थिरकने दो
जिंदगी की राहें , कभी फूलों भरी मिलती हैं ,
और कभी यही राहें , काँटों भरी मिलती हैं ,
दोनों पर हमने ही , कदम बढ़ाने हैं दोस्तों ||
कभी दिल मुस्कानों में , डूबा रहता है ,
और कभी यही दिल , उदासी में डूबा रहता है ,
दोनों ही समय यह दिल , धड़कता ही है दोस्तों ||
कभी होठों पर नगमें , मचलते हैं ,
कभी पैर अपने आप ही , थिरकते हैं ,
इन दोनों समय पर , हम नाच उठते ,
और गुनगुना उठते हैं दोस्तों ||
ये गीत मेरे दिल की , धड़कन है दोस्तों ,
ये शब्द मेरे दिल की , आवाज हैं दोस्तों ,
तो दोस्तों मेरे होठों को , मुस्कुराने दो ,
मेरे पैरों को , थिरकने दो दोस्तों ||