चित्रकारी
बदरा लाए इतना पानी , क्या सागर खाली किया ?
झम - झम पानी बरसाया , तुमने हर पार्क , हर गली ,
क्या तुम थकते नहीं बदरा , इतना पानी लाते ?
पानी भरते , उठाते , लाते और बरसाते , थके या नहीं ??
गगना में हवा ने झुलाया , दामिनी ने चमकाया ,
तुमने रिमझिम जल बरसाया ,
तो धरा पे हरियाली छाई , मानो धरा मुस्कुराई ,
जगवासियों ने मुस्कानें फैलाईं ||
रवि किरणों ने बदरा पे , अपना जाल बिछाया ,
अलग - अलग रंगों से , चित्रकारी को सजाया ,
रिमझिम के कुछ समय बाद ,
गगना में इंद्रधनुष मुस्कुराया ||