Thursday, April 3, 2025

KADAK DAMINII KII ( JALAD AA )

 

                            कड़क दामिनी की 


एक बूँद बदरा दे जा ,

मेरे तपते अँगना की ,धरती की प्यास बुझा जा रे ,

अपनी घनी छाया में ,धरती को राहत दे जा रे ,

कब से धरती तपती है , रवि किरणों के तेज से  ?

उस तपन को कम कर जा रे  || 

 

अपनी बरखा को तू भिजवा दे , रिमझिम - रिमझिम बरसा दे ,

धरती अपनी खिलखिलाएगी ,तुम्हारे ही गीत गाएगी  रे || 


अपना दिल भी खुश हो जाएगा ,खुश होकर ये मुस्काएगा ,

मुस्का  के ये  गुनगुनाएगा ,जिससे तू भी बदरा खिलखिलाएगा रे || 


तेरी दामिनी भी चमकती जाएगी ,कड़क - कड़क के खिलखिलाएगी ,

पवन भी तुझको गगन में उड़ाएगा ,

दामिनी , पवन के साथ मिलकर ,तू भी जी जाएगा रे  || 

 

Wednesday, April 2, 2025

GAREEB YAA AMEER ? ( AADHYAATMIK )

 

                            गरीब  या  अमीर  ? 


कौन है गरीब  ? या कौन है अमीर  ? 

हम ही सबसे गरीब हैं बंधु  ,

क्या है हमारे पास  ? ना आस है ना साँस ,

साँसें सभी उधार की हैं बंधु ,

जब दुनिया  का का रचेता चाहेगा , रोक देगा  || 

 

संसार में जीवों की चौरासी लाख योनियाँ हैं ,

सबसे श्रेष्ठ मानव योनि है ,

और सभी जीवों में से मानव ही ,

धन अर्जित करता है ,  मगर बंधु फिर भी , 

सभी जीवों में से मानव ही , भूख से मरता है ,

बाकि सभी जीव पेट भर ,खा कर जीवित रहते हैं  || 

 

गरीब होने के साथ - साथ , हम ही सबसे अमीर हैं ,

तीनों लोकों का मालिक ही , 

हमारा सपना है  ,वही हमारा अपना है ,

 वही हमारी हर बिगड़ी संवारता है  ,

जिसका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है  || 

 

Tuesday, April 1, 2025

CHANDANIYAA ( CHANDRAMAA )

 

                       चंदनिया  


आजा रे चंदा , तुम्हें आना ही होगा ,

चंदनिया का जाल , बिछाना ही होगा  || 

 

रातों के फैले ,अँधियारे को दोस्त ,

अपनी मुस्कान से , मिटाना ही होगा  || 

 

धरती भी ताकती है , राहें तुम्हारी ,

उसकी भी दोस्ती को , बढ़ाना ही होगा  || 

 

रंगों भरे दिन तो , बीत यूँ ही जाते ,

रातों को चंदनिया से , चमकाना ही होगा  || 

 

चंदनिया तो चंदा , मुस्कान है तुम्हारी ,

उसी से चंदा धरा को , चमकाना ही होगा  ||  

 

Monday, March 31, 2025

PARAAJAY ( KSHANIKAA )

 

                                पराजय 


दूजों  ने हमें हराने की , कोशिश तो बहुत की ,

हम हारे नहीं , ये हमारी जीत है ,

अपने ही  जाल में , हम उलझे रहे ता - उम्र ,

उलझन ना सुलझ पाई , ये हमारी हार है  || 

 

उलझन के धागों का ,सिरा ही नहीं मिल पाया ,

उलझन वहीं की वहीं रही , ये हमारी हार है ,

समय ता - उम्र ,बीतता चला गया मगर ,

उलझन नहीं सुलझी , ये हमारी हार है  || 

 

एक मोड़ पर ,अनजाने में ही हम ,

अपनी गलतियों के ना होने पर भी ,

हम दूजों की गलतियों के सामने झुक गए ,

अपनी पराजय स्वीकार कर ली ,

यह तो हमारा सिर्फ ,पराजय स्वीकार करना था ,

मगर दूसरों की यह , असली पराजय थी दोस्तों   || 

 

Sunday, March 30, 2025

SUBOOT ( KSHANIKAA )

 

                                  सुबूत 


 मन को शांत रखना ही , हमारी जीत है ,

मन की शांति में ही , जीवन सुंदर है ,

दूसरे की गलतियों को , क्षमा  करना ,

या उनकी गलतियों को , भूल जाना ,

ही तो मन को , शांति दे जाता है  || 

 

भूल जाइए दोस्तों , दूसरों के दिए जुमलों को ,

याद रखिए दोस्तों ,अपने दिल के विश्वास को ,

प्यार खुद से कीजिए , मुस्कानें  बिखराइए ,

और सभी को अपनाइए   || 

 

विश्वास भी कैसा दोस्त है अपना  ? 

उलझनों में फंसा देता है , 

मगर निकलने का रास्ता नहीं देता ,

रास्ता ढूँढने के लिए उम्र दे देता है  || 


मगर विश्वास करने के लिए  ,

कोई सुबूत नहीं देता ,

वैसे दोस्तों , हर बात का ,

कोई सुबूत नहीं होता ,

क्या गीता पर , श्री कृष्ण के हस्ताक्षर हैं  ?? 

 

Saturday, March 29, 2025

KHOOBSOORAT ( KSHANIKAA )

 

                               खूबसूरत 


सब कुछ याद ,मत रखो दोस्तों ,

कुछ याद रखो ,कुछ भूल जाओ ,

कुछ यादें मुस्कानों की , हों तो मुस्काओ ,

कुछ भूलने के बाद , उसे ना जगाओ  || 

 

मत सोचो दुनिया में , कौन खूबसूरत है  ?

बस इतना सोच लो कि तुम्हारी ,

दुनिया किसके होने से खूबसूरत है  ?? 

 

मैं बताऊँ दोस्तों , वह कौन है  ?

वह है --- आप सबकी मुस्कान  ,

आप सब की मुस्कान से ही तो ,

आप सबकी दुनिया खूबसूरत है   || 

 

 मुस्कानें ,जो सजा ले अपने होठों पर ,

वही अपनी जिंदगी ,खूबसूरत बना लेता है ,

वही जिंदगी जो ,ईश्वर की दी हुई नेमत है  || 

Friday, March 28, 2025

PAWAN ( JIVAN )

 

                               पवन 


हम प्यार तुमसे करते हैं , मेरे दोस्तों ,

हम खिलाते हैं मुस्कानें , तुम्हारी दोस्तों ,

हम यादें तुम्हें याद कराते हैं ,तुम्हारी दोस्तों   || 

 

ये जग है तुम्हारा - हमारा ,सुनो दोस्तों ,

ये जीवन बहुत प्यारा है , सुनो दोस्तों ,

रंगों का इंद्रधनुष प्यारा है ,सुनो दोस्तों  || 

 

धरा पे जो खिलते चमन हैं , देखो दोस्तों ,

चमन में खिलते जो फूल हैं , देखो  दोस्तों ,

उन फूलों की भीनी महक से , महको दोस्तों  || 

 

मुस्कानों और यादों को जग में , फैलाओ दोस्तों ,

रंगों और महकों को जग में , फैलाओ दोस्तों ,

जो चाहो तो हमारा साथ तुम ,अपनाओ दोस्तों ,

हमारा नाम जानते हो , क्या कहा नहीं  ? 

हमारा नाम है पवन , जान लो दोस्तों  ||