Friday, February 20, 2026

IISH - ICHCHHAA ( AADHYAATMIK )

 

                         ईश - इच्छा 

 

जिसका भरोसा टूटा इस जहां में  ,

वह खुद ही टूट गया  ,

जिसे धोखा मिला इस जहां में ,

वह धोखे में डूब गया , लूटा गया उसको  ,

दुनिया रंग - बिरंगी है दोस्तों   || 

 

हर कीमत , हर पग  पर , चुकाते आए हैं दोस्तों  ,

आगे क्या होता है  ? यह तो ईश्वर ही जाने  ,

उसी का भरोसा है  हमको  ,हम जानते हैं  ,

ईश्वर हमारा भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे   || 

 

हम कुछ भी माँगें , या ना माँगें ,

हम जानते हैं , ईश्वर हमें वह सब जरूर देंगे  ,

जो हमारे भाग्य में लिखा है  ,

और जो कुछ हमारे लिए अच्छा है   || 

 

हे ईश्वर हमें ही नहीं , पूरे विश्व को ,

कुछ ऐसा ही देना  , जो उनके लिए अच्छा है  ,

हम पर भी उन्हीं के साथ रखना  ,

अपनी कृपा बनाए रखना ईश    || 

  

Thursday, February 19, 2026

SAJAA LO DOSTON ( KSHANIKAA )

 

                         सजा लो  दोस्तों 

 

अँधियारा घिरा है अगर  , 

निकल कर उजियारों में आओ दोस्तों ,

अज्ञानता अगर राहें रोकती हैं , 

मुड़कर ज्ञान पथ पर आओ दोस्तों  ,

ये जहां रंगों से इंद्रधनुष सजा लो दोस्तों   || 

 

प्यार से दुनिया सुंदर बनी  हुई है  ,

आप भी प्यार को अपना लो दोस्तों  ,

रिश्तों से जीवन सुंदर लगने लगता है  ,

रिश्तों से जीवन सजा लो दोस्तों  ,

दोस्ती  का दूसरा नाम ही जीवन है  ,

इसी जीवन को अपना लो दोस्तों   || 

 

मुस्कान चेहरे पर सबसे सुंदर मेकअप है ,

होठों पर इसे सजा लो दोस्तों  ,

मुस्कान बाँटोगे तो बदले में मुस्कान मिलेगी ,

बाँटो इसे खूब दोस्तों  ,

सूरज की कुछ रश्मियों को समेट कर ,

आँखों की चमक को बढ़ा लो दोस्तों  || 

 

बीते कल को भूल कर ,

आगे आने वाले कल में कदम रख लो दोस्तों  ,

बीत गया सो बीत गया , 

आगे की चिंता भी मत करो दोस्तों  ,

भूत ,भविष्य दोनों अपने हाथ में नहीं  ,

सिर्फ आज है , उसमें तो मुस्कुरा लो दोस्तों   || 

 

Wednesday, February 18, 2026

KRODH ( KSHANIKAA )

 

                              क्रोध 

 

बहुत से भावों में ,  एक भाव है क्रोध  ,

 उसे दूर ही रहने दो यारों  , पास ना लाओ  ,

दिल - दिमाग में प्यार को बसा लो  ,

 ना बसाओ क्रोध  ,अगर क्रोध को बसाओगे तो  , 

मंजिल के रास्ते में आएगा क्रोध  यारों    || 

 

कभी - कभी सभी को , किसी बात पर आता है क्रोध ,

उस समय मौन व्रत रख लो दोस्तों  , 

मत बताओ अपने राज , कोई निर्णय ना लो  ,

उस समय दोस्तों  , हो सके तो संगीत सुनो , 

प्यार के गीत गुनगुनाओ यारों    || 

 

संगीत एक सुंदर और प्यारा रास्ता है  ,

जो क्रोध को खत्म कर सकता है दोस्तों  ,

क्रोध खत्म हुआ तो ,दिल शांत होगा  ,

और दिल में उगेंगे  , प्यार  के नगमें  ,

होठों पर उभरेंगी  , मनमोहक मुस्कान दोस्तों    || 

 

Tuesday, February 17, 2026

PYAAR KAA SAAGAR ( KSHANIKAA )

 

                          प्यार का सागर 

 

हौसलों को पकड़ कर रखो दोस्तों  ,

यही तो जीवन भर साथ निभाएँगे  ,

भाग्य के सहारे , बैठे ना रहना दोस्तों  , 

तुम हाथ मलते ही रह जाओगे   || 

 

मेहनत ही तुम्हारा हथियार है दोस्तों  ,

उसी को अपनी ताकत बना लो दोस्तों  ,

तभी तुम अपना जीवन संवार  पाओगे   ,

और अपने जीवन में मुस्कानें भर पाओगे    || 

 

मुस्कानें तुम्हारे जीवन में , उजाला कर देंगी  ,

तुम्हारे दिल  की चाहतों  को बढ़ा देंगी  ,

तभी तो तुम प्यार को समझ पाओगे  ,

और प्यार के सागर में डूब जाओगे   || 

 

Monday, February 16, 2026

JIVAN APNAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                                 जीवन अपना है 

 

सारी मुस्कानें बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को ,

प्यार भी सारा बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को  ,

ये बँटवारा जरूरी है दोस्तों  , अपना हिस्सा भी रख लो  ,

नहीं तो अपना खजाना  , खाली रह जाएगा दोस्तों   || 

 

सब कुछ बाँटोगे तो कोई भी  , नहीं आएगा देने  ,

नैया जो डूबेगी तुम्हारी  , कोई नहीं आएगा खेने  ,

कैसे तुम पाओगे अपने  , जीवन की मंजिल   ?? 

 

जीवन अपना सुखी बना लो  , प्यार के बोलों से  ,

जीवन अपना रंगीन बना लो  ,मुस्कानों के फूलों से  ,

 जीवन  का  आकाश सजा लो  , इंद्रधनुष के रंगों से  ,

ये जीवन अपना है दोस्तों  , ये जीवन अपना है दोस्तों    || 

 

Sunday, February 15, 2026

BESHUMAAR ( KSHANIKAA )

 

                                    बेशुमार 

 

मैं हूँ धरा तुम्हारी  , तुम हो मेरा आसमां  ,

बहुत खूबसूरत है दोस्तों  , हमारा ये जहां  ,

प्यार ही पलता  है दोस्तों  , बेशुमार यहां  ||  

 

मुस्कानें खिलती हैं , हर ओर दोस्तों  ,

जिंदगी मिलती है  , हर ओर दोस्तों  ,

सभी कुछ पा लो दोस्तों  , बेशुमार यहां   ||

 

रंग बिखरे हैं इस , धरा पर दोस्तों  ,

फूल निखरे हैं चमन में , खूब दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष सजा  लो , साथ में आसमां   || 

 

तुम जो मुस्काओगे दोस्तों  ,

समां  भी  तो खिलखिलाएगा दोस्तों  ,

उन्हीं से झिलमिलाएगा  , सारा ये जहां   || 

 

 

 

Saturday, February 14, 2026

HALAAHAL ( AADHYAATMIK )

 

                             हलाहल 

 

शिव ने जब पिया हलाहल , धरा को बचाया उससे ,

अपने कंठ में ही रोक लिया ,धरा को बचाया उससे , 

धरावासियों  ने उनको पुकारा , नीलकंठ के नाम से   || 

 

बचा लिया शिवशंकर ने , धरा को एक विनाश से ,

मगर जब भगीरथ गए , और प्रार्थना की गंगा से  ,

जब गंगा राजी हुईं तब ,शिव ने ही अपनी जटाओं में  ,

समाया गंगा की लहरों को , और बचाया गंगा  बहाव से  || 

 

ऐसे ही शिवशंकर को ,हमारा प्रणाम है ,

उन्हीं को हम शीश नवाते हैं , नमन करते हैं  ,

जय -जय , जय - जय , हे शिवशंकर  ,

दो आशीष  हमें , दो आशीष हमें   ||