Monday, March 16, 2026

DIL CHAAHTAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                             दिल चाहता है 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

ऊपर नीले गगना में उड़ जाऊँ मैं  ,

ऐ पंछी दो पंख उधार दे दे मुझे  ,

गगना में जाकर बदरा  संग  झूल  जाऊँ मैं  ,

चंदा को भी पास से देख आऊँ मैं  ,

पंछी तेरा बहुत  एहसान होगा मुझ पर   || 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

सागर की लहरों  लेट कर तैरती रहूँ  ,

चंचल लहरों संग मैं खेलती रहूँ ,

लहरों का प्यार पाऊँ और अपना प्यार दूँ  ,

सागर बुला मुझे और तैरना सिखा मुझे   || 

 

कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों  ,

चमन में फूलों के बीच ,

फूलों की तरह खिल जाऊँ मैं  ,

रंगीन तितलियों को अपने पास बुलाऊँ मैं  ,

अपनी महक को फैलाकर , चमन को महकाऊँ मैं  ,

ऐ फूलों महकना सिखा दो मुझे  ,

तितलियों से बात करना भी सिखा दो मुझे   || 

 

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