Thursday, February 12, 2026

MUSKURAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                                   मुस्कुराएगा 

 

आज आईना  बोला , क्यों फिक्र करती हो तुम  ?

सारे काम तो सिर्फ , मुस्कानों के लिए करती हो  तुम  ,

तो उन्हीं कामों के बदले , मुस्कानें ही तो कमाईं  तुमने  ,

उन्हीं में डूब जाओ तुम , उन्हीं में खिल उठो तुम  || 

 

रुको मत ,मुस्कुराती रहो , और कुछ बाँट भी दो ,

तभी तो सच्ची सी मुस्कानें , तुम्हारे होठों पे आएँगी  ,

खिला लो सच्ची मुस्कानें , होठों पे सजा  लो तुम  || 

 

सभी के मुस्कुराने में , मुस्कुराओगी तुम  ,

सभी के खिलखिलाने में  , खिलखिलाओगी तुम  ,

ये जग भी तो सारा  , मुस्कानों से ही  ,

मुस्कुराएगा , मुस्कुराएगा  , मुस्कुराएगा    ||   

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