शृद्धा
जीवन के साथ ही , मृत्यु का जुड़ाव है ,
जैसे दिन के साथ ही , रात का जुड़ाव है दोस्तों ,
धूप के साथ छाँव भी , जुड़ी रहती है ,
आने के साथ ही , जाना भी जुड़ा है दोस्तों ||
ईश्वर ने जिसे भी , धरा पर भेजा है ,
किसी ना किसी उद्देश्य के , साथ भेजा है ,
और उद्देश्य के पूरा होने पर उसे ,
अपने पास ही वापिस बुलाया है दोस्तों ||
अपने जीवन में उसी उद्देश्य को ,
पूरा करके , कर्त्तव्य निभा लो दोस्तों ,
और ईश्वर के प्रति अपनी शृद्धा को ,
अर्पण करते जाओ दोस्तों ||