अहसास
सनसनाती हवा उड़ी , सभी को साँसों का उपहार देती ,
बदरा को उड़ाती साथ - साथ , बरखा को धरा तक पहुँचाती ,
दामिनी की चमक और , कड़कड़ाहट को गुँजाती ,
आओ हवा को प्यार करो दोस्तों ||
हवा जो बहती कभी धीरे , कभी तेज ,
धीरे बहे तो बयार है , तेज बहे तो आँधी है ,
बयार देती साँसें , आँधी जग को नुकसान पहुँचाती ,
आओ बयार को प्यार करो दोस्तों ||
कोई रंग नहीं है हवा का , ना रूप है ,
सिर्फ अहसास ही अहसास है ,
ये अहसास ही होठों पर , ला देता मुस्कान है ,
आओ इस अहसास को , प्यार करो दोस्तों ||
जग में अहसास ही तो , दिल में प्रेम जगाता है ,
बाकि कोई भाव ऐसा नहीं , जो दिल में प्रेम जगा सके ||