दिल चाहता है
कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों ,
ऊपर नीले गगना में उड़ जाऊँ मैं ,
ऐ पंछी दो पंख उधार दे दे मुझे ,
गगना में जाकर बदरा संग झूल जाऊँ मैं ,
चंदा को भी पास से देख आऊँ मैं ,
पंछी तेरा बहुत एहसान होगा मुझ पर ||
कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों ,
सागर की लहरों लेट कर तैरती रहूँ ,
चंचल लहरों संग मैं खेलती रहूँ ,
लहरों का प्यार पाऊँ और अपना प्यार दूँ ,
सागर बुला मुझे और तैरना सिखा मुझे ||
कभी - कभी दिल चाहता है दोस्तों ,
चमन में फूलों के बीच ,
फूलों की तरह खिल जाऊँ मैं ,
रंगीन तितलियों को अपने पास बुलाऊँ मैं ,
अपनी महक को फैलाकर , चमन को महकाऊँ मैं ,
ऐ फूलों महकना सिखा दो मुझे ,
तितलियों से बात करना भी सिखा दो मुझे ||
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