Monday, May 18, 2026

EK BAAR SAKHEY ( GEET )

 

                             एक बार सखे  

 

बचपन की मीठी यादें , दे जातीं मुस्कान सखे   ,

प्यारे - प्यारे वो खेल हमें , दे जाते मुस्कान सखे  ,

रंग भरे वो खेल - खिलौने  , भर जाते दिल में रंग सखे  || 

 

जीवन में वही तो याद बसी ,बचपन के सुंदर खेलों की  ,

जीवन में वही तो प्यार बसा  , उन शरारती दिनों का  ,

क्या करें कि लौट आए बचपन  ? 

कुछ दिन को ही इक बार सखे    || 

 

तुम साथ हमारे पुकार लो  , 

उन यादों को  , उन खेलों को ,

शायद वो  दिन लौट  आएँ  ,

जीवन में फिर एक बार सखे   || 

 

No comments:

Post a Comment