बेशुमार
मैं हूँ धरा तुम्हारी , तुम हो मेरा आसमां ,
बहुत खूबसूरत है दोस्तों , हमारा ये जहां ,
प्यार ही पलता है दोस्तों , बेशुमार यहां ||
मुस्कानें खिलती हैं , हर ओर दोस्तों ,
जिंदगी मिलती है , हर ओर दोस्तों ,
सभी कुछ पा लो दोस्तों , बेशुमार यहां ||
रंग बिखरे हैं इस , धरा पर दोस्तों ,
फूल निखरे हैं चमन में , खूब दोस्तों ,
रंगों से इंद्रधनुष सजा लो , साथ में आसमां ||
तुम जो मुस्काओगे दोस्तों ,
समां भी तो खिलखिलाएगा दोस्तों ,
उन्हीं से झिलमिलाएगा , सारा ये जहां ||