Friday, May 1, 2026

VO DUNIYAA ( RATNAAKAR )

 

                           वो  दुनिया 

 

समंदर की गहराइयों में  , जो दुनिया है बसी  ,

उसमें सभी कोई हैं  , अलग - अलग वनस्पति  ,

अलग - अलग जीव हैं  , सुंदरता है उनमें फंसी   || 

 

जीवन है उन सबका , अलग राह पर चलता  ,

समंदर से बाहर की , दुनिया से अलग पलता ,

वो सुंदर सी दुनिया में  , हम घूम आते हैं   || 

 

तरह - तरह की मछलियाँ , उनके अनोखे खेल  ,

अलग तरह की वनस्पति , उनका ना कोई मेल  ,

हर कोई नहीं जानता  , गहराई की वो दुनिया   || 

 

Thursday, April 30, 2026

MAJDOOR DIWAS ( KSHANIKAA )

 

                             मजदूर दिवस 

 

ऐसा  क्यों होता है कि , कोई अमीर है और कोई गरीब ,

कोई मालिक और कोई मजदूर  ,

मेहनत मजदूर की और फल मालिक को   || 

 

मेहनत मजदूर की हर मौसम में ,

कड़ी धूप में की गई मेहनत ,

तेज बारिश में की गई मेहनत  ,

कड़ाके की सर्दी में की गई मेहनत   || 

 

दोस्तों मजदूर की मेहनत का फल  ,

मजदूर को ही मिलना चाहिए  ,

ऊँची - ऊँची इमारतें बनाने वाला मजदूर  ,

खुद झोंपड़ी में रहता है दोस्तों   || 

 

पूरा भारत देश  १  मई को ,मजदूर दिवस मनाता है  ,

एक दिन ये दिवस , मना कर क्या होगा  ?

मान दो , सम्मान दो , परिश्रम को ,

मजदूर की मेहनत का फल दो   || 

 

Wednesday, April 29, 2026

KHUDD HII ( KSHANIKAA )

 

                         खुद ही 

 

हमने तो समझी , सभी के दिल की बात  ,

हमारी बात ही ना , समझा कोई  ,

हमने  फूल बिछाए , सभी की राहों में  ,

अपनी राह में एक फूल , भी आया ना कोई  || 

 

मीठे बोल हमने , सभी को बोले दोस्तों  ,

हम तो दो , मीठे बोलों को तरसे  ,

गीत हमने भरे , सभी की जिंदगी में  ,

मगर एक प्यार भरे , बोल को हम तरसे   || 

 

क्या खता थी हमारी  ? क्या गलती थी  ?

क्यों ऐसा हमारे साथ हुआ  ?

चलो हम खुद ही , गीत लिख लेंगे  ,

हम खुद ही , गुनगुना लेंगे दोस्तों  ,

और मस्त जीवन बिता लेंगे दोस्तों    || 

 

Tuesday, April 28, 2026

SWAAD AAM KAA ( KSHANIKAA )

 

                               स्वाद  आम का 

 

मौसम आया गर्मी का , आमों के स्वाद का , 

इस मौसम में आम का , स्वाद का मजा लेने का , 

तरह - तरह के आम हैं आते , अलग - अलग प्रांत के  || 

 

कहीं के दशहरी आम आते , सफेदा आम भी आते  ,

लंगड़ा और हाफूज आम , हैं स्वाद लाते  ,

केसर आम का नाम , केसर जैसा लगता है  || 

 

लखनऊ , बनारस , मध्य प्रदेश ,रत्नागिरी  ,

बहुत जगह  के  आम  हैं आते  ,

अलग - अलग आमों से , अलग - अलग ,

शरबत ,शेक ,  आईसक्रीम हैं स्वाद लाते  ,

तो दोस्तों गर्मी के मौसम में  ,

लो स्वाद आमों का  , लो स्वाद आमों का  || 

 

SHABD ( KSHANIKAA )

 

                                          शब्द 

 

कीमत शब्दों की जान लो दोस्तों  , तभी बोलो  ,

सुंदर शब्द कीमती होते  , पहले उनको तोलो  ,

मुस्कानों में डुबा लो तभी  , उनका ताला खोलो   || 

 

गलत शब्दों को ताले में बंद कर दो ,कभी ना ताला खोलो ,

उनका ताला खोला तो सभी , कुछ  डूब जाएगा  ,

पहले उनको करो सही तभी तो ,ताला खोलो   || 

 

गलतियाँ ठीक जो कर लोगे  , जीवन सुंदर कर लोगे  ,

जीवन की दुनिया को बंधु  ,प्यार के रंग से रंग लो  ,

शब्दों की दुनिया में बंधु , रंग प्यार के भर लो   || 

 

Sunday, April 26, 2026

JAHAAN SAARAA ( GEET )

 

                            जहां सारा 

 

धूप निकली सुबह - सुबह , चमक गया जहां   सारा ,

सूरज ने कहा -- कर लो काम ,चलेगा तभी तो जहां सारा  || 

 

पंछियों ने गीत गाए ,  गूँजा जहां सारा  ,

मानव सारे ही मुस्काए  , मुस्काया जहां सारा   || 

 

पवन चली धीरे - धीरे , साँस सब कोई ले पाए  ,

तभी तो जी पाएगा , अपना ये जहां सारा   || 

 

चमन में फूल खिल उठे , तितलियाँ भी उड़ आईं ,

उन्हीं से तो अपना , महका जहां सारा   ||  

SAMAY CHAKRA ( KSHANIKAA )

 

                           समय चक्र 

 

सफर जो शुरु हुआ हमारा  , 

जन्म लेते ही राहें चल पड़ीं दोस्तों  ,

कदम जो चलना सीख कर दौड़ पड़े ,

दोस्तों का मेला - सा लग गया दोस्तों  || 

 

कदम विद्यालय में पहुँचे तो  ,

आशीष मिला गुरुओं का दोस्तों  ,

कक्षा में मिले हम को सहपाठी ,

और खेल के मैदान में तुम दोस्तों   || 

 

समय बीतता गया , कॉलेज का जमाना आया ,

और हमने आगे कदम बढ़ाया ,

दोस्तों की संख्या बढ़ती गई ,

और प्यार भी उनका बढ़ता गया  दोस्तों   || 

 

फिर गृहस्थी बसी , व्यस्तता बढ़ी  , 

जिम्मेदारियाँ भी बढ़ीं दोस्तों  ,

सब कुछ निभाते - निभाते ,

अब सेवा - निवृत्त हुए दोस्तों  ,

अब तो आती है  , उन्हीं प्यारे दिनों की याद दोस्तों   ||