Sunday, April 12, 2026

PYAAR KHOOB ( AADHYAATMIK )

 

                              प्यार खूब  

 

ईश्वर तेरी बनाई , इस सुंदर दुनिया में ,

क्यों मानव आपस में लड़ता है  ?

एक - दूजे को मारता रहता है  ,

क्यों दर्द दूजों को देता है   ?? 

 

क्या प्यार नहीं , उसके दिल में ?

क्या धड़कन नहीं , उसके दिल में  ?

क्यों प्यार को नहीं , पहचाने वो  ?

क्यों धड़कन को नहीं  , पहचाने वो   ?? 

 

क्या चमन में खिलते , फूलों को देखकर  ,

मुस्कान नहीं आती होठों पर  ?

 क्यों  महक फूलों की   ,उसकी साँसों को ,

महकाती नहीं अंतर्मन को   ??

 

क्यों ईश्वर तुमने मानव के दिल को , 

ये सुंदर गुण नहीं दिए  ?

क्यों दिमाग ही मानव के , विकसित खूब किए तुमने  ?

विकसित तुम दिल को कर दो ,

धड़कनों में तुम प्यार भर दो  ,

प्यार खूब , खूब  , खूब भर दो   ||  

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