समय को समय से
समय ने शोर मचाया , कहा , तुम सभी कर्म करो ,
व्यर्थ ना गँवाओ मुझे , फुर्सत के नाम पर ,
धीरे - धीरे तुम जीवन ही , व्यर्थ गँवा दोगे दोस्तों ??
यदि नहीं समझे दोस्तों , तो पूरी कोशिश करो ,
अगर समझ जाओगे , तभी तो सोचकर समय खर्च करोगे ,
समय जाने के बाद कभी , लौट कर नहीं आता दोस्तों ,
इसलिए समय को , समेट कर रखो दोस्तों ||
समेटने का अर्थ मुट्ठी में , पकड़ना नहीं है ,
मुट्ठी से तो वह , रेत की तरह फिसल जाएगा ,
समय को समय से , खर्च करो दोस्तों ||
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