मुक्तक - 3
नहीं एक महिला दिवस , साल में एक बार ,
हर दिन होता है दोस्तों ,हर दिन और हर वार ,
महिला ही है इस , जीवन का आधार ,
दाता ने ही बनाया , उसको शक्ति का अवतार ||
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