Monday, June 15, 2026

NAA CHHALKAANAA ( PREM )

 

                     ना  छलकाना 

 

जो आया इस दुनिया में  ,एक दिन चला जाएगा  ,

जो भेजा गया इस दुनिया में , वापस बुलाया जाएगा  ,

मैं जो आई इस दुनिया में  , वापस चली जाऊँगी  ,

राह मुझे नहीं पता  दोस्तों  , पर चली जाऊँगी   || 

 

उस समय दोस्तों , आँसू ना गिराना  ,

उस समय दोस्तों  , दो प्यार भरे मेरे बोल  याद करना  ,

वो बोल तुम्हारे होठों पर , मुस्कान लाएँगे  ,

वो बोल तुम्हारे दिल में  , प्यार जगाएँगे   || 

 

प्यार और दिल का , रिश्ता सुंदर है  ,

प्यार दिल में  , बसता है और  ,

दिल प्यार में , डूब जाता है दोस्तों  ,

इसलिए हमेशा मुस्कुराते रहना  ,

जिंदगी कीमती है , उसकी कीमत समझना  ,

दोस्तों को हमेशा प्यार करना  ,

आँसू ना छलकाना  , आँसू ना छलकाना   ||  

 

Sunday, June 14, 2026

SWEEKAAR ( AADHYAATMIK )

 

                           स्वीकार 

 

हर काम का रचेता ने , वक्त तय किया दोस्तों  ,

चिंता मत करो , उसी वक्त काम पूरा होगा दोस्तों  ,

मुस्कुरा कर उस वक्त का , स्वागत करो दोस्तों   || 

 

उस रचेता ने तुम्हारे लिए , कुछ अच्छा ही चुना होगा  ,

तुम्हारी तो चाहतें , कुछ भी हो सकती हैं  ,

कुछ अच्छी कुछ , साधारण हो सकती हैं  , 

जो तुम्हारे लिए अच्छी ना हों   ||  

 

मगर रचेता का चुना हुआ , तो तुम्हारे जीवन ,

के लिए बहुत सुंदर , और अच्छा होगा  ,

उसे अपने दिल से , स्वीकार करो दोस्तों   || 

 

Saturday, June 13, 2026

KOSHISH ( KSHANIKAA )

 

                            कोशिश  

 

हर समय बीत जाता है , अच्छा भी बीत जाता है  ,

बुरा भी बीत जाता है  , सोच लो दोस्तों  ,

जब कल बीत गया  , तो आज भी बीत जाएगा  ,

तो आने वाले का , इंतजार करो दोस्तों   || 

 

क़दमों को ना रोकना दोस्तों  ,

कदम ही तो आज को  , कल में बदलेंगे  ,

 कदम के साथ ही  , अपनी सोच को भी  ,

जोड़कर मंजिल की , ओर बढ़ जाओ दोस्तों   || 

 

कदम , सोच से मिल कर , सही दिशा में  ,

बढ़ेंगे तो , मंजिल जल्दी और जरूर मिलेगी  ,

तो कोशिश करके , मंजिल को पा लो दोस्तों   || 

 

Friday, June 12, 2026

JAZBAA ( KSHANIKAA )

 

                        जज़्बा 

 

प्यार के ढाई अक्षरों को , दिल में बसा लो यारों  ,

दुनिया में सबसे सुंदर , जज़्बा है प्यार का यारों  ,

एक का प्यार दूसरे को , प्यार में डुबाता यारों  ,

सभी के होठों पर यह , मुस्कान है लाता यारों   || 

 

अपनी लेखनी में ये जज़्बा , तो छुपा लो यारों  ,

धीरे - धीरे इस जज़्बे को , जग में फैला दो यारों  ,

तभी तो ये जज़्बा , जग में फैल जाएगा यारों   || 

 

कर्म अपने - अपने होते यारों  ,

जज़्बे भी अपने - अपने होते यारों  ,

कर्म और जज़्बों को मेल कराओ यारों  ,

जीवन को सुंदरतम बनाओ यारों   ||  

Thursday, June 11, 2026

CHHOTII ( KSHANIKAA )

 

                             छोटी 

 

जादू की झप्पी ,जो दोगे किसी को ,

प्यार को तुम बढ़ाओगे दोस्तों  ,

उनके आँसुओं को सुखा  दोगे दोस्तों  ,

उनकी मुस्कानों को बढ़ा दोगे दोस्तों , 

तो आगे बढ़कर , जादू की झप्पी दे दो दोस्तों  || 

 

घनघोर अंधकार में एक छोटा सा  ,

दीया तो जला दो दोस्तों , 

सुंदर सी किरण , रोशन हो जाएगी  , 

अंधकार रोशनी  से चमक उठेगा  ,

तो आगे आओ , किसी के ,

घर का अंधकार मिटा दो दोस्तों   || 

 

 छोटी - छोटी मीठी यादों को याद करो  ,

दूसरों को भी उनकी याद दिलाओ दोस्तों  ,

दूसरों में मुस्कानें बाँटो दोस्तों  ,

और खुद   भी मुस्कुरा लो दोस्तों  || 

 

इन्हीं कामों को करके जीवन में ,

उजाले , सुंदरता ,प्यार और मुस्कानें , 

बाँटो और खुद भी अपनाओ दोस्तों   || 

 

Wednesday, June 10, 2026

MAHAABHARAT GHAR - GHAR KII ( SAAMAAJIK )

 

                        महाभारत घर - घर  की 

 

महाभारत की कहानी पढ़ी जाती है  ,

इस कहानी पर नाटक और सीरियल बनते हैं  ,

मगर दोस्तों आज घर - घर की  ,

महाभारत को कोई नहीं समझता है   || 

 

ताकतवर घर का , सब कुछ छीन लेता है  ,

दूसरे को वह कुछ नहीं देना चाहता है  ,

जिम्मेदारी ताकतवर नहीं उठाता है  ,

दूसरे को थमा देता है   || 

 

जो जिम्मेदारी उठाता है,बेवकूफ,कमजोर कहलाता है  ,

और ताकतवर मौज उड़ाता है  , 

आज भी हर घर में  , महाभारत ही चलती है  ,

नाम अलग हैं , मगर कहानी वही है  || 

 

एक जिम्मेदारी उठाने वाले को ,

सारी की सारी जिम्मेदारियाँ  दे दी जाती हैं , 

वही भीष्म है , वही विदुर है , वही पांडव हैं  ,

सामने दुर्योधन , दुशासन , शकुनि विराजमान हैं  || 

 

कर्ण जैसा तो बहुत ही  बुरे  ,हालातों से पीड़ित है ,

माँ का त्यागा हुआ  जरूरत पड़ने पर , 

वही माँ उसे ,नया पाठ पढ़ाती है   ,

घरों में भी यही हाल है  ,

जरूरत पड़ने पर दो मीठे बोलों से ,

उसे ठग लिया जाता है दोस्तों   || 

 

BADALAA PRAKRITI KAA ( KSHANIKAA )

 

                        बदला प्रकृति का  

 

ईश्वर ने जब दुनिया बनाने की शुरुआत की  ,

तो एक बड़ी गूँज हुई  , जो ईश्वर के ,

पूरे कार्य को आगे बढ़ा गई  ,

जो मैटीरियल था , उसे फैला दिया  ,

इसे नाम मिला बिग बैंग  ( बड़ी गूँज  )  || 

 

बिग बैंग से उत्पन्न छोटे - बड़े टुकड़े  ,

चारों तरफ को सभी जा बिखरे  ,

बीच के टुकड़े के चारों और घूमें , 

गोल घूमते हुए सभी गोल हो गए   || 

 

धीरे - धीरे ये पिंडठंडे हुए  ,

बीच का गर्म पिंड  सभी को ऊर्जा देता रहा ,

 उन्हीं में से एक पिंड पर जीवन जन्मा ,

सभी जीव - जंतु , वनस्पतियाँ और मानव   || 

 

आज मानव विज्ञान के सहारे  ,

बहुत आगे बढ़ चला , मगर उसने ,

प्रकृति को तबाह कर दिया  ,

और उसी का बदला , प्रकृति मानव से  ,

लेती जा  रही है  ,

मानव को डुबाती जा रही है  ||