मीठे गाने
कान्हा की बंसी की , धुन जो पहुँची बरसाने ,
राधा के कदम दौड़ चले , यमुना के तट आने ||
गोपियाँ भी सारी की सारी , पहुँची उनके पास ,
ग्वाले भी आए सारे , शुरु हो गया रास ,
बंसी और घुँघरु , बाजे और संग नाचे ||
ऐसा सुंदर रास हुआ , सारे जग ने देखा ,
सभी देख - देख कर मुस्काए , रास के ताने - बाने ,
राधा संग अब नाचे कन्हाई , जब शुरु हो गए गाने ||
यमुना तट भी नाच उठा , सुनकर सारी आवाजें ,
यमुना जल की लहरें भी उछलीं , सुनकर सारी आवाजें ,
सारी दुनिया के जन , झूम उठे सुनकर ये मीठे गाने ||