मुस्कानों को
दुनिया के इस रंगमंच पर , अनेकों किरदार हैं ,
कुछ की आँखों में आँसू , कुछ में चमकार है ,
कुछ के होठों पर आहें , कुछ पर फैली मुस्कान है ||
सब का अपना - अपना भाग्य , जो लिखा रचेता ने ,
सब की अपनी - अपनी मेहनत , जो लिखी स्वयं ने ,
दोनों जो जीवन में मिल जाएँ , तो फैलेगी मुस्कान ||
अगर कोई कमी रही , तो फैलेंगी आहें ,
मेहनत में कमी ना छोड़ो , तभी तो आएगी मुस्कान ,
तो खिलाओ मुस्कानों को , अपना लो मुस्कानों को ||
सब को अपना - अपना , किरदार निभाने दो ,
तभी तो रंगमंच सजेगा , सज कर पूर्ण होगा ,
सारे जग का दिल बहलाएगा , आनंदित करेगा ||
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