हे रचनाकार
दुनिया के दुःख , दर्दों को दूर कर देना ,
सभी के आँचल में , सुख भर देना ,
सुन रचना करने वाले , संसार चलाने वाले ||
मानव गलतियों का पुतला है ,
सिर्फ अपना सुख ही चाहता है ,
तुम उसकी बुद्धि को , कर दो विकसित ,
सुन रचना करने वाले , संसार चलाने वाले ||
मानव खुद ना समझेगा ,
उसको समझाना पड़ेगा , हे रचनाकार ,
जब मानव समझ जाएगा ,
तभी तो वह इंसान कहलाएगा ,
और दुनिया को सुंदर बना लेगा ||