Thursday, May 28, 2026

SHAUK ( KSHANIAKAA )

   

                           शौक 

 

उम्र तो एक संख्या है यारों  ,

बढ़ती संख्या को  , कोई रुकावट ना समझो यारों  ,

हर उम्र में हम  , अपने शौक पूरे कर सकते यारों   || 

 

गृहस्थी की गाड़ी को चलाने में   ,

हम कोल्हू के बैल के समान ,

जुते रहकर अपनी संतान  , अपने परिवार को ,

चलाते रहते हैं  , मंजिल तक पहुँचाते यारों   || 

 

सेवा निवृत्ति के बाद हमें कुछ समय  ,

खाली भी मिलता है  , उसी समय को ,

हम उस शौक को , पूरा करने में लगा सकते यारों  ,

और होठों की मुस्कान बढ़ा सकते यारों    || 

 

तो जीवन में इस पड़ाव को खुशी - खुशी  ,

स्वीकार कर  यारों  ,

और नई राह को अपना लो यारों  ,

मुस्कुरा कर शौक पूरे कर यारों  ,

दोस्तों की महफिलें  सजा लो यारों    || 

 

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