सोच
सोच - सोच के जो चले , हर सोच है अलग ,
एक सोच मुस्कान की , दूजी सोच है उदास ,
कौन सी सोच अपनाओगे दोस्तों ??
दिल जो सोचे , उससे उमड़े मुस्कान ,
दिमाग की सोच तो , है तर्क की खान ,
किस से तुम सोचोगे दोस्तों ??
राह पकड़ लो सोच कर , जो चमन को जाए ,
मिलेंगे फूल वहाँ पर ,जो महक फैलाएँ ,
किस तरह चुनोगे ,राह तुम दोस्तों ??
पहुँचोगे गर चमन में , तुम फूलों के बीच ,
महकेंगी साँसें वहाँ , जब रुकोगे फूलों के बीच ,
सोचो जग को कैसे , महकाओगे दोस्तों ??