Wednesday, July 29, 2026

SAHELII ( PREM )

 

                             सहेली 

 

कई बार हम सोचते हैं , सेवा - निवृत्ति के बाद ,

हम अकेले हैं , बच्चों के समझदार होने के बाद  ,

मगर दोस्तों ये पूरा सच नहीं है  ,

आप सब हैं  ना , हमसे बातें करने के लिए   || 

 

अरे - रे मेरी लेखनी तो है , मेरी सच्ची सहेली  ,

मेरी सच्ची दोस्त , रात - दिन साथ निभाती सहेली ,

मेरी भावनाओं को ,शब्दों में बदलती सहेली  ,

वही लेखनी जो , कागज की भी है सहेली  || 

 

दोस्तों एक ऐसा सच्चा , दोस्त हो या सहेली  ,

तुम भी अपना लो , ऐसा दोस्त या सहेली ,

जिंदगी सरल और  , सुगम हो जाएगी  ,

हाथ पकड़ेगा जब ऐसी सहेली  ( लेखनी  ) ,

दोस्तों अब तो ना , तुम अकेले हो  ,

और ना मैं ही हूँ अकेली   || 

 

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