Sunday, April 26, 2026

SAMAY CHAKRA ( KSHANIKAA )

 

                           समय चक्र 

 

सफर जो शुरु हुआ हमारा  , 

जन्म लेते ही राहें चल पड़ीं दोस्तों  ,

कदम जो चलना सीख कर दौड़ पड़े ,

दोस्तों का मेला - सा लग गया दोस्तों  || 

 

कदम विद्यालय में पहुँचे तो  ,

आशीष मिला गुरुओं का दोस्तों  ,

कक्षा में मिले हम को सहपाठी ,

और खेल के मैदान में तुम दोस्तों   || 

 

समय बीतता गया , कॉलेज का जमाना आया ,

और हमने आगे कदम बढ़ाया ,

दोस्तों की संख्या बढ़ती गई ,

और प्यार भी उनका बढ़ता गया  दोस्तों   || 

 

फिर गृहस्थी बसी , व्यस्तता बढ़ी  , 

जिम्मेदारियाँ भी बढ़ीं दोस्तों  ,

सब कुछ निभाते - निभाते ,

अब सेवा - निवृत्त हुए दोस्तों  ,

अब तो आती है  , उन्हीं प्यारे दिनों की याद दोस्तों   || 

 

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