Tuesday, September 1, 2026

BEETAA KAL ( KSHANIKAA )

 

                           बीता कल 

 

मत करो विश्वास , सुनी - सुनाई बातों का  ,

सुनी - सुनाई बातें भी , क्या सच हो सकती हैं  ?

उनमें तो झूठ ही , बसता होगा दोस्तों   || 

 

विश्वास उसी पर रखो दोस्तों ,

जो अपना जीवन दाता है  ,

उसी के हाथ में तो , अपना जीवन है  ,

वही उसे सुगम , सफल और सुंदर बनाएगा   || 

 

जीवन में कल जो बीत गया , 

वो तो बीत गया दोस्तों  ,

और अब बदला नहीं जा सकता  ,

आगे आने वाले , कल में क्या होगा  ?

विश्वास रखो , जो  होगा सुंदर होगा  || 

 

किसी भी पल , कहीं से भी  ,

प्यार और दोस्ती , जन्म ले सकते हैं  ,

और उन्हीं से ही , जीवन सुंदर होगा  ,

प्यार से ही , मुस्कानें  खिलेंगी   || 

 

Monday, August 31, 2026

KHAAREY - KHAAREY ( RATNAAKAR )

 

                            खारे - खारे 

 

पिया नदिया का पानी , मीठा और शीतल ,

गर्मी से आया पसीना , नमकीन सा  ,

दर्द में निकले आँसू  , नमकीन से  ,

जा मिले सागर से , खारे - खारे सागर से   || 

 

कहाँ से आया नमक , आँसू में    ? 

कहाँ से घुला नमक ,  पसीने में    ?

बड़ा सवाल तो यह है दोस्तों  , 

कहाँ से आया ढेर सारा , नमक  सागर में   ??

 

नदिया का जल मीठा - मीठा ,

बरखा का जल मीठा - मीठा  ,

सागर ने कहाँ से मँगा लिया  ?

इतना सारा नमक  , जो कर गया उसे नमकीन    || 

 

इतना फर्क कहाँ से आया  ?

किसने फर्क किया  ?

क्या सागर या नदिया  ?

छोड़ो , क्या हम करेंगे जानकर   ? ?

 

आज प्यार की मुस्कानें जोड़ो  ,

यही बहुत कीमती हैं  दोस्तों  ,

मेरी मुस्कान और तेरी मुस्कान  , सभी की मुस्कान  || 

 

Sunday, August 30, 2026

DUKH \ SUKH ( JIVAN )

                        

                         दुःख \  सुख 


 दुःख और सुख  , दोनों आते हैं जीवन में ,

दुःख जब आता है , हम उस रचेता को ,

याद करते हैं , और उसी के ,

आ जाते हैं पास में   || 


सुख आने पर तो  ,हम चले जाते हैं उसी से दूर ,

सुख हमें अहंकारी ,बना जाता है दोस्तों ,

सुख हमें आलसी भी , बना जाता है दोस्तों  || 


दुःख बना जाता है हमें , मजबूत और शक्तिवान ,

साथ ही दुःख हमें , सबक सिखा  जाता है दोस्तों   || 


दुःख ही एक शिक्षक है , जो कुछ तो सिखाता है  ,

सुख तो एक बहाव है , जीवन में आता है , जाता है  ,

ना कुछ देता है , ना कुछ सिखाता है दोस्तों    || 


Saturday, August 29, 2026

SEEKHO ( JIVAN )

 

                                सीखो  

 

ताकतवर होकर श्रेष्ठ बनो , अहंकारी नहीं  ,

अपनी ताकत का उपयोग , दूजों की मदद में करो ,

इससे ताकत बढ़ेगी , घटेगी नहीं  ,

क्योंकि तुम्हें दूजों की मुस्कानें ,

और आशीष मिलेंगे   || 

 

अहंकारी बनोगे तो , नफरतें , क्रोध मिलेंगे ,

और तुम्हें बेचैनी , उदासियाँ मिलेंगी  ,

 तुम क्या लेना चाहोगे  ? ? 

 

जीवन का सुकून लेना चाहोगे ,

तो मदद का , स्नेह का ,

प्रेम का हाथ बढ़ाना सीखो ,

जिंदगी सुंदर बना लो  दोस्तों   ||  

 

Friday, August 28, 2026

ADHURAAPAN ( KSHANIKAA )


                                अधूरापन 


कल के सपने , आज भी आना ,

देखो तुम आना , ना भूल जाना  ,

एक नींद में एक सपना , जो पूर्ण ना हो  ,

दूसरी नींद में वह सपना , पूर्ण जरूर हो   || 


जीवन में कहीं भी , अधूरापन ना हो ,

सब कुछ पूर्ण , कर लो दोस्तों  ,

चाहे वह अधूरा , सपना हो दोस्तों  ,

या कोई भी अधूरी  , इच्छा  हो   दोस्तों   || 


बीते कल में जो हुआ  , वह बदलेगा  नहीं  ,

आने वाले कल में जो , होगा वह पता नहीं  ,

तो आज का , समय पहचान कर ,

सब कुछ अपने  , आप पूरा कर लो   || 











Thursday, August 27, 2026

ADHATA --- PARICHAY ( PREM )


                            अधाता -- परिचय  


मैं तो हूँ सीता सखि  , सीता ही हो तुम  ,

यहाँ अधाता में हैं  , मिले हम और तुम  ,

सीता का पर्यायवाची ही हैं  हम   || 


हमारी मार्गदर्शक हैं  , एक बहती बयार सी  ,

मीठे बोल सी , जो ध्यान रखतीं सभी का    || 


  भोर की लालिमा सी , सुंदर , निर्मल , कोमल  ,

मधुर , मंजुल सी  , सखियाँ मिलीं    || 


चंपई फूल खिले हैं यहाँ  ,

कृष्ण की गीता , विष्णु की लक्ष्मी यहाँ   || 


शुद्ध प्यार बरसाने वालियाँ  ,

उस ईश्वर की , मित्रों की चित्र कथाएँ हैं यहाँ   || 


अधाता की मंदाकिनी में , हंस भी आते हैं  || 


यहाँ के प्रकाश में ,अपनी आँखों से  ,

तुम देख लो सखियों  , देख लो सखियों   || 




DIL KII KAHANII ( PREM )


                      दिल की कहानी  


दिल में प्यार बसा लो तुम  , जैसे खुश्बु फूलों में  ,

होठों पे मुस्कान सजा लो तुम  , जैसे मुस्कान फूलों में  ,

यही सब तो सुंदरतम  , समय है जीवन में    || 


दिल शरीर का एक , हिस्सा है दोस्तों  ,

जो शरीर में रक्त - संचार , को नियंत्रित करता है  ,

मगर हमारी भावनाएँ भी , दिल ही नियंत्रित करता है   || 


हमारे प्यार , नफरत , क्रोध , करुणा सभी को  ,

दिल भी संभावना है , वही निर्णय लेता है  ,

ऐसा करते हुए , दिल की धड़कनें , 

तेज या धीमी हो जाती हैं  , दिल तड़प उठता है   || 


दिल की गहराईयों में डूबकर , प्यार को समझ लो ,

दिल कोई मशीन नहीं है  ,

वह तो भावनाओं को , समझने वाला ,

एक मंदिर है , जिसमें प्यार के साथ पूजा होती है   ||