाता है  , 

आज भी हर घर में  , महाभारत ही चलती है  ,

नाम अलग हैं , मगर कहानी वही है  || 

 

एक जिम्मेदारी उठाने वाले को ,

सारी की सारी जिम्मेदारियाँ  दे दी जाती हैं , 

वही भीष्म है , वही विदुर है , वही पांडव हैं  ,

सामने दुर्योधन , दुशासन , शकुनि विराजमान हैं  || 

 

कर्ण जैसा तो बहुत ही  बुरे  ,हालातों से पीड़ित है ,

माँ का त्यागा हुआ  जरूरत पड़ने पर , 

वही माँ उसे ,नया पाठ पढ़ाती है   ,

घरों में भी यही हाल है  ,

जरूरत पड़ने पर दो मीठे बोलों से ,

उसे ठग लिया जाता है दोस्तों   || 

 

BADALAA PRAKRITI KAA ( KSHANIKAA )

 

                        बदला प्रकृति का  

 

ईश्वर ने जब दुनिया बनाने की शुरुआत की  ,

तो एक बड़ी गूँज हुई  , जो ईश्वर के ,

पूरे कार्य को आगे बढ़ा गई  ,

जो मैटीरियल था , उसे फैला दिया  ,

इसे नाम मिला बिग बैंग  ( बड़ी गूँज  )  || 

 

बिग बैंग से उत्पन्न छोटे - बड़े टुकड़े  ,

चारों तरफ को सभी जा बिखरे  ,

बीच के टुकड़े के चारों और घूमें , 

गोल घूमते हुए सभी गोल हो गए   || 

 

धीरे - धीरे ये पिंडठंडे हुए  ,

बीच का गर्म पिंड  सभी को ऊर्जा देता रहा ,

 उन्हीं में से एक पिंड पर जीवन जन्मा ,

सभी जीव - जंतु , वनस्पतियाँ और मानव   || 

 

आज मानव विज्ञान के सहारे  ,

बहुत आगे बढ़ चला , मगर उसने ,

प्रकृति को तबाह कर दिया  ,

और उसी का बदला , प्रकृति मानव से  ,

लेती जा  रही है  ,

मानव को डुबाती जा रही है  ||  

Monday, June 8, 2026

MAISEJ ( KSHANIKAA )

 

                            मैसेज 

 

मोबाईल  फोन आने के बाद  ,

प्रायः सभी लोग अपने दोस्तों को ,

मैसेज भेजते रहते हैं  ,

मस्त - मस्त मैसेज मुस्कान दे जाते हैं   || 

 

कॉल करके बात करने से  , मैसेज सस्ते होते हैं  ,

पर अगर अर्थ गलत , कोई निकाल ले  , 

तो नींद उड़ा देते हैं , तनाव बढ़ाते हैं  ,

मगर ये मैसेज ही , मुस्कानें दे जाते हैं  || 

 

दोस्तों का प्यार , मिलता रहता है मैसेज से  , 

मैसेज लंबी दूरियों को , खत्म करके ,

दोस्तों को पास बुलाते हैं  , उनसे मुलाकात कराते हैं   ||  

Sunday, June 7, 2026

SANVAARO ( KSHANIKAA )

 

                            संवारो 

 

कुछ चाहतें  , कुछ इच्छाएँ , जिन्हें शौक कहते हैं  ,

हम शौक की लहरों के साथ , बह चले दोस्तों  ,

उस बहाव में जुड़ीं , मुस्कानें दोस्तों  ,

साथ ही जुड़ा तुम्हारा , साथ और प्यार दोस्तों  || 

 

शौक की लहरें , तो तेजी से बहती हैं  ,

उनके बहाव के साथ ही , अपनी भी गति बढ़ाओ दोस्तों ,

तभी तो साथ - साथ बह पाओगे  ,

और मुस्कुराहटों के साथ , जीवन बिताओगे दोस्तों  || 

 

तुम अपने शौक , किसके साथ जोड़ोगे दोस्तों  ?

इतनी सुंदर ये दुनिया है , प्रकृति है  ,

तो प्रकृति के साथ ही , जोड़ लो दोस्तों  ,

प्यार और प्यार कर लो , प्रकृति को दोस्तों  ,

संवारो और सुंदर बना लो , प्रकृति को दोस्तों    || 

 

Saturday, June 6, 2026

MEETHE GAANE ( GEET )

 

                              मीठे गाने  

 

कान्हा की बंसी की  , धुन जो पहुँची बरसाने   ,

राधा के कदम दौड़ चले  , यमुना के तट आने   || 

 

गोपियाँ भी सारी की सारी , पहुँची उनके पास  ,

ग्वाले भी आए सारे , शुरु हो गया रास  ,

बंसी और घुँघरु  , बाजे और संग नाचे   || 

 

ऐसा सुंदर रास हुआ  , सारे जग ने देखा   ,

सभी देख - देख कर मुस्काए  ,  रास के  ताने - बाने  ,

राधा संग अब नाचे कन्हाई  , जब शुरु  हो  गए गाने   || 

 

यमुना तट भी नाच उठा , सुनकर सारी आवाजें ,

यमुना जल की लहरें भी उछलीं  , सुनकर सारी आवाजें  ,

सारी दुनिया के जन , झूम उठे सुनकर ये मीठे गाने   || 

 

PYAAR HUAA ( PREM )

 

                           प्यार हुआ  

 

चमन में फूल जब महके , चमन से प्यार हुआ दोस्तों  ,

गगन में चंदा - तारे जब चमके ,गगन से प्यार हुआ दोस्तों  , 

बदरा से बरखा जब बरसी , बदरा से प्यार हुआ दोस्तों  || 

 

पर्वत शिखर से नदिया जब उतरी  , नदिया मैदान में आई ,

लंबा रास्ता पार कर  , नदिया समंदर में समाई , 

नदिया का जल था मीठा , मगर नदिया  ,

समंदर का जल ना मीठा कर पाई   || 

 

भोर में जब सूरज उदित हुआ , धरा चमक उठी  ,

धरा पर जीवन उगा  , जीव - जंतु जन्में ,

पेड़ - पौधे जन्में , उन पेड़ - पौधों से  ,

मानव ने सभी सुविधाएँ पाईं दोस्तों   || 

 

इन सब  हमें प्यार हुआ दोस्तों   ,

आप सब भी उनसे प्यार करो दोस्तों    ||  

 

Friday, June 5, 2026

ANOKHII CHAADAR ( CHANDRAMAA )

 

                          अनोखी चादर 

 

धरा का बना बिछौना  , कितना सुंदर है  ? 

लेटकर उस पर पाया हमने , प्यार धरती माँ का  ,

माँ की गोद में आई चैन की , नींद सुंदर सपने  ,

सपनों में घूमें हम  , सारी दुनिया   || 

 

ओढ़ लिया आसमान हमने  , चादर बना के  ,

शीतल चादर ओढ़ी जब हमने  , आई नींद चैन की  ,

सपनों की दुनिया में पहुँचे  , और दुनिया घूमे   || 

 

बीच रात में नींद खुली तो  , चादर में देखे हमने  ,

चाँद , तारे झिलमिल - झिलमिल करते  ,

दिल हमारा नाच उठा , दोस्तों खुशियों से  ,

होठों पे उतरीं मुस्कानें , चमक गईं आँखें   || 

 

काश जीवन का हर पल , ऐसे ही कटे दोस्तों  ,

दुआ है यह हमारी दोस्तों  ,

ईश इसे पूरा कर देना  , पूरा कर देना   ||  

 

Thursday, June 4, 2026

DAUDAAYAA HAMANE ( GEET )

 

                        दौड़ाया हमने  

 

जीवन की लंबी राहों में , 

क्या खोया  और  क्या पाया  हमने  ?

कुछ प्यार मिला , तो कुछ नफरतें  ,

सब को ही अपनाया  हमने   || 

 

देने वालों ने वही दिया ,

जो कुछ उनकी झोली में था  ,

हमारे दिल में प्यार बसा , होठों पर मुस्कानें थीं  ,

तो वही सब को बाँटा हमने   || 

 

मिले प्यार को हमने दिल में बसाया  ,

नफरत को भुला दिया हमने  ,

प्यार तो बढ़ता गया हमारा  ,

मुस्कानें होठों पे सजा लीं  हमने  || 

 

इस जीवन की धूप - छाँव में  ,

सभी तो चलते जाते हैं  , 

इस जीवन की  टेढ़ी - मेढ़ी राहों में  ,

स्वयं को दौड़ाया हमने   || 

 

Tuesday, June 2, 2026

JARAA - JARAA ( JALAD AA )

 

                          जरा - जरा 

 

मुस्कुराहटें मौसम की , बढ़ गईं हैं आज दोस्तों  ,

कुछ मनचले से बदरा , उड़ आए हैं आज दोस्तों  ,

कुछ बूँदें रिमझिम की  , भिगा गईं हैं आज दोस्तों  ,

दामिनी की चमक भी तो  , बढ़ गई है आज दोस्तों   || 

 

दामिनी की चमक से आँखों की ,चमक भी तो बढ़ गई है  दोस्तों  ,

चमन में फूलों की कतार ,भी तो महक गई है दोस्तों  ,

तितलियों की उड़ान भी तो  , रंगीन बन गई है दोस्तों  ,

उसी के साथ बच्चों की दौड़ , भी तो बढ़ गई है दोस्तों   || 

 

तो आओ दोस्तों हम अपनी , मुस्कानें बढ़ा लें जरा - जरा ,

अपनी आँखों की चमक को भी , हम बढ़ा लें जरा - जरा  ,

अपने बचपन को अपने पास  ,फिर से बुला लें जरा - जरा  ,

बरखा के पानी में कागज की कश्ती , तैरा  लें जरा - जरा   || 

 

Monday, June 1, 2026

EK SEY ANEK ( KSHANIKAA )

 

                              एक से अनेक 

 

प्यार कहो , इश्क कहो ,मोहब्बत कहो या कहो love  ,

एक ही तो बात कह रहे हो दोस्त  ,

दिल का ही तो मामला है दोस्त   || 

 

दिल का मामला तो उलझनों से भरा है  ,

और सरहदों में बंधक नहीं होता  ,

पंछी की तरह कहीं भी उड़ जाता है  दोस्त   || 

 

कहीं भी अपना घर बनाता है  ,

कहीं भी अपने दोस्त बनाता है  ,

ये भी तो दिल की  ,

धड़कनों को बढ़ाता है दोस्त   || 

 

NAACH LAHARON KAA ( RATNAAKAR )

 

                        नाच लहरों का  

 

सागर तू कहाँ खो गया है  ? मैं ढूँढ रही हूँ दोस्त तुझे  ,

तू प्यार मुझे करता है सागर  , मैं प्यार बहुत करती हूँ तुझे  || 

 

हम दोनों का देखकर प्यार  , लहरें भी नाच उठती हैं  ,

उनका नाच देखकर तो , वहाँ खड़े सभी लोग मुस्काते हैं   || 

 

सागर तू भी तो मुस्काता है , ये सब देखकर  ,

जब चंचला लहरें  , नाचती हैं  , छम - छमा - छम  || 

 

सागर तेरा तो घर , सुंदर है कितना   ?

कितने सारे जीव - जंतु  , निवास करें  ?

सभी तो प्यारे - प्यारे हैं  , जो अंदर बसते हैं   ||  

Saturday, May 30, 2026

SOCH LEY BANDEY ( AADHYAATMIK )

 

                       सोच ले बंदे 

 

सोच ले बंदे  , किसने तुझे जीवन दिया  ?

सोच ले बंदे  , किसने तुझे ये जग दिया  ?

सब सुविधाओं से भरपूर ये   ,

अनुपम उपहार दिए   || 

 

सोच ले बंदे ,    किसने तुझे मानव शरीर दिया  ?

जीने के संसाधन दिए  , जो जीवन के लिए जरुरी  हैं  ,

पर तूने क्या  किया मानव   ?

उसके रचे जग को बर्बाद किया   || 

 

उसके बनाए सारे संसाधनों को खत्म किया  ,

सुंदर संसार की सारी सुंदरता को  ,

मानव तूने ही तो बर्बाद किया  ,

फिर भी उसने तुझे आशीष दिया    ||  

Friday, May 29, 2026

AASAAN ( KSHANIKAA )

 

                               आसान 

 

जिंदगी के हर मोड़ ,अलग - अलग होते हैं  ,

उन मोड़ को ध्यान से , पार करो दोस्तों  ,

जब पार हो जाएँगे सभी मोड़  ,

तो जिंदगी की राह , सीधी और आसान होगी दोस्तों   || 

 

हर मोड़ एक नई सीख देता है  ,

हर मोड़ एक नया सबक देता है  ,

जितने मोड़ तुम , पार करोगे जिंदगी में  ,

उतने ही सबक , सीखने को मिलेंगे दोस्तों   || 

 

इतने सबक सीखने के बाद तो  ,

जिंदगी गुणों से , भर जाएगी दोस्तों   ,

आगे बढ़ने के लिए ,    राहें खुल जाएँगी  ,

और जिंदगी सारी  ,  आसान हो जाएगी दोस्तों   || 

 

Thursday, May 28, 2026

SHAUK ( KSHANIAKAA )

   

                           शौक 

 

उम्र तो एक संख्या है यारों  ,

बढ़ती संख्या को  , कोई रुकावट ना समझो यारों  ,

हर उम्र में हम  , अपने शौक पूरे कर सकते यारों   || 

 

गृहस्थी की गाड़ी को चलाने में   ,

हम कोल्हू के बैल के समान ,

जुते रहकर अपनी संतान  , अपने परिवार को ,

चलाते रहते हैं  , मंजिल तक पहुँचाते यारों   || 

 

सेवा निवृत्ति के बाद हमें कुछ समय  ,

खाली भी मिलता है  , उसी समय को ,

हम उस शौक को , पूरा करने में लगा सकते यारों  ,

और होठों की मुस्कान बढ़ा सकते यारों    || 

 

तो जीवन में इस पड़ाव को खुशी - खुशी  ,

स्वीकार कर  यारों  ,

और नई राह को अपना लो यारों  ,

मुस्कुरा कर शौक पूरे कर यारों  ,

दोस्तों की महफिलें  सजा लो यारों    || 

 

Wednesday, May 27, 2026

VISHWAAS ( AADHYAATMIK )

 

                                  विश्वास 

 

कर्म सभी हम चुनते हैं  , और हम ही कर्म करते  हैं  ,

कर्म तो हमारे हाथ में ही हैं  दोस्तों   ,

मगर क्या उन कर्मों का   ?

फल प्राप्त करना  , हमारे हाथ में है दोस्तों    || 

 

किसी भी कर्म का फल देना  ,

तो उस ईश्वर  के हाथ  में है  ,

वही  जो चाहेगा ,  वह फल देगा  हमें  ,

या जो हमारे लिए अच्छा होगा  ,

दोस्तों वह हमें देगा ईश्वर   || 

 

रखो विश्वास उस ईश्वर पर दोस्तों   , 

वह जो देगा , वह हमारे लिए अच्छा ही होगा  ,

अच्छा होगा  , अच्छा होगा दोस्तों    || 

 

Tuesday, May 26, 2026

DUNIYAA ( KSHANIKAA )

 

                             दुनिया 

 

सुंदरता फूलों  की , महकी जब चमन में  ,

जीवन भी तो महक उठा  , दुनिया के आँगन में  ,

पंछियों ने गुनगुनाहट भरी  , उड़ -उड़ कर गगन में  ,

मानव भी गुनगुनाया ,खुशियाँ भर के मन में   || 

 

दिन बीतने लगे धीरे - धीरे ,हरेक जीवन में  ,

खुशियों की ताल बज उठी  , अपने जहन में  ,

चाँद , तारे चमक उठे हैं  , ऊपर नीले गगन में  ,

उनकी चमक से चमक उठा है , मन सभी के तन में   || 

 

दुनिया बहुत सुंदर है दोस्तों  ,

इसे सहेज कर  रखो  दोस्तों  , 

प्यार इस में भर लो दोस्तों   ,

प्यार इसे खूब  कर लो  दोस्तों    ||  

 

Monday, May 25, 2026

KHUD KO ( SAAMAAJIK )

 

                               खुद को 

 

किसी दूजे के लिए , मुस्कान  बिखराने से  पहले  ,

खुद के लिए मुस्कुरा लो दोस्तों  ,

दूसरों को खुश करने से पहले ,

खुद को खुश कर लो दोस्तों   || 

 

हम खुद खुश रहेंगे , खुद के लिए मुस्कुराएँगे  ,

 तभी तो दूसरे भी खुश रहेंगे , और मुस्कुराएँगे  || 

 

अपने दिल को सुकून से भर लो दोस्तों  ,

तभी तो दूसरों के दिल को समझ पाएँगे ,

और उनके दिलों को , सुकून दिला पाऍंगे   || 

 

तो पहले खुद को , शक्तिशाली बना लो  ,

तभी तो दूसरों की , मदद कर पाओगे दोस्तों  ,

इस बात को खुद समझ लो पहले  ,

तभी तो दूसरों को समझ  पाओगे दोस्तों    || 

Sunday, May 24, 2026

RAADHEY - RAADHEY JII ( PREM )

 

                            राधे - राधे जी 

 

मधुबन से तोड़ा , जो फूल कान्हा ने  ,

राधा को देते हुए कहा  , 

राधे ये फूल तुम्हारे लिए  ,

धन्यवाद कान्हा , बहुत -बहुत धन्यवाद  || 

 

कान्हा मुस्कुराए , नीचे बैठकर ,

हाथ का फूल आगे बढ़ाया  ,

और बोले , राधे - राधे जी  || 

 

राधा ने मुस्कुरा कर , दोनों हाथ जोड़े ,

राधा की इस हरकत पर  ,

कान्हा मुस्कुरा दिए  , दोनों ही  ,

खुशी में डूब कर मुस्कुरा दिए  ,

प्रेम में पगी मुस्कुराहट में    || 

 

 

Saturday, May 23, 2026

VIRAASAT ( KSHANIKAA )

 

                             विरासत 

 

किसी भी प्राणी का घर कहाँ होता है दोस्तों  ?

कुछ जीव - जंतु जंगल में रहते हैं  ,

तो कुछ पालतु जीव होते हैं  ,

वो मानव के साथ रहते हैं  ,

मगर बुद्धिमान प्राणी मानव ने अपने लिए ,

कुछ अलग ही दुनिया बसा ली   || 

 

प्रकृति को खूब हानि पहुँचाई  ,

और अपने लिए सुविधाएँ इकट्ठी कीं  ,

धीरे -धीरे जंगल कम हुए , शहर बने  ,

हरियाली कम होती चली गई   ,

जंगली जीव - जंतु कम हो गए  ,

कुछ तो समाप्त ही हो गए   || 

 

हरियाली के कम होने से , मौसम बदल गए ,

पानी की कमी होती चली गई  ,

धरा का तापमान बढ़ा  , ग्लेशियर पिघले  ,

बाढ़ और सूखा आए  , धरा - स्खलन हुए दोस्तों  || 

 

अब बताओ दोस्तों  , क्या मानव बुद्धिमान है   ?

 अपनी सुंदर धरा का , विनाश करने में लगा है  ,

मानव अपने आगे वाली पीढ़ी के लिए  ,

विरासत में क्या छोड़कर जाएगा  ? 

आगे वाली पीढ़ियाँ क्या उसे  ?

सम्मान के साथ याद करेंगी  ?  

नहीं , कभी नहीं  दोस्तों   ||   

 

Friday, May 22, 2026

KADAM - KADAM ( KSHANIKAA )

 

                               कदम  - कदम 

 

कदमों की गति धीमी - धीमी ,ही अच्छी है दोस्तों  ,

अपनी ऊर्जा को , संजोए रखना दोस्तों  ,

जीवन की पूरी राह , तभी  पार होगी दोस्तों    || 

 

लंबी सी राह जीवन की , कदम - कदम चलना है  ,

हर कदम पे कठिनाइयाँ हैं आतीं  ,

मगर चलना तो जरूरी है , तभी राह पूरी होगी  ,

चलो - चलो चलने में , साथ तो जरूरी है दोस्तों   || 

 

रात हो  या या दिन , कदम बढ़ाओ दोस्तों   ,

 सुख हो या दुःख , साथ   निभाओ   दोस्तों  ,

प्यार मिले या नहीं  , चलते ही जाओ दोस्तों   || 

 

कदमों  में   ताकत ,  तो लाओ दोस्तों  ,

साथ ही होठों पे  , मुस्कान  लाओ दोस्तों  ,

इंद्रधनुष के रंगों में , रंग जाओ दोस्तों   || 

 

Thursday, May 21, 2026

SALAAMII ( DESH )

 

                         सलामी 

 

सरहदों पर तैनात हर सिपाही  , देश की रक्षा करता  ,

उसका सारा साहस ही तो  , देश की रक्षा करता  ,

ये साहस ही तो उसको  , मिला है अपनी माँ से  ,

अपनी माँ से , अपनी जननी से  , अपनी भारत माँ से   || 

 

सभी सिपाही हैं अपने , देश की जान  ,

वो ही हैं देश की जान  , अपने देश की शान  ,

ऐसे वीरों को  है ,  हमारा सलाम  , हमारा सलाम  ,

उनकी जननी को भी है  , हमारा सलाम  ,हमारा सलाम  || 

 

उन्हीं वीरों के कारण ही तो  , जग में है देश का ऊँचा नाम  ,

जग में सभी करते हैं , भारत को सलाम  ,भारत को सलाम  ,

जीवन अपना सभी बना लो  , उन वीरों जैसा सुंदर  ,

वीरों जैसा बनो बहादुर  , तभी तो सभी ,

तुमको भी करेंगे , सलाम  , सलाम  ,   सलाम  || 

 

Wednesday, May 20, 2026

CHHAANNII DIL KII ( KSHANIKAA )

 

                             छाननी  दिल की  

 

दिल में एक छाननी लगा लो यारों  ,

जिससे बाहर की सभी बातें  , छन - छन कर  ,

अंदर जाएँ , गलत शब्द , बुरी बातें ,

छाननी में ऊपर ही रह जाएँ , अंदर ना जाएँ  ,

अंदर जाएँ  , अच्छी और मीठी बातें   || 

 

तभी दिल स्वस्थ और सुंदर रहेगा  ,

शांति और प्यार से लबालब रहेगा  ,

दिल की बातें , दिल ही पूरी तरह जानेगा  ,

दूसरा कोई दिल के बारे में , पूरी तरह नहीं जानेगा   || 

 

कोई ऐसा विषय तो बनाओ यारों  ,

जिसमें दिल के बारे में जानना , सिखाया जाए ,

चलो हम भी कोशिश करते हैं  , 

तुम भी खूब कोशिश करो यारों   ||  

Tuesday, May 19, 2026

HAKEEKAT ( KSHANIKAA )

 

                              हकीकत 

 

जिंदगी की क्या हकीकत है यारों  ?

कौन जाने इस राज को यारों  ?

वैसे जानना तो हर कोई चाहता है  ,

मगर उसे जानने की राह , उसे  नहीं है पता   || 

 

कोई जो राह पा जाता है  ,

और हकीकत कुछ - कुछ जान जाता है  ,

तो उसे जानकर परेशान हो जाता है  ,

जिंदगी की हकीकत नहीं जान पाता  ,

वह भी परेशान ही जिंदगी बिताता है   || 

 

जिंदगी की हकीकत तो , कुछ सुख और दुःख है  ,

उसको झेलकर जिंदगी सुकून से बिताना है  ,

दोस्तों मेरे शब्द कुछ उलझन भरे हैं  ,

सुलझा सको तो मुझे भी बताना दोस्तों    || 

 

Monday, May 18, 2026

EK BAAR SAKHEY ( GEET )

 

                             एक बार सखे  

 

बचपन की मीठी यादें , दे जातीं मुस्कान सखे   ,

प्यारे - प्यारे वो खेल हमें , दे जाते मुस्कान सखे  ,

रंग भरे वो खेल - खिलौने  , भर जाते दिल में रंग सखे  || 

 

जीवन में वही तो याद बसी ,बचपन के सुंदर खेलों की  ,

जीवन में वही तो प्यार बसा  , उन शरारती दिनों का  ,

क्या करें कि लौट आए बचपन  ? 

कुछ दिन को ही इक बार सखे    || 

 

तुम साथ हमारे पुकार लो  , 

उन यादों को  , उन खेलों को ,

शायद वो  दिन लौट  आएँ  ,

जीवन में फिर एक बार सखे   || 

 

Sunday, May 17, 2026

NIYAM ( KSHANIKAA )

 

                                      नियम 

 

हर बगीचे में  लिखा होता है , फूल तोड़ना मना है  ,

चित्रों की प्रदर्शनी में लिखा होता है  , चित्र छूना मना है  ,

स्कूल में लिखा होता है  , नियम तोड़ना मना है  ,

तो दोस्तों , दोस्ती , रिश्ते के लिए  , क्यों नहीं  ?

लिखा होता  , साथ छोड़ना मना है    ?? 

 

साथ क्यों छोड़ दिया जाता है   ?

उसके लिए कोई नियम क्यों नहीं है   ?

क्यों एक इंसान दूसरे का साथ   ?

आसानी से छोड़ देता है  ,  क्यों    ??  

 

क्यों राहें बदल जातीं हैं  , दो व्यक्तियों की  ,

क्यों मोड़ अलग कर जाते , दो व्यक्तियों को   ?

क्यों बोल चुप हो जाते  , दो व्यक्तियों के बीच   ?

बताओ दोस्तों ये , मौन कहाँ से आ  बैठा   ?

 दो व्यक्तियों के बीच  , दो व्यक्तियों के बीच   || 

 

Saturday, May 16, 2026

NIIND AUR SAPANEY ( KSHANIKAA )

 

                         नींद और सपने 

 

रात का समां  , चमके चंद्रमा गगना में  ,

आई है निंदिया , ले के सपने आँखों में  ,

ना जाने कहाँ - कहाँ की ,सैर कराते ये सपने  ? 

ना  जाने किस - किस से , मिला देते ये सपने  ?? 

 

जिस किसी से हम , ना मिल पाते जागते हुए  ,

उन्हीं को सपने हमारे , सामने ले आते सोते हुए , 

हम को दुनिया की सैर , करा देते सोते हुए   || 

 

सपनों भरी मीठी नींद , होठों पर मुस्कान ले आती  ,

इन्हीं सपनों की याद , दिन में भी मुस्कान लाती  ,

ये सपने ही तो जरूरी हैं , हमारे जीवन में दोस्तों  ,

अपने सपने , अपनी  नींद  , ही तो जरूरी हैं दोस्तों  || 

 

Friday, May 15, 2026

MAUN ( KSHANIKAA )

 

                               मौन 

 

मौन ना जाने वाचाल की भाषा  , 

वाचाल ना जाने मौन की  ,

वाचाल की बातें , वाचाल का शोर  , 

दुनिया में चहुँ ओर है  || 

 

मौन को जो कोई भी  समझा है ,

वही  इस दुनिया को समझा  ,

वाचाल के शब्दों को  , 

हर कोई समझ जाता है    || 

 

मौन को समझो  , मौन को जानो  ,

दुनिया को भी पहचानो  ,

मौन जब मुखरित होता है  ,

हर कोई उसे समझ जाता है   || 

 

मौन की भाषा सबसे  सुंदर  ,

और सबसे शक्तिशाली है   ,

मौन की सुंदर भाषा को  ,

पूरी तरह  समझ जाओ दोस्तों   ||  

Thursday, May 14, 2026

SILSILAA ? ( JIVAN )

 

                       सिलसिला 

 

पुकारा है हमने तुम्हें दोस्तों  ,

जवाब जल्दी देना हमें दोस्तों  ,

कभी जब सभी आस - पास थे दोस्तों  ,

मिलते रहते थे जल्दी - जल्दी दोस्तों   || 

 

जीवन हरदम दोस्तों के बीच मुस्कुराता है  ,

जीवन हरदम दोस्तों के बीच गुनगुनाता है  ,

अब दूरियाँ बढ़ गईं हैं दोस्तों  ,

मुस्कानों का सिलसिला भी कम हुआ दोस्तों   || 

 

चलो आगे कदम बढ़ाते हैं दोस्तों  ,

संदेशों के जरिए मेलजोल बढ़ाते हैं  ,

मुस्कानों का सिलसिला भी आगे बढ़ाते हैं  ,

और दिल खोल कर गुनगुनाते हैं दोस्तों   || 

 

Wednesday, May 13, 2026

SHRIDDHAA ( AADHYAATMIK )

               

                             शृद्धा 

 

 जीवन के साथ ही  , मृत्यु का जुड़ाव है  ,

जैसे दिन के साथ ही , रात का जुड़ाव है दोस्तों  ,

धूप के साथ छाँव भी  , जुड़ी रहती है  ,

आने के साथ ही , जाना भी जुड़ा है दोस्तों   || 

 

ईश्वर ने जिसे भी , धरा पर भेजा है  ,

किसी ना किसी उद्देश्य के  , साथ भेजा है  ,

और उद्देश्य के पूरा होने पर उसे  ,

अपने पास ही वापिस बुलाया है दोस्तों   || 

 

अपने जीवन में उसी उद्देश्य को  ,

पूरा करके , कर्त्तव्य निभा लो दोस्तों  ,

और ईश्वर के प्रति अपनी शृद्धा को  ,

अर्पण करते जाओ दोस्तों   || 

 

Tuesday, May 12, 2026

DUNIYA SOCH MEIN ( AADHYAATMIK )

 

                         दुनिया सोच में 

 

एक ये दुनिया है दोस्तों , जिसमें हम हैं  ,

एक वो दुनिया है दोस्तों ,जिसमें परमात्मा है  ,

हमारी सोच में ,हमारे ख्यालों में  परमात्मा है ,

वही दुनिया तो ,इस दुनिया से अलग है   || 

 

 वो सोच ,वो दुनिया तो , बिल्कुल अलग है  ,

वो दुनिया तो प्यार में डूबी है  ,

परमात्मा के आशीष  डूबी है  ,

उस परमात्मा के साथ ही  ,

उस सोच , उस दुनिया को नमन है   || 

 

मैं तो उस दुनिया की सोच में डूबी हूँ  ,

आओ दोस्तों तुम भी ,उसी दुनिया में खो जाओ  ,

प्यार दो , सम्मान दो ,नमन करो ,उस दुनिया को  ,

तभी तो तुम्हें भी प्यार , और आशीष मिलेगा   ||  

Monday, May 11, 2026

GUNGUNAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                    गुनगुनाएगा 

 

साजों पर सुर जब सजे तो  ,

धड़कनों में ताल बज उठी  ,

जिससे दिल मचल गए दोस्तों  , 

एक लंबी सी साँस लेकर  ,

कलम कागज पर दौड़ चली    || 

 

प्यार के शब्द लिखे गए  ,

जो दिल को तेजी से धड़का गए  ,

होठों पर मुस्कान ले आए  ,

तो आँखें भी चमक उठीं  , 

और कलम , कागज बन गए हैं दोस्त   || 

 

कागज को उठा लो दोस्तों  ,

कलम को  हाथ में पकड़ो और  ,

दौड़ा दो कलम को उस कागज पर  ,

जब शब्द कागज पर उकेरे जाएँगे  ,

तब जीवन मुस्कुराएगा दोस्तों  ,

प्यार दिल में गुनगुनाएगा दोस्तों   ||  

Sunday, May 10, 2026

AUM NAMH SHIVAAY ( AADHYAATMIK )

 

          ॐ नमः शिवाय 

 

       ॐ नमः शिवाय  ,

       ॐ नमः शिवाय  ,

    खुशियाँ तुम्हें बुलाएँ   || 

 

ॐ नमः शिवाय  , ॐ नमः शिवाय  ,

सबका जीवन मुस्काए   || 

 

        ॐ नमः शिवाय  , 

        ॐ नमः शिवाय  ,

हर कोई सफलता पाए   ||  

 

ॐ नमः शिवाय , ॐ नमः शिवाय  ,

 हर राह पार हो जाए   || 

 

       ॐ नमः शिवाय  , 

        ॐ नमः शिवाय ,

दोस्तों को दे मिलाय   || 

 

Saturday, May 9, 2026

MAAN ( PREM )

 

                            माँ 

 

माँ के नाम अनेक  ,  

माँ , माता , माई , आई , बा , मदर , मम्मी ,

पालन करने वाली माँ , यशोदा माँ , 

माँ हैं तो हम हैं  ||  

 

धरती माँ है , धरा माँ , 

देश की माँ है , भारत माता  ,

नदियाँ भी जीवन देतीं ,वो भी माँ हैं  , गंगा माँ  || 

 

 देवी माँ -- माँ सरस्वती - ज्ञान की देवी ,

                माँ  दुर्गा  -- शक्ति की देवी  ,

                माँ  लक्ष्मी -- धन की देवी  || 

 

प्रणाम माँ प्रणाम , 

एक दिन मातृ दिवस कैसे   ?

हर दिन ही मातृ दिवस है दोस्तों   ||  

 

Friday, May 8, 2026

MOGRAA ( JIVAN )

 

                                मोगरा 

 

मोगरा फूला है सखि री , चमन में  ,

खुश्बुएँ फैली हैं सखि री , सहन में  ,

आ जाओ सखि तुम , मेरे आँगन में  ,

गुनगुनाएँगे वो गीत जो  ,महकते हैं जीवन में   || 

 

गीतों के वो शब्द आज भी , बसे हैं जहन में  ,

उन्हीं की याद भी आती है , रोज सपन में  ,

उन्हीं के अक्षर तो बसे हैं , मेरी कलम में   || 

 

मोगरा तो हर बार फूलता है , चमन में ,

उसी  खुश्बु तो बस गई है  ,मेरे तन - मन में  ,

उसी की खुश्बु से महका लें , हम अपनी साँसों को ,

तभी तो महकेंगी खुश्बु  , हमारे दामन में   || 

 

साँसें महकेंगी , तो चैन आएगा  ,

कदमों  का निशां , गीली रेत पर रह जाएगा  ,

जिंदगी का समय भी , मुस्का के गुजर जाएगा   ||  

 

Thursday, May 7, 2026

AATMAA ( AADHYAATMIK )

 

                             आत्मा    

 

रचनाकार ने जब ये संसार बनाया  ,

सबसे सुंदर एक पुतला ( मानव  ) बनाया ,

अपने कुछ अंश को आत्मा का रूप दिया ,

और मानव के अंदर आत्मा को बसाया   || 

 

मानव और उसकी आत्मा में  ,

सोचने , समझने की शक्ति थी ,

कुछ बनाने और मिटाने की शक्ति थी ,

मानव ने इस दुनिया में कुछ बनाया ,

साथ ही रचनाकार की , कुछ रचनाओं को मिटाया  || 

 

मानव के अंदर आत्मा तो दोस्तों ,

उसी रचनाकार ( परमात्मा ) का अंश है  ,

उस परमात्मा को पाने के लिए ,

अपने अंदर परमात्मा के ,अंश को जगाओ दोस्तों  ||  

 

आत्मा ही अपनी बुद्धि और प्रेम भरी शक्ति से , 

उस परमात्मा को पा सकती है  ,

इस रास्ते  पर चलकर ही उस ,

परमात्मा को पाने की , कोशिश कर लो दोस्तों   ||  

 

Wednesday, May 6, 2026

KINAARE ( KSHANIKAA )

 

                             किनारे 

 

जीवन है एक नदिया  , सुख - दुःख दो किनारे  ,

पास - पास वो रहते , पर ना मिलते हैं दोनों  ,

साथ - साथ चलते रहते  , पर ना मिलते हैं दोस्तों  || 

 

कोई कितनी भी कोशिश कर ले ,

पर दोनों किनारों को मिला नहीं सकता  ,

चलो हम सब मिल कर कोशिश करते हैं  ,

नदिया के दोनों किनारों को मिलाने की   ||  

 

सुख - दुःख दोनों , एक साथ नहीं मिल सकते  ,

बारी - बारी से तो आते , मगर साथ में नहीं  ,

एक का सुख दूसरे के लिए , दुःख हो सकता है  ,

पर एक का ही , सुख और दुःख  एक साथ नहीं  || 

 

Tuesday, May 5, 2026

PRAKAASH - PUNJ ( CHANDRAMAA )

 

                          प्रकाश - पुंज 

 

साँझ ने जब रात ,  हाथ मिलाया , अँधियारा छाया  ,

उजियारे की कोई किरन , नहीं थी राहों में  ,

दो - चार कदम चले ही थे हम ,कि प्रकाश -पुंज  चमक उठा  ,

गगना पे चंद्रमा  चमक उठा , धरा तक चाँदनी पहुँच गई  ,

धरा तो पूरी की पूरी  , चंदनिया से भीग गई   || 

 

हम भी चंदनिया में नहा गए , आँखें भी चमक उठीं  ,

दिल भी मुस्कुराया दोस्तों , धड़कनें भी बढ़ गईं  ,

आस - पास कलियाँ खिल गईं  , बगिया भी महक गई  ,

संसार ही मानो महक से भर गया  ,

चमन भी तितलियों से भर गया  ,

गगना का चाँद भी , मुस्कुरा उठा दोस्तों   || 

 

Monday, May 4, 2026

POORNATAA ( PREM )

 

                                   पूर्णता 

 

जिंदगी है मेरे हमदम  , एक सुहाना सा सफर  ,

मुस्कानें होठों पर आईं हैं  , जब  तुम हो हमसफर  ,

खूबसूरत हो गया हर पल  , तुमसे मिल कर   || 

 

इस जिंदगी का सारा समय , चल रहा धीरे - धीरे  ,

सपने जो देखे थे सोते हुए  , पूरे हो रहे धीरे - धीरे  ,

नींद के सपनों को पूरे करेंगे , हम दोनों मिल कर   || 

 

प्यार ही इस , जिंदगी की नींव है दोस्त  , 

प्यार के पहियों से ही  , जिंदगी की गाड़ी चलती है  ,

जिंदगी की राह पूरी होते - होते  , मंजिल मिलते - मिलते  ,

जीवन ही पूर्णता को प्राप्त हो जाता है   ||  

 

Sunday, May 3, 2026

BHEEGA - BHEEGA ( JALAD AA )

 

                          भीगा - भीगा 

 

कारे - कारे बादरा  ,आ रे - आ रे  बादरा  ,

आजा उतर कर , मेरे आँगना  , मेरे आँगना  ,

तू जो पानी लाएगा , मेरा अँगना भर जाएगा  ,

मुझ को भी साथ ही , भिगो जा बादरा    ||

 

तेरी चम - चम दामिनी  , कड़क - कड़क कर आएगी  ,

मेरे घर  , मेरी आँखों को , चमक खूब दे जाएगी  ,

सब कुछ मेरे साथ - साथ , चमका जा तू बादरा   || 

 

मैं इंतजार करती हूँ  , आओ जल्दी आओ  ,

आते - आते इस मौसम को , तुम बदलते जाओ  ,

भीगा सा मौसम कर दो  , दिल भी भीगा तुम कर दो  ,

मुस्कानें दे जाओ , मेरे प्यारे से बादरा    ||  

 

 

Saturday, May 2, 2026

BHOR ( KSHANIKAA )

 

                              भोर 

 

भोर की लाली गगन पे छाई  ,

सूरज ने अपनी खिड़की खोली  ,

सारा जहां चमक उठा , सूरज की किरणों से  ,

पंछी भी सारे गुनगुना उठे   || 

 

पेड़ - पौधों ने ली अंगड़ाई  ,

जीव - जंतु सभी अपने काम में लग गए  ,

मानव ने भी अपनी दिनचर्या शुरु की  ,

मानो चल पड़ा जीवन  , कदम -दर -कदम  || 

 

जीवन देने वाला सूरज , कड़क हो उठा  ,

बढ़ गई गर्मी धरा पर  ,

मेहनत करने वालों का पसीना बहा  ,

और मेहनत से  , काम पूरे हुए सभी के   || 

 

Friday, May 1, 2026

VO DUNIYAA ( RATNAAKAR )

 

                           वो  दुनिया 

 

समंदर की गहराइयों में  , जो दुनिया है बसी  ,

उसमें सभी कोई हैं  , अलग - अलग वनस्पति  ,

अलग - अलग जीव हैं  , सुंदरता है उनमें फंसी   || 

 

जीवन है उन सबका , अलग राह पर चलता  ,

समंदर से बाहर की , दुनिया से अलग पलता ,

वो सुंदर सी दुनिया में  , हम घूम आते हैं   || 

 

तरह - तरह की मछलियाँ , उनके अनोखे खेल  ,

अलग तरह की वनस्पति , उनका ना कोई मेल  ,

हर कोई नहीं जानता  , गहराई की वो दुनिया   || 

 

Thursday, April 30, 2026

MAJDOOR DIWAS ( KSHANIKAA )

 

                             मजदूर दिवस 

 

ऐसा  क्यों होता है कि , कोई अमीर है और कोई गरीब ,

कोई मालिक और कोई मजदूर  ,

मेहनत मजदूर की और फल मालिक को   || 

 

मेहनत मजदूर की हर मौसम में ,

कड़ी धूप में की गई मेहनत ,

तेज बारिश में की गई मेहनत  ,

कड़ाके की सर्दी में की गई मेहनत   || 

 

दोस्तों मजदूर की मेहनत का फल  ,

मजदूर को ही मिलना चाहिए  ,

ऊँची - ऊँची इमारतें बनाने वाला मजदूर  ,

खुद झोंपड़ी में रहता है दोस्तों   || 

 

पूरा भारत देश  १  मई को ,मजदूर दिवस मनाता है  ,

एक दिन ये दिवस , मना कर क्या होगा  ?

मान दो , सम्मान दो , परिश्रम को ,

मजदूर की मेहनत का फल दो   || 

 

Wednesday, April 29, 2026

KHUDD HII ( KSHANIKAA )

 

                         खुद ही 

 

हमने तो समझी , सभी के दिल की बात  ,

हमारी बात ही ना , समझा कोई  ,

हमने  फूल बिछाए , सभी की राहों में  ,

अपनी राह में एक फूल , भी आया ना कोई  || 

 

मीठे बोल हमने , सभी को बोले दोस्तों  ,

हम तो दो , मीठे बोलों को तरसे  ,

गीत हमने भरे , सभी की जिंदगी में  ,

मगर एक प्यार भरे , बोल को हम तरसे   || 

 

क्या खता थी हमारी  ? क्या गलती थी  ?

क्यों ऐसा हमारे साथ हुआ  ?

चलो हम खुद ही , गीत लिख लेंगे  ,

हम खुद ही , गुनगुना लेंगे दोस्तों  ,

और मस्त जीवन बिता लेंगे दोस्तों    || 

 

Tuesday, April 28, 2026

SWAAD AAM KAA ( KSHANIKAA )

 

                               स्वाद  आम का 

 

मौसम आया गर्मी का , आमों के स्वाद का , 

इस मौसम में आम का , स्वाद का मजा लेने का , 

तरह - तरह के आम हैं आते , अलग - अलग प्रांत के  || 

 

कहीं के दशहरी आम आते , सफेदा आम भी आते  ,

लंगड़ा और हाफूज आम , हैं स्वाद लाते  ,

केसर आम का नाम , केसर जैसा लगता है  || 

 

लखनऊ , बनारस , मध्य प्रदेश ,रत्नागिरी  ,

बहुत जगह  के  आम  हैं आते  ,

अलग - अलग आमों से , अलग - अलग ,

शरबत ,शेक ,  आईसक्रीम हैं स्वाद लाते  ,

तो दोस्तों गर्मी के मौसम में  ,

लो स्वाद आमों का  , लो स्वाद आमों का  || 

 

SHABD ( KSHANIKAA )

 

                                          शब्द 

 

कीमत शब्दों की जान लो दोस्तों  , तभी बोलो  ,

सुंदर शब्द कीमती होते  , पहले उनको तोलो  ,

मुस्कानों में डुबा लो तभी  , उनका ताला खोलो   || 

 

गलत शब्दों को ताले में बंद कर दो ,कभी ना ताला खोलो ,

उनका ताला खोला तो सभी , कुछ  डूब जाएगा  ,

पहले उनको करो सही तभी तो ,ताला खोलो   || 

 

गलतियाँ ठीक जो कर लोगे  , जीवन सुंदर कर लोगे  ,

जीवन की दुनिया को बंधु  ,प्यार के रंग से रंग लो  ,

शब्दों की दुनिया में बंधु , रंग प्यार के भर लो   || 

 

Sunday, April 26, 2026

JAHAAN SAARAA ( GEET )

 

                            जहां सारा 

 

धूप निकली सुबह - सुबह , चमक गया जहां   सारा ,

सूरज ने कहा -- कर लो काम ,चलेगा तभी तो जहां सारा  || 

 

पंछियों ने गीत गाए ,  गूँजा जहां सारा  ,

मानव सारे ही मुस्काए  , मुस्काया जहां सारा   || 

 

पवन चली धीरे - धीरे , साँस सब कोई ले पाए  ,

तभी तो जी पाएगा , अपना ये जहां सारा   || 

 

चमन में फूल खिल उठे , तितलियाँ भी उड़ आईं ,

उन्हीं से तो अपना , महका जहां सारा   ||  

SAMAY CHAKRA ( KSHANIKAA )

 

                           समय चक्र 

 

सफर जो शुरु हुआ हमारा  , 

जन्म लेते ही राहें चल पड़ीं दोस्तों  ,

कदम जो चलना सीख कर दौड़ पड़े ,

दोस्तों का मेला - सा लग गया दोस्तों  || 

 

कदम विद्यालय में पहुँचे तो  ,

आशीष मिला गुरुओं का दोस्तों  ,

कक्षा में मिले हम को सहपाठी ,

और खेल के मैदान में तुम दोस्तों   || 

 

समय बीतता गया , कॉलेज का जमाना आया ,

और हमने आगे कदम बढ़ाया ,

दोस्तों की संख्या बढ़ती गई ,

और प्यार भी उनका बढ़ता गया  दोस्तों   || 

 

फिर गृहस्थी बसी , व्यस्तता बढ़ी  , 

जिम्मेदारियाँ भी बढ़ीं दोस्तों  ,

सब कुछ निभाते - निभाते ,

अब सेवा - निवृत्त हुए दोस्तों  ,

अब तो आती है  , उन्हीं प्यारे दिनों की याद दोस्तों   || 

 

Friday, April 24, 2026

VISHWAAS ( KSHANIKAA )

 

                             विश्वास 

 

मानव जब यह सोचता , सब कुछ मानव करता है  ,

तब तो दोस्तों संघर्ष से , सब कुछ चलता है  ,

मानव के हर कदम से , बनने से अधिक बिगड़ता है  ,

और इसी रास्ते में , मानव तनाव में डूबता है   || 

 

पर जब मानव ने सोचा  , ईश्वर सब कुछ करता है  ,

तब हुआ दूर तनाव  , और भरोसा बढ़ता गया है  ,

ईश्वर पर इस भरोसे ने  , मानव का विश्वास बढ़ाया है  ,

और रात भर मानव फिर , चैन की नींद में सोता है   || 

 

तो मानव  भरोसा कर , उस रचनाकार पर  ,

उसी ने ये ब्रह्मांड बनाया , उसी ने पृथ्वी पर जीवन जगाया ,

तू तो एक कठपुतली है  , जिसकी डोर रचनाकार के हाथ में है  ,

विश्वास कर उसी पर , मानव विश्वास कर उसी पर   ||