Saturday, October 3, 2026

SUN BADARAA ( JALAD AA )


                          सुन बदरा 


रुई की पतली परत जैसे बदरा  ,

सूरज की किरणें भी , जिसे भेद पाएँ  ,

आसमान का रंग भी  , ऐसा हल्का नीला  ,

मानो  सफेद कपड़े में  , किसी ने नील लगाया हो   || 


पवन के साथ उड़ते , हल्के बदरा  ,

सूरज की किरणों को  , स्वयं से  ,

 रास्ता देते बदरा  , पवन के संग  ,

हिलते , डुलते  , प्यारे बदरा  || 


क्या बात है  ? सुन बदरा मेरी बातें  ,

गरजन  मत करना  बदरा  ,

बस रिमझिम बरखा बरसाना  ,

हरियाली को खूब बढ़ाना  बदरा   || 


Friday, October 2, 2026

DOST SAAGAR ( RATNAAKAR )


                         दोस्त सागर  


कभी तो सागर तू , आजा मेरी कुटिया में ,

जिंदगी खिल जाएगी तेरी , मेरी कुटिया में   || 


करोड़ों बरसों से सागर , ना सोया तू एक पल ,

आज आजा सो जा सागर  , तू मेरी कुटिया में   || 


क्यों करता इतना काम , कुछ तो कर ले  आराम  ,

आजा कर ले तू आराम , मेरी कुटिया में  || 


तेरी तो लहरें सागर , करतीं हैं अठखेली  ,

दिखला उनकी अठखेली  , तू मेरी कुटिया में  || 


तेरे घरवाले जो , पसंद करेंगे खाना ,

मैं वही खिलाऊँगी उनको  , मेरी  कुटिया में   || 


Thursday, October 1, 2026

BADHAAI ( PREM )


                               बधाई 


दोस्तों  कल हमारी पचासवीं   ( स्वर्ण जयंती ) 

शादी की सालगिरह थी , हमारे अधाता परिवार 

के दोस्तों ने हमें शुभकामनाएँ दीं , एक दोस्त ने 

सबकी भावनाओं को शब्दों में पिरोया  ,मैं वही 

आप सबके साथ शेअर कर रही हूँ  -----  ,


पचास साल का साथ है , पचास साल का प्यार है  ,

ओमप्रकाश और मिथलेश का , ये अनुपम संसार है  || 


हाथ थामा था जब तुमने , तब से आज तक ,

एक दूजे के सहारे , चले साथ - साथ हर डगर तक  || 


सोने से भी महंगा है , तुम्हारा ये बंधन  ,

ईश्वर से यही दुआ है , ये जोड़ी सदा सलामत रहे  || 

श्री ओमप्रकाश जी एवं मिथलेश को सप्रेम बधाई   || 


इस मीठी - मीठी बधाई के उत्तर में ,

हमने उनका शुक्रिया अदा किया दोस्तों  ----  , 

                

 शुक्रिया   ( प्रेम)


शुक्रिया , शुक्रिया , शुक्रिया  जी  ,

आप सबके आशीर्वादों का ,

आप सबके प्यार का , आप सबकी दुआओं का  || 


दोस्तों आप की मुस्कुराहटें ,जीवन दे जाती हैं हमें  ,

आगे संघर्ष करने को  , तैयार कर जाती हैं हमें   || 


तो आप मुस्कुराते रहिए दोस्तों  ,

गुनगुनाते रहिए दोस्तों , खिलखिलाते रहिए दोस्तों  || 


हमें बहुत खुशी होगी , आप जो मुस्कुराएँगे ,

हम नाच उठेंगे दोस्तों , जो आप खिलखिलाएँगे  || 

  

Wednesday, September 30, 2026

NAACHEY PAL ( PREM )


                            नाचे पल 


कुछ सुंदर से पल ,जो आज ठहर गए  ,

कुछ सुंदर से ख्वाब , जो पूरे ही हो गए   || 


साँसों से अंदर आती  , शीतल सी ये बयार  ,

अंदर ही जैसे एक , सुख - चैन पहुँचा गई  ,

यादों के दरीचे आज  , मानो खुल  ही गए  || 


चलते -रुकते से ये पैर  , मानो आज नाच उठे  ,

छन - छन बजती ये पायल  , मानो जोरों से बज उठी  ,

गीत के बोलों पर और पायल  , दोनों ही बहक गए   || 


चलो फिर शुरू कर ही लेते , हम अपना ये काम  ,

गीत , संगीत का ये संगम  , रखेगा हमारा मान  ,

ताल मिला कर ये सब  , नाचे गए , नाचे गए पल   || 


Tuesday, September 29, 2026

CHATOREY ( HAASYKAAVYA )


                           

                   चटोरे 


एक चटोरी और एक चटोरा , मिले राह में  ,

पहले पी उन्होंने चाय  , एक टपरी में  ,

फिर चले दोनों कुछ खाने , स्वाद - स्वाद में   || 


कुछ देर इधर घूमे , कुछ देर उधर घूमे  ,

थोड़ी देर में पानी - पूरी वाला दिखा  , उधर चले  ,

दोनों ने ही पानी - पूरी खाईं , खूब जम के  ,

स्वाद लिया दोनों ने  , ले के खूब चटखारे   || 


फिर दोनों को दिखा , एक कुल्फी वाला ,

दोनों दौड़े और लगे खाने  , स्वाद कुल्फी  ,

खाईं कुल्फी और , खिलखिलाते हुए वापस आए   || 


CHALO CHALEN ( JIVAN )


                  

              चलो चलें 


चलो चलें हम गाँव में दोस्तों  ,

पीपल की ठंडी छाँव में  दोस्तों  ,

नदिया की छोटी नाव में दोस्तों  ,

मँझधारों  के सामने  दोस्तों   || 


शहरों का जीवन भी क्या जीवन   ?

कंक्रीट के जंगल में ,बसा हुआ जीवन  ,

ना हरियाली , ना शीतल , मंद पवन  ,

तो कैसे लगेगा , हमारा मन दोस्तों  ?? 


तो गाँवों का सुंदर  , सादा अपनाओ  जीवन  ,

साँसों में बसा लो वहाँ की  , शीतल , मंद पवन  ,

नदिया की लहरों में  , अठखेली करता मन  ,

उसी खेल में डूब जाएगा  , मेरा मन दोस्तों   || 


Sunday, September 27, 2026

HAMARAA DIL ( PREM )



                      हमारा  दिल 


सुनहरी रश्मियों ने जब उजाला फैलाया  ,

पंछियों ने जब मीठा गान गाया  ,

हमारे दिल को उन्होंने बहलाया  ,

तो हमारा दिल उनके साथ गुनगुनाया   || 


शीतल पवन के झोंके ने जब , 

सभी तरुओं को प्यार से सहलाया  ,

उसी पवन ने सभी की साँसों को भी  ,

मुस्कुराया  , खिलखिलाया    || 


चमन में जब कलियाँ , खिलकर फूल बनीं  ,

उन्होंने अपनी खुश्बु से चमन महकाया  ,

उन्हीं खुश्बुओं ने सभी के  ,

दिलों को प्यार से धड़काया   || 


रात के अँधियारे में जब चाँद खिला  ,

उसकी चाँदनी ने सारा जग चमकाया  ,

गगन में तारों की जब , बारात आई  ,

सभी की आँखों को उन्होंने चमकाया    ||