Sunday, July 12, 2026

DIL AUR DIMAAG ( KSHANIKAA )

 

                       दिल और दिमाग 

 

ईश्वर ने दीं  हमको , दो सुंदर नेमतें , दिल और दिमाग ,

दिल से हमने सबको प्यार दिया , मुस्कानें दीं  ,

प्यार से सजा कर  , सुंदर रिश्ते , सुंदर जहां बनाया  || 

 

दिमाग से कदम आगे बढ़ाए , तर्क शक्ति को बढ़ाया  ,

हर क्षेत्र हमारा अपना था , उसी को सुंदर बनाया  ,

प्रकृति और सुविधाओं से , जीवन आसान बनाया   || 

 

जब दोनों ही मिल गए  , तो जीवन और प्रकृति सुंदर बने ,

तो दोस्तों दिल और , दिमाग  को जगाओ  ,

दुनिया को सुंदर और , सुविधाओं से पूर्ण कर लो  || 

 

UNAKO ( KSHANIKAA )

 

                             उनको 

 

हम चाहते हैं जिनको , प्यार करते हैं जिनको  ,

दोस्ती बढ़ाना चाहते हैं उनसे  ,

सुखी देखना चाहते हैं जिनको  ,

वजह मुस्कान की देना चाहते हैं  उनको   || 

 

हमारी अँजुरी में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे दिल में जो दुआएँ हैं  ,

हमारे होठों पर जो मुस्कानें हैं  ,

वो सब उन्हीं के लिए हैं  ,

और हम बाँटना चाहते हैं उनको   || 

 

जीवन की राह में मोड़ जो आते हैं  ,

वो मोड़ सुगम और सरल हो जाएँ  ,

वही मोड़ मिल जाएँ उनको  ,

उनमें तुम सभी में शामिल हैं दोस्तों  || 

 

Friday, July 10, 2026

UMRA - ANUBHAV ( KSHANIKAA )

 

                            उम्र - अनुभव 

 

उम्र है दोस्तों एक नंबर ही तो ,

क्यों गिनो बढ़ती उम्र का नंबर दोस्तों  ,

इस नंबर में छिपा है , जीवन भर का अनुभव  ,

बाँटो इस अनुभव को , आपस में दोस्तों    || 

 

जीवन भर , समेटे तुमने , धीरे - धीरे हाथों में  ,

आज उन्हीं हाथों से बाँट दो , धीरे - धीरे दोस्तों में ,

सभी दोस्त लाभ उठाएँ , उसी अनुभव से दोस्तों   || 

 

उम्र और अनुभव आपस में , जुड़े हैं दोस्तों ,

दोनों ही साथ - साथ , बढ़ते हैं दोस्तों  ,

उम्र तो बढ़ने पर , बाँटी नहीं जा सकती  ,

मगर अनुभव तो , बाँटे जा सकते हैं दोस्तों  ,

तो अनुभवों को दिल  , खोलकर बाँटो दोस्तों   || 

 

Thursday, July 9, 2026

MAHAKIN HAVAAEN ( KSHANIKAA )

 

                              महकीं  हवाएँ 

 

हवा जो चली , चमन से गुजर कर  ,

खुश्बुएँ ले उड़ी , चमन के फूलों से  ,

आस - पास के रहने वालों को , परिंदों को महकाती  || 

 

हम भी उसी हवा से  , महक गए दोस्तों  ,

अगर हवा ना चलती  , तो खुश्बुएँ कैसे उड़तीं  ?

तो दोस्तों बहने दो  , हवाओं को मत रोको उनका रास्ता  || 

 

नए - नए पेड़ लगाओ , जंगलों को मत काटो  ,

तभी तो हवाएँ , चलेंगी सभी ओर  ,

और खुश्बुएँ भी  , उड़ेंगी सभी ओर  ,

महकाएँगी सारा जहां  , ये धरा , ये फलक  ,

सबसे ज्यादा महकाएँगी , हमारा दिल  , हमारा जीवन   ||  

 

Wednesday, July 8, 2026

PURAANE DIN ( KSHANIKAA )

 

                          पुराने दिन 

 

कभी कुछ दिन इतने सुंदर  थे  , प्यारे से दिन  ,

जब कॉलेज में पढ़ते थे , पढ़ाई के दिन  ,

दोस्तों के साथ रहते थे  , शरारतों के दिन  ,

कितना सुंदर समय था  ?  कॉलेज के दिन   || 

 

आज याद करने पर , बहुत याद आते  , 

वो दिन  , पल छिन , दोस्तों के संग खिलखिलाहटें  ,

वो मुस्कुराते हुए दिन  , गुनगुनाते हुए दिन  ,

दौड़ते - भागते हुए बीते हुए दिन   || 

 

राहें भी दौड़ के सामने हुईं छोटी  ,

मुस्कानों ने बढ़ कर जगाए कहकहे  ,

कहकहों से दोस्तों की , महफिल  खिलखिलाई , 

 और सभी के दिलों की धड़कन जगाई    || 

 

दोस्तों आपको भी अपने  , पुराने दिन याद हैं क्या  ?

कभी उन दिनों की याद में  , मुस्काए हो क्या  ?

चलो फिर से एक बार  , याद करो तो जरा   || 

 

Tuesday, July 7, 2026

MAHAKENGII ( KSHANIKAA )

 

                            महकेंगी 

 

मेरे उगाए छोटे - छोटे पौधों पर  , खिले जब सुंदर फूल  ,

फूलों के रंग खिले , मेरी साँसें महकीं ,

तितलियाँ फर - फर उड़ीं , फूल खुश हुए  , 

अपनी साँसें महकने से , मेरे होंठ मुस्काए  || 

 

तितलियों और फूलों  का  ये रिश्ता  ,

आगे ही आगे बढ़ता रहा  ,

फूलों की महक और बढ़ी , और बढ़ी  ,

मेरी साँसें भी महकती , और महकती रहीं   || 

 

तुम भी फूलों के पौधे लगाओ दोस्तों  ,

उन पौधों पर जब , फूल खिलेंगे , महकेंगे  ,

तब तुम्हारी साँसें भी महकेंगी , और होंठ मुस्काएँगे  || 

 

Monday, July 6, 2026

LASSII ( KSHANIKAA )

 

                                  लस्सी 

 

सत्य को सत्य ही रहने दो दोस्तों  ,

झूठ की सीढ़ी ना चढ़ाओ उसको  ,

माना आज मिलावट का जमाना है  ,

मगर तुम सच - झूठ की ,लस्सी ना बनाओ दोस्तों  ||  

 

आशा और भरोसे की  , लस्सी जो बनाओगे दोस्तों  ,

ऐसी स्वाद लस्सी को , सबको जो पिलाओगे  ,

तो प्यार और मुस्कानें , जग में फैलाओगे   || 

 

अच्छे बोल ना बोल सको दोस्तों  ,

तो बुरे शब्द भी ना बोलो दोस्तों   ,

मौन रहकर मुस्कान की , लस्सी पिला दो दोस्तों   || 

 

जिंदगी की राहें तो , बार - बार मुड़ती हैं  ,

हर मोड़ एक नया , अनुभव दे जाता है  ,

उन अनुभवों को  , महसूस तो करो  ,

मगर उनकी लस्सी , ना बनाओ दोस्तों   ||