हमारा दिल
सुनहरी रश्मियों ने जब उजाला फैलाया ,
पंछियों ने जब मीठा गान गाया ,
हमारे दिल को उन्होंने बहलाया ,
तो हमारा दिल उनके साथ गुनगुनाया ||
शीतल पवन के झोंके ने जब ,
सभी तरुओं को प्यार से सहलाया ,
उसी पवन ने सभी की साँसों को भी ,
मुस्कुराया , खिलखिलाया ||
चमन में जब कलियाँ , खिलकर फूल बनीं ,
उन्होंने अपनी खुश्बु से चमन महकाया ,
उन्हीं खुश्बुओं ने सभी के ,
दिलों को प्यार से धड़काया ||
रात के अँधियारे में जब चाँद खिला ,
उसकी चाँदनी ने सारा जग चमकाया ,
गगन में तारों की जब , बारात आई ,
सभी की आँखों को उन्होंने चमकाया ||