Thursday, October 15, 2026

JAGII MUSKANEN ( JIVAN )


                    जगी मुस्कानें  


शीतल सी बयार , कहाँ पर गई दोस्तों  ?

चल रही थी पहले तो , अब कहाँ गई दोस्तों  ?

होठों पर मुस्कान  , ला रही थी पहले तो  ,

कहाँ पर वो रुक गई दोस्तों  ?? 


क्या किसी ने रोक लिया  दोस्तों  ?

क्या पिंजरे में कैद किया , उसको दोस्तों  ?

चलो उसको छुड़ाते  हैं  दोस्तों  ,

और उसके साथ हम भी , बहते जाते हैं दोस्तों   || 


प्यारी सी वह बयार है  ,

उसे भर लेते हैं साँसों में  ,

सुकून का वह भंडार है  ,

जीवन देती वह भरपूर है  ,

चलो मुस्कानें जगा देते हैं  दोस्तों   || 


Wednesday, October 14, 2026

VAADAA ( PREM )


                       वादा 


वादे जो  किए  हमने किसी से  ,

हर बार हमने निभाए  ,

ईश्वर ना करें , कि हमसे ,

कोई   किया वादा टूट जाए   || 


वादे  थे कुछ छोटे  , कुछ बड़े  ,

पूरे सभी हुए  , चाहे छोटे या बड़े  ,

दिल को है सुकून बहुत   ,

हमने कोई वादे नहीं तोड़े  || 


तो दोस्तों सदा विश्वास तुम रखना  ,

हर सुबह हम यूँ ही मिलते रहेंगे  ,

साँस रहने तक यूँ ही याद करते रहेंगे  ,

यही वादा है हमारा  , यही वादा है  ,

पूरा करो  , वादा ना तोड़  , वादा ना तोड़  || 

Tuesday, October 13, 2026

KHULAA JHAROKHA ( JIVAN )


                   खुला झरोखा  


यादों के झरोखे को आज  , खोला हमने ,

तो सभी दोस्त खड़े थे  , हमारे सामने  ,

मानो आ गए सब दोस्त  , हमसे मिलने   || 


पुराना समय चलचित्र , बन गया  ,

सारी बातें चमक गईं  , परदे पर  ,

सारी खिलखिलाहटें  , लगीं गूँजने   || 


पुराना समय हमारे आज पर  , छा गया  ,

हरेक किस्सा याद आता  , चला गया  ,

आज फिर से दिल  , जिंदगी की  ,

भाग - दौड़ में खो गया  , हमारे सामने   || 


कुछ पलों के लिए , दोस्तों  ,

वो सुंदर और यादों में , बसा जमाना  ,

जीवंत हो उठा , हमारे सामने  ,

हम भी मुस्कुरा उठे  , दोस्तों  ,

देखकर खुली आँखों के  , ये सपने ,

और वापस आ गए हम , आज में   || 

 


Monday, October 12, 2026

ULJHANN ( JIVAN )


                         उलझन 


मन की बात , कौन समझा है दोस्तों  ?

अपने ही मन की बात , छिपी रहती है मन में  ,

दूजों के मन की बात  , कैसे समझ सकते दोस्तों  ??


बातों की उलझन ही में  , दिल उलझा जाता  ,

उसी उलझन को , कोई ना सुलझाता  ,

कहने से शायद  , ये उलझन सुलझे दोस्तों   || 


दोस्तों से जो मन खोला , सुलझेगी उलझन  ,

तो खोलो अपना मन  , सुलझाओ उलझन  ,

खुद भी समझ जाओ  , अपने मन की उलझन  ,

दोस्तों को भी समझाओ , अपने मन की उलझन  ,

खोल दो उलझन की गाँठें  , मुस्कुराओ दोस्तों   || 


Sunday, October 11, 2026

POOREY KHWAAB ( PREM )


                  पूरे ख्वाब 


ना हूँ मैं गीतकार , और ना संगीतकार  ,

मगर मेरी लेखनी है , शब्दों का खजाना ,

उन शब्दों से  , गीत जन्म  ले  लेते हैं  ,

मेरा दिल उन गीतों में  , प्यार भर देता है   || 


मेरे दिल में प्यार का , सागर है  दोस्तों  ,

जो शब्दों से मिलकर  , प्यारे गीत बनाता है  ,

दिल में प्यार के साथ  , संगीत भी है दोस्तों  ,

जो गीत को , संगीत भी दे देता है   || 


ये सब मुझे ना गीतकार बनाता है  , ना संगीतकार  ,

ना ये सब मेरा , व्यवसाय है दोस्तों  , 

ये तो मेरे  , दिल की आवाज है  ,

मेरी लेखनी से , जन्में शब्द हैं   दोस्तों   ||  


मेरा शौक , मेरा प्यार हैं  ये  सब ,

जो मुझे सुकून और , मुस्कानें देता है दोस्तों  ,

यही सब तो मेरे ख्वाब  , पूरे कर देते हैं  ,

ख्वाब पूरे होना ही तो  , आँखों में चमक ला देता है ||

 

Saturday, October 10, 2026

MAHAKTIN MUSKANEN ( PREM )


                  महकतीं मुस्कानें  


मुस्कान जो चमकेगी , सारा जग मुस्काएगा  ,

कलियाँ जब चटखेंगी ,सारा चमन रंगों  से भर जाएगा  ,

फूलों के खिलने से तो  , सारा जहां महक जाएगा   || 


अब खिलाओ मुस्कानें , जहां को महका दो  ,

दोस्तों यही तो रास्ता है सुंदर  , इसी पर चल दो  ,

चलते - चलते हुए दोस्तों  , मंजिल को पा  लो  || 


रंगों भरी इस दुनिया में  , इंद्रधनुष सजा दो  ,

नीचे चमन सजेगा  , आकाश में इंद्रधनुष  ,

इस सबसे दोस्तों  , आँखों में चमक जगा दो   || 


अब देखो दोस्तों  , ये महका रंगीन जहां  ,

कैसा रंग बिखराएगा  , प्यार उगाएगा  ? 

ये प्यार ही  तो  , इस जग को सुंदर बनाएगा   || 


Friday, October 9, 2026

USS PAAR ( JIVAN )


                        उस पार  


जीवन की लंबी राहें , धीरे से होंगी पार  ,

खुशियाँ आएँगी हर दम  , महकेगा सारा संसार  || 


कदम - कदम , चलते - चलते  , राहें होतीं पार  ,

मुस्कानें खिलतीं हैं होठों  ,   दिल में भरता प्यार   || 


साथ मिलता है जब ,  दोस्तों  का ,

दिल भी खिल जाता है  ,

जीवन की राहों में तब , रंग हरेक भर जाता है  || 


ऐसे ही बीतेगा जीवन , प्यार में डूब - डूब के  ,

मुस्कान लिए हम पहुँचेंगे फिर  ,

जीवन के उस पार , हाँ दोस्तों  , उस पार   ||