Tuesday, March 17, 2026

MANJIL PAA JAAO ( KSHANIKAA )

 

                    मंजिल पा जाओ 

 

समय की धारा में , सभी को बह जाना है  ,

अपनी - अपनी मंजिल को  , सभी ने तो पाना है  ,

इस दुनिया की हर राह को , सभी ने पार करना है ,

हँस कर सभी ने तो , ये जीवन बिताना है   || 

 

अपनी राहों को देख लो , समझ लो दोस्तों  ,

तभी तो तुमने अपना , पहला कदम बढ़ाना है  ,

जिंदगी में आए रिश्तों को ,बना तो लोगे तुम ,

मगर ये सोचकर आगे  बढ़ना , किसको तुम्हें निभाना है  ?? 

 

जो तुम्हें प्यार दे , तुम्हारे प्यार के बदले ,

जो तुम्हारे दो कदम के सामने ,बढ़ाए दो कदम ,

थाम लो तुम हाथ प्यार से , उसी का दोस्तों  ,

क्योंकि उसी के साथ मिल कर , ये रिश्ता निभाना है  || 

 

तभी तो समय की धारा के , पार तुम जा पाओगे  ,

जीवन अपना और दूसरे  का भी , सफल बना पाओगे  ,

चलो तो हाथ पकड़ो , मुस्कुराओ और दोस्तों  ,

मंजिल अपनी पा जाओ , मंजिल अपनी पा जाओ   || 

 

No comments:

Post a Comment