Sunday, March 15, 2026

MUKTAK - 6

 

                          मुक्तक - 6 

 

हवा तो उड़ती जाए , धूप चमकती जाए  ,

धूप  से सारा जग चमके  , जीवन बढ़ता जाए  ,

तभी तो सूरज अपना , जीवन दाता कहलाए   ||  

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