खुद ही
हमने तो समझी , सभी के दिल की बात ,
हमारी बात ही ना , समझा कोई ,
हमने फूल बिछाए , सभी की राहों में ,
अपनी राह में एक फूल , भी आया ना कोई ||
मीठे बोल हमने , सभी को बोले दोस्तों ,
हम तो दो , मीठे बोलों को तरसे ,
गीत हमने भरे , सभी की जिंदगी में ,
मगर एक प्यार भरे , बोल को हम तरसे ||
क्या खता थी हमारी ? क्या गलती थी ?
क्यों ऐसा हमारे साथ हुआ ?
चलो हम खुद ही , गीत लिख लेंगे ,
हम खुद ही , गुनगुना लेंगे दोस्तों ,
और मस्त जीवन बिता लेंगे दोस्तों ||