Monday, June 1, 2026

NAACH LAHARON KAA ( RATNAAKAR )

 

                        नाच लहरों का  

 

सागर तू कहाँ खो गया है  ? मैं ढूँढ रही हूँ दोस्त तुझे  ,

तू प्यार मुझे करता है सागर  , मैं प्यार बहुत करती हूँ तुझे  || 

 

हम दोनों का देखकर प्यार  , लहरें भी नाच उठती हैं  ,

उनका नाच देखकर तो , वहाँ खड़े सभी लोग मुस्काते हैं   || 

 

सागर तू भी तो मुस्काता है , ये सब देखकर  ,

जब चंचला लहरें  , नाचती हैं  , छम - छमा - छम  || 

 

सागर तेरा तो घर , सुंदर है कितना   ?

कितने सारे जीव - जंतु  , निवास करें  ?

सभी तो प्यारे - प्यारे हैं  , जो अंदर बसते हैं   ||  

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