रोशन पुंज
गगना में चमका , रोशन - पुंज सूर्य ,
धरा का सारा संसार , रोशन हो उठा ,
जाग गए सभी जीव - जंतु , चेहरा खिल उठा ,
चहल - पहल मच गयी , वातावरण खुल उठा ||
परिंदे चहक उठे , उनकी चहक से ,
वातावरण गुंजायमान हो उठा ,
कलियाँ खिल कर , फूल बन गईं ,
जिनकी महक से , चमन महक उठा ||
तितलियाँ जब , उड़ीं फर - फर ,
बच्चों की किलकारियाों से ,
चमन मुखरित हो उठा ,
सभी देखने वालों के दिल ,
और होठों पर , मुस्कानें जग उठीं ||