सिलसिला
पुकारा है हमने तुम्हें दोस्तों ,
जवाब जल्दी देना हमें दोस्तों ,
कभी जब सभी आस - पास थे दोस्तों ,
मिलते रहते थे जल्दी - जल्दी दोस्तों ||
जीवन हरदम दोस्तों के बीच मुस्कुराता है ,
जीवन हरदम दोस्तों के बीच गुनगुनाता है ,
अब दूरियाँ बढ़ गईं हैं दोस्तों ,
मुस्कानों का सिलसिला भी कम हुआ दोस्तों ||
चलो आगे कदम बढ़ाते हैं दोस्तों ,
संदेशों के जरिए मेलजोल बढ़ाते हैं ,
मुस्कानों का सिलसिला भी आगे बढ़ाते हैं ,
और दिल खोल कर गुनगुनाते हैं दोस्तों ||