खोली
दुनिया रंग - रंगीली भोले , दुनिया रंग - रंगीली ,
एक तेरी मीठी है बोली , दुनिया की कड़वी बोली ,
एक तू ही भरता है झोली , दुनिया तो लूटे झोली ||
पर तू तो है कैलाशी , ना उतरे तू धरती पर ,
आजा कभी तो आजा नीचे , हम भी सुनें तेरी बोली ||
दर्शन तुम्हारे होंगे तो , जीवन सफल ये होगा ,
सुंदरतम बन जाएगा जो ,सुन लें तेरी बोली ||
जीवन को सुंदर बना दो , ऐ - कैलाश के वासी ,
आ जाओ तुम घर हमारे , भर दो हमारी खोली ||
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