Friday, August 28, 2026

ADHURAAPAN ( KSHANIKAA )


                                अधूरापन 


कल के सपने , आज भी आना ,

देखो तुम आना , ना भूल जाना  ,

एक नींद में एक सपना , जो पूर्ण ना हो  ,

दूसरी नींद में वह सपना , पूर्ण जरूर हो   || 


जीवन में कहीं भी , अधूरापन ना हो ,

सब कुछ पूर्ण , कर लो दोस्तों  ,

चाहे वह अधूरा , सपना हो दोस्तों  ,

या कोई भी अधूरी  , इच्छा  हो   दोस्तों   || 


बीते कल में जो हुआ  , वह बदलेगा  नहीं  ,

आने वाले कल में जो , होगा वह पता नहीं  ,

तो आज का , समय पहचान कर ,

सब कुछ अपने  , आप पूरा कर लो   || 











Thursday, August 27, 2026

ADHATA --- PARICHAY ( PREM )


                            अधाता -- परिचय  


मैं तो हूँ सीता सखि  , सीता ही हो तुम  ,

यहाँ अधाता में हैं  , मिले हम और तुम  ,

सीता का पर्यायवाची ही हैं  हम   || 


हमारी मार्गदर्शक हैं  , एक बहती बयार सी  ,

मीठे बोल सी , जो ध्यान रखतीं सभी का    || 


  भोर की लालिमा सी , सुंदर , निर्मल , कोमल  ,

मधुर , मंजुल सी  , सखियाँ मिलीं    || 


चंपई फूल खिले हैं यहाँ  ,

कृष्ण की गीता , विष्णु की लक्ष्मी यहाँ   || 


शुद्ध प्यार बरसाने वालियाँ  ,

उस ईश्वर की , मित्रों की चित्र कथाएँ हैं यहाँ   || 


अधाता की मंदाकिनी में , हंस भी आते हैं  || 


यहाँ के प्रकाश में ,अपनी आँखों से  ,

तुम देख लो सखियों  , देख लो सखियों   || 




DIL KII KAHANII ( PREM )


                      दिल की कहानी  


दिल में प्यार बसा लो तुम  , जैसे खुश्बु फूलों में  ,

होठों पे मुस्कान सजा लो तुम  , जैसे मुस्कान फूलों में  ,

यही सब तो सुंदरतम  , समय है जीवन में    || 


दिल शरीर का एक , हिस्सा है दोस्तों  ,

जो शरीर में रक्त - संचार , को नियंत्रित करता है  ,

मगर हमारी भावनाएँ भी , दिल ही नियंत्रित करता है   || 


हमारे प्यार , नफरत , क्रोध , करुणा सभी को  ,

दिल भी संभावना है , वही निर्णय लेता है  ,

ऐसा करते हुए , दिल की धड़कनें , 

तेज या धीमी हो जाती हैं  , दिल तड़प उठता है   || 


दिल की गहराईयों में डूबकर , प्यार को समझ लो ,

दिल कोई मशीन नहीं है  ,

वह तो भावनाओं को , समझने वाला ,

एक मंदिर है , जिसमें प्यार के साथ पूजा होती है   || 






  








Wednesday, August 26, 2026

SANDESAA ( KSHANIKAA )


                            संदेसा 


संदेसा क्या होता है  दोस्तों   ?

अपने दिल की बात , मोबाईल पर लिखकर  ,

भेजना ही , आज की भाषा में संदेसा होता है  ,

अब से बहुत साल पहले , पत्र में दिल की बात  ,

लिखकर भेजना ही , संदेसा कहलाती थी    || 


तब तो संदेसा पहुँचने में , कई दिन लगते थे  ,

संदेसे का जवाब तो , एक सप्ताह से पहले  ,

नहीं मिल पाता था  ,

मगर आज का संदेसा तो  , फौरन ही पहुँच जाता है   || 


मगर क्या आज का , संदेसा दिल की आवाज ,

पहुँचाती है  , नहीं दोस्तों  ?

पत्र में लिखे संदेसे में तो  ,

दिल के भाव भी पहुँचते थे  ,

तो असली संदेसे तो  , वही पुराने थे   दोस्तों   || 










 


Tuesday, August 25, 2026

NINDIYAA ( KSHNIKAA )


                            निंदिया 


रोज तू सुलाती थी ,आज तू आई क्यों नहीं  ?

रोज तू सपने दिखाती थी , आज तू लाई क्यों नहीं  ?

निंदिया तू इतनी , कठोर क्यों हो गई   ?? 


पूरे दिन में काम करते , हम थक जाते हैं  ,

पूरे दिन में  हम  , व्यस्तता में रहते हैं  ,

मगर अब रात में तूने हमें  , सुलाया क्यों नहीं   ?? 


आज तो तू आजा री निंदिया  , रात आ गई  ,

हमारी थकावट भी कह रही है , रात आ गई  ,

तो आजा तू हमारी आँखों में  , अब रात आ गई   || 



  






JIVAN MEIN ( JIVAN )

 

                             जीवन में 

 

तुझे देखा , तुझे चाहा , तुझे ही प्यार किया मैंने  ,

ये प्यार ही तो है दोस्तों , जिसे अपनाया है हमने , 

जो प्यार हमें करते हैं , वो ही तो हैं मेरे अपने   || 

 

जीवन की राहों के मोड़ों पर , मिल जाएँ जो अपने  ,

सच ही तो  हो  जाएँगे ,  मेरे सभी मीठे सपने  ,

सपने सभी हो जाएँगे  रंगीन , डूब कर रंग में   || 

 

तुम जो मिल जाओ दोस्त , अगर इस जीवन में ,

प्यार खिल जाएगा ऐ - दोस्त  ,मेरे इस जीवन में   ,

तो आओ हम अपना लें , यही साथ इस जीवन में    || 

 

Sunday, August 23, 2026

KEEMAT ( KSHANIKAA )


                           कीमत  


मुस्कानों ने पुकारा है , दोस्तों मुस्काओ  ,

आओ दोस्तों  , महफिल में तुम आओ  ,

ये जीवन जो मिला हमको  , मुस्का  कर बिता जाओ  ,

जिंदगी के हर पल में  , दोस्तों खिलखिलाओ   || 


रचेता साथ है सबके , उसका साथ सब पाओ  ,

उसको जब साथ में पाओ  , आशीष उसका पाओ  || 

तब तुम भी उसके  , भरोसे - मंद बन जाओ   || 


कीमत तुम समझो , मुस्कानों की दोस्तों  ,

कीमत तुम समझो  , जीवन की दोस्तों  ,

कीमत तुम समझो  , वक्त की दोस्तों  ,

कीमत तुम समझो , अपनी भी दोस्तों  ,

ना कुछ भी व्यर्थ गँवाओ  दोस्तों  ,

ना कुछ भी व्यर्थ गँवाओ   ||