कुरुक्षेत्र
हर जीवन एक कुरुक्षेत्र है दोस्तों ,
आमने - सामने खड़े सभी अपने हैं ,
कोई दुश्मन नहीं है रणभूमि में ,
सभी एक ही रचनाकार की रचना हैं ||
मगर क्यों सब एक - दूसरे के सामने हैं ?
क्यों एक - दूसरे के साथ नहीं हैं ?
जिंदगी में नफरतें क्यों फैली हैं ?
दिलों से प्यार कहाँ खो गया है ??
किसने ये सब राज जानने की कोशिश की है ?
किसने नफरतों को मिटाने की कोशिश की है ?
किसने प्यार को बाँटने की कोशिश की ?
कोशिश करके इस राज को जानने में लग जाओ दोस्तों ||
क्या रचनाकार ने ऐसी दुनिया बनाई थी ?
क्या कुरुक्षेत्र की रणभूमि , रचनाकार ने बनाई थी ?
यदि उसने बनाई , तो क्यों बनाई ?
यदि उसने नहीं बनाई , तो फिर किसने बनाई ??
No comments:
Post a Comment