Sunday, August 2, 2026

MADHUR PYAAR ( RATNAAKAR )

 

                              मधुर  प्यार 

 

जब भी दोस्तों ने पुकारा  , हम चले आए  ,

आज तो रत्नाकर ने दी आवाज  , लो हम चले आए   || 

 

लहरें उछल - उछल कर  , मचल - मचल कर ,

हमारे पास में आईं , हाथ थाम कर  ,

वो ले चलीं , रत्नाकर के द्वार  || 

 

हम भी हँस  दिए , उनकी चपलता पर  ,

और चल दिए , रत्नाकर के द्वार  ,

आज खुल गया था  , रत्नाकर का द्वार  ,

हमने कदम रखा अंदर  , देखा उसका घर - द्वार  || 

 

बसी थी पूरी , नई दुनिया अंदर  ,

जो थी अनदेखी , अनजान मगर सुंदर  ,

नन्हीं मछलियाँ , हमारे इर्द - गिर्द घूम कर  ,

दिखा रहीं थीं  , अपना सुंदर व्यवहार   || 

 

लहरों और मछलियों की चपलता देखकर  ,

हम तो भूल गए अपना संसार  ,

डूब  गए  हम उस  अनोखी दुनिया में  ,

पाकर उन सबका प्यार  , मधुर प्यार   || 

 

Saturday, August 1, 2026

SARHADEN ( DESH )

 

                                 सरहदें 

 

लकीरें रचेता ने सिर्फ , हाथों में बनाईं  ,

एक हाथ में किस्मत की  , दूसरे में अपने कर्म की  ,

मानव ने लकीरें घरों में खींचीं  , ये तेरा घर ,  ये मेरा  घर  ,

घरों के बाद ये लकीरें , देशों की सरहदें बना दी गईं  || 

 

देशों में रहने वाले पहले  , दोस्त हुआ करते थे , 

मगर अब सरहदों के पार , रहने वाले दुश्मन हो गए ,

दोस्तों इन लकीरों को , अपने दिलों पर ना बनाना  ,

नहीं तो दिल भी दुश्मनी में ,डूबकर दूर हो जाएँगे   || 

 

सरहदों के पार रहकर भी , मुस्कान तुम देना  ,

दोस्त ना बना पाओ ,कोई बात नहीं  ,

उन्हें दुश्मन ना बनाना ,

फूलों की खुश्बु  , जैसा हवाओं के साथ ही  ,

दूर से तुम मुस्कुरा कर  , मुस्कानें बिखराओ  ,

बदले में तुम भी मुस्कानें पाओगे   || 

 

Thursday, July 30, 2026

PYAAR RACHETAA KAA ( AADHYAATMIK )

 

                             प्यार रचेता का 

 

अपनी सारी परेशानियाँ बता दो , उस रचेता को  ,

जिसने जहां बनाया , और भरोसा रखो उसी पर  ,

वो सब ठीक करेगा ,जीवन उसने दिया ,वही संभालेगा  ,

हरदम   वो सबके साथ है , वह साथ निभा लेगा  || 

 

राह वही चुनेगा , हमारे चलने के लिए  ,

साँसें उसने दी हैं , तो वही उसे चलाएगा  ,

हर कठिनाई को , पार करवाएगा  ,

 सुकून की नींद , वही तो सुलाएगा   || 

 

बस भरोसे के साथ , उसी के बताए ,

मार्ग पर चलते चलो दोस्तों  ,

 वही कर्म करते चलो ,

जो उसने निर्धारित किए हैं दोस्तों   || 

 

तभी तो जीवन जी पाओगे दोस्तों  ,

उस रचेता के प्रिय बन पाओगे दोस्तों  ,

उनका प्यार पा जाओगे दोस्तों   ||  

Wednesday, July 29, 2026

SAHELII ( PREM )

 

                             सहेली 

 

कई बार हम सोचते हैं , सेवा - निवृत्ति के बाद ,

हम अकेले हैं , बच्चों के समझदार होने के बाद  ,

मगर दोस्तों ये पूरा सच नहीं है  ,

आप सब हैं  ना , हमसे बातें करने के लिए   || 

 

अरे - रे मेरी लेखनी तो है , मेरी सच्ची सहेली  ,

मेरी सच्ची दोस्त , रात - दिन साथ निभाती सहेली ,

मेरी भावनाओं को ,शब्दों में बदलती सहेली  ,

वही लेखनी जो , कागज की भी है सहेली  || 

 

दोस्तों एक ऐसा सच्चा , दोस्त हो या सहेली  ,

तुम भी अपना लो , ऐसा दोस्त या सहेली ,

जिंदगी सरल और  , सुगम हो जाएगी  ,

हाथ पकड़ेगा जब ऐसी सहेली  ( लेखनी  ) ,

दोस्तों अब तो ना , तुम अकेले हो  ,

और ना मैं ही हूँ अकेली   || 

 

Tuesday, July 28, 2026

KAROD PATII ( KSHANIKAA )

 

                           करोड़पति 

 

यदि आप करोड़पति हैं दोस्तों , तो जानते ही हैं  ,

एक करोड़ में एक के बाद , सात जीरो आते हैं  ,

ये तो संख्या की बात है दोस्तों  || 

 

अगर आप जीवन में , अलग तरह से करोड़पति हैं ,

तो एक के बाद जीरो के स्थान पर ,

कुछ अलग ही आता है  , ( 10000000  )   || 

 

एक नंबर पर है  ----------  स्वास्थ्य  ,

पहले जीरो की जगह  ---- धन है  ,

दूसरे जीरो की जगह  ---- घर है  ,

तीसरे जीरो की जगह  ---- परिवार है ,

चौथे जीरो की जगह  ----- जीवन है  ,

पाँचवे जीरो की जगह  ---- कार है  ,

छठे जीरो की जगह  -----  नींद है  ,

सातवें जीरो की जगह  ----  सपने  हैं   || 

 

जीरो से पहले की संख्या -- स्वास्थ्य को ,

ठीक रखना जरूरी है , यदि स्वास्थ्य  ठीक है   ,

तो जीरो के स्थान पर , आने वाला सभी  ,

कुछ ठीक हो जाएगा , अन्यथा सभी कुछ ,

खत्म  यानि जीरो   ( 0 )  हो जाएगा दोस्तों   || 

 

Monday, July 27, 2026

VISHESH ( JIVAN )

 

                                    अवशेष 

 

जिंदगी ने जो समय दिया हमें  ,

लंबा समय तो बीत गया  ,

अब बचा शेष समय , हमें सुंदर बनाना है  ,

इसका अर्थ है उसको , विशेष बनाना है  , 

जिससे बचा समय सुगम ,

 सुंदर  और  मनमोहक बन जाए  || 

 

बीता समय सुंदरता से बीता ,  

फूलों की महक से भरा रहा , आगे भी महकेगा  ,

होठों पर मुस्कान जगी रहेगी  ,

यही हमारी दौलत है  दोस्तों ,

इसी दौलत से हम  , अपनी जिंदगी सजाएँगे  ,

और शेष जीवन विशेष बनाएँगे   || 

 

यही सब जरूरी है दोस्तों  ,

जीवन के समय को विशेष बनाना  ,

वरना तो शेष समय , अवशेष ही बनेगा   ||  

 

Sunday, July 26, 2026

THAHAAKE ( KSHANIKAA )

 

                            ठहाके  

 

वो दिन कुछ कितने सुंदर थे  ? जब हम बच्चे थे दोस्तों  ,

ना मोबाईल , ना टी .वी .  , ना कम्प्यूटर थे दोस्तों  ,

 दोस्तों के साथ मिलकर  , खेलते थे हम दोस्तों  ,

फोन करके नहीं बुलाते थे  , आवाज दे कर बुलाते दोस्तों   || 

 

रात को छत पर साथ - साथ सोते थे  , गगना की छाँव में  ,

चाँद - तारों को देखते हुए , बातें करते हुए सोते थे दोस्तों  ,

मुस्कानों के बीच में , खिलखिलाहटें भी सजती थीं दोस्तों ,

बिना फोटो लिए ही ये यादें , जीवन भर मुस्कानें देंगी दोस्तों  || 

 

क्या गुल्ली - डंडे या कंचों की , फोटो ली गई दोस्तों  ,

मगर नाम लेते ही , चलचित्र के समान फ्लैश बैक आ जाता है  , 

लुका - छिपी और आईस - पाईस  खेलते हुए , डैन आने पर ,

सबके छिपने पर , हम तो घर जाकर बैठते  थे दोस्तों  ,

इंतजार के बाद सभी दोस्त , हमें ढूँढते हुए आते  ,

और ठहाके गूँज उठते दोस्तों   ||