गूँज
सारी दुनिया में , आवाजों का शोरगुल है ,
कानों में उन आवाजों की , गूँज हमेशा है ,
इस शोर को कौन , कम कर सकता है ?
कौन उसकी गूँज को , खत्म कर सकता है ??
दुनिया को खिलखिलाहटों में , डुबा लो यारों ,
साथ में तुम भी खूब , खिलखिला लो यारों ,
जिंदगी में खिलखिलाहटें होंगी ,
तभी तो जिंदगी सुंदरतम , स्थान पाएगी यारों ||
दुनिया की राहें इतनी , सुंदर हो जाएँगी ,
कि हर कोई सुगमता से , उन पर दौड़ जाएगा ,
और जीवन को हँसी में , डुबा लेगा यारों ||
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