दोष
किसी भी विपत्ति में फँसने पर , हर कोई ,
पितृ दोष ,गृह दोष , वास्तु दोष , शनि दोष को ,
सारा दोष दे देता है दोस्तों ,
मगर वह कहीं भी , अपना दोष नहीं देखता दोस्तों ||
जरा आँखें बंद करके , अंतर्मन को देखो दोस्तों ,
थोड़ा विचार करो दोस्तों ,तो जान जाओगे ,
दोष तो तुम्हारा ही है दोस्तों ||
उस दोष को समझो दोस्तों , और उस दोष को ,
दूर करने का प्रयास करो दोस्तों ,कोशिश करोगे ,
तो अपने दोष को , दूर कर लोगे दोस्तों ||
कोशिश करने वालों की , हार नहीं होती ,
जीत हो ना हो ,मगर विपत्ति दूर करने का ,
कुछ तो हल निकलेगा , और आप ,
उस विपत्ति से बाहर , निकल ही जाओगे दोस्तों ||
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