दिल्ली से सागर
दिल्ली है ये दिल्ली , दिल्ली है दिल वालों की ,
हम जैसे मतवालों की , बस गए हम दिल्ली में ,
सपने पलते गए दिल्ली में , पूरे हुए हमारे सपने ||
तभी एक आवाज है आई , सागर ने आवाज लगाई ,
आ जाओ , आ भी जाओ , और हम दौड़ चले ,
सागर के प्यार में खो गए , डूब गए ,
सपने बदले , पलते गए , और पूरे हुए ||
तभी दिल्ली ने पुकारा , एक बार तो आजा ,
आए हम और प्यार में , फंस गए दिल्ली में ,
सागर ने कहा ,जोर से पुकारा ,ऐ - दोस्त ,
वापस लौट कर आ , वहाँ मत रुकना ,
और हम लौट आए , हम लौट आए ||
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