Friday, May 22, 2026

KADAM - KADAM ( KSHANIKAA )

 

                               कदम  - कदम 

 

कदमों की गति धीमी - धीमी ,ही अच्छी है दोस्तों  ,

अपनी ऊर्जा को , संजोए रखना दोस्तों  ,

जीवन की पूरी राह , तभी  पार होगी दोस्तों    || 

 

लंबी सी राह जीवन की , कदम - कदम चलना है  ,

हर कदम पे कठिनाइयाँ हैं आतीं  ,

मगर चलना तो जरूरी है , तभी राह पूरी होगी  ,

चलो - चलो चलने में , साथ तो जरूरी है दोस्तों   || 

 

रात हो  या या दिन , कदम बढ़ाओ दोस्तों   ,

 सुख हो या दुःख , साथ   निभाओ   दोस्तों  ,

प्यार मिले या नहीं  , चलते ही जाओ दोस्तों   || 

 

कदमों  में   ताकत ,  तो लाओ दोस्तों  ,

साथ ही होठों पे  , मुस्कान  लाओ दोस्तों  ,

इंद्रधनुष के रंगों में , रंग जाओ दोस्तों   || 

 

Thursday, May 21, 2026

SALAAMII ( DESH )

 

                         सलामी 

 

सरहदों पर तैनात हर सिपाही  , देश की रक्षा करता  ,

उसका सारा साहस ही तो  , देश की रक्षा करता  ,

ये साहस ही तो उसको  , मिला है अपनी माँ से  ,

अपनी माँ से , अपनी जननी से  , अपनी भारत माँ से   || 

 

सभी सिपाही हैं अपने , देश की जान  ,

वो ही हैं देश की जान  , अपने देश की शान  ,

ऐसे वीरों को  है ,  हमारा सलाम  , हमारा सलाम  ,

उनकी जननी को भी है  , हमारा सलाम  ,हमारा सलाम  || 

 

उन्हीं वीरों के कारण ही तो  , जग में है देश का ऊँचा नाम  ,

जग में सभी करते हैं , भारत को सलाम  ,भारत को सलाम  ,

जीवन अपना सभी बना लो  , उन वीरों जैसा सुंदर  ,

वीरों जैसा बनो बहादुर  , तभी तो सभी ,

तुमको भी करेंगे , सलाम  , सलाम  ,   सलाम  || 

 

Wednesday, May 20, 2026

CHHAANNII DIL KII ( KSHANIKAA )

 

                             छाननी  दिल की  

 

दिल में एक छाननी लगा लो यारों  ,

जिससे बाहर की सभी बातें  , छन - छन कर  ,

अंदर जाएँ , गलत शब्द , बुरी बातें ,

छाननी में ऊपर ही रह जाएँ , अंदर ना जाएँ  ,

अंदर जाएँ  , अच्छी और मीठी बातें   || 

 

तभी दिल स्वस्थ और सुंदर रहेगा  ,

शांति और प्यार से लबालब रहेगा  ,

दिल की बातें , दिल ही पूरी तरह जानेगा  ,

दूसरा कोई दिल के बारे में , पूरी तरह नहीं जानेगा   || 

 

कोई ऐसा विषय तो बनाओ यारों  ,

जिसमें दिल के बारे में जानना , सिखाया जाए ,

चलो हम भी कोशिश करते हैं  , 

तुम भी खूब कोशिश करो यारों   ||  

Tuesday, May 19, 2026

HAKEEKAT ( KSHANIKAA )

 

                              हकीकत 

 

जिंदगी की क्या हकीकत है यारों  ?

कौन जाने इस राज को यारों  ?

वैसे जानना तो हर कोई चाहता है  ,

मगर उसे जानने की राह , उसे  नहीं है पता   || 

 

कोई जो राह पा जाता है  ,

और हकीकत कुछ - कुछ जान जाता है  ,

तो उसे जानकर परेशान हो जाता है  ,

जिंदगी की हकीकत नहीं जान पाता  ,

वह भी परेशान ही जिंदगी बिताता है   || 

 

जिंदगी की हकीकत तो , कुछ सुख और दुःख है  ,

उसको झेलकर जिंदगी सुकून से बिताना है  ,

दोस्तों मेरे शब्द कुछ उलझन भरे हैं  ,

सुलझा सको तो मुझे भी बताना दोस्तों    || 

 

Monday, May 18, 2026

EK BAAR SAKHEY ( GEET )

 

                             एक बार सखे  

 

बचपन की मीठी यादें , दे जातीं मुस्कान सखे   ,

प्यारे - प्यारे वो खेल हमें , दे जाते मुस्कान सखे  ,

रंग भरे वो खेल - खिलौने  , भर जाते दिल में रंग सखे  || 

 

जीवन में वही तो याद बसी ,बचपन के सुंदर खेलों की  ,

जीवन में वही तो प्यार बसा  , उन शरारती दिनों का  ,

क्या करें कि लौट आए बचपन  ? 

कुछ दिन को ही इक बार सखे    || 

 

तुम साथ हमारे पुकार लो  , 

उन यादों को  , उन खेलों को ,

शायद वो  दिन लौट  आएँ  ,

जीवन में फिर एक बार सखे   || 

 

Sunday, May 17, 2026

NIYAM ( KSHANIKAA )

 

                                      नियम 

 

हर बगीचे में  लिखा होता है , फूल तोड़ना मना है  ,

चित्रों की प्रदर्शनी में लिखा होता है  , चित्र छूना मना है  ,

स्कूल में लिखा होता है  , नियम तोड़ना मना है  ,

तो दोस्तों , दोस्ती , रिश्ते के लिए  , क्यों नहीं  ?

लिखा होता  , साथ छोड़ना मना है    ?? 

 

साथ क्यों छोड़ दिया जाता है   ?

उसके लिए कोई नियम क्यों नहीं है   ?

क्यों एक इंसान दूसरे का साथ   ?

आसानी से छोड़ देता है  ,  क्यों    ??  

 

क्यों राहें बदल जातीं हैं  , दो व्यक्तियों की  ,

क्यों मोड़ अलग कर जाते , दो व्यक्तियों को   ?

क्यों बोल चुप हो जाते  , दो व्यक्तियों के बीच   ?

बताओ दोस्तों ये , मौन कहाँ से आ  बैठा   ?

 दो व्यक्तियों के बीच  , दो व्यक्तियों के बीच   || 

 

Saturday, May 16, 2026

NIIND AUR SAPANEY ( KSHANIKAA )

 

                         नींद और सपने 

 

रात का समां  , चमके चंद्रमा गगना में  ,

आई है निंदिया , ले के सपने आँखों में  ,

ना जाने कहाँ - कहाँ की ,सैर कराते ये सपने  ? 

ना  जाने किस - किस से , मिला देते ये सपने  ?? 

 

जिस किसी से हम , ना मिल पाते जागते हुए  ,

उन्हीं को सपने हमारे , सामने ले आते सोते हुए , 

हम को दुनिया की सैर , करा देते सोते हुए   || 

 

सपनों भरी मीठी नींद , होठों पर मुस्कान ले आती  ,

इन्हीं सपनों की याद , दिन में भी मुस्कान लाती  ,

ये सपने ही तो जरूरी हैं , हमारे जीवन में दोस्तों  ,

अपने सपने , अपनी  नींद  , ही तो जरूरी हैं दोस्तों  ||