Saturday, October 17, 2026

ULJHANON KAA JALAA ( KSHNIKAA )


                  उलझनों का जाला  


मकड़ी ने बुना जब जाला ,

मच्छर , मक्खी , कीड़ों के लिए  ,

मच्छर आदि मकड़ी के शिकार बन गए ,

और मकड़ी जाले बुनती गई   || 


मकड़ी खुद जाले में नहीं फँसती ,

दूसरों को ही , अपने जाले में फाँसती  ,

समझदार मकड़ी  , दूर ही जाले से रहती  ,

दूर रहकर ही , शिकार करती रहती   || 


मानव समझ , सबसे ज्यादा रखता  ,

दूजों के लिए ही , ताना - बाना बनाता रहता  ,

मगर मानव खुद ही , उसमें उलझता जाता  ,

क्यों नहीं मानव , उन उलझनों से बचता  ? 

कौन देगा  ---  इस प्रश्न का उत्तर   ?

क्या कहा आपने   --- मानव देगा   ?

वो तो खुद ही उलझा है  ---  उत्तर क्या देगा   ??  


Friday, October 16, 2026

KAUN DEY UTTAR ? ( JIVAN )


                 कौन दे उत्तर ?


बहुत से सवाल , जगते हैं दिल - दिमाग में  ,

मगर उनका उत्तर नहीं मिलता  ,

सवाल सब जीवन के बारे में हैं  ,

मगर उत्तर नहीं मिलता   || 


कहाँ से मिलेंगे ये उत्तर  ?

कौन देगा हमें ये उत्तर  ?

ईश्वर देगा तो कब देगा  ?

क्या होगा वो उत्तर   ?

अगर ईश्वर देता तो , दिल - दिमाग में मिलता  || 


सवाल हमारे अंदर क्यों जगे  ?

अनगिनत सवालों में जिंदगी उलझी है  ,

उन सवालों को सुलझाने के लिए  ,

भी तो कोई चाहिए  , वो कौन है  ?? 


काश कोई मिल जाए  , जो हमें  ,

उत्तर सुझा दे  , और हमें सुकून दे  ,

आप भी तो कुछ बताओ दोस्तों    || 

Thursday, October 15, 2026

JAGII MUSKANEN ( JIVAN )


                    जगी मुस्कानें  


शीतल सी बयार , कहाँ पर गई दोस्तों  ?

चल रही थी पहले तो , अब कहाँ गई दोस्तों  ?

होठों पर मुस्कान  , ला रही थी पहले तो  ,

कहाँ पर वो रुक गई दोस्तों  ?? 


क्या किसी ने रोक लिया  दोस्तों  ?

क्या पिंजरे में कैद किया , उसको दोस्तों  ?

चलो उसको छुड़ाते  हैं  दोस्तों  ,

और उसके साथ हम भी , बहते जाते हैं दोस्तों   || 


प्यारी सी वह बयार है  ,

उसे भर लेते हैं साँसों में  ,

सुकून का वह भंडार है  ,

जीवन देती वह भरपूर है  ,

चलो मुस्कानें जगा देते हैं  दोस्तों   || 


Wednesday, October 14, 2026

VAADAA ( PREM )


                       वादा 


वादे जो  किए  हमने किसी से  ,

हर बार हमने निभाए  ,

ईश्वर ना करें , कि हमसे ,

कोई   किया वादा टूट जाए   || 


वादे  थे कुछ छोटे  , कुछ बड़े  ,

पूरे सभी हुए  , चाहे छोटे या बड़े  ,

दिल को है सुकून बहुत   ,

हमने कोई वादे नहीं तोड़े  || 


तो दोस्तों सदा विश्वास तुम रखना  ,

हर सुबह हम यूँ ही मिलते रहेंगे  ,

साँस रहने तक यूँ ही याद करते रहेंगे  ,

यही वादा है हमारा  , यही वादा है  ,

पूरा करो  , वादा ना तोड़  , वादा ना तोड़  || 

Tuesday, October 13, 2026

KHULAA JHAROKHA ( JIVAN )


                   खुला झरोखा  


यादों के झरोखे को आज  , खोला हमने ,

तो सभी दोस्त खड़े थे  , हमारे सामने  ,

मानो आ गए सब दोस्त  , हमसे मिलने   || 


पुराना समय चलचित्र , बन गया  ,

सारी बातें चमक गईं  , परदे पर  ,

सारी खिलखिलाहटें  , लगीं गूँजने   || 


पुराना समय हमारे आज पर  , छा गया  ,

हरेक किस्सा याद आता  , चला गया  ,

आज फिर से दिल  , जिंदगी की  ,

भाग - दौड़ में खो गया  , हमारे सामने   || 


कुछ पलों के लिए , दोस्तों  ,

वो सुंदर और यादों में , बसा जमाना  ,

जीवंत हो उठा , हमारे सामने  ,

हम भी मुस्कुरा उठे  , दोस्तों  ,

देखकर खुली आँखों के  , ये सपने ,

और वापस आ गए हम , आज में   || 

 


Monday, October 12, 2026

ULJHANN ( JIVAN )


                         उलझन 


मन की बात , कौन समझा है दोस्तों  ?

अपने ही मन की बात , छिपी रहती है मन में  ,

दूजों के मन की बात  , कैसे समझ सकते दोस्तों  ??


बातों की उलझन ही में  , दिल उलझा जाता  ,

उसी उलझन को , कोई ना सुलझाता  ,

कहने से शायद  , ये उलझन सुलझे दोस्तों   || 


दोस्तों से जो मन खोला , सुलझेगी उलझन  ,

तो खोलो अपना मन  , सुलझाओ उलझन  ,

खुद भी समझ जाओ  , अपने मन की उलझन  ,

दोस्तों को भी समझाओ , अपने मन की उलझन  ,

खोल दो उलझन की गाँठें  , मुस्कुराओ दोस्तों   || 


Sunday, October 11, 2026

POOREY KHWAAB ( PREM )


                  पूरे ख्वाब 


ना हूँ मैं गीतकार , और ना संगीतकार  ,

मगर मेरी लेखनी है , शब्दों का खजाना ,

उन शब्दों से  , गीत जन्म  ले  लेते हैं  ,

मेरा दिल उन गीतों में  , प्यार भर देता है   || 


मेरे दिल में प्यार का , सागर है  दोस्तों  ,

जो शब्दों से मिलकर  , प्यारे गीत बनाता है  ,

दिल में प्यार के साथ  , संगीत भी है दोस्तों  ,

जो गीत को , संगीत भी दे देता है   || 


ये सब मुझे ना गीतकार बनाता है  , ना संगीतकार  ,

ना ये सब मेरा , व्यवसाय है दोस्तों  , 

ये तो मेरे  , दिल की आवाज है  ,

मेरी लेखनी से , जन्में शब्द हैं   दोस्तों   ||  


मेरा शौक , मेरा प्यार हैं  ये  सब ,

जो मुझे सुकून और , मुस्कानें देता है दोस्तों  ,

यही सब तो मेरे ख्वाब  , पूरे कर देते हैं  ,

ख्वाब पूरे होना ही तो  , आँखों में चमक ला देता है ||