Friday, July 3, 2026

CHAMCHAMAYAA ( GEET )

 

                          चमचमाया 

 

नफरतों के काँटे , क्यों उगाए तुमने  ?

हमने तो प्रीत का , कमल खिलाया है  ,

गगना में रवि , भोर में उदित हुआ , 

रात में चंद्रमा  , चमचमाया है    || 

 

दुश्मनी कभी , किसी से ना करना  ,

दोस्ती ने मुस्कान , को जगाया है  ,

जिंदगी की राहों में , हर कदम पर  ,

दोस्तों  ने ही  , फूलों को बिछाया है   || 

 

नदियों का पानी , शीतल और मीठा है  ,

सागर ने ही , उसे खारा   बनाया है  ,

 तुम नदी के पानी , की तरह रहो दोस्तों  ,

सागर ने तुम्हें , मिलने बुलाया है   || 

 

गगना में बदरा छाए , तो बरखा बरसी , 

बरखा ने रिमझिम  , का गीत गाया है  ,

गगना ने उस  , रिमझिम में भी  ,

इंद्रधनुष अपने  , अँगना में सजाया है   || 

 

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