Monday, August 31, 2026

KHAAREY - KHAAREY ( RATNAAKAR )

 

                            खारे - खारे 

 

पिया नदिया का पानी , मीठा और शीतल ,

गर्मी से आया पसीना , नमकीन सा  ,

दर्द में निकले आँसू  , नमकीन से  ,

जा मिले सागर से , खारे - खारे सागर से   || 

 

कहाँ से आया नमक , आँसू में    ? 

कहाँ से घुला नमक ,  पसीने में    ?

बड़ा सवाल तो यह है दोस्तों  , 

कहाँ से आया ढेर सारा , नमक  सागर में   ??

 

नदिया का जल मीठा - मीठा ,

बरखा का जल मीठा - मीठा  ,

सागर ने कहाँ से मँगा लिया  ?

इतना सारा नमक  , जो कर गया उसे नमकीन    || 

 

इतना फर्क कहाँ से आया  ?

किसने फर्क किया  ?

क्या सागर या नदिया  ?

छोड़ो , क्या हम करेंगे जानकर   ? ?

 

आज प्यार की मुस्कानें जोड़ो  ,

यही बहुत कीमती हैं  दोस्तों  ,

मेरी मुस्कान और तेरी मुस्कान  , सभी की मुस्कान  || 

 

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