नींद और सपने
रात का समां , चमके चंद्रमा गगना में ,
आई है निंदिया , ले के सपने आँखों में ,
ना जाने कहाँ - कहाँ की ,सैर कराते ये सपने ?
ना जाने किस - किस से , मिला देते ये सपने ??
जिस किसी से हम , ना मिल पाते जागते हुए ,
उन्हीं को सपने हमारे , सामने ले आते सोते हुए ,
हम को दुनिया की सैर , करा देते सोते हुए ||
सपनों भरी मीठी नींद , होठों पर मुस्कान ले आती ,
इन्हीं सपनों की याद , दिन में भी मुस्कान लाती ,
ये सपने ही तो जरूरी हैं , हमारे जीवन में दोस्तों ,
अपने सपने , अपनी नींद , ही तो जरूरी हैं दोस्तों ||