Thursday, August 27, 2026

ADHATA --- PARICHAY ( PREM )


                            अधाता -- परिचय  


मैं तो हूँ सीता सखि  , सीता ही हो तुम  ,

यहाँ अधाता में हैं  , मिले हम और तुम  ,

सीता का पर्यायवाची ही हैं  हम   || 


हमारी मार्गदर्शक हैं  , एक बहती बयार सी  ,

मीठे बोल सी , जो ध्यान रखतीं सभी का    || 


  भोर की लालिमा सी , सुंदर , निर्मल , कोमल  ,

मधुर , मंजुल सी  , सखियाँ मिलीं    || 


चंपई फूल खिले हैं यहाँ  ,

कृष्ण की गीता , विष्णु की लक्ष्मी यहाँ   || 


शुद्ध प्यार बरसाने वालियाँ  ,

उस ईश्वर की , मित्रों की चित्र कथाएँ हैं यहाँ   || 


अधाता की मंदाकिनी में , हंस भी आते हैं  || 


यहाँ के प्रकाश में ,अपनी आँखों से  ,

तुम देख लो सखियों  , देख लो सखियों   || 




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