Kaavyataru
Monday, August 3, 2026
BADARIYAA ( JALAD AA )
Sunday, August 2, 2026
MAHSOOS ( PREM )
महसूस
एक सखि थी हमारी , उम्र में हमसे काफी छोटी थी ,
मगर दिल के बहुत करीब थी ,उम्र रुकावट नहीं थी ||
जब भी वो दोस्त आती , तो रात को हम दोनों ,
छत पर तारों की छाँव में बैठते , मुस्कुराते थे ,
मैंने फूलों के पौधे लगाए थे , हम फूलों की महक लेते थे ,
घंटों बातें करते थे ,और खिलखिलाते थे ||
हम दोनों में प्यार का , रिश्ता इतना गहरा था ,
कि हम स्वयं को , एक -दूजे के बहुत करीब समझते थे ,
आज भी वो तारों की , छाँव याद आती है ,
आज भी वो फूलों की महक , महसूस होती है ,
आज मेरी वह सखि , इस दुनिया में नहीं है ,
ईश्वर उसकी आत्मा को शांति दें ||
MADHUR PYAAR ( RATNAAKAR )
मधुर प्यार
जब भी दोस्तों ने पुकारा , हम चले आए ,
आज तो रत्नाकर ने दी आवाज , लो हम चले आए ||
लहरें उछल - उछल कर , मचल - मचल कर ,
हमारे पास में आईं , हाथ थाम कर ,
वो ले चलीं , रत्नाकर के द्वार ||
हम भी हँस दिए , उनकी चपलता पर ,
और चल दिए , रत्नाकर के द्वार ,
आज खुल गया था , रत्नाकर का द्वार ,
हमने कदम रखा अंदर , देखा उसका घर - द्वार ||
बसी थी पूरी , नई दुनिया अंदर ,
जो थी अनदेखी , अनजान मगर सुंदर ,
नन्हीं मछलियाँ , हमारे इर्द - गिर्द घूम कर ,
दिखा रहीं थीं , अपना सुंदर व्यवहार ||
लहरों और मछलियों की चपलता देखकर ,
हम तो भूल गए अपना संसार ,
डूब गए हम उस अनोखी दुनिया में ,
पाकर उन सबका प्यार , मधुर प्यार ||
Saturday, August 1, 2026
SARHADEN ( DESH )
सरहदें
लकीरें रचेता ने सिर्फ , हाथों में बनाईं ,
एक हाथ में किस्मत की , दूसरे में अपने कर्म की ,
मानव ने लकीरें घरों में खींचीं , ये तेरा घर , ये मेरा घर ,
घरों के बाद ये लकीरें , देशों की सरहदें बना दी गईं ||
देशों में रहने वाले पहले , दोस्त हुआ करते थे ,
मगर अब सरहदों के पार , रहने वाले दुश्मन हो गए ,
दोस्तों इन लकीरों को , अपने दिलों पर ना बनाना ,
नहीं तो दिल भी दुश्मनी में ,डूबकर दूर हो जाएँगे ||
सरहदों के पार रहकर भी , मुस्कान तुम देना ,
दोस्त ना बना पाओ ,कोई बात नहीं ,
उन्हें दुश्मन ना बनाना ,
फूलों की खुश्बु , जैसा हवाओं के साथ ही ,
दूर से तुम मुस्कुरा कर , मुस्कानें बिखराओ ,
बदले में तुम भी मुस्कानें पाओगे ||
Thursday, July 30, 2026
PYAAR RACHETAA KAA ( AADHYAATMIK )
प्यार रचेता का
अपनी सारी परेशानियाँ बता दो , उस रचेता को ,
जिसने जहां बनाया , और भरोसा रखो उसी पर ,
वो सब ठीक करेगा ,जीवन उसने दिया ,वही संभालेगा ,
हरदम वो सबके साथ है , वह साथ निभा लेगा ||
राह वही चुनेगा , हमारे चलने के लिए ,
साँसें उसने दी हैं , तो वही उसे चलाएगा ,
हर कठिनाई को , पार करवाएगा ,
सुकून की नींद , वही तो सुलाएगा ||
बस भरोसे के साथ , उसी के बताए ,
मार्ग पर चलते चलो दोस्तों ,
वही कर्म करते चलो ,
जो उसने निर्धारित किए हैं दोस्तों ||
तभी तो जीवन जी पाओगे दोस्तों ,
उस रचेता के प्रिय बन पाओगे दोस्तों ,
उनका प्यार पा जाओगे दोस्तों ||
Wednesday, July 29, 2026
SAHELII ( PREM )
सहेली
कई बार हम सोचते हैं , सेवा - निवृत्ति के बाद ,
हम अकेले हैं , बच्चों के समझदार होने के बाद ,
मगर दोस्तों ये पूरा सच नहीं है ,
आप सब हैं ना , हमसे बातें करने के लिए ||
अरे - रे मेरी लेखनी तो है , मेरी सच्ची सहेली ,
मेरी सच्ची दोस्त , रात - दिन साथ निभाती सहेली ,
मेरी भावनाओं को ,शब्दों में बदलती सहेली ,
वही लेखनी जो , कागज की भी है सहेली ||
दोस्तों एक ऐसा सच्चा , दोस्त हो या सहेली ,
तुम भी अपना लो , ऐसा दोस्त या सहेली ,
जिंदगी सरल और , सुगम हो जाएगी ,
हाथ पकड़ेगा जब ऐसी सहेली ( लेखनी ) ,
दोस्तों अब तो ना , तुम अकेले हो ,
और ना मैं ही हूँ अकेली ||
Tuesday, July 28, 2026
KAROD PATII ( KSHANIKAA )
करोड़पति
यदि आप करोड़पति हैं दोस्तों , तो जानते ही हैं ,
एक करोड़ में एक के बाद , सात जीरो आते हैं ,
ये तो संख्या की बात है दोस्तों ||
अगर आप जीवन में , अलग तरह से करोड़पति हैं ,
तो एक के बाद जीरो के स्थान पर ,
कुछ अलग ही आता है , ( 10000000 ) ||
एक नंबर पर है ---------- स्वास्थ्य ,
पहले जीरो की जगह ---- धन है ,
दूसरे जीरो की जगह ---- घर है ,
तीसरे जीरो की जगह ---- परिवार है ,
चौथे जीरो की जगह ----- जीवन है ,
पाँचवे जीरो की जगह ---- कार है ,
छठे जीरो की जगह ----- नींद है ,
सातवें जीरो की जगह ---- सपने हैं ||
जीरो से पहले की संख्या -- स्वास्थ्य को ,
ठीक रखना जरूरी है , यदि स्वास्थ्य ठीक है ,
तो जीरो के स्थान पर , आने वाला सभी ,
कुछ ठीक हो जाएगा , अन्यथा सभी कुछ ,
खत्म यानि जीरो ( 0 ) हो जाएगा दोस्तों ||