Sunday, August 30, 2026

DUKH \ SUKH ( JIVAN )

                        

                         दुःख \  सुख 


 दुःख और सुख  , दोनों आते हैं जीवन में ,

दुःख जब आता है , हम उस रचेता को ,

याद करते हैं , और उसी के ,

आ जाते हैं पास में   || 


सुख आने पर तो  ,हम चले जाते हैं उसी से दूर ,

सुख हमें अहंकारी ,बना जाता है दोस्तों ,

सुख हमें आलसी भी , बना जाता है दोस्तों  || 


दुःख बना जाता है हमें , मजबूत और शक्तिवान ,

साथ ही दुःख हमें , सबक सिखा  जाता है दोस्तों   || 


दुःख ही एक शिक्षक है , जो कुछ तो सिखाता है  ,

सुख तो एक बहाव है , जीवन में आता है , जाता है  ,

ना कुछ देता है , ना कुछ सिखाता है दोस्तों    || 


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