बदला प्रकृति का
ईश्वर ने जब दुनिया बनाने की शुरुआत की ,
तो एक बड़ी गूँज हुई , जो ईश्वर के ,
पूरे कार्य को आगे बढ़ा गई ,
जो मैटीरियल था , उसे फैला दिया ,
इसे नाम मिला बिग बैंग ( बड़ी गूँज ) ||
बिग बैंग से उत्पन्न छोटे - बड़े टुकड़े ,
चारों तरफ को सभी जा बिखरे ,
बीच के टुकड़े के चारों और घूमें ,
गोल घूमते हुए सभी गोल हो गए ||
धीरे - धीरे ये पिंडठंडे हुए ,
बीच का गर्म पिंड सभी को ऊर्जा देता रहा ,
उन्हीं में से एक पिंड पर जीवन जन्मा ,
सभी जीव - जंतु , वनस्पतियाँ और मानव ||
आज मानव विज्ञान के सहारे ,
बहुत आगे बढ़ चला , मगर उसने ,
प्रकृति को तबाह कर दिया ,
और उसी का बदला , प्रकृति मानव से ,
लेती जा रही है ,
मानव को डुबाती जा रही है ||
No comments:
Post a Comment