Wednesday, May 13, 2026

SHRIDDHAA ( AADHYAATMIK )

               

                             शृद्धा 

 

 जीवन के साथ ही  , मृत्यु का जुड़ाव है  ,

जैसे दिन के साथ ही , रात का जुड़ाव है दोस्तों  ,

धूप के साथ छाँव भी  , जुड़ी रहती है  ,

आने के साथ ही , जाना भी जुड़ा है दोस्तों   || 

 

ईश्वर ने जिसे भी , धरा पर भेजा है  ,

किसी ना किसी उद्देश्य के  , साथ भेजा है  ,

और उद्देश्य के पूरा होने पर उसे  ,

अपने पास ही वापिस बुलाया है दोस्तों   || 

 

अपने जीवन में उसी उद्देश्य को  ,

पूरा करके , कर्त्तव्य निभा लो दोस्तों  ,

और ईश्वर के प्रति अपनी शृद्धा को  ,

अर्पण करते जाओ दोस्तों   || 

 

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