Saturday, August 1, 2026

SARHADEN ( DESH )

 

                                 सरहदें 

 

लकीरें रचेता ने सिर्फ , हाथों में बनाईं  ,

एक हाथ में किस्मत की  , दूसरे में अपने कर्म की  ,

मानव ने लकीरें घरों में खींचीं  , ये तेरा घर ,  ये मेरा  घर  ,

घरों के बाद ये लकीरें , देशों की सरहदें बना दी गईं  || 

 

देशों में रहने वाले पहले  , दोस्त हुआ करते थे , 

मगर अब सरहदों के पार , रहने वाले दुश्मन हो गए ,

दोस्तों इन लकीरों को , अपने दिलों पर ना बनाना  ,

नहीं तो दिल भी दुश्मनी में ,डूबकर दूर हो जाएँगे   || 

 

सरहदों के पार रहकर भी , मुस्कान तुम देना  ,

दोस्त ना बना पाओ ,कोई बात नहीं  ,

उन्हें दुश्मन ना बनाना ,

फूलों की खुश्बु  , जैसा हवाओं के साथ ही  ,

दूर से तुम मुस्कुरा कर  , मुस्कानें बिखराओ  ,

बदले में तुम भी मुस्कानें पाओगे   || 

 

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