Monday, August 10, 2026

KHOLII ( AADHYAATMIK )


                       खोली 


दुनिया रंग - रंगीली  भोले , दुनिया रंग - रंगीली ,

एक तेरी मीठी है बोली , दुनिया की कड़वी बोली ,

एक तू ही भरता है झोली  , दुनिया तो लूटे झोली   || 


पर तू तो है कैलाशी , ना उतरे तू धरती पर  ,

आजा कभी तो आजा नीचे , हम भी सुनें तेरी बोली   || 


दर्शन तुम्हारे होंगे तो  , जीवन सफल ये होगा  ,

सुंदरतम बन जाएगा जो ,सुन लें तेरी बोली   || 


जीवन को सुंदर बना दो , ऐ - कैलाश के वासी ,

आ जाओ तुम घर हमारे , भर दो हमारी खोली   || 


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