Wednesday, April 29, 2026

KHUDD HII ( KSHANIKAA )

 

                         खुद ही 

 

हमने तो समझी , सभी के दिल की बात  ,

हमारी बात ही ना , समझा कोई  ,

हमने  फूल बिछाए , सभी की राहों में  ,

अपनी राह में एक फूल , भी आया ना कोई  || 

 

मीठे बोल हमने , सभी को बोले दोस्तों  ,

हम तो दो , मीठे बोलों को तरसे  ,

गीत हमने भरे , सभी की जिंदगी में  ,

मगर एक प्यार भरे , बोल को हम तरसे   || 

 

क्या खता थी हमारी  ? क्या गलती थी  ?

क्यों ऐसा हमारे साथ हुआ  ?

चलो हम खुद ही , गीत लिख लेंगे  ,

हम खुद ही , गुनगुना लेंगे दोस्तों  ,

और मस्त जीवन बिता लेंगे दोस्तों    || 

 

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