Wednesday, July 29, 2026

SAHELII ( PREM )

 

                             सहेली 

 

कई बार हम सोचते हैं , सेवा - निवृत्ति के बाद ,

हम अकेले हैं , बच्चों के समझदार होने के बाद  ,

मगर दोस्तों ये पूरा सच नहीं है  ,

आप सब हैं  ना , हमसे बातें करने के लिए   || 

 

अरे - रे मेरी लेखनी तो है , मेरी सच्ची सहेली  ,

मेरी सच्ची दोस्त , रात - दिन साथ निभाती सहेली ,

मेरी भावनाओं को ,शब्दों में बदलती सहेली  ,

वही लेखनी जो , कागज की भी है सहेली  || 

 

दोस्तों एक ऐसा सच्चा , दोस्त हो या सहेली  ,

तुम भी अपना लो , ऐसा दोस्त या सहेली ,

जिंदगी सरल और  , सुगम हो जाएगी  ,

हाथ पकड़ेगा जब ऐसी सहेली  ( लेखनी  ) ,

दोस्तों अब तो ना , तुम अकेले हो  ,

और ना मैं ही हूँ अकेली   || 

 

Tuesday, July 28, 2026

KAROD PATII ( KSHANIKAA )

 

                           करोड़पति 

 

यदि आप करोड़पति हैं दोस्तों , तो जानते ही हैं  ,

एक करोड़ में एक के बाद , सात जीरो आते हैं  ,

ये तो संख्या की बात है दोस्तों  || 

 

अगर आप जीवन में , अलग तरह से करोड़पति हैं ,

तो एक के बाद जीरो के स्थान पर ,

कुछ अलग ही आता है  , ( 10000000  )   || 

 

एक नंबर पर है  ----------  स्वास्थ्य  ,

पहले जीरो की जगह  ---- धन है  ,

दूसरे जीरो की जगह  ---- घर है  ,

तीसरे जीरो की जगह  ---- परिवार है ,

चौथे जीरो की जगह  ----- जीवन है  ,

पाँचवे जीरो की जगह  ---- कार है  ,

छठे जीरो की जगह  -----  नींद है  ,

सातवें जीरो की जगह  ----  सपने  हैं   || 

 

जीरो से पहले की संख्या -- स्वास्थ्य को ,

ठीक रखना जरूरी है , यदि स्वास्थ्य  ठीक है   ,

तो जीरो के स्थान पर , आने वाला सभी  ,

कुछ ठीक हो जाएगा , अन्यथा सभी कुछ ,

खत्म  यानि जीरो   ( 0 )  हो जाएगा दोस्तों   || 

 

Monday, July 27, 2026

VISHESH ( JIVAN )

 

                                    अवशेष 

 

जिंदगी ने जो समय दिया हमें  ,

लंबा समय तो बीत गया  ,

अब बचा शेष समय , हमें सुंदर बनाना है  ,

इसका अर्थ है उसको , विशेष बनाना है  , 

जिससे बचा समय सुगम ,

 सुंदर  और  मनमोहक बन जाए  || 

 

बीता समय सुंदरता से बीता ,  

फूलों की महक से भरा रहा , आगे भी महकेगा  ,

होठों पर मुस्कान जगी रहेगी  ,

यही हमारी दौलत है  दोस्तों ,

इसी दौलत से हम  , अपनी जिंदगी सजाएँगे  ,

और शेष जीवन विशेष बनाएँगे   || 

 

यही सब जरूरी है दोस्तों  ,

जीवन के समय को विशेष बनाना  ,

वरना तो शेष समय , अवशेष ही बनेगा   ||  

 

Sunday, July 26, 2026

THAHAAKE ( KSHANIKAA )

 

                            ठहाके  

 

वो दिन कुछ कितने सुंदर थे  ? जब हम बच्चे थे दोस्तों  ,

ना मोबाईल , ना टी .वी .  , ना कम्प्यूटर थे दोस्तों  ,

 दोस्तों के साथ मिलकर  , खेलते थे हम दोस्तों  ,

फोन करके नहीं बुलाते थे  , आवाज दे कर बुलाते दोस्तों   || 

 

रात को छत पर साथ - साथ सोते थे  , गगना की छाँव में  ,

चाँद - तारों को देखते हुए , बातें करते हुए सोते थे दोस्तों  ,

मुस्कानों के बीच में , खिलखिलाहटें भी सजती थीं दोस्तों ,

बिना फोटो लिए ही ये यादें , जीवन भर मुस्कानें देंगी दोस्तों  || 

 

क्या गुल्ली - डंडे या कंचों की , फोटो ली गई दोस्तों  ,

मगर नाम लेते ही , चलचित्र के समान फ्लैश बैक आ जाता है  , 

लुका - छिपी और आईस - पाईस  खेलते हुए , डैन आने पर ,

सबके छिपने पर , हम तो घर जाकर बैठते  थे दोस्तों  ,

इंतजार के बाद सभी दोस्त , हमें ढूँढते हुए आते  ,

और ठहाके गूँज उठते दोस्तों   || 

 

Saturday, July 25, 2026

CHAIN KII NIIND ( KSHANIKAA )

 

                              चैन की नींद 

 

जीवन में जो मोड़ आते हैं  , कुछ को वक्त लाता है  ,

कुछ किस्मत में होते हैं  , कुछ को हालात लाता  है  ,

सभी मोड़ सबक सिखाते हैं  , वक्त बीत जाता है   ,

यादें रह जाती हैं  , वक्त लौट नहीं पाता   है  || 

 

कर्म करते हुए , हम सोचते हैं दोस्तों  ,

ये कर्म हमने किया , करने के बाद हम सोचते हैं  ,

ये कर्म अच्छा है या बुरा  , और उलझन में पड़ते हैं  ,

पर क्या हम जानते हैं  , रचेता ही हमसे कर्म कराता है   || 

 

और जब हमें समझ आता है ,

कि रचेता ने हमसे कर्म कराया है  ,

तो उलझन सुलझ जाती है  ,

रचेता ही चैन दिलाता है  , चैन की नींद सुलाता है   || 

 

Friday, July 24, 2026

SHAAYAD ( KSHANIKAA )

 

                           शायद 

 

भीड़ में लोग तो मिलते हैं  , मगर क्या अपने हैं वो  ?

सभी आपसी बातों में लगे रहते हैं , शोर का हिस्सा हैं  ,

वो सब बातें  , क्या तुम समझ पाते हो   ?? 

 

क्या तुम्हें उनकी बातों में  , अपनापन महसूस होता है   ?

नहीं ना  ! तो फिर वो तुम्हारे अपने नहीं हैं   ,

आपसी बातों में वक्त बिताकर  , सब वापिस जाते हैं  || 

 

अरे , दोस्तों देखो , दो लोग रुके हैं  , शायद वो अपने हैं  ,

उनकी  मुस्कान ,  उनका व्यवहार तो सुंदर है  ,

शायद वही तुम्हारे अपने हैं  ,

और उन्हें तुम्हारी फिक्र है  || 

 

आओ - आओ , दोस्ती करते हैं उनसे  ,

मुस्कानें बाँटते हैं उनसे , आओ नए दोस्त हैं तुम्हारे  ,

मुस्कुराओ , खिलखिलाओ हमारे साथ   || 

 

Thursday, July 23, 2026

PRAJAATIYAAN ( KSHANIKAA )

 

                                 प्रजातियाँ 

 

दुनिया में मानव हैं  , जीव - जंतु हैं  , 

प्रकृति है  ---- 

पेड़ - पौधे , पहाड़ , नदियाँ , झरने , समंदर हैं ,

ये  सब तो सभी जानते हैं  दोस्तों   || 

 

जरा तांत्रिकों  से पूछो दोस्तों और कौन हैं  ?

परी हैं ,भूत हैं  , पिशाच हैं  , राक्षस हैं  , चुड़ैल हैं  ,

ये सब आपने देखे हैं क्या  ?

अगर देखे हों , तो हमें भी दिखाना या बताना ,

हमने कहानियाँ पढ़ी हैं दोस्तों   || 

 

ये अलग तरह की प्रजातियाँ ,

हम तो देख नहीं सकते , 

अगर देख लें , तो पहचान नहीं सकते  ,

इन्हें तो तांत्रिक ही , देख और पहचान सकते हैं   || 

 

हमें इन प्रजातियों के बारे में  ,

कुछ भी ज्ञान नहीं है दोस्तों  ,

तो अब लिखना बंद करती हूँ  ,

ठीक है ना दोस्तों  , विदा दोस्तों   ||