किनारे
जीवन है एक नदिया , सुख - दुःख दो किनारे ,
पास - पास वो रहते , पर ना मिलते हैं दोनों ,
साथ - साथ चलते रहते , पर ना मिलते हैं दोस्तों ||
कोई कितनी भी कोशिश कर ले ,
पर दोनों किनारों को मिला नहीं सकता ,
चलो हम सब मिल कर कोशिश करते हैं ,
नदिया के दोनों किनारों को मिलाने की ||
सुख - दुःख दोनों , एक साथ नहीं मिल सकते ,
बारी - बारी से तो आते , मगर साथ में नहीं ,
एक का सुख दूसरे के लिए , दुःख हो सकता है ,
पर एक का ही , सुख और दुःख एक साथ नहीं ||
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