प्यार हुआ
चमन में फूल जब महके , चमन से प्यार हुआ दोस्तों ,
गगन में चंदा - तारे जब चमके ,गगन से प्यार हुआ दोस्तों ,
बदरा से बरखा जब बरसी , बदरा से प्यार हुआ दोस्तों ||
पर्वत शिखर से नदिया जब उतरी , नदिया मैदान में आई ,
लंबा रास्ता पार कर , नदिया समंदर में समाई ,
नदिया का जल था मीठा , मगर नदिया ,
समंदर का जल ना मीठा कर पाई ||
भोर में जब सूरज उदित हुआ , धरा चमक उठी ,
धरा पर जीवन उगा , जीव - जंतु जन्में ,
पेड़ - पौधे जन्में , उन पेड़ - पौधों से ,
मानव ने सभी सुविधाएँ पाईं दोस्तों ||
इन सब हमें प्यार हुआ दोस्तों ,
आप सब भी उनसे प्यार करो दोस्तों ||