Thursday, July 16, 2026

PRASHN - PATRA ( KSHANIKAA )

 

                         प्रश्न - पत्र 

 

प्रश्न - पत्र भी है दोस्तों  , हम सब की जिंदगी  ,

जो भी प्रश्न उसमें दिए हैं ,उनका उत्तर लिखना ही है  ,

जो प्रश्न हम हल नहीं कर पाते , उनको भी छोड़ना नहीं है  || 

 

प्रश्न कठिन हों या आसान , दें हमको टेंशन या मुस्कान ,

करने तो वो सब हमको ही हल , नहीं मिलेगी कोई छूट ,

सही तरह से हल करेंगे , तभी तो नंबर मिलेंगे हमको  || 

 

तो तैयारी अच्छे से कर लो दोस्तों  , प्रश्न हल कर लो दोस्तों  ,

तभी तो जीत पाओगे ये जंग , ले पाओगे सुंदर नंबर  ,

चलो तो दोस्तों कोशिश करके  , जीवन की जंग जीतते हैं  || 

 

प्रश्न समझ जाओगे तो ,  हल भी कर पाओगे ,

हल जो हो जाएगा , उत्तर भी लिख पाओगे  ,

उत्तर सही होगा तो , जंग भी जीत जाओगे   || 

 

Wednesday, July 15, 2026

UJAALAA HAI ( AADHYAATMIK )

 

                         उजाला है 

 

रचनाकार ने  कुछ ना  कुछ  , सब के लिए संभाला है  ,

किसी के लिए अँधेरा है थोड़ा , कुछ के लिए उजाला है  ,

रात और दिन उसने सभी के  , जीवन में लिख डाला है  || 

 

सभी के जीवन को उस उजाले में , रंग डाला है  ,

इसी से तो मानव सोचता है , जीवन फूलों की माला है  ,

रचनाकार ने तो सभी के , जीवन को संभाला है   || 

 

दूजा कोई भी इस तरह , जग को नहीं संभालेगा  ,

दूजा कोई भी इस तरह पूरे , जग को नहीं उजालेगा  ,

दूजा कोई भी इस तरह पूरे , मन में नहीं बसा लेगा   || 

 

Tuesday, July 14, 2026

MAHAKAA LO ( PREM )

 

                             महका लो 

 

जिसने जिंदगी को समझा , वही जीवन पा गया  ,

जिसने नहीं समझा  , वह जीवन से दूर हो गया   || 

 

रंगों भरा ये जहां है  ,इसे प्यार  से अपना  लो दोस्तों  ,

फूलों के चमन को , अपनी मेहनत से महका लो दोस्तों  ,

जिसने इस जहां को महका लिया , वही  जीवन पा गया  || 

 

 ये जहां बहुत सुंदर है  , इसे अधिक सुंदर बना लो दोस्तों  ,

प्यार और प्रेम के फूल  ,जीवन में खिला लो दोस्तों  ,

पूरा जीवन ही महक जाएगा  , तुम भी जीवन पाओगे दोस्तों   || 

 

कदमों को दौड़ाओगे , तो आगे पहुँचोगे दोस्तों  ,

दौड़ते कदमों को रोकना नहीं  , आगे ही पहुँचोगे दोस्तों  ,

प्यार की इन्हीं राहों पर दौड़कर , जीवन पा लो दोस्तों   ||  

Monday, July 13, 2026

BHAAI CHARAA ( KSHANIKAA )

 

                            भाईचारा 

 

ईश्वर ने जीव - जंतु बनाए , मानव बनाए  ,

एक धरती बनाई , उसी में समंदर , पहाड़ बनाए ,

मानव ने धरती पर लकीरें खींचीं  ,

धरती के टुकड़े किए , और मालिक बन बैठा  || 

 

मगर संतुष्टि नहीं मिली  , दूसरे के हिस्से  ,

को भी छीन लेना चाहा , प्रहार किए दूजों पर  ,

इसी सब प्रक्रिया का नाम युद्ध है  ,

मानव ने दूजों को मारा  , यही तो   युद्ध है दोस्तों  || 

 

 मगर सभी मानव समान नहीं थे  दोस्तों  ,

दूसरे कुछ मानव प्रेम से रहना चाहते थे  ,

वो मिलजुल कर , दोस्त बनकर ही रहना चाहते थे  ,

इससे शांति हुई और मानव प्रेम - पूर्वक ,

रहने की कोशिश करने लगे  ,

धरती पर भाईचारा बढ़ने लगा  ,

इसी भाईचारे से , दुनिया वाले प्यार फैलाने लगे    || 

 

Sunday, July 12, 2026

DIL AUR DIMAAG ( KSHANIKAA )

 

                       दिल और दिमाग 

 

ईश्वर ने दीं  हमको , दो सुंदर नेमतें , दिल और दिमाग ,

दिल से हमने सबको प्यार दिया , मुस्कानें दीं  ,

प्यार से सजा कर  , सुंदर रिश्ते , सुंदर जहां बनाया  || 

 

दिमाग से कदम आगे बढ़ाए , तर्क शक्ति को बढ़ाया  ,

हर क्षेत्र हमारा अपना था , उसी को सुंदर बनाया  ,

प्रकृति और सुविधाओं से , जीवन आसान बनाया   || 

 

जब दोनों ही मिल गए  , तो जीवन और प्रकृति सुंदर बने ,

तो दोस्तों दिल और , दिमाग  को जगाओ  ,

दुनिया को सुंदर और , सुविधाओं से पूर्ण कर लो  || 

 

UNAKO ( KSHANIKAA )

 

                             उनको 

 

हम चाहते हैं जिनको , प्यार करते हैं जिनको  ,

दोस्ती बढ़ाना चाहते हैं उनसे  ,

सुखी देखना चाहते हैं जिनको  ,

वजह मुस्कान की देना चाहते हैं  उनको   || 

 

हमारी अँजुरी में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे दिल में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे होठों पर जो मुस्कानें हैं  ,

वो सब उन्हीं के लिए हैं  ,

और हम बाँटना चाहते हैं उनको   || 

 

जीवन की राह में मोड़ जो आते हैं  ,

वो मोड़ सुगम और सरल हो जाएँ  ,

वही मोड़ मिल जाएँ उनको  ,

उनमें तुम सभी में शामिल हैं दोस्तों  || 

 

Friday, July 10, 2026

UMRA - ANUBHAV ( KSHANIKAA )

 

                            उम्र - अनुभव 

 

उम्र है दोस्तों एक नंबर ही तो ,

क्यों गिनो बढ़ती उम्र का नंबर दोस्तों  ,

इस नंबर में छिपा है , जीवन भर का अनुभव  ,

बाँटो इस अनुभव को , आपस में दोस्तों    || 

 

जीवन भर , समेटे तुमने , धीरे - धीरे हाथों में  ,

आज उन्हीं हाथों से बाँट दो , धीरे - धीरे दोस्तों में ,

सभी दोस्त लाभ उठाएँ , उसी अनुभव से दोस्तों   || 

 

उम्र और अनुभव आपस में , जुड़े हैं दोस्तों ,

दोनों ही साथ - साथ , बढ़ते हैं दोस्तों  ,

उम्र तो बढ़ने पर , बाँटी नहीं जा सकती  ,

मगर अनुभव तो , बाँटे जा सकते हैं दोस्तों  ,

तो अनुभवों को दिल  , खोलकर बाँटो दोस्तों   ||