नई सुबह
सूरज ने दी आवाज , जागो - जागो सुबह हुई ,
सारे पेड़ - पौधे , और जीव - जंतु जाग उठे ,
पवन भी खुश होकर , उड़ चली दोस्तों ||
पंछियों ने गुनगुनाना शुरू किया ,
जग में मानो प्यार जाग उठा ,
फूलों ने भी महक फैलाई ,
तितलियों की भी फर - फर उड़ाई दोस्तों ||
दिन बढ़ चला शाम की ओर ,
मानो किसी ने खींची डोर ,
संध्या आई और रात तक पहुँची ,
दुनिया सारी की सारी , नींद में डूबी दोस्तों ||
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