Friday, July 10, 2026

UMRA - ANUBHAV ( KSHANIKAA )

 

                            उम्र - अनुभव 

 

उम्र है दोस्तों एक नंबर ही तो ,

क्यों गिनो बढ़ती उम्र का नंबर दोस्तों  ,

इस नंबर में छिपा है , जीवन भर का अनुभव  ,

बाँटो इस अनुभव को , आपस में दोस्तों    || 

 

जीवन भर , समेटे तुमने , धीरे - धीरे हाथों में  ,

आज उन्हीं हाथों से बाँट दो , धीरे - धीरे दोस्तों में ,

सभी दोस्त लाभ उठाएँ , उसी अनुभव से दोस्तों   || 

 

उम्र और अनुभव आपस में , जुड़े हैं दोस्तों ,

दोनों ही साथ - साथ , बढ़ते हैं दोस्तों  ,

उम्र तो बढ़ने पर , बाँटी नहीं जा सकती  ,

मगर अनुभव तो , बाँटे जा सकते हैं दोस्तों  ,

तो अनुभवों को दिल  , खोलकर बाँटो दोस्तों   || 

 

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