उम्र - अनुभव
उम्र है दोस्तों एक नंबर ही तो ,
क्यों गिनो बढ़ती उम्र का नंबर दोस्तों ,
इस नंबर में छिपा है , जीवन भर का अनुभव ,
बाँटो इस अनुभव को , आपस में दोस्तों ||
जीवन भर , समेटे तुमने , धीरे - धीरे हाथों में ,
आज उन्हीं हाथों से बाँट दो , धीरे - धीरे दोस्तों में ,
सभी दोस्त लाभ उठाएँ , उसी अनुभव से दोस्तों ||
उम्र और अनुभव आपस में , जुड़े हैं दोस्तों ,
दोनों ही साथ - साथ , बढ़ते हैं दोस्तों ,
उम्र तो बढ़ने पर , बाँटी नहीं जा सकती ,
मगर अनुभव तो , बाँटे जा सकते हैं दोस्तों ,
तो अनुभवों को दिल , खोलकर बाँटो दोस्तों ||
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