Saturday, September 9, 2023

RAAH JIVAN KI ( JIVAN )

 

                            राह जीवन की 


महापुरुषों के लिए लिखा रहता है ,

" सादा जीवन ,उच्च विचार " 

मगर ये तो सभी की सोच होनी चाहिए ,

इसी से पता चलता है ,सभी का आचार || 


जीवन  कर्म ही ,जीवन की राह तय करते हैं ,

उन्हीं राहों पर तो हम ,ता - उम्र विचरण करते हैं || 


जीवन में जो दोस्त हैं ,उन्हें संभाल कर रखो दोस्तों ,

अगर गुम हो गए ,तो ता -उम्र नहीं मिल पाएँगे दोस्तों || 


Thursday, September 7, 2023

KHAAMOSH ULJHANEN ( JIVAN )

 

                            खामोश उलझनें 


जितना भी शोर मचे दिल में ,बाहर मत आने दो ,

ख़ामोशी की तह में उसे दबा दो ,बाहर मत आने दो ,

सभी उलझनें छिप जाएँगी ,तहों के बीच में ,

शोर में तो कोई उलझन ,दूर नहीं होती || 


धीरे से ,शांति से ,प्यार से ,उलझनों को दूर करो ,

उन्हीं उलझनों को ,तुम अपनी कोशिश कर लो ,

ईश्वर भी उन्हीं की मदद करते हैं ,

जो खुद की मदद करने को ,तत्पर रहता है || 


सफलता उन्हीं को मिलती है ,

जो मेहनत ,शांति और प्यार का रास्ता अपनाता है ,

बिना शोर ,उलझनों और ,समस्याओं का हल ढूँढता है || 


Wednesday, September 6, 2023

BAAL KRISHAN ( SMALL POEM )

 

              बाल कृष्ण  


कान्हा का जनम भयो ,

जग में आनंद छायो ,

दही ,हांडी को फोड़ -फोड़ ,

गोविंदा ,गोविंदा गूँजो | 


सब ओर से शोर उठो ,

गोविंदा आला ,रे आला ,

ख़ुशी की लहर छाई ,

कान्हा जोबंसी बजायो | 


Tuesday, September 5, 2023

BADARAA KAHE PUKAAR KE ( JALAD AA )

 

                बदरा कहे पुकार के 


नभ में छाए बदरा ,खूब घने भई खूब घने ,

बदरा बरसे जोर से ,खूब घने भई खूब घने | 


गर्जन जोआई बदरा की ,वह बोली जोर से ,

आओ - आओ बाहर तुम ,बदरा तुम्हें बुलाता है ,

देखो नजारा बरखा का ,बदरा दामिनी का मेल ,

उनकी चमक और ,गर्जन का खेल | 


सब मिल कर तुम्हें पुकार रहे ,आओ बाहर आओ ,

खेल हमारे में ,तुम शामिल हो जाओ ,

सुन लो हमारी पुकार को ,देखो इस बहार को ,

बरखा ,बदरा का हाथ पकड़े ,

नीचे आई तुम्हें प्यार देने ,तुम भी दो इन्हें थोड़ा प्यार | 


Monday, September 4, 2023

HAMAARE SHIKSHAK ( JIVAN )

 

                      हमारे  शिक्षक 


प्रणाम सभी शिक्षकों को प्रणाम ,

पहला प्रणाम माँ को ,जो पहली शिक्षक हमारी ,

दूजा प्रणाम पिता को है जाता ,

तीसरा प्रणाम ज्ञान देने वाले शिक्षकों को | 


इसके आगे प्रकृति है शिक्षक हमारी ,

ये तो महाशिक्षक है ,उसे तो दण्डवत प्रणाम ,

दोस्तों के प्यार को नमन और नमन ,

सभी तो हैं ये शिक्षक हमारे | 


सबसे बड़ा प्रणाम तो ,

वक्त और जिंदगी को है जाता ,

वही तो आज तक असली शिक्षक हमारे ,

मगर सभी को वह परमात्मा है चलाता ,

उसी ने सारा ज्ञान दिया | 


सभी को शिक्षक दिवस की बहुत - बहुत बधाई | 


Saturday, September 2, 2023

PUKAAR SAAGAR KII ( RATNAAKAR )

 

                           पुकार सागर की 


दूर से चली आई है ,चंचला लहरों की पुकार ,

कहाँ बैठी हो तुम आओ ? हमारी सुन लो पुकार | 


सागर लहरा - लहरा कर , अपनी लंबी बाँहें फैलाकर ,

कह रहा है तुमसे ,बहुत दिन बीते हैं अब तो ,

चली आओ तुम जल्दी से ,चली आओ जाने बहार | 


हमारा दिल भी धड़का अब ,और वह हमसे बोला है ,

क्या सोच रही हो तुम ? उठ जाओ चल दो अब ,

मैं सागर तुम्हारा दोस्त ,हो के बेक़रार ,

कह रहा हूँ बार -बार ,चली आओ जाने बहार | 


Friday, September 1, 2023

RAAKHII CHAAND KII ( CHANDRAMA )

  

             राखी   चाँद  की 


माँ भारती की मिली जो राखी ,

 उसे बाँध चाँद मुस्काया ,

खिड़की पर आहट जो आई ,

देखा जो   मैंने चंदा को पाया | 


चंदा बोला -- सखि खोल के खिड़की ,

मेरी राखी को देखो ,

दिखा - दिखा के अपनी राखी ,

चंदा खूब मुस्काया ,

कभी नहीं मैंने चंदा को ,

इतना खुश पाया | 


ये सब है पहली बार ,

राखी का आदान - प्रदान ,

जुड़ा है रिश्ता माँ भारती ,

और आसमां के चाँद का ,

चंदा तो सचमुच ही ,

बन गया है मामा ,भारतीय बच्चों का |