दरीचे में
दिल के दरीचे में , जो हमने तस्वीर है लगाई ,
उसी ने हमारी , रातों की नींद है उड़ाई ,
वो तस्वीर तो हमें , बहुत प्यारी है ,
उसी ने तो नींद से , हमारी दुश्मनी बनाई ||
उस तस्वीर को हम , सभी को नहीं दिखा सकते ,
उसे तो हम , बेनकाब कर नहीं सकते ,
उस तस्वीर में हम , प्यार के रंग तो भर सकते ,
मगर उसे हम , दिल से मिटा नहीं सकते ||
वह तस्वीर तो हमारी जिंदगी है ,
वह तस्वीर तो हमारी बंदगी है ,
वही तो हमारा सच्चा प्यार है ,
उसी के प्यार में तो हमारा ,
दिल बेकरार है , दिल बेकरार है ||
No comments:
Post a Comment