प्यार के बीज
प्यार के बीज उगा दो ईश , मानव के दिल में ,
इसका तो खर्चा नहीं होगा पूरा , किसी भी बिल में ,
आज जो इस जग में हो रहा है , ढूँढों सभी के दिल में ||
मानव - मानव का बना है दुश्मन , दुनिया के इस मेले में ,
मानव तू कर अपना सुधार , मत पड़ किसी झमेले में ,
धरती पर प्यार उगा ले , मत डूब बमों के रेले में ||
क्या मिलेगा मानव , तुझको इसका फल ?
इस जलजले में खत्म , हो जाएगा सारा जल ,
नहीं बच पाएगी , मानव शुद्ध पवन ,
फिर क्या बच पाएगा , मानव तेरा जीवन ??
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