Thursday, April 23, 2026

MATLABII ( SAAMAAJIK )

 

                             मतलबी 

 

शब्दों की शृंखला में ,

 एक शब्द है दोस्तों , मतलब  ,

मतलब की सीढ़ी पर ,

चढ़ने वाला कहलाता है , मतलबी  || 

 

जब कोई  अपना लाभ देखता है ,

साथ ही करता है दूसरे की हानि ,

यह होता है मतलब  ,

और ऐसा करने वाला कहलाता है , मतलबी  || 

 

ऐसे व्यक्ति को पास मत रखो दोस्तों ,

दूर कर  ऐसे व्यक्ति को ,

तो सुखी रहोगे दोस्तों , सुकून से रहोगे दोस्तों   || 

 

अपना सुख और सुकून चुन लो दोस्तों  ,

मुस्कानों की दुनिया में , प्यार की दुनिया में  ,

अपने दोस्तों के साथ , खुश रहो दोस्तों   ||  

 

 

 

 

Tuesday, April 21, 2026

BHAAVANAA ( GEET )

 

                                भावना 

 

प्यार की कदर , कोई ना जाने ,

अपने भी बन जाएँ अनजाने  ,

प्यार तो मन की भावना है  , सुंदर सी कामना है  ,

जिसको तो इस दुनिया में , कोई नहीं पहचाने  || 

 

आओ हम प्यार की , दुनिया बसाएँ ,

जीवन को सुंदर बनाएँ  , 

 जग में प्यार फैलाएँ  , दिलों में प्यार जगाएँ  ,

फिर तो हर कोई इस दुनिया में , लगेगा इसे अपनाने   || 

 

रंग प्यार के बस जाएँगे दिल में  ,मुस्काएँगे होंठ  ,

मुस्कानें जब जागेंगी , सबके दिलों में ,

तभी तो प्यार का संसार ,

हर कोई पहचाने , हर कोई पहचाने  || 



 

Monday, April 20, 2026

YAADEN PURAANII ( KSHANIKAA )

 

                                      यादें पुरानी 

 

पुराने दिन तो बीत गए  दोस्तों , यादें पीछे छोड़कर ,

माता - पिता के साथ हुआ , जीवन अपना शुरु दोस्तों ,

कुछ बड़ा होने पर , दोस्त बने अपने भी ,

घर वालों का और , दोस्तों का भरपूर प्यार मिला   || 

 

जीवन आगे बढ़ने लगा , स्कूल में अध्यापक और दोस्त मिले ,

प्यार भरी राहों पर हमारे , कदम बढ़ चले  ,

जीवन में हर राह , सुंदर बनती चली गई   || 

 

उम्र भी बढ़ती गई  , जीवन का रूप बदलता गया ,

प्यार से आँचल भरता गया  , ईश्वर का आशीष मिलता रहा  || 

 

दोस्तों जीवन की यादों ने ही , हमारे होठों पर मुस्कान सजाई  ,

ये यादें ही तो हमारी पूँजी है , यही हमारा धन है  ,

इसी से तो हमने पाई मंजिल है  ,

यादों का खजाना हमारे पास है   || 

 

KHAJAANAA ( GEET )

 

                            खजाना 

 

अपने आँचल में भर लो दोस्तों  , खजाना मुस्कानों का  ,

कुछ -  कुछ को  बाँट दो दोस्तों , खजाना मुस्कानों का  || 

 

दोगे  जब  तुम  मुस्कानें , सभी के होठों को ,

चमक आँखों की बढ़ेगी , खिलेंगी और मुस्कानें  ,

जीत जाओगे तुम देकर , खजाना मुस्कानों का   || 

 

पलेगी खनक तुम्हारी आवाज में , जीवन भी नजर आएगा  ,

उसी खनक से तो दोस्तों  ,खिलेंगी सबकी मुस्कानें  ,

उसी खनक से तो फैलेगा , खजाना मुस्कानों का   || 

 

हाथ अपना बढ़ाओगे तुम , मदद का किसी ओर  ,

तो पाओगे तुम मुस्कानें , बदले में उसी ओर ,

तो बढ़ जाएगा दोस्तों  , खजाना मुस्कानों का  ,

तुम्हारी मुस्कानों का  , तुम्हारी मुस्कानों का   || 

 

Saturday, April 18, 2026

HAVAA AUR PAANII ( KSHANIKAA )

 

                         हवा और पानी 

 

हवा - पानी हैं दोनों  , रंगहीन  ,

उनमें रंग ना मिलाओ , गंदगी का ,

स्वच्छता ही उनकी जिंदगी है ,

स्वच्छता ही हमारी जिंदगी है  दोस्तों  || 

 

दोनों ही बहुत कीमती हैं , हवा और पानी ,

  जीवन हमें देते हैं , हवा और पानी  ,

अगर स्वच्छता ना रखी , तो खत्म हो जाएँगे , 

हवा  और पानी दोस्तों  , हवा और पानी  || 

 

तो समेट लो दोस्तों  , हवा और पानी , 

सहेज लो दोस्तों  , हवा और पानी  ,

जीवन खुद ही संवर जाएगा ,

सुखी बन जाएगा दोस्तों   || 

 

Friday, April 17, 2026

SAINIKK ( DESH )

 

                           सैनिक 

 

संदेस हमारे प्यार का ,हर सैनिक तक पहुँचा दो  ,

हमारे दिल का सलाम , हर सैनिक तक पहुँचा दो  ,

हमारा सारा सम्मान , हर सैनिक तक पहुँचा दो   ,

हमारे जुड़े हाथों का प्रणाम  , हर सैनिक तक पहुँचा दो   || 

 

देश भर के लोगों का  , आशीष मिले हर सैनिक को  ,

देश की मिट्टी का  , सम्मान मिले  हर सैनिक को  ,

भारत माता का  सारा , प्यार मिले हर सैनिक को  || 

 

उन्हीं के दम से तो , देशवासी चैन से सोते हैं  ,

उन्हीं के दम से तो ,  रंगों के त्योहार   रंगीले  होते हैं  ,

उन्हीं के दम से तो  , मुस्कानें देश में बसती हैं  ,

उन्हीं के दम से तो  , देशवासियों की हस्ती है  ,

उन्हीं के दम से तो  , तिरंगा गगन में छाता है  ,

तिरंगा गगन में , लहर - लहर लहराता है  ||  

 

Thursday, April 16, 2026

SAARAA JAG ( KSHANIKAA )

 

                      सारा जग 

 

कलियाँ चटखीं जब चमन में , 

महक फैली पूरे सहन में ,

आँखें चमकीं , दिल महक गया , 

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही महक गया  || 

 

होठों पे मुस्कान जगी , दिल की धड़कन बढ़ी  ,

जब देखीं तितलियाँ , उड़ती हुई  ,

उन तितलियों से चमन , खिल उठा रंगों से  ,

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही खिल गया   || 

 

तितलियाँ पकड़ने के लिए , बच्चे दौड़े  ,

उनकी किलकारियों से चमन , गूँज उठा  ,

बच्चों की दौड़ और , किलकारियों की गूँज से  ,

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही गूँज उठा   || 

 

Wednesday, April 15, 2026

NAII SUBAH ( KSHANIKAA )

 

                               नई सुबह 

 

 सूरज ने दी आवाज  , जागो - जागो सुबह हुई  ,

सारे पेड़ - पौधे , और जीव - जंतु जाग उठे  ,

पवन भी खुश होकर  , उड़ चली दोस्तों   || 

 

पंछियों ने गुनगुनाना शुरू किया  ,

 जग में मानो प्यार जाग उठा  ,

फूलों ने भी महक फैलाई  , 

तितलियों की भी फर - फर उड़ाई दोस्तों   || 

 

दिन बढ़ चला शाम की ओर ,

मानो किसी ने खींची डोर  ,

संध्या आई और रात तक पहुँची  ,

दुनिया सारी की सारी , नींद में डूबी दोस्तों   || 

 

Tuesday, April 14, 2026

BADAL DO ( KSHANIKAA )

 

                                बदल दो 

 

एक दुनिया सपनों की  , एक है यथार्थ की  ,

 एक राह फूलों की  , एक है काँटों की  ,

किसको चुनना चाहिए  , हमें दोस्तों  ??

 

चुन  लो  सपनों  की दुनिया , 

कोशिशों और मेहनत से ,बदल दो उसे  यथार्थ में  ,

और जोर से खिलखिलाइए  दोस्तों   ||  

 

अब राह चुनो काँटों की  , करो मेहनत , करो कोशिश ,

बदल दो काँटों को ,फूलों में दोस्तों  ,

और लगा दो दौड़ , फूलों की राह में दोस्तों   || 

 

दोस्तों अपनी यथार्थ की दुनिया को , बदल कर रख दो  , 

मुस्कानों और हँसी में डूबी दुनिया में  ,

दोस्तों अपनी काँटों भरी राहों को बदल दो  ,

सुगम और सुंदर महकों भरी राहों में  ,

तभी जीवन खिलखिलाएगा  , और महकेगा दोस्तों   || 

 

Monday, April 13, 2026

VENUS ( KSHANIKAA )

 

                           वीनस 

 

रवि चल दिया अपने घर को  , पूरा दिन बिता के  ,

रवि  के जाते ही  , एक नन्हा चमकता तारा दिखा ,

मगर ये तारा नहीं है , हमारे सौर - मंडल का  ,

सबसे सुंदर ग्रह है  , वीनस अर्थात  शुक्र   || 

 

वीनस नाम है , सुंदरता की देवी का  ,

इसीलिए शुक्र को , नाम दिया गया है वीनस  ,

क्यों कि यह  सुंदरता का , एक  अनुपम उदाहरण है   || 

 

दोस्तों इस सुंदरता का , तुम भी  आनंद लो  ,

और दर्शन करो  , वीनस के ,

और इस जग की , प्यारी सुंदरता को निहारो  ,

और मुस्कान को खिला लो , होठों पर   || 

 

Sunday, April 12, 2026

PYAAR KHOOB ( AADHYAATMIK )

 

                              प्यार खूब  

 

ईश्वर तेरी बनाई , इस सुंदर दुनिया में ,

क्यों मानव आपस में लड़ता है  ?

एक - दूजे को मारता रहता है  ,

क्यों दर्द दूजों को देता है   ?? 

 

क्या प्यार नहीं , उसके दिल में ?

क्या धड़कन नहीं , उसके दिल में  ?

क्यों प्यार को नहीं , पहचाने वो  ?

क्यों धड़कन को नहीं  , पहचाने वो   ?? 

 

क्या चमन में खिलते , फूलों को देखकर  ,

मुस्कान नहीं आती होठों पर  ?

 क्यों  महक फूलों की   ,उसकी साँसों को ,

महकाती नहीं अंतर्मन को   ??

 

क्यों ईश्वर तुमने मानव के दिल को , 

ये सुंदर गुण नहीं दिए  ?

क्यों दिमाग ही मानव के , विकसित खूब किए तुमने  ?

विकसित तुम दिल को कर दो ,

धड़कनों में तुम प्यार भर दो  ,

प्यार खूब , खूब  , खूब भर दो   ||  

Saturday, April 11, 2026

MILII SIIKH ( KSHANIKAA )

 

                          मिली हुई सीख 

 

समय अपनी चाल से चलता रहता है  , 

चाहे वह गम में डूबा हो , या मुस्कान में  ,

तो दोस्तों भूल जाओ उस गम को  ,

मगर उसने जो सिखाया , वह मत भूलना ,

वह सीख जो गम ने सिखाई ,

वही आपको आगे का रास्ता दिखाएगी  || 

 

यदि गलती कोई हुई है आपसे   ,

 तो अपनी जिंदगी की किताब से  ,

उस  गलती वाले पन्ने को फाड़ दो दोस्तों  ,

और पूरी किताब को संभाल लो  ,

बस उस  गलती को  ,

फिर मत दोहराना दोस्तों  , जिंदगी संवर जाएगी  || 

 

हर सीख जो किसी भी , राह में मिलती है  ,

वह हमें नई राह दिखाती है , राहों को आसान बनाती है ,

वही सीख हमारी मुस्कानों को बढ़ाएगी , समझ गए ना   ||  

Friday, April 10, 2026

WAKT KII BAAT ( KSHANIKAA )

 

                         वक्त की बात  

 

छोड़ो  कल की बातें  , कल की बात पुरानी ,

आने वाले कल की  , सारी बातें  सपनी  ,

आज की ही बातें दोस्तों  , हैं सिर्फ अपनी   || 

 

बीते कल को दोस्तों  , बदला नहीं जा सकता  ,

आने वाले कल के बारे में , सोचा नहीं जा सकता  ,

आज को ही दोस्तों  , एन्जॉय किया जा सकता   || 

 

आज का दिन भी दोस्तों  , कल को कल हो जाएगा  ,

आने वाला कल भी कल को  , आज हो जाएगा  ,

ये तो वक्त है दोस्तों  , प्रतिपल  , प्रतिक्षण ,

बदलता जाता है , बीतता ही जाता है   ,

तो अफसोस ना करना दोस्तों  ,

अच्छा हो या बुरा  , सारा वक्त बीत ही जाता है   || 

 

NIINV ( KSHANIKAA )

 

                                 नींव 

 

सपने तो जीवन की , नींव  हैं दोस्तों  ,

जैसे हर इमारत नींव पर  , खड़ी होती है  ,

वैसे  ही जीवन  सपनों पर  , ही खड़ा होता है  || 

 

मानव अपने सपने पूरे , करने की कोशिश करता है  ,

उसकी कोशिशों से  , कई सपने पूरे होते हैं  ,

मगर कुछ सपने कोशिशों के , बावजूद भी पूरे नहीं होते  || 

 

जो सपने पूरे हो जाते हैं  , वही जीवन को खड़ा करते हैं  ,

जो सपने अधूरे रह जाते हैं  , वो सपने कहीं खो जाते हैं  || 

 

पूरे हुए सपने ही जीवन का , स्तंभ बन जाते हैं  ,

तो दोस्तों अपनी पूरी , कोशिशों को लगा दो  ,

और अपने सपनों को  , पूरा करने में लगा दो  ,

यही अपने जीवन का लक्ष्य बना लो   || 

 

Wednesday, April 8, 2026

GOONJ ( KSHANIKAA )

 

                          गूँज 

 

सारी दुनिया में , आवाजों का शोरगुल है  ,

कानों में उन आवाजों की ,  गूँज हमेशा है  ,

इस शोर को कौन  , कम कर सकता है  ?

कौन उसकी गूँज को  , खत्म कर सकता है   ??

 

दुनिया को खिलखिलाहटों में , डुबा लो यारों  , 

साथ में तुम भी खूब  , खिलखिला लो यारों  ,

जिंदगी में खिलखिलाहटें होंगी  , 

तभी तो जिंदगी सुंदरतम , स्थान  पाएगी यारों   || 

 

दुनिया की राहें इतनी , सुंदर हो जाएँगी  ,

कि हर कोई सुगमता से  , उन पर दौड़ जाएगा  ,

और जीवन को हँसी में , डुबा लेगा यारों   || 

 

Tuesday, April 7, 2026

INDRADHANUSH JAGMAGAAYAA ( KSHANIKAA )

 

                          इंद्रधनुष  जगमगाया  

 

रवि किरणों में छिपे हैं  , सात रंग  ,

पर आँखें देख पाते हैं  , एक ही रंग  ,

वो है रंग सफेद  , जिसमें छिपे सातों रंग   || 

 

 ये सब क्या जादू है , रवि किरणों  का  ?

कौन इसे सुलझाएगा  ? क्या रवि   ?

रवि तो वर्णन नहीं  कर पाएगा   || 

 

मानव ने ही इस जादू को सुलझाया  ,

प्रिज़्म  बनाकर  ,

जिसने रवि किरणों के रंग अलग बिखराए  ,

हर रंग को अलग - अलग दिखलाया   || 

 

रवि ने तो गगन की ऊँचाई में  ,

वर्षा ऋतु में  , बरखा के बाद  ,

रंग अलग छनकाए , और इंद्रधनुष जगमगाया   || 

 

Monday, April 6, 2026

ABHILAASHAAEN ( KSHANIKAA )

 

                            अभिलाषाएँ 

 

अभिलाषा का अर्थ है गहरी इच्छा  ,

जो हम दिल की गहराइयों से चाहते हैं  ,

यही हमारी अभिलाषा है ,यह तो हमारे दिल की भी है , 

अब हम फूलों की अभिलाषा ,जानने की कोशिश करते हैं  || 

 

फूल जब खिलते हैं चमन में , 

तो मानव उनके सौंदर्य ,और महक में डूब जाता है ,

फूल तोड़कर उनका उपयोग ,विभिन्न रूपों में करता है  || 

 

फूलों की अपनी अभिलाषा और चाहतें हैं ,

ईश्वर के चरणों में चढ़ाया जाऊँ ,

मंदिरों और ईश्वर की सज्जा में ,प्रयोग किया जाऊँ ,

मानव तू मेरी अभिलाषा ,पूरी कर दो दोस्त  || 

 

नारी के अनोखे और सुंदर बालों में ,

गजरे और सुंदरता के ,रूप में सजाया जाऊँ  ,

क्या मानव तुम मेरी अभिलाषा पूरी करोगे  ??

 

सभी के चमन और घरों को ,सजाऊँ  और महकाऊँ ,

क्या मानव तुम मेरी अभिलाषा , पूरी करने में मदद करोगे  ?? 

 

 एक सबसे बड़ी अभिलाषा  हमारी है मानव  ,

हम वीरों की राहों को सुंदर बनाएँ और महकाएँ  ,

वो वीर जो देश पर जान कुर्बान करने चल देते हैं  ,

और देश , देशवासियों को सुरक्षित रखते हैं  ,

वही हमारे आदर्श हैं , प्रेरणा हैं  ,

तो मानव करो हमारी अभिलाषा पूरी   || 

 

Sunday, April 5, 2026

PYAAR KII RAAHEN ( KSHANIKAA )

 

                                प्यार की राहें  

 

इश्क ने हम को , निकम्मा कर दिया  ,

 वरना हम भी थे दोस्तों  , कुछ काम के  ,

जिंदगी प्यार की राहों पे  , फिसलती जा रही  ,

इसी से तो राहें सुंदर  , और आसान हो गईं  || 

 

मुस्कुराहटें उभरती रहीं  , लगातार होठों पर  ,

दिल में जन्म लेते  , भावों के कारण आईं  ,

उन्हीं मुस्कानों के कारण  , तो आस - पास का  ,

वातावरण भी मिठास से  , भर गया दोस्तों   || 

 

प्यार की राहों ने हमारा  , सारा समय ले लिया  ,

अन्य किसी काम के लिए  , समय खो गया  ,

मुस्कुराहटों को तो  , हँसी में बदल दिया  ,

साथ ही दिल को भी  , खिला दिया दोस्तों    || 

 

Saturday, April 4, 2026

PYAAR KE RAASTE ( CHANDRAMAA )

 

                      प्यार के रास्ते  

 

छन - छन के आई चंदनिया  , मेरी खिड़की के रास्ते ,

अपनी चाँदी जैसी चमक से  , मुझे रंगने के वास्ते  ,

और मुझको अपना दोस्त  , बनाने के वास्ते   || 

 

मेरी मुस्कान अपनी के जैसी  , खिलाने के वास्ते  ,

चंदा से मेरी मुलाकात  , कराने के वास्ते  ,

अपनी मुस्कान का जादू  , जगाने के वास्ते   || 

 

मैंने भी दिया जवाब उसकी खुशी को  , बढ़ाने के वास्ते  ,

अब खुल ही गए थे हम दोनों के  , मिलने के रास्ते  ,

ये हैं  प्यार के रास्ते  , ये हैं  प्यार के रास्ते   ||  

 

Friday, April 3, 2026

PYAAR KE BEEJ ( KSHANIKAA )

 

                      प्यार के बीज 

 

प्यार के बीज उगा दो ईश  , मानव के दिल में  ,

इसका तो खर्चा नहीं होगा  पूरा  ,  किसी भी बिल में  ,

आज जो इस जग में हो रहा  है , ढूँढों सभी के दिल में   || 

 

मानव - मानव का बना है दुश्मन  , दुनिया के इस मेले में  ,

मानव तू कर अपना सुधार  , मत पड़ किसी झमेले में  ,

धरती पर प्यार उगा  ले , मत डूब बमों के रेले  में   || 

 

क्या मिलेगा मानव  , तुझको इसका फल  ?

इस जलजले में खत्म , हो जाएगा सारा जल  ,

नहीं बच पाएगी , मानव शुद्ध पवन  ,

फिर क्या बच पाएगा  , मानव तेरा जीवन   ?? 

 

Thursday, April 2, 2026

MASTT - BADARAA ( JALAD AA )

 

                               मस्त - बदरा 

 

मस्त - मस्त ओ कारे बदरा  , गरज - गरज कर आया तू  ,

अपनी मटकी भर लाया तू  , क्या सागर खाली कर आया तू   ??

 

तपन से धरा हो गई प्यासी  , उसकी प्यास बुझा जा तू   ,

सागर भी कुछ - कुछ है प्यासा  , उसकी भी प्यास बुझा जा तू   || 

 

तेरी मूसलधार बरखा से  , ताल - तलैया भरते जाते  ,

नदिया भी दौड़ी उछल - उछल कर  , सागर की लहरें भी उछलीं  ,

प्यास तो सागर की भी बुझ गई  , सागर की मुस्कान बढ़ी   || 

 

 पवन ने बदरा खूब उड़ाए  , दामिनी भी कड़कड़ चमकाई  ,

सब के संग हम भी मुस्काए  , बच्चे बरखा में खूब नहाए  ,

सुन के हमारी बातों को  , बदरा कैसा मुस्काय तू    ?? 

 

Wednesday, April 1, 2026

BHAVSAAGAR ( AADHYAATMIK )

 

                               भवसागर 

 

किस के नैनों में इतनी शक्ति है  ?

जो ईश्वर को भरपूर देख सके  ,

भावों से जो कोशिश कर लेगा  ,

वह ही ईश्वर के दर्शन  पाएगा   || 

 

भावों को नींद से जगा ले प्यारे  ,

उन्हीं से तू भवसागर पार कर जाएगा  ,

नहीं तो इसी भवसागर को   ,

बीच में ही तू डूब जाएगा   || 

 

भवसागर तो गहरा है प्यारे  ,

हर कोई डूब जाता इसमें  ,

जो भाव शृद्धा के लाएगा  ,

वही तो तैर कर जाएगा   || 

 

ईश जगाओ मानव के भाव  ,

तभी तो लौ लगा पाएगा  ,

ईश्वर के चरणों में मानव तू   ,

तभी तो आशीष ईश का पाएगा   ||