Wednesday, April 15, 2026

NAII SUBAH ( KSHANIKAA )

 

                               नई सुबह 

 

 सूरज ने दी आवाज  , जागो - जागो सुबह हुई  ,

सारे पेड़ - पौधे , और जीव - जंतु जाग उठे  ,

पवन भी खुश होकर  , उड़ चली दोस्तों   || 

 

पंछियों ने गुनगुनाना शुरू किया  ,

 जग में मानो प्यार जाग उठा  ,

फूलों ने भी महक फैलाई  , 

तितलियों की भी फर - फर उड़ाई दोस्तों   || 

 

दिन बढ़ चला शाम की ओर ,

मानो किसी ने खींची डोर  ,

संध्या आई और रात तक पहुँची  ,

दुनिया सारी की सारी , नींद में डूबी दोस्तों   || 

 

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