Tuesday, May 12, 2026

DUNIYA SOCH MEIN ( AADHYAATMIK )

 

                         दुनिया सोच में 

 

एक ये दुनिया है दोस्तों , जिसमें हम हैं  ,

एक वो दुनिया है दोस्तों ,जिसमें परमात्मा है  ,

हमारी सोच में ,हमारे ख्यालों में  परमात्मा है ,

वही दुनिया तो ,इस दुनिया से अलग है   || 

 

 वो सोच ,वो दुनिया तो , बिल्कुल अलग है  ,

वो दुनिया तो प्यार में डूबी है  ,

परमात्मा के आशीष  डूबी है  ,

उस परमात्मा के साथ ही  ,

उस सोच , उस दुनिया को नमन है   || 

 

मैं तो उस दुनिया की सोच में डूबी हूँ  ,

आओ दोस्तों तुम भी ,उसी दुनिया में खो जाओ  ,

प्यार दो , सम्मान दो ,नमन करो ,उस दुनिया को  ,

तभी तो तुम्हें भी प्यार , और आशीष मिलेगा   ||  

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