Friday, June 5, 2026

ANOKHII CHAADAR ( CHANDRAMAA )

 

                          अनोखी चादर 

 

धरा का बना बिछौना  , कितना सुंदर है  ? 

लेटकर उस पर पाया हमने , प्यार धरती माँ का  ,

माँ की गोद में आई चैन की , नींद सुंदर सपने  ,

सपनों में घूमें हम  , सारी दुनिया   || 

 

ओढ़ लिया आसमान हमने  , चादर बना के  ,

शीतल चादर ओढ़ी जब हमने  , आई नींद चैन की  ,

सपनों की दुनिया में पहुँचे  , और दुनिया घूमे   || 

 

बीच रात में नींद खुली तो  , चादर में देखे हमने  ,

चाँद , तारे झिलमिल - झिलमिल करते  ,

दिल हमारा नाच उठा , दोस्तों खुशियों से  ,

होठों पे उतरीं मुस्कानें , चमक गईं आँखें   || 

 

काश जीवन का हर पल , ऐसे ही कटे दोस्तों  ,

दुआ है यह हमारी दोस्तों  ,

ईश इसे पूरा कर देना  , पूरा कर देना   ||  

 

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