Friday, July 24, 2026

SHAAYAD ( KSHANIKAA )

 

                           शायद 

 

भीड़ में लोग तो मिलते हैं  , मगर क्या अपने हैं वो  ?

सभी आपसी बातों में लगे रहते हैं , शोर का हिस्सा हैं  ,

वो सब बातें  , क्या तुम समझ पाते हो   ?? 

 

क्या तुम्हें उनकी बातों में  , अपनापन महसूस होता है   ?

नहीं ना  ! तो फिर वो तुम्हारे अपने नहीं हैं   ,

आपसी बातों में वक्त बिताकर  , सब वापिस जाते हैं  || 

 

अरे , दोस्तों देखो , दो लोग रुके हैं  , शायद वो अपने हैं  ,

उनकी  मुस्कान ,  उनका व्यवहार तो सुंदर है  ,

शायद वही तुम्हारे अपने हैं  ,

और उन्हें तुम्हारी फिक्र है  || 

 

आओ - आओ , दोस्ती करते हैं उनसे  ,

मुस्कानें बाँटते हैं उनसे , आओ नए दोस्त हैं तुम्हारे  ,

मुस्कुराओ , खिलखिलाओ हमारे साथ   || 

 

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