मुक्तक - 4
बड़े - बड़े शहरों की राहें , भरी हुई हैं भीड़ से ,
गाड़ियों की रफ्तार से , हॉर्न के बढ़ते शोर से ,
जीवन क्या ऐसा बनाया ? दुनिया के रचनाकार ने ||
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