Wednesday, August 26, 2026

SANDESAA ( KSHANIKAA )


                            संदेसा 


संदेसा क्या होता है  दोस्तों   ?

अपने दिल की बात , मोबाईल पर लिखकर  ,

भेजना ही , आज की भाषा में संदेसा होता है  ,

अब से बहुत साल पहले , पत्र में दिल की बात  ,

लिखकर भेजना ही , संदेसा कहलाती थी    || 


तब तो संदेसा पहुँचने में , कई दिन लगते थे  ,

संदेसे का जवाब तो , एक सप्ताह से पहले  ,

नहीं मिल पाता था  ,

मगर आज का संदेसा तो  , फौरन ही पहुँच जाता है   || 


मगर क्या आज का , संदेसा दिल की आवाज ,

पहुँचाती है  , नहीं दोस्तों  ?

पत्र में लिखे संदेसे में तो  ,

दिल के भाव भी पहुँचते थे  ,

तो असली संदेसे तो  , वही पुराने थे   दोस्तों   || 










 


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