Thursday, April 16, 2026

SAARAA JAG ( KSHANIKAA )

 

                      सारा जग 

 

कलियाँ चटखीं जब चमन में , 

महक फैली पूरे सहन में ,

आँखें चमकीं , दिल महक गया , 

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही महक गया  || 

 

होठों पे मुस्कान जगी , दिल की धड़कन बढ़ी  ,

जब देखीं तितलियाँ , उड़ती हुई  ,

उन तितलियों से चमन , खिल उठा रंगों से  ,

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही खिल गया   || 

 

तितलियाँ पकड़ने के लिए , बच्चे दौड़े  ,

उनकी किलकारियों से चमन , गूँज उठा  ,

बच्चों की दौड़ और , किलकारियों की गूँज से  ,

ऐसा महसूस हुआ  , सारा जग ही गूँज उठा   || 

 

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