जहां सारा
धूप निकली सुबह - सुबह , चमक गया जहां सारा ,
सूरज ने कहा -- कर लो काम ,चलेगा तभी तो जहां सारा ||
पंछियों ने गीत गाए , गूँजा जहां सारा ,
मानव सारे ही मुस्काए , मुस्काया जहां सारा ||
पवन चली धीरे - धीरे , साँस सब कोई ले पाए ,
तभी तो जी पाएगा , अपना ये जहां सारा ||
चमन में फूल खिल उठे , तितलियाँ भी उड़ आईं ,
उन्हीं से तो अपना , महका जहां सारा ||