फायदा
एक राह जो पकड़ी हमने , सच और ईमान की ,
मगर बेईमान दुनिया में , उसका क्या फायदा ??
उस राह में चले हम अकेले , आगे - पीछे कोई नहीं ,
अगर कोई दूसरा भी होता , तो क्या फायदा ??
जिंदगी तो मिली जो हमको ,छोटी सी है ,
अगर लंबी भी मिलती , तो उसका क्या फायदा ??
कभी ना चाहे हमने , जिंदगी में सारे सुख ,
दुःख भी साथ ना हो , तो सुख का क्या फायदा ??
अपनी उसी राह पर , हम चलते जाएँगे ,
चाहे कोई भी हो कायदा ,
चाहे कुछ फायदा हो , या ना हो फायदा ||