Saturday, March 21, 2026

JODD KAR ( KSHANIKAA )

 

                        जोड़ कर 

 

अक्षरों ने जो दी आवाज  , हम भी आ गए  ,

अक्षरों को जोड़ - जोड़ कर , हमने शब्द बनाए  ,

उनका भी ज्ञान बढ़ा  दोस्तों , हमारा भी बढ़ा  दोस्तों  || 

 

शब्दों ने हमको घेरा  , और बोले हमसे  ,

हमको भी जोड़ो , और कुछ  करो  ,

हम भी मुस्काए  , शब्दों से गीत बनाए  दोस्तों   ||  

 

उन गीतों को लय और  , ताल  में बाँधा  ,

उन गीतों को गुनगुनाया  , जीवन मुस्कुराया  ,

तो मुस्कुराते चलो  ,  गुनगुनाते चलो दोस्तों   ||  

 

  

Friday, March 20, 2026

KURUKSHETRA ( AADHYAATMIK )

 

                      कुरुक्षेत्र 

 

हर जीवन एक कुरुक्षेत्र है दोस्तों ,

आमने - सामने खड़े सभी अपने हैं  ,

कोई दुश्मन नहीं है रणभूमि में ,

सभी एक ही रचनाकार की रचना  हैं   || 

 

मगर क्यों सब एक - दूसरे के सामने हैं  ?

क्यों एक - दूसरे के साथ नहीं हैं  ?

जिंदगी में नफरतें क्यों फैली हैं  ?

दिलों से प्यार कहाँ खो गया है   ?? 

 

किसने ये सब  राज  जानने की कोशिश की है  ?

किसने नफरतों को मिटाने की कोशिश की है   ?

किसने प्यार को बाँटने की कोशिश की  ?

कोशिश करके इस राज को जानने में लग जाओ दोस्तों  || 

 

क्या रचनाकार ने ऐसी दुनिया बनाई थी  ?

क्या कुरुक्षेत्र की रणभूमि , रचनाकार ने बनाई थी  ?

यदि उसने बनाई , तो क्यों बनाई  ?

यदि उसने नहीं बनाई , तो फिर किसने बनाई   ?? 

 

Thursday, March 19, 2026

VICHARON SEY HII ( KSHANIKAA )

 

                    विचारों से ही 

 

सुंदर से सुंदरतम तक , फूलों से चमन तक  ,

कदमों को बढ़ाते  जाओ दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष तक , धरा से गगन तक  ,

रुको ना बढ़ते जाओ दोस्तों   || 

 

अधिक से अधिकतम तक , फूलों से महक तक ,

महक से महकते जाओ दोस्तों  ,

तितलियों की फर - फर तक  , बच्चों की दौड़ तक  ,

तुम भी दौड़ लगाते जाओ दोस्तों   || 

 

पहाड़ों की कंदराओं तक , नदिया के उद्गम से सागर तक  ,

तुम भी बहते जाओ दोस्तों ,

पंछियों के घोंसलों तक , पंछियों की ऊँची  उड़ान तक , 

कोशिश करके उड़ते जाओ दोस्तों  ,

पंखों से ना सही , विचारों से ही  दोस्तों   || 

 

Wednesday, March 18, 2026

PYAAR BHAR LO ( KSHANIKAA )

 

                         प्यार भर लो 

 

जिंदगी हरा देती है  मृत्यु को  ,

जिंदगी हमेशा जन्म से जुड़ी रहती है  ,

जन्म और मृत्यु का नाता , आपस में जुड़ा है  ||

 

अच्छे स्वास्थ्य और बीमारी भी , आपस में जुड़े हुए हैं  ,

अच्छा स्वास्थ्य हो तो , बीमारी दूर ही रहती है  ,

और बीमार रहने वाले का  , स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता   || 

 

आँखों में आँसू आएँगे  , 

तो होठों पर मुस्कान नहीं आएगी  ,

और मुस्कान तो तभी आएगी , जब आँखों में ,

उदासी नहीं खुशी की चमक होगी  || 

 

दिल  प्यार की धड़कन होगी  ,

तभी नफरतों के लिए जगह नहीं होगी  ,

तो प्यार की धड़कन को दिल में  ,

भर लो दोस्तों  , प्यार - प्यार - प्यार -प्यार भर लो   || 

 

Tuesday, March 17, 2026

MANJIL PAA JAAO ( KSHANIKAA )

 

                    मंजिल पा जाओ 

 

समय की धारा में , सभी को बह जाना है  ,

अपनी - अपनी मंजिल को  , सभी ने तो पाना है  ,

इस दुनिया की हर राह को , सभी ने पार करना है ,

हँस कर सभी ने तो , ये जीवन बिताना है   || 

 

अपनी राहों को देख लो , समझ लो दोस्तों  ,

तभी तो तुमने अपना , पहला कदम बढ़ाना है  ,

जिंदगी में आए रिश्तों को ,बना तो लोगे तुम ,

मगर ये सोचकर आगे  बढ़ना , किसको तुम्हें निभाना है  ?? 

 

जो तुम्हें प्यार दे , तुम्हारे प्यार के बदले ,

जो तुम्हारे दो कदम के सामने ,बढ़ाए दो कदम ,

थाम लो तुम हाथ प्यार से , उसी का दोस्तों  ,

क्योंकि उसी के साथ मिल कर , ये रिश्ता निभाना है  || 

 

तभी तो समय की धारा के , पार तुम जा पाओगे  ,

जीवन अपना और दूसरे  का भी , सफल बना पाओगे  ,

चलो तो हाथ पकड़ो , मुस्कुराओ और दोस्तों  ,

मंजिल अपनी पा जाओ , मंजिल अपनी पा जाओ   || 

 

Monday, March 16, 2026

DIL CHAAHTAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                             दिल चाहता है 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

ऊपर नीले गगना में उड़ जाऊँ मैं  ,

ऐ पंछी दो पंख उधार दे दे मुझे  ,

गगना में जाकर बदरा  संग  झूल  जाऊँ मैं  ,

चंदा को भी पास से देख आऊँ मैं  ,

पंछी तेरा बहुत  एहसान होगा मुझ पर   || 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

सागर की लहरों  लेट कर तैरती रहूँ  ,

चंचल लहरों संग मैं खेलती रहूँ ,

लहरों का प्यार पाऊँ और अपना प्यार दूँ  ,

सागर बुला मुझे और तैरना सिखा मुझे   || 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

चमन में फूलों के बीच ,

फूलों की तरह खिल जाऊँ मैं  ,

रंगीन तितलियों को अपने पास बुलाऊँ मैं  ,

अपनी महक को फैलाकर , चमन को महकाऊँ मैं  ,

ऐ फूलों महकना सिखा दो मुझे  ,

तितलियों से बात करना भी सिखा दो मुझे   || 

 

Sunday, March 15, 2026

KHETAA JAA ( KSHANIKAA )

 

                          खेता जा 

 

दिल की बातों को सुन ले यारा  ,

उन्हीं का तो है तुझको सहारा  ,

दिल बोलता हमेशा सच ही यारा  ,

झूठ का कभी भी ना लेता सहारा   || 

 

सच और प्यार से , भरी ये बातें करता , 

जिंदगी में मुस्कानों के , साथ आगे बढ़ता  ,

तो दिल की ही सुन ले , दिल की सुन ले   || 

 

कौन जाने आगे की , राहें  कैसी होंगी  ?

फूलों से भरी होंगी  , या काँटों भरी मिलेंगी  ? 

तू अपने दिल - ओ - दिमाग को , तैयार अभी कर ले   || 

 

रुकना ना कहीं भी , किसी भी हालात में  ,

जीवन की नैया को कभी भी , डुबोना ना भंवर में  ,

नैया को किनारे के , कम पानी में भी ना फँसाना  ,

गहरे पानी में ही तू , इसे खेता जा यारा   || 

 

दिल भी  खुश होगा  , दिमाग भी शांत होगा  ,

तभी तो होठों पर , मुस्कान तू लाएगा  ,

और अपनी नैया , पार लगाएगा  यारा   ||