लहरों का हार
मैंने शहर तो देखे हैं , हरियाला गाँव नहीं देखा ,
मैंने सागर तो देखे हैं , नदियों का संगम नहीं देखा ,
सागर की लहरें तो देखी हैं ,उसका घर - द्वार नहीं देखा ||
सागर तो रत्नाकर है , उसके गर्भ में रत्न छिपे ,
दुनिया भर के खजाने , सागर के गर्भ में छिपे ,
मैंने सागर तो देखे हैं , रत्नाकर नहीं देखा ||
रत्नाकर बुला ले कभी तो , मुझको अपने घर ,
मैं भी तो देखूँ अपने , दोस्त का सुंदर घर ,
मैंने लहरें तो देखी हैं , लहरों का हार नहीं देखा ,
लहरों का हार नहीं देखा , लहरों का हार नहीं पहना ||