सोच ले बंदे
सोच ले बंदे , किसने तुझे जीवन दिया ?
सोच ले बंदे , किसने तुझे ये जग दिया ?
सब सुविधाओं से भरपूर ये ,
अनुपम उपहार दिए ||
सोच ले बंदे , किसने तुझे मानव शरीर दिया ?
जीने के संसाधन दिए , जो जीवन के लिए जरुरी हैं ,
पर तूने क्या किया मानव ?
उसके रचे जग को बर्बाद किया ||
उसके बनाए सारे संसाधनों को खत्म किया ,
सुंदर संसार की सारी सुंदरता को ,
मानव तूने ही तो बर्बाद किया ,
फिर भी उसने तुझे आशीष दिया ||