दुनिया सोच में
एक ये दुनिया है दोस्तों , जिसमें हम हैं ,
एक वो दुनिया है दोस्तों ,जिसमें परमात्मा है ,
हमारी सोच में ,हमारे ख्यालों में परमात्मा है ,
वही दुनिया तो ,इस दुनिया से अलग है ||
वो सोच ,वो दुनिया तो , बिल्कुल अलग है ,
वो दुनिया तो प्यार में डूबी है ,
परमात्मा के आशीष डूबी है ,
उस परमात्मा के साथ ही ,
उस सोच , उस दुनिया को नमन है ||
मैं तो उस दुनिया की सोच में डूबी हूँ ,
आओ दोस्तों तुम भी ,उसी दुनिया में खो जाओ ,
प्यार दो , सम्मान दो ,नमन करो ,उस दुनिया को ,
तभी तो तुम्हें भी प्यार , और आशीष मिलेगा ||