Wednesday, May 6, 2026

KINAARE ( KSHANIKAA )

 

                             किनारे 

 

जीवन है एक नदिया  , सुख - दुःख दो किनारे  ,

पास - पास वो रहते , पर ना मिलते हैं दोनों  ,

साथ - साथ चलते रहते  , पर ना मिलते हैं दोस्तों  || 

 

कोई कितनी भी कोशिश कर ले ,

पर दोनों किनारों को मिला नहीं सकता  ,

चलो हम सब मिल कर कोशिश करते हैं  ,

नदिया के दोनों किनारों को मिलाने की   ||  

 

सुख - दुःख दोनों , एक साथ नहीं मिल सकते  ,

बारी - बारी से तो आते , मगर साथ में नहीं  ,

एक का सुख दूसरे के लिए , दुःख हो सकता है  ,

पर एक का ही , सुख और दुःख  एक साथ नहीं  || 

 

Tuesday, May 5, 2026

PRAKAASH - PUNJ ( CHANDRAMAA )

 

                          प्रकाश - पुंज 

 

साँझ ने जब रात ,  हाथ मिलाया , अँधियारा छाया  ,

उजियारे की कोई किरन , नहीं थी राहों में  ,

दो - चार कदम चले ही थे हम ,कि प्रकाश -पुंज  चमक उठा  ,

गगना पे चंद्रमा  चमक उठा , धरा तक चाँदनी पहुँच गई  ,

धरा तो पूरी की पूरी  , चंदनिया से भीग गई   || 

 

हम भी चंदनिया में नहा गए , आँखें भी चमक उठीं  ,

दिल भी मुस्कुराया दोस्तों , धड़कनें भी बढ़ गईं  ,

आस - पास कलियाँ खिल गईं  , बगिया भी महक गई  ,

संसार ही मानो महक से भर गया  ,

चमन भी तितलियों से भर गया  ,

गगना का चाँद भी , मुस्कुरा उठा दोस्तों   || 

 

Monday, May 4, 2026

POORNATAA ( PREM )

 

                                   पूर्णता 

 

जिंदगी है मेरे हमदम  , एक सुहाना सा सफर  ,

मुस्कानें होठों पर आईं हैं  , जब  तुम हो हमसफर  ,

खूबसूरत हो गया हर पल  , तुमसे मिल कर   || 

 

इस जिंदगी का सारा समय , चल रहा धीरे - धीरे  ,

सपने जो देखे थे सोते हुए  , पूरे हो रहे धीरे - धीरे  ,

नींद के सपनों को पूरे करेंगे , हम दोनों मिल कर   || 

 

प्यार ही इस , जिंदगी की नींव है दोस्त  , 

प्यार के पहियों से ही  , जिंदगी की गाड़ी चलती है  ,

जिंदगी की राह पूरी होते - होते  , मंजिल मिलते - मिलते  ,

जीवन ही पूर्णता को प्राप्त हो जाता है   ||  

 

Sunday, May 3, 2026

BHEEGA - BHEEGA ( JALAD AA )

 

                          भीगा - भीगा 

 

कारे - कारे बादरा  ,आ रे - आ रे  बादरा  ,

आजा उतर कर , मेरे आँगना  , मेरे आँगना  ,

तू जो पानी लाएगा , मेरा अँगना भर जाएगा  ,

मुझ को भी साथ ही , भिगो जा बादरा    ||

 

तेरी चम - चम दामिनी  , कड़क - कड़क कर आएगी  ,

मेरे घर  , मेरी आँखों को , चमक खूब दे जाएगी  ,

सब कुछ मेरे साथ - साथ , चमका जा तू बादरा   || 

 

मैं इंतजार करती हूँ  , आओ जल्दी आओ  ,

आते - आते इस मौसम को , तुम बदलते जाओ  ,

भीगा सा मौसम कर दो  , दिल भी भीगा तुम कर दो  ,

मुस्कानें दे जाओ , मेरे प्यारे से बादरा    ||  

 

 

Saturday, May 2, 2026

BHOR ( KSHANIKAA )

 

                              भोर 

 

भोर की लाली गगन पे छाई  ,

सूरज ने अपनी खिड़की खोली  ,

सारा जहां चमक उठा , सूरज की किरणों से  ,

पंछी भी सारे गुनगुना उठे   || 

 

पेड़ - पौधों ने ली अंगड़ाई  ,

जीव - जंतु सभी अपने काम में लग गए  ,

मानव ने भी अपनी दिनचर्या शुरु की  ,

मानो चल पड़ा जीवन  , कदम -दर -कदम  || 

 

जीवन देने वाला सूरज , कड़क हो उठा  ,

बढ़ गई गर्मी धरा पर  ,

मेहनत करने वालों का पसीना बहा  ,

और मेहनत से  , काम पूरे हुए सभी के   || 

 

Friday, May 1, 2026

VO DUNIYAA ( RATNAAKAR )

 

                           वो  दुनिया 

 

समंदर की गहराइयों में  , जो दुनिया है बसी  ,

उसमें सभी कोई हैं  , अलग - अलग वनस्पति  ,

अलग - अलग जीव हैं  , सुंदरता है उनमें फंसी   || 

 

जीवन है उन सबका , अलग राह पर चलता  ,

समंदर से बाहर की , दुनिया से अलग पलता ,

वो सुंदर सी दुनिया में  , हम घूम आते हैं   || 

 

तरह - तरह की मछलियाँ , उनके अनोखे खेल  ,

अलग तरह की वनस्पति , उनका ना कोई मेल  ,

हर कोई नहीं जानता  , गहराई की वो दुनिया   || 

 

Thursday, April 30, 2026

MAJDOOR DIWAS ( KSHANIKAA )

 

                             मजदूर दिवस 

 

ऐसा  क्यों होता है कि , कोई अमीर है और कोई गरीब ,

कोई मालिक और कोई मजदूर  ,

मेहनत मजदूर की और फल मालिक को   || 

 

मेहनत मजदूर की हर मौसम में ,

कड़ी धूप में की गई मेहनत ,

तेज बारिश में की गई मेहनत  ,

कड़ाके की सर्दी में की गई मेहनत   || 

 

दोस्तों मजदूर की मेहनत का फल  ,

मजदूर को ही मिलना चाहिए  ,

ऊँची - ऊँची इमारतें बनाने वाला मजदूर  ,

खुद झोंपड़ी में रहता है दोस्तों   || 

 

पूरा भारत देश  १  मई को ,मजदूर दिवस मनाता है  ,

एक दिन ये दिवस , मना कर क्या होगा  ?

मान दो , सम्मान दो , परिश्रम को ,

मजदूर की मेहनत का फल दो   ||