खेता जा
दिल की बातों को सुन ले यारा ,
उन्हीं का तो है तुझको सहारा ,
दिल बोलता हमेशा सच ही यारा ,
झूठ का कभी भी ना लेता सहारा ||
सच और प्यार से , भरी ये बातें करता ,
जिंदगी में मुस्कानों के , साथ आगे बढ़ता ,
तो दिल की ही सुन ले , दिल की सुन ले ||
कौन जाने आगे की , राहें कैसी होंगी ?
फूलों से भरी होंगी , या काँटों भरी मिलेंगी ?
तू अपने दिल - ओ - दिमाग को , तैयार अभी कर ले ||
रुकना ना कहीं भी , किसी भी हालात में ,
जीवन की नैया को कभी भी , डुबोना ना भंवर में ,
नैया को किनारे के , कम पानी में भी ना फँसाना ,
गहरे पानी में ही तू , इसे खेता जा यारा ||
दिल भी खुश होगा , दिमाग भी शांत होगा ,
तभी तो होठों पर , मुस्कान तू लाएगा ,
और अपनी नैया , पार लगाएगा यारा ||
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