गुनगुनाया
संगीत तुमने शुरु किया , शब्दों को हमने पिरोया ,
सुर तुमने लगाए दोस्तों , ताल को हमने लगाया ,
गीत जब बन गया दोस्तों , तब हमने उसे गाया ||
प्यार में डूबे शब्दों को , हमने दिल से लगाया ,
गीत को हमने तो , लय में हमने डुबाया ,
रंगों में डुबाकर ही , गीत को रंगीन बनाया ||
शब्द तो निकले थे दिल से ,
ताल को भी दिल ने ही बनाया ,
इन्हीं गीतों को हमने दोस्तों ,
अपने दिल से ही गुनगुनाया ,
इन गीतों की मिठास देख कर ,
जग ने भी उन्हें गुनगुनाया ||
No comments:
Post a Comment