Monday, March 30, 2026

MUSKAANON KO ( KSHANIKAA )

 

                            मुस्कानों  को 

 

दुनिया के इस रंगमंच पर  , अनेकों किरदार हैं  ,

कुछ की आँखों में  आँसू , कुछ में चमकार है  ,

कुछ के होठों पर आहें  , कुछ पर फैली मुस्कान है   || 

 

सब का अपना - अपना भाग्य , जो लिखा रचेता ने  ,

 सब की अपनी - अपनी मेहनत , जो लिखी स्वयं  ने  ,

दोनों जो जीवन में मिल जाएँ  , तो फैलेगी मुस्कान  || 

 

अगर कोई कमी रही  ,  तो फैलेंगी आहें  ,

मेहनत में कमी ना छोड़ो  , तभी तो आएगी मुस्कान  ,

तो खिलाओ मुस्कानों को  , अपना लो मुस्कानों को  || 

 

सब को अपना - अपना  , किरदार   निभाने दो  ,

तभी तो रंगमंच सजेगा  , सज कर पूर्ण होगा  ,

सारे जग का दिल बहलाएगा  , आनंदित करेगा   ||  

 

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