शौक
उम्र तो एक संख्या है यारों ,
बढ़ती संख्या को , कोई रुकावट ना समझो यारों ,
हर उम्र में हम , अपने शौक पूरे कर सकते यारों ||
गृहस्थी की गाड़ी को चलाने में ,
हम कोल्हू के बैल के समान ,
जुते रहकर अपनी संतान , अपने परिवार को ,
चलाते रहते हैं , मंजिल तक पहुँचाते यारों ||
सेवा निवृत्ति के बाद हमें कुछ समय ,
खाली भी मिलता है , उसी समय को ,
हम उस शौक को , पूरा करने में लगा सकते यारों ,
और होठों की मुस्कान बढ़ा सकते यारों ||
तो जीवन में इस पड़ाव को खुशी - खुशी ,
स्वीकार कर यारों ,
और नई राह को अपना लो यारों ,
मुस्कुरा कर शौक पूरे कर यारों ,
दोस्तों की महफिलें सजा लो यारों ||