Thursday, October 8, 2026

DEKHO TO ( JIVAN )


                       देखो तो  


कुछ तो तुम समझ लो दोस्तों  ,

दुनिया का चाल - चलन दोस्तों   ,

दुनिया तो मतलब अपना निकालती है दोस्तों  ,

मतलब पूरा होते ही  , रास्ता बदलती है दोस्तों   || 


दूसरों को दुःख देकर  , खुश होने वाले  ,

दूसरों को आँसू देकर , खिलखिलाने वाले ,

दूसरों के सहारे छीनकर  , खुद सीढ़ी चढ़ने वाले  ,

तुम क्यों उनकी बातें  , दिल को लगाओ दोस्तों   ?? 


कोई कुछ भी बोल रहा , बोलने दो  ,

दिल को कुछ ना लगाओ , चुप रहकर सुनो  ,

आँखें भी बंद कर लो तुम  ,

जब सामने वाला चुप हो जाए  , तो अपने दिल में बोलो  ,

इसके दिमाग का पेच ढीला है  , करके देखो तो दोस्तों ,

तुम्हारा दिल सुकून से भर जाएगा दोस्तों  ,

अब तुम मुस्कुराओ तो जरा दोस्तों   || 


Wednesday, October 7, 2026

MEETHAPAN ( PREM )


                  मीठापन   


व्यवहार में मिठास आई तो  ,

होठों पर मुस्कान भी आएगी  ,

आँखों में  खुशी  की चमक आएगी  ,

तो क्या ख्याल है दोस्तों  ?  शुरु करें  ??


आपको कोई  हँसाने वाला दोस्त  ,

मिले ना मिले , कोई बात नहीं  ,

तुम खुद ऐसा दोस्त बन जाओ  ,

अपने दोस्तों को मुस्कानें बाँट दो   || 


अधिक  सोचो  मत दोस्तों  ,

समय व्यर्थ ना गँवाओ दोस्तों  ,

चलो सभी दोस्तों को  , इकठ्ठा करते हैं  ,

और मुस्कानों की मिठास  , बाँट देते हैं  ,

सोचते रहे तो मिठास का  , मीठापन खो जाएगा   || 





Tuesday, October 6, 2026

NEEND ( JIVAN )


                            नींद 


शांत रखो अपना दिल और दिमाग  ,

ना सोचो बहुत कुछ बातें  ,

ज्यादा सोचने से अशांत होंगे  , दिल और दिमाग  ,

अशांति में नींद भी अच्छी नहीं आती   || 


नींद अच्छी ले लो दोस्तों  ,

नींद पूरी होगी तो , 

दिन में तरोताजा रहोगे दोस्तों  ,

नहीं तो दिन में  , नींद में डूबे रहोगे दोस्तों   || 


तरोताजा होने  पर , सभी काम आराम से  ,

अच्छे स्वास्थ्य के साथ , पूरी लगन से कर पाओगे  दोस्तों  ,

किसी भी काम में , गड़बड़ी नहीं होगी दोस्तों   || 


ऐसे ही तो जीवन का आगे का  ,

मार्ग साफ दिखाई देगा दोस्तों  ,

और राहें पार करने में ,

कोई कठिनाई नहीं होगी दोस्तों    || 


Monday, October 5, 2026

SAATHII MEREY ( JIVAN )


                    साथी मेरे 


हर पल नहीं एक जैसा होता  , साथी मेरे  ,

कोई पल खुशी में डूबा होता , साथी मेरे  ,

और कोई पल गम दे जाता , साथी मेरे  ,

मगर रुकता नहीं है कोई भी पल  , साथी मेरे   || 


बीतता चला जाता है हर पल  , साथी मेरे   ,

तो थोड़ा भी गमगीन ना  हो  , साथी मेरे   ,

मुस्कानों के साथ चलते चलो  , साथी मेरे  ,

जीवन सुंदरता से भर जाएगा  , साथी मेरे   || 


दिन बीत जाता है , रात बीत जाती है  ,

जिंदगी ऐसे ही , बीतती चली जाती है  ,

दुनिया के साथ - साथ  , ईश्वर का समय भी ,

बीतता चला जाता है  , साथी मेरे    || 


ईश्वर भी बालपन बिताते हैं  ,

बड़े होते जाते हैं  , मित्रता निभाते हैं  ,

समय को तो , ईश्वर भी ना रोक पाते हैं  ,

तो चलो हम भी समय बिताएँ  , साथी मेरे   || 




Sunday, October 4, 2026

SUBAH AAII ( CHANDRAMAA )


                           सुबह आई 


चाँद खिड़की से जब झाँका , हम दोनों मुस्काए  ,

तभी निंदिया ने दस्तक दी , और हम दोनों सो गए  ,

नींद में सपनों ने डेरा डाल लिया  ,

अलग - अलग दुनिया में हम दोनों खो गए   || 


सपनों में हम बहुत जगह घूमें  ,

बहुत से लोगों से मुलाकात हुई  ,

समय बीतता रहा ,तो रात भी बीतती गई  ,

चाँद का सफर भी , धीरे - धीरे खत्म हुआ  || 


धीरे से सुबह का तारा चमका  ,

भोर की लालिमा , गगन पे छाने लगी  ,

धीरे - धीरे सूरज , चमका गगन में  ,

सूरज ने दुनिया को , अपनी किरणें दीं  ,

और सुबह आ गई  , इस दुनिया में   || 


Saturday, October 3, 2026

SUN BADARAA ( JALAD AA )


                          सुन बदरा 


रुई की पतली परत जैसे बदरा  ,

सूरज की किरणें भी , जिसे भेद पाएँ  ,

आसमान का रंग भी  , ऐसा हल्का नीला  ,

मानो  सफेद कपड़े में  , किसी ने नील लगाया हो   || 


पवन के साथ उड़ते , हल्के बदरा  ,

सूरज की किरणों को  , स्वयं से  ,

 रास्ता देते बदरा  , पवन के संग  ,

हिलते , डुलते  , प्यारे बदरा  || 


क्या बात है  ? सुन बदरा मेरी बातें  ,

गरजन  मत करना  बदरा  ,

बस रिमझिम बरखा बरसाना  ,

हरियाली को खूब बढ़ाना  बदरा   || 


Friday, October 2, 2026

DOST SAAGAR ( RATNAAKAR )


                         दोस्त सागर  


कभी तो सागर तू , आजा मेरी कुटिया में ,

जिंदगी खिल जाएगी तेरी , मेरी कुटिया में   || 


करोड़ों बरसों से सागर , ना सोया तू एक पल ,

आज आजा सो जा सागर  , तू मेरी कुटिया में   || 


क्यों करता इतना काम , कुछ तो कर ले  आराम  ,

आजा कर ले तू आराम , मेरी कुटिया में  || 


तेरी तो लहरें सागर , करतीं हैं अठखेली  ,

दिखला उनकी अठखेली  , तू मेरी कुटिया में  || 


तेरे घरवाले जो , पसंद करेंगे खाना ,

मैं वही खिलाऊँगी उनको  , मेरी  कुटिया में   ||