Friday, February 27, 2026

FAAYADAA ( KSHANIKAA )

 

                             फायदा 

 

एक राह जो पकड़ी हमने , सच और ईमान की ,

मगर बेईमान दुनिया में , उसका क्या फायदा   ??

 

उस राह में चले हम अकेले , आगे - पीछे कोई नहीं ,

अगर कोई दूसरा भी होता , तो क्या फायदा  ?? 

 

जिंदगी तो मिली जो हमको  ,छोटी सी है ,

अगर लंबी भी मिलती , तो उसका क्या फायदा  ?? 

 

कभी ना चाहे हमने , जिंदगी में सारे सुख  ,

दुःख भी साथ ना हो , तो सुख का क्या फायदा  ?? 

 

अपनी उसी राह पर , हम चलते जाएँगे  ,

चाहे कोई भी हो कायदा  ,

चाहे कुछ फायदा हो , या ना हो फायदा   || 

 

Thursday, February 26, 2026

SAAT KII MAHIMAA ( KSHANIKAA )

 

                    सात की महिमा 

 

सात रंग आकाश में , जब मिल जाएँ  ,

तब इंद्रधनुष बन जाता है  ,

सात दिन हाथ पकड़ , जब चलते जाएँ  ,

तब एक सप्ताह बन जाता है   || 

 

संगीत के सात स्वर  , कानों में रस घोलें  ,

सरगम ये कहलाती है ,

सात कदम साथ चलते हुए , जीवन में सुख लाएँ  ,

ये सप्तपदी कहलाती है   || 

 

सात समंदर पार करने की  , तमन्ना सभी की ,

दुनिया के दूसरे छोर पर  , जाने की तमन्ना सभी की ,

सुंदर होगा सब कुछ  , जो इस जन्म में पूरी हो जाए   || 

 

साथ - साथ मिलकर जब , जन्मों जन्म बिताएँ ,

वो जन्म तो सातों जन्म  बन  जाए , 

यही तो जीवन है  जानम , जो सात जन्म का बन जाए   || 

 

 सातवें आसमान पर ही , परमात्मा रहता   ,

ये बात तो सभी हैं जानते और मानते  ,

सभी उस सातवें आसमान में जाकर  ,

उस परमात्मा से मिलना चाहते हैं   ||  

 

Wednesday, February 25, 2026

LADII MOTIYON KII ( KSHANIKAA )

 

                        लड़ी मोतियों की 

 

मोतियों  की लड़ी झूलती , है गगन में  ,

एक मोती सूरज है , जग में  उजियारा  देता ,

एक मोती चंदा है  , जो शीतल चाँदनी देता  ,

मोतियों की एक लड़ी हूँ मैं  , दामिनी गगन में   || 

 

अनेक  मोतियों की  लड़ी में  ,

एक मोती पृथ्वी है  , जीवंत  और प्यारी  ,

मानव इस पर अनमोल कृति  , उस रचनाकार की  ,

मुस्कान मिली है अनमोल उपहार  , उस रचनाकार से   || 

 

वीनस एक , बहुत खूबसूरत मोती  , इस लड़ी में ,

जो संध्या काल में ही  , चमकता गगन में  ,

ऐसा खूबसूरत मोती तो  , सबकी मुस्कान जगाता  ,

ऐसा खूबसूरत मोती तो  , सबके दिल में बस जाता   || 

 

रात के अंधियारे में देखो बंधु  ,

गगन में सब ओर , मोतियों का संसार चमकता है  ,

हर जगह मोती ही मोती ,झिलमिलाते हैं  ,

हर मानव उन्हें देख कर , मुस्कानें बिखराता है  ,

तो चलो दोस्तों हम भी  ,मुस्कानें बिखरा कर  ,

मोती की लड़ियों की , संख्या बढ़ा देते हैं    || 

 

 

Tuesday, February 24, 2026

SHOONYA ( KSHANIKAA )

 

                                  शून्य 

 

शून्य हूँ मैं शून्य बंधु  , गोल - गोल  शून्य  ,

सभी कहते हैं बंधु   , मोल नहीं कुछ शून्य का  ,

मगर ना मानूँ मैं  , कैसे मानूँ यह बात   ?

मैं तो हूँ अनमोल बंधु , मैं तो हूँ अनमोल    || 

 

किसी भी अंक के  , पहले लगा तो नहीं है मेरा मोल ,

मगर किसी भी अंक के , आगे लगा तो मैं अनमोल  ,

उस अंक का मोल भी बढ़ जाता  ,

जो अंक पाए मेरा साथ बंधु  || 

 

लगाते  जाओ अंक के आगे  शून्य - शून्य  ,

मोल बढ़ता - बढ़ता जाएगा  उस अंक का  ,

जितने शून्य लगाओगे  , उतना ही बढ़ेगा मोल  ,

चलो बंधु बढ़ा लो , अपने अंक का मोल  ,

मुझे लगाते चलो , जोड़ते चलो  ,

बन जाओ अनमोल ,  बंधु  बन जाओ अनमोल   || 

 

Monday, February 23, 2026

ICHCHHAA - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                        इच्छा - शक्ति 

 

घड़ी के पैर नहीं होते  , फिर भी चलती जाती हैं  ,

ना खुद रुकती है , ना किसी को रुकने देती है  ,

जीवन भी उसी की रफ्तार से ,चलता रहता है   || 

 

जीवन के चलने के साथ ही  ,

भाव बढ़ते हैं  , आशाएँ बढ़ती हैं  ,

मगर बताओ दोस्तों  , क्या भरोसा बढ़ता है   ?

यही भरोसा तो , जीवन का आधार है  ,

इसी से जीवन  , अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता है  || 

 

वैसे घड़ी तो बैटरी से चलती है  ,

मगर जीवन साँसों से , और सपनों से चलता है  ,

साँसें चलेंगी , तो जीवन चलेगा  ,

सपने पलेंगे , तो जीवन पलेगा ,

तो चलाइए जीवन को , मनचाही राह पर  ,

कीजिए अपने सपने पूरे  , अपनी इच्छा - शक्ति से  ,

तभी तो जीवन सुंदर होगा  दोस्तों   || 

 

Sunday, February 22, 2026

GUNN FOOLON KE ( KSHANIKAA )

 

                        गुण फूलों के 

 

जिंदगी फूलों की लड़ी है यारों  , 

इसको मुस्कानों से सजा लो यारों ,

फूलों के संग काँटे भी तो होते हैं  ,

उनसे खुद को तो बचा लो यारों   || 

 

फूलों के रंग सुंदर से होते हैं  ,

यही जीवन को रंगीन बना सकते हैं  ,

फूलों से  रंग माँग कर  ,

जीवन को उन रंगों से , खूब सजा लो यारों   || 

 

फूलों की महक बहुत दिलकश होती है  ,

सारे जग को ये तो महका देती है  ,

उसी महक को अपनी साँसों में भर कर  ,

अपने जीवन को उसी से महका लो यारों   ||  

Saturday, February 21, 2026

MAHAK BAGIYAA KII ( KSHANIKAA )

 

                         महक बगिया की 

 

ये धरा एक बगिया है दोस्तों  ,फूल खिले हैं बहुत से ,

कुछ महक फैलाते  हैं दोस्तों  ,कुछ रंग बिखराते हैं  ,

तितलियाँ फर - फर उड़ती हैं  , बच्चे खूब दौड़ते हैं  ,

पकड़ने को तितलियों के  , पीछे - पीछे दौड़ते हैं   || 

 

अनेक जीव - जंतु बसते हैं यहाँ  , धरती के आँचल  में ,

मानव इस बगिया का  , मालिक बनना चाहता है  ,

इस चाहत को पाने को  , वह बगिया उजाड़ता  जाता है ,

रचनाकार है बगिया का मालिक  ,सब कुछ सुंदर बनाता है   || 

 

तुम भी ये बगिया महका लो दोस्तों  , बना लो उसको सुंदर ,

बगिया में बिखरेंगे रंग , वो तुम को भी रंग जाएँगे दोस्तों  ,

बगिया जो महकेगी दोस्तों  , तुम भी तो महकते जाओगे  ,

रचनाकार भी देख के बगिया  ,आँचल तुम्हारा  भर देगा ,  

तो अपना आँचल भर लो  ,  बगिया को महका लो  ,

रचनाकार के प्यार को  समेट लो दोस्तों   ||