Sunday, February 15, 2026

BESHUMAAR ( KSHANIKAA )

 

                                    बेशुमार 

 

मैं हूँ धरा तुम्हारी  , तुम हो मेरा आसमां  ,

बहुत खूबसूरत है दोस्तों  , हमारा ये जहां  ,

प्यार ही पलता  है दोस्तों  , बेशुमार यहां  ||  

 

मुस्कानें खिलती हैं , हर ओर दोस्तों  ,

जिंदगी मिलती है  , हर ओर दोस्तों  ,

सभी कुछ पा लो दोस्तों  , बेशुमार यहां   ||

 

रंग बिखरे हैं इस , धरा पर दोस्तों  ,

फूल निखरे हैं चमन में , खूब दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष सजा  लो , साथ में आसमां   || 

 

तुम जो मुस्काओगे दोस्तों  ,

समां  भी  तो खिलखिलाएगा दोस्तों  ,

उन्हीं से झिलमिलाएगा  , सारा ये जहां   || 

 

 

 

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