Tuesday, June 2, 2026

JARAA - JARAA ( JALAD AA )

 

                          जरा - जरा 

 

मुस्कुराहटें मौसम की , बढ़ गईं हैं आज दोस्तों  ,

कुछ मनचले से बदरा , उड़ आए हैं आज दोस्तों  ,

कुछ बूँदें रिमझिम की  , भिगा गईं हैं आज दोस्तों  ,

दामिनी की चमक भी तो  , बढ़ गई है आज दोस्तों   || 

 

दामिनी की चमक से आँखों की ,चमक भी तो बढ़ गई है  दोस्तों  ,

चमन में फूलों की कतार ,भी तो महक गई है दोस्तों  ,

तितलियों की उड़ान भी तो  , रंगीन बन गई है दोस्तों  ,

उसी के साथ बच्चों की दौड़ , भी तो बढ़ गई है दोस्तों   || 

 

तो आओ दोस्तों हम अपनी , मुस्कानें बढ़ा लें जरा - जरा ,

अपनी आँखों की चमक को भी , हम बढ़ा लें जरा - जरा  ,

अपने बचपन को अपने पास  ,फिर से बुला लें जरा - जरा  ,

बरखा के पानी में कागज की कश्ती , तैरा  लें जरा - जरा   || 

 

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