भाईचारा
ईश्वर ने जीव - जंतु बनाए , मानव बनाए ,
एक धरती बनाई , उसी में समंदर , पहाड़ बनाए ,
मानव ने धरती पर लकीरें खींचीं ,
धरती के टुकड़े किए , और मालिक बन बैठा ||
मगर संतुष्टि नहीं मिली , दूसरे के हिस्से ,
को भी छीन लेना चाहा , प्रहार किए दूजों पर ,
इसी सब प्रक्रिया का नाम युद्ध है ,
मानव ने दूजों को मारा , यही तो युद्ध है दोस्तों ||
मगर सभी मानव समान नहीं थे दोस्तों ,
दूसरे कुछ मानव प्रेम से रहना चाहते थे ,
वो मिलजुल कर , दोस्त बनकर ही रहना चाहते थे ,
इससे शांति हुई और मानव प्रेम - पूर्वक ,
रहने की कोशिश करने लगे ,
धरती पर भाईचारा बढ़ने लगा ,
इसी भाईचारे से , दुनिया वाले प्यार फैलाने लगे ||