Friday, April 10, 2026

NIINV ( KSHANIKAA )

 

                                 नींव 

 

सपने तो जीवन की , नींव  हैं दोस्तों  ,

जैसे हर इमारत नींव पर  , खड़ी होती है  ,

वैसे  ही जीवन  सपनों पर  , ही खड़ा होता है  || 

 

मानव अपने सपने पूरे , करने की कोशिश करता है  ,

उसकी कोशिशों से  , कई सपने पूरे होते हैं  ,

मगर कुछ सपने कोशिशों के , बावजूद भी पूरे नहीं होते  || 

 

जो सपने पूरे हो जाते हैं  , वही जीवन को खड़ा करते हैं  ,

जो सपने अधूरे रह जाते हैं  , वो सपने कहीं खो जाते हैं  || 

 

पूरे हुए सपने ही जीवन का , स्तंभ बन जाते हैं  ,

तो दोस्तों अपनी पूरी , कोशिशों को लगा दो  ,

और अपने सपनों को  , पूरा करने में लगा दो  ,

यही अपने जीवन का लक्ष्य बना लो   || 

 

Wednesday, April 8, 2026

GOONJ ( KSHANIKAA )

 

                          गूँज 

 

सारी दुनिया में , आवाजों का शोरगुल है  ,

कानों में उन आवाजों की ,  गूँज हमेशा है  ,

इस शोर को कौन  , कम कर सकता है  ?

कौन उसकी गूँज को  , खत्म कर सकता है   ??

 

दुनिया को खिलखिलाहटों में , डुबा लो यारों  , 

साथ में तुम भी खूब  , खिलखिला लो यारों  ,

जिंदगी में खिलखिलाहटें होंगी  , 

तभी तो जिंदगी सुंदरतम , स्थान  पाएगी यारों   || 

 

दुनिया की राहें इतनी , सुंदर हो जाएँगी  ,

कि हर कोई सुगमता से  , उन पर दौड़ जाएगा  ,

और जीवन को हँसी में , डुबा लेगा यारों   || 

 

Tuesday, April 7, 2026

INDRADHANUSH JAGMAGAAYAA ( KSHANIKAA )

 

                          इंद्रधनुष  जगमगाया  

 

रवि किरणों में छिपे हैं  , सात रंग  ,

पर आँखें देख पाते हैं  , एक ही रंग  ,

वो है रंग सफेद  , जिसमें छिपे सातों रंग   || 

 

 ये सब क्या जादू है , रवि किरणों  का  ?

कौन इसे सुलझाएगा  ? क्या रवि   ?

रवि तो वर्णन नहीं  कर पाएगा   || 

 

मानव ने ही इस जादू को सुलझाया  ,

प्रिज़्म  बनाकर  ,

जिसने रवि किरणों के रंग अलग बिखराए  ,

हर रंग को अलग - अलग दिखलाया   || 

 

रवि ने तो गगन की ऊँचाई में  ,

वर्षा ऋतु में  , बरखा के बाद  ,

रंग अलग छनकाए , और इंद्रधनुष जगमगाया   || 

 

Monday, April 6, 2026

ABHILAASHAAEN ( KSHANIKAA )

 

                            अभिलाषाएँ 

 

अभिलाषा का अर्थ है गहरी इच्छा  ,

जो हम दिल की गहराइयों से चाहते हैं  ,

यही हमारी अभिलाषा है ,यह तो हमारे दिल की भी है , 

अब हम फूलों की अभिलाषा ,जानने की कोशिश करते हैं  || 

 

फूल जब खिलते हैं चमन में , 

तो मानव उनके सौंदर्य ,और महक में डूब जाता है ,

फूल तोड़कर उनका उपयोग ,विभिन्न रूपों में करता है  || 

 

फूलों की अपनी अभिलाषा और चाहतें हैं ,

ईश्वर के चरणों में चढ़ाया जाऊँ ,

मंदिरों और ईश्वर की सज्जा में ,प्रयोग किया जाऊँ ,

मानव तू मेरी अभिलाषा ,पूरी कर दो दोस्त  || 

 

नारी के अनोखे और सुंदर बालों में ,

गजरे और सुंदरता के ,रूप में सजाया जाऊँ  ,

क्या मानव तुम मेरी अभिलाषा पूरी करोगे  ??

 

सभी के चमन और घरों को ,सजाऊँ  और महकाऊँ ,

क्या मानव तुम मेरी अभिलाषा , पूरी करने में मदद करोगे  ?? 

 

 एक सबसे बड़ी अभिलाषा  हमारी है मानव  ,

हम वीरों की राहों को सुंदर बनाएँ और महकाएँ  ,

वो वीर जो देश पर जान कुर्बान करने चल देते हैं  ,

और देश , देशवासियों को सुरक्षित रखते हैं  ,

वही हमारे आदर्श हैं , प्रेरणा हैं  ,

तो मानव करो हमारी अभिलाषा पूरी   || 

 

Sunday, April 5, 2026

PYAAR KII RAAHEN ( KSHANIKAA )

 

                                प्यार की राहें  

 

इश्क ने हम को , निकम्मा कर दिया  ,

 वरना हम भी थे दोस्तों  , कुछ काम के  ,

जिंदगी प्यार की राहों पे  , फिसलती जा रही  ,

इसी से तो राहें सुंदर  , और आसान हो गईं  || 

 

मुस्कुराहटें उभरती रहीं  , लगातार होठों पर  ,

दिल में जन्म लेते  , भावों के कारण आईं  ,

उन्हीं मुस्कानों के कारण  , तो आस - पास का  ,

वातावरण भी मिठास से  , भर गया दोस्तों   || 

 

प्यार की राहों ने हमारा  , सारा समय ले लिया  ,

अन्य किसी काम के लिए  , समय खो गया  ,

मुस्कुराहटों को तो  , हँसी में बदल दिया  ,

साथ ही दिल को भी  , खिला दिया दोस्तों    || 

 

Saturday, April 4, 2026

PYAAR KE RAASTE ( CHANDRAMAA )

 

                      प्यार के रास्ते  

 

छन - छन के आई चंदनिया  , मेरी खिड़की के रास्ते ,

अपनी चाँदी जैसी चमक से  , मुझे रंगने के वास्ते  ,

और मुझको अपना दोस्त  , बनाने के वास्ते   || 

 

मेरी मुस्कान अपनी के जैसी  , खिलाने के वास्ते  ,

चंदा से मेरी मुलाकात  , कराने के वास्ते  ,

अपनी मुस्कान का जादू  , जगाने के वास्ते   || 

 

मैंने भी दिया जवाब उसकी खुशी को  , बढ़ाने के वास्ते  ,

अब खुल ही गए थे हम दोनों के  , मिलने के रास्ते  ,

ये हैं  प्यार के रास्ते  , ये हैं  प्यार के रास्ते   ||  

 

Friday, April 3, 2026

PYAAR KE BEEJ ( KSHANIKAA )

 

                      प्यार के बीज 

 

प्यार के बीज उगा दो ईश  , मानव के दिल में  ,

इसका तो खर्चा नहीं होगा  पूरा  ,  किसी भी बिल में  ,

आज जो इस जग में हो रहा  है , ढूँढों सभी के दिल में   || 

 

मानव - मानव का बना है दुश्मन  , दुनिया के इस मेले में  ,

मानव तू कर अपना सुधार  , मत पड़ किसी झमेले में  ,

धरती पर प्यार उगा  ले , मत डूब बमों के रेले  में   || 

 

क्या मिलेगा मानव  , तुझको इसका फल  ?

इस जलजले में खत्म , हो जाएगा सारा जल  ,

नहीं बच पाएगी , मानव शुद्ध पवन  ,

फिर क्या बच पाएगा  , मानव तेरा जीवन   ??