चक्कर
जीवन की राहों में , चक्कर भी आते हैं दोस्तों ,
उन चक्करों में , जीवन भी घूम जाता है दोस्तों ,
उन चक्करों पर , ध्यान ना दो दोस्तों ,
खुद को चक्करों में , फंसने ना दो दोस्तों ||
अगर फंसे चक्कर में , तो समझो मंझधार में फंसे ,
फिर ना निकल पाओगे दोस्तों ,
इसलिए पहले ही समझ जाओ , और बच जाओ ||
सीधी बहती नदिया के , साथ बहो दोस्तों ,
बहाव तो तेज होगा , मगर मंझधार नहीं मिलेगा ,
तो चलो शुरु हो जाओ , और चक्करों से बचो ||
नदिया की धार सीधी , सरल , शीतल मिलेगी ,
प्यार और मिठास देगी , तो मुस्कुराओ ,
और नदिया के साथ बहो दोस्तों ||