Thursday, October 29, 2026

DAASTAN ( JIVAN )


                         दास्तां 


प्यार की दास्तां , तुम सुनो तो कहें  ,

क्या करेगा सुन के जहां  ?

तुम सुनो तो कहें  || 


खिल गए हैं फूल चमन में  ,

खुश्बुएँ फैल गईं हैं सहन में , 

खुश्बु को भर लो , अपनी साँसों में ,

महका लो तुम भी  ,  अपनी  साँसों  को  ,

मुस्कानें फैलेंगी तुम्हारी   || 


दूजों  को क्यों हम  , अपनी दास्तां सुनाएँ  ,

अपनों के प्यार में  ही , हम डूब जाएँ  ,

तुम सोच लो हमारी मजबूरियाँ  ,

और अपनी दास्तां , दोस्तों को सुनाएँ  ,

तभी तो मुस्कानें भी फैलेंगी  ,

तो दोस्तों तुम भी , मुस्का लो  साथ हमारे   || 

Wednesday, October 28, 2026

NEEND - SAPANEY ( JIVAN )


                 नींद - सपने 


सपनों ने जब पुकारा , कहा - नींद में डूबो ,

सो जाओगे , तब हम आएँगे  ,

दुनिया तुम्हें घुमाएँगे  ,

पहले तुम सो जाओ  || 


नींद  जब हमें आई  , सपनों में ले गई  ,

सारी दुनिया घूमी हमने  , 

सपनों में डूबे ही डूबे हम  ,

खुला मोहब्बत का दरवाजा ,और हम मुस्काए   || 


नींद और सपनों का साथ , हमेशा का है  ,

नींद में ही सपने आते हैं , 

सपनों से मुस्कान खिलती ,

नींद जरूरी है जीवन के लिए , सपनों के लिए  || 


तो शांत मन से , चैन से सोकर ,

सपनों का आनंद , लीजिए दोस्तों  ,

घूमिए दुनिया , मुस्कुराइए , खिलखिलाइए   || 



SHIKSHAK AUR GURU ( JIVAN )


                    शिक्षक और गुरु 


जब हम छोटे बच्चे थे  , विद्यालय गए  ,

वहाँ कुछ शिक्षक थे दोस्तों  , कुछ गुरु थे  ,

दोनों का सिखाने  का , ज्ञान देने का ,

तरीका अलग था ,   शिक्षक पुस्तकें पढ़ाते थे  ,

मगर गुरु जीवन के चारों तरफ के  ,

ज्ञान को समझाते थे  || 


गुरु के शब्द हमारे , दिल और दिमाग तक ,

पहुँचते थे  , हमारे ज्ञान को आगे बढ़ाते थे  ,

गुरु हमें ज्ञान देने के साथ ,

अपनी मुस्कान भी बिखराते थे , 

जिससे हमें उनके , प्यार का आभास होता था  ,

और हमें सब कुछ ,अच्छी प्रकार से ,

समझ आता था   || 


उन्हीं गुरुओं को हमारा नमन है  ,

नमन है ,  नमन है  , नमन है  || 

 

Monday, October 26, 2026

NAAM ANEK ( JIVAN )


                       नाम  अनेक 


पहली बार पाठशाला गए हम ,जो घर के पास थी  ,

एक ही गुरु जी , अलग - अलग कक्षा के बच्चे थे  || 


बहुत खुशी के साथ , हम गए पाठशाला  ,

मगर मन में एक विचार था  , सबसे अलग ,

अगर अपना नाम बदलें हम  || 


माँ ने लिखाया , मिथलेश हमारा नाम  ,

दो दिन में हमारे बाबूजी , मिलने गए गुरु जी से ,

हमने बाबूजी से कहा , हमारा नाम बदलो  ,

क्या लिखवाऊँ  बोलो , हम बोले - ममता  || 


बाबूजी ने ममता नाम लिखवाया  ,

हँसे गुरु जी और नाम बदल गया ,

तीन दिन बाद हमने , पकड़ा बाबूजी का हाथ  , 

गए पाठशाला और ममता से , उषा नाम कराया  ,

गुरुजी  और बाबूजी दोनों हँस दिए  || 


उसके बाद तो  हमने चुने , नए - नए नाम अपने लिए ,

सरोज ,सुषमा ,मधु ,दीपा ,गीता ,बीना , मीता ,

सभी नाम बदलवाए , मगर दोस्तों ये तो  ,

बाद में पता चला , वो सभी  नाम तो ,

जुबानी बदले गए थे  , गुरुजी और बाबूजी ,

दो दिन एक नाम से बुलाते और , नाम बदल जाता   || 


दोस्तों यह सब सोच कर तो ,

आज भी हम हँस देते हैं  ,

अपनी इस सोच पर , नाम बदलवाने की   || 









 








Sunday, October 25, 2026

SAMAJHDAARII ( JIVAN )


                          समझदारी 


समझने वालों अपनी , समझ को समझा लो ,

अधिक कोशिश ना करें  , 

इस समझदार जहां को समझाने की ,

क्यों कि सारा जहां ही समझदार है    || 


समझना है तो समझो , प्रकृति को  ,

अपनी समझदारी दिखाओ , प्रकृति को बचाओ  ,

प्रकृति के साथ जुड़कर , समझदारी दिखाओ   || 


प्रकृति बचेगी तो धरा बचेगी  , 

तुम्हारी समझदारी से ही  , धरा बचेगी  ,

धरा ने अपना खजाना खोला  ,तुम्हें दिया  ,

ये  की समझदारी थी  , 

अब तुम समझदारी दिखाओ दोस्तों  ,

समझदार बनकर  , समझदारी दिखाओ   || 








 


Saturday, October 24, 2026

PARIVARTAN ( JIVAN )


                       परिवर्तन 


हमारी पीढ़ी ने अपने , बड़ों की बातें मानीं   ,

हमारे माता - पिता  , दादा - दादी , नाना - नानी ,

हमसे अगली पीढ़ी  ने , किसी की नहीं सुनी ,

ना माता - पिता ,दादा - दादी ,नाना - नानी  || 


अब अगली पीढ़ी , जो स्कूलों में है , 

उसने तो मोबाईल की , ही बात सुनी ,

उसी का अनुसरण किया , उसी की मानी  ,

ये सब उदाहरण हैं दोस्तों , परिवर्तन   || 


आने वाली पीढ़ियाँ , क्या करेंगी  ?

किसकी बातें सुनेंगीं , और किसकी मानेंगीं  ?

उनके सामने तो हैं , गूगल , जैमिनी  ,

आर्टिफिशियल  इंटैलिजेंस , सोचो दोस्तों  || 


दुनिया में  परिवर्तन ही ,आता जाता है  ,

सोच में , कर्मों में परिवर्तन  ,

आने दो ये परिवर्तन दोस्तों  ,

परिवर्तन ही तो जीवन है दोस्तों   || 




Friday, October 23, 2026

SACHCHAA ROLL ( KSHANIKAA )


                        सच्चा रोल 


जब ना समझे तुम  , दूजों की भावना  ,

तो कैसे चाहते हो  , मुस्कानों की कामना  ?

मुस्कान तो आती है  , जब हो सत्य की भावना  ,

समझ लो दोस्तों तुम  , दूजों की भावना  || 


कीमत तो दूजों की भावना की , होती अनमोल  ,

समझो उस कीमत को , चुका दो तुम मोल  ,

निभा लो उस भावना को  , निभा लो अपना रोल  ,

जो दिया ईश्वर ने , तुम्हें है रोल   || 


अपनी भावना समझा लो  , समझो दूजों की भावना  ,

ना करो कभी किसी की  , तुम अवमानना  ,

थाम कर हाथ दोस्तों का  , आगे बढ़ चलो  ,

तभी तो निभा पाओगे  , तुम सच्चा रोल ,

ईश्वर का दिया रोल  , सच्चा रोल  , सच्चा रोल   ||