क्या होगा ?
ईश्वर ने धरा बनाई ,
उस पर जल और थल बनाए ,
फिर जीव - जंतुओं को जन्म दिया ,
जलचर और थलचर को बनाया ||
सागर , जंगल , पहाड़ , मैदान सभी में ,
जीवों का मेला लग गया बंधु ,
तब ईश्वर की सबसे बुद्धिमान रचना ,
मानव की रचना हुई बंधु ||
ईश्वर ने सभी जीवित वनस्पति ,
और जीवों को समान उपहार दिए ,
मगर मानव ने धरा पर सरहदें बनाईं ,
सभी ने अपने लिए , सब कुछ हथियाना चाहा ||
हथियाने की आपा - धापी में ,
मानव ने ईश्वर की बनाई दुनिया को ,
नष्ट करना शुरु कर दिया ,
जंगल काटे , पर्वत खोदे , जल को दूषित किया ||
आज मानव युद्ध की , उस कगार पर खड़ा है ,
कि दूसरों को नहीं , स्वयं को ही मार रहा है ,
जब मानव जीवन ही नहीं रहेगा ,
तो क्या होगा ? क्या धरा मिट जाएगी ??
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